Sunday, 28 February 2021

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आधारभूत सुविधा के विस्तार में बनेंगे स्मार्ट वर्चुअल क्लासरूम

विश्वविद्यालय के हिस्से में एक नई उपलब्धि जुड़ गई   है l उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत स्मार्ट वर्चुअल क्लासरूम सिस्टम को स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 2 करोड़ 19 लाख का अनुदान दिया गया है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न संकायों में 12 क्लास रूम को उच्चीकृत आधुनिक डिजिटल क्लासरूम बनाया जाएगा जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को होगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षा माध्यम को और सशक्त किया जाएगा । इससे विश्वविद्यालय तथा इससे जुड़े महाविद्यालयों को आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअल क्लासरूम की सहायता से पाठ्यक्रमों की उपलब्धता आसानी से होगी।विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य के कुशल मार्गदर्शन में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ मनीष कुमार गुप्ता, तथा  इंजीनियर संकाय के डॉ रजनीश भास्कर  के द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव पर उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दे दी है। इस मौके पर कुलपति प्रो निर्मला एस . मौर्य ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए शिक्षकों को बधाई दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रोफेसर बी.बी तिवारी, प्रो. रामनारायन, प्रो. वी डी. शर्मा , प्रो देवराज सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, डॉ राजकुमार, डॉ मानस पाण्डे, डॉ अविनाश पथिर्डिकर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, कुलसचिव, सहायक कुलसचिव गण तथा अन्य शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

Saturday, 27 February 2021

महिला अधिकार और सामाजिक जागरूकता विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिला अधिकार एवं सामाजिक जागरूकता विषयक वेबीनार में वक्ताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। महिलाएं सब की बात सुने लेकिन जो अंतिम निर्णय हो उसे अपने बुद्धि विवेक से लेना होगा। उन्होंने कहा कि नारी अबला नहीं सबला है, नारी धैर्यवान हैं, सिर्फ जरूरी है महिलाओं के आत्मसम्मान को जगाना।वेबीनार की मुख्य अतिथि विज्ञान संकाय की आचार्य डॉ वंदना राय ने महिलाओं से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विस्तार पूर्वक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों को हमें खुद जानना होगा और उसको पाने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा। सहायक कुलसचिव बबीता सिंह ने कहा कि महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी निर्णय लेने के अधिकार से वह वंचित है। उन्होंने पारिवारिक और सामाजिक बंधनों पर भी अपनी बात रखी। महिला मुद्दों पर लंबे समय से कार्य करने वाली श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा आजमगढ़ की निदेशक, हिना देसाई ने कहा कि हमें अपनी विशेषताओं को पहचान कर उस पर काम करने की जरूरत है और जो कमियाँ है उसे भी हमें ही दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक महिला पुरुषों के बराबर समाज में ना हो जाए तब तक समानता और सशक्तिकरण की बात करनी होगी। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रतिभा सिंह ने कहा कि लड़के और लड़कियों में दहेज विरोधी व्यवहार की भावना को जागृत करना जरूरी है | इसी क्रम में  पुलिस सब इंस्पेक्टर शिवानी ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए टोल फ्री नंबर 181 जो वूमेन हेल्पलाइन नंबर है और 1090 वूमेन पावर लाइन जिसमें महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है।कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने एवं आभार डॉ राकेश यादव ने व्यक्त किया। तकनीकी सहयोग डॉ धीरेंद्र चौधरी ने किया इस अवसर पर मिशन शक्ति की पूरी टीम  डॉक्टर जगदीश, डॉक्टर झांसी मिश्रा, डॉ अनीता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ पूजा सक्सेना,  प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रोफेसर  अजय प्रताप,डॉ मनोज मिश्रा , डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,चंदन राय, डॉ माया सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र एवं अभिभावक भी उपस्थित रहे।


Sunday, 21 February 2021

लोक साहित्य संरक्षण में अनुवाद की बड़ी भूमिका : कुलपति

अनुवाद रचनात्मकता से बड़ा कार्य : प्रो. वशिष्ठ अनूप

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने मातृभाषा के महत्व को बखूबी समझा : डॉ. कायनात

मातृभाषा के संवर्द्धन में अनुवाद की भूमिका विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर मातृ भाषा के संवर्द्धन में अनुवाद की भूमिका विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया।संबोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि लोक साहित्य, लोक कहानियां, लोक गीतों के  संरक्षण के लिए अनुवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। कहा कि भाषा का विस्तार हुआ है प्रतीकात्मक भाषा से ऑनलाइन कंप्यूटर की भाषा का सफर हमने तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि भारत बहुभाषा- भाषी देश है। भाषाओं को संरक्षित करने की और लुप्त होती भाषाओं को बचाने के लिए हम सभी को आगे आना होगा।

