Monday, 29 August 2022

खिलाड़ी युवाओं के रोल मॉडल : राज्यपाल

 नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है पीयू: प्रो. निर्मला एस.मौर्य

राष्ट्रीय खेल दिवस पर सम्मानित हुए 121 खिलाड़ी



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के मेडल प्राप्त विजेता 121 खिलाड़ियों को  29 अगस्त सोमवार को राजभवन लखनऊ के गांधी सभागार में  सम्मानित किया गया।यह‌ समारोह राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर किया गया है। समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश माननीय आनंदीबेन पटेल ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 121 खिलाड़ियों  में 36 को स्वर्ण, 23 को रजत एवं 62 को कांस्य पदक से सम्मानित किया।इसके साथ  टीम प्रशिक्षक और टीम प्रबंधक भी सम्मानित हुए। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि खेल भावनाओं के सम्मान से ही राष्ट्र के गौरव का निर्माण होता है।खिलाड़ी युवाओं के रोल मॉडल है, ऐसे में खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने की जरूरत है।सामाजिक जीवन में मनुष्य को जो पाठ शिक्षा नहीं सिखाती वह खेल का मैदान सिखाता है। खेल स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण करता है। पीएम की फिट इंडिया, खेलों इंडिया इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने परंपरागत खेलों को सिर्फ यादों और गांव तक कैद रहने पर चिंता जताई । साथ ही स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि आज के  दिन हांकी के महान जादूगर ध्यान चंद्र  की जयंती है, उनके लिए सम्मान प्रकट करने का दिन है। उन्होंने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके बचपन की कहानी सुनाई और कहा कि युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।कुलपति प्रोफेसर प्रो.डॉ. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि खेल से युवाओं में स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि राजभवन, विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट सफलता का न केवल साक्षी रहा है, अपितु मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन भी करता रहता है। यहां एनएनएस, महिला अध्ययन केंद्र, मिशन शक्ति, कौशल विकास केंद्र एवं रोवर्स रेंजर्स जैसी गतिविधियों में विश्वविद्यालय का राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा, वहीं बौद्धिक विकास की यह प्रयोगशाला अपने उद्देश्यों के निरंतर नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कोविड काल के दौरान सामाजिक सरोकार में भी विश्वविद्यालय की भूमिका अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सुविधाओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के अन्तर्गत भाषा की अनेकता में एकता को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विश्वविद्यालय में सेंटर आफ एक्सीलेंस भाषा की स्थापना की गयी है। अब तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 12 सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना हो चुकी है। उन्होंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी गिनाई। कहा कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने 104 पदक पाया था, अब यह संख्या बढ़कर 121 हो गई है।खेलकूद परिषद के संयुक्त सचिव डॉ. विजय प्रताप तिवारी ने खेल गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट  प्रस्तुत की।विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल कानपुर की छात्रा अनुष्का दीक्षित ने हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हें जगाने आई हूं... सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।कुलपति ने कुलाधिपति को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम के बाद राज्यपाल के साथ खिलाड़ियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों की ग्रुप फोटोग्राफी हुई। समारोह का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष  डॉ. मनोज मिश्र ने और धन्यवाद ज्ञापन खेलकूद परिषद के अध्यक्ष प्रो.सुरेश कुमार पाठक ने किया।

इस अवसर पर  कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, श्रीमती बबिता सिंह, दीपक सिंह, प्रो. बीबी तिवारी  प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. वंदना राय, प्रो. रामनारायण,  प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ आलोक सिंह, डॉ विजय तिवारी, एनएसएस समन्वयक डॉ. राकेश यादव, डॉ मुहम्मद ताहा, डॉ. जगदेव, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, रजनीश सिंह, डॉ.  राजेश सिंह,  अशोक सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, अरुण आदर्श सहित आदि लोग शामिल रहे।

Sunday, 28 August 2022

डॉ. काजल डे को मिला 23 लाख का स्टार्ट-अप ग्रांट

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भईया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के  सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक डॉ. काजल कुमार डे को भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के अंतर्गत साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (एसइआरबी) द्वारा शोध के लिए स्टार्ट-अप ग्रांट प्राप्त हुआ है | दो वर्षीय इस परियोजना के दौरान डॉ. डे को एसइआरबी से लगभग रु.23 लाख का अनुदान प्राप्त होगा |इस परियोजना के तहत डॉ. काजल डे पानी के विभाजन से हाइड्रोजन ईंधन के उत्पादन के लिए नवीन कैटेलिस्ट तैयार करने पर काम करेंगे | हाइड्रोजन को वैज्ञानिकों द्वारा भविष्य का ईंधन माना जाता है | उपरोक्त शोध विषय भारत सरकार की ग्रीन हाइड्रोजन पालिसी के अनुरूप है | इस शोध से वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन और हमारे जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है |डॉ. डे ने इससे पहले आई.आई.टी दिल्ली में हाइड्रोजन ईंधन से संबंधित शोध कार्य कर चुके है | इस अवसर पर रज्जू भईया संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह, नैनोसाइंस सेंटर के डॉ. सुजीत कुमार चौरसिया, रिन्यूएबल एनर्जी रिसर्च सेंटर के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी समेत विश्वविद्यालय के अन्य प्राध्यापको ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई।

Saturday, 27 August 2022

विजेता खिलाड़ियों की टीम राजभवन के लिए रवाना

कुलसचिव ने हरी झंडी दिखाकर टीम को भेजा

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खेलकूद परिषद की विजेता खिलाड़ियों की टीम लखनऊ राजभवन के लिए शनिवार को रवाना हुई । 29  अगस्त को राजभवन में खिलाड़ी सम्मान समारोह  का आयोजन किया गया है।  इन खिलाड़ियों को  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल माननीय श्रीमती आनंदीबेन पटेल सम्मानित करेंगीं। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य के निर्देशन में खेलकूद परिषद की टीम नई उपलब्धियां प्राप्त कर रही हैं। टीम को विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और शुभकामनाएं दी । कुलसचिव ने कहा कि इन खिलाड़ियों की वजह से विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा है। खिलाड़ियों का सम्मान करने से उनकी प्रतिभा में निखार आता है ऐसे में विश्वविद्यालय का दायित्व है कि ऐसे खिलाड़ियों का मनोबल और उत्साहवर्धन करके उन्हें और आगे बढ़ाकर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर सहायक कुलसचिव दीपक सिंह,  डॉ विजय तिवारी रजनीश कुमार सिंह,  अशोक सिंह , डॉ राजेश सिंह,  सत्येंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी सुनील कुमार, डॉक्टर विजय कुमