विश्वविद्यालय के 3 साल बेमिसाल कार्यक्रम के अंतर्गत खेलकूद परिषद द्वारा सोमवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। खेलकूद के राष्ट्रीय परिदृश्य में पूर्वांचल विश्वविद्यालय विषयक वेबीनार में बतौर अध्यक्ष कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय खेलकूद के क्षेत्र मे देश के सभी विश्वविद्यालयों के बीच विभिन्न प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय स्तर पर हमारे खिलाडियों द्वारा प्राप्त पदक इस हकीकत को आज प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों की खेल मैदान पर की गई वीरता से विश्वविद्यालय ने यह उपलब्धि हासिल की है।खेलकूद की गतिविधियों में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017-18 में जहां 41 पदक प्राप्त किये थे वहीं वर्ष 2018-19 में 104 पदक जिसमे 51 स्वर्ण, 09 रजत तथा 44 कांस्यपदक तथा वर्ष 2019-20 में कुल 109 पदक जिसमे 37 स्वर्ण,28 रजत और 44 कांस्य पदक प्राप्त किए। यह उत्तरोत्तर वृद्धि खिलाड़ियों की निष्ठा,लगन और उनके पराक्रम को प्रदर्शित करता है। इसी कारण खेलकूद मे पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश के पहले पायदान पर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए खेलकूद परिषद,कोच और खिलाड़ी सभी बधाई के पात्र हैं। इसके पूर्व वेबिनार में खेलकूद परिषद के सचिव डॉ आलोक सिंह ने स्वागत व विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि खेलकूद के क्षेत्र में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का उत्तर प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना अलग स्थान है। खेलकूद के क्षेत्र में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश में प्रथम स्थान रखने के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के सभी विश्वविद्यालयों जैसे पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, झारखंड ,मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ ,नागालैंड ,मिजोरम, आसाम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम इत्यादि राज्यों में स्थित सभी विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में भी अपनी जगह बनाई है जिसमे हाकी खिलाड़ी श्री कोथाजीत सिंह ,श्री ललित उपाध्याय, श्री अजीत पांडे ,श्री राजकुमार पाल ,श्री रोशन कुमार एवं प्रतिभा चौधरी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय स्तर दर्जा प्राप्त हाकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय तथा भारत सरकार द्वारा प्रथम बार आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की तरफ से प्रतिभाग कर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली खिलाड़ी सुश्री गौरी पांडेय ने भी वेबिनार में प्रतिभाग कर अपने अनुभव साझा किया। वेबिनार का संचालन डॉ अनुराग मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव डॉ विजय प्रताप तिवारी ने किया।तकनीकी सहयोग संयोजक डॉ नितेश जायसवाल ,डॉ धीरेंद्र चौधरी तथा रामांशु प्रभाकर सिंह द्वारा दिया गया। इस अवसर पर अशोक सिंह,रजनीश सिंह,मोहन पांडेय,अरुण सिंह आदि उपस्थित रहे।
Monday, 29 June 2020
Wednesday, 24 June 2020
गांव को सशक्त करना समय की मांग-कुलपति
रोवर्स रेंजर्स द्वारा वेबिनार का किया गया आयोजन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल के रोवर्स रेंजर्स द्वारा बदलते परिवेश में रोवर्स रेंजर्स युवाओं की भूमिका एवं विश्वविद्यालय विषयक वेबिनार का आयोजन बुधवार को किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि अगर हमारे देश के गांव आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक व चिकित्सकीय सुविधा से पूर्ण संपन्न हो जाए तो हमारा देश सशक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौर में महानगरों नौकरी करने को गए तमाम लोग गांव की तरफ लौटे क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका जीवन गांव में सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि संसार में वही पूजा जाता है जिसमें समाज के प्रति सेवा भावना होती है। उन्होंने पन्नाधाय का उदाहरण देते हुए सेवा व समर्पण के भाव को समझाया. विशिष्ट वक्ता
प्रादेशिक संगठन आयुक्त राजेंद्र सिंह हंसपाल ने कहा कि आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्लास्टिक का त्याग करने की अपील की।
प्रादेशिक प्रशिक्षण आयुक्त लखनऊ अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा रोवर्स रेंजर्स से जुड़े हुए युवा सामाजिक चुनौतियों को स्वीकार करें।
स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन रोवर्स रेंजर्स के संयोजक डॉ जगदेव ने किया। संचालन डॉ अनुराग मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शफीउज्जमा ने किया। वेबीनार में तकनीकी सहयोग डॉ नितेश जायसवाल, रामांशु, डॉ धीरेंद्र चौधरी एवं प्रभाकर सिंह द्वारा दिया गया।
Tuesday, 23 June 2020
राष्ट्रीय सेवा योजना की चुनौतियां एवं पूर्वांचल विश्वविद्यालय विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन
गाँव - गाँव जाकर लोगों की समस्याओं का करे निदान
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा मंगलवार को बदलते परिवेश में राष्ट्रीय सेवा योजना की चुनौतियां एवं पूर्वांचल विश्वविद्यालय विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया.
वेबिनार में कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेविकाओं, कार्यक्रम अधिकारियों ने अपने समर्पण से विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में विश्वविद्यालय परीक्षेत्र में स्वयंसेवक सेविकाओं ने एक लाख से अधिक मास्क, 79 हजार से अधिक लंच पैकेट एवं 81 हजार से अधिक साबुन और सेनेटाइजर वितरित किये।
उन्होंने कहा कि कि भारतीय संस्कृति में संक्रमण से बचाव का संदेश निहित है। हमें उपभोक्तावादी संस्कृति को छोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी गांव- गांव में जाकर खुशहाली के दीप जलाएं। एक- एक गांव, परिवार, प्रत्येक सदस्य के पास जाना होगा और उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करना होगा। हम होंगे कामयाब एक दिन गीत से स्वयंसेवक सेविकायें प्रेरणा लेकर आगे बढ़े।
क्षेत्रीय निदेशक, राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ अशोक कुमार श्रोती ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक सेविकाओं ने इस कठिन दौर में भी निरन्तर समाज में सेवा का काम किया है. इससे उनका मान बढ़ा है, सम्मान मिला है. विशेष कार्याधिकारी एवं राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. अंशुमाली शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थियों ने कोरोना काल में जो कार्य किया है उससे प्रदेश में एक अलग पहचान बनी है.
स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ राकेश कुमार यादव ने किया।
नोडल अधिकारी डॉ अजय सिंह, डॉ उदयभान यादव,डॉ घनश्याम पटेल,डॉ अमित यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
धन्यवाद ज्ञापन किया डॉ. नितेश जयसवाल एवं वेबिनार संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। टेक्निकल सपोर्ट टीम में डॉ. धीरेंद्र चौधरी, रामांशु, प्रभाकर सिंह शामिल रहे।
Thursday, 18 June 2020
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों को यू जी सी से मिली 10-10 लाख की शोध ग्रांट*
रसायन विज्ञान विभाग के डा.अजीत सिंह पानी से हाइड्रोजन गैस उत्पादन के उत्प्रेरकों पर करेगें शोध
भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डा. नीरज अवस्थी सरस्वती नदी एवं सिंधु-हड़प्पा सभ्यता पर करेगें शोध
जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के डा. अजीत सिंह एवं भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डा. नीरज अवस्थी को विश्विद्यालय अनुदान आयोग से बहुप्रतिष्ठित स्टार्ट - अप ग्रांट के अंतर्गत शोध हेतु 10-10 लाख रूपये का अनुदान मिला है । इस प्रोजेक्ट की शोध की अवधि दो वषों की होगी ।
इसके अंतर्गत रसायन विज्ञान विभाग के डा.अजीत सिंह पानी से हाइड्रोजन गैस उत्पादन के उत्प्रेरकों पर शोध करेगें । उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन स्वच्छ एवं नवीकरण ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है एवं विश्व के कई संस्थान पानी से हइड्रोजन उत्पादन की दिशा में काम कर रहे है । इसके पूर्व में डा. अजीत सिंह को विज्ञान एवं प्रौद्योगोकी मंत्रालय की तरफ से 53 लाख का शोध ग्रांट मिला है ।
वहीं भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डा. नीरज अवस्थी " यमुना नदी के पथ विस्थापन का सरस्वती नदी एवं सिंधु-हड़प्पा सभ्यता पर प्रभाव" विषय पर शोध करेगें । डा. अवस्थी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस विषय पर शोध किया जायेगा कि क्या वर्तमान यमुना नदी प्राचीन काल में कभी सरस्वती नदी ( जो कि हरियाणा-राजस्थान में बहती थी) की सहायक नदी थी एवं क्या यमुना नदी का अपने पूर्व पथ से भटकाव ही सिंधु-हड़प्पा सभ्यता के पतन का कारण बना ।
पिछले एक वर्ष में रज्जू भइया संस्थान के शिक्षकों को भारत सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगोकी मंत्रालय की तरफ से 4 शोध प्रोजेक्ट मिले हैं जो 80 लाख रूपये से अधिक है। इस दौरान संस्थान के शिक्षकों द्वारा 40 से अधिक शोध पत्र विश्व के बहुप्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित जा चुके हैं । इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डा. राजराम यादव ने सभी शिक्षकों को बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई की भविष्य में रज्जू भइया संस्थान विज्ञान के क्षेत्र में पूर्वांचल विश्वविद्यालय को विश्व पटल पर स्थापित करेगा । रज्जू भइया सस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह एवं समस्त शिक्षकों ने डा. अजीत सिंह तथा डा. नीरज अवस्थी को बधाई दी ।
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