बतौर मुख्य अतिथि लब्धप्रतिष्ठ कवि एवं शायर  काशी हिंदू विश्वविद्यालय, हिंदी विभाग  के  प्रोफेसर  अनूप वशिष्ठ ने कहा कि अनुवाद रचनात्मकता से बड़ा कार्य है। दो भाषाओं के ज्ञान के साथ ही उसकी संस्कृति, प्रकृति व परंपरा का भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुवाद विशद् ज्ञान है और इसके लिए संवेदनशीलता की जरुरत पड़ती है।उन्होंने कहा कि एक- दूसरे से भावनात्मक आदान-प्रदान ही मातृभाषा है।  अनुवाद की योजना पर काम जमीनी स्तर पर हो तभी मातृभाषा का विस्तार हो सकता है। 

विशिष्ट अतिथि प्रख्यात यात्रा लेखिका डॉ. कायनात काज़ी ने कहा कि ज्ञान के प्रसार में भाषा के अवरोध को  हटाने में अनुवादकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि भाषा जल की तरह है उसका प्रवाह यदि रुकेगा तो वह विलुप्त हो जाएगी। मातृभाषा के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐमज़ॉन और फ्लिपकार्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। वेबिनार में प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने भी विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवर्तन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम सचिव डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राजेश शर्मा,डॉ. राकेश यादव , डॉ. जगदेव, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. रसिकेश, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. राधा ओझा, डॉ. अवध बिहारी सिंह,  तथा विद्यार्थियों समेत तमाम लोग उपस्थित रहें।















Thursday, 18 February 2021

धूमधाम से मनाई गई वीर बहादुर सिंह की जयंती

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुरुवार को वीर बहादुर सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई।इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि वीर बहादुर सिंह राजनीति में ऊंचे -ऊंचे पदों पर रहे, लेकिन उन्होंने सहजता सरलता और सादगी को अपने जीवन में अपनाया। वह गरीबों के मसीहा थे l प्रदेश की राजनीति में उन्होंने विपक्षियों का भी सम्मान किया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार,  परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह,प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. अजय  द्विवेदी, डॉ.के एस. तोमर, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ. श्रवण कुमार आदि उपस्थिति रहें।

                                            प्रबंध अध्ययन संकाय में हुई संगोष्ठी

प्रबंध अध्ययन संकाय में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय के जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर प्रबंध अध्ययन संकाय के पूर्व  संकाय अध्यक्ष एवं आई क्यू ए सी के निदेशक प्रोफेसर मानस पांडे ने वीर बहादुर जी को एक कुशल राजनेता एवं समाज सुधारक बताया। प्रोफ़ेसर मानस ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय की स्थापना में उनके योगदान का स्मरण किया और पूरे विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।इस अवसर पर डॉ मनीष गुप्ता ने स्वर्गीय श्री वीर बहादुर सिंह के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की। इस अवसर पर डॉ आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में उनकी विशेष अभिरुचि थी और वह उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान दिलाने के लिए तत्पर थे ।डॉ सिंह ने जौनपुर में उच्च शिक्षा में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के योगदान को स्वर्गीय  वीर बहादुर जी को समर्पित किया। इस अवसर पर डॉ गिरधर  ने अपने विचार व्यक्त करते हुए  वीर बहादुर सिंह को पूर्वांचल के विकास के लिए उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए कृतज्ञता ज्ञापित किया। डॉ पुनीत धवन ने कहा कि उच्च शिक्षा के मंदिर की स्थापना करके उन्होंने जौनपुर एवं आसपास के परिक्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया था ।इस अवसर पर एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स के छात्र करण सिंह ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल को छात्रों उन्मुख  एवं उत्कृष्ट बताया ।करण सिंह ने बताया कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करके छात्र अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। बीकॉम की छात्रा सुश्री आकांक्षा ने स्वर्गीय वीर बहादुर जी को नमन किया और जौनपुर में ऐसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान खोले जाने पर साधुवाद दिया ।बीकॉम ऑनर्स के अतिथि प्रवक्ता  राकेश कुमार उपाध्याय ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स एवं बीकॉम ऑनर्स के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

                            राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय इकाई द्वारा जागरूकता 

विश्वविद्यालय इकाई की ओर से परिसर में वीर बहादुर सिंह की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया। तत्पश्चात गांधी वाटिका में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

इसके बाद परिसर इकाई के स्वयं सेवकों द्वारा ग्राम जाशोपुर चकिया में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इस अवसर एनएसएस के समन्वयक डॉ.राकेश यादव, डॉ. विनय वर्मा, डॉ. कमलेश पाल, डॉ. अमरेन्द्र कुमार सिंह ,  डॉ. शशिकांत यादव ने स्वयं सेवकों का उत्साहवर्धन किया। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने मार्च निकाला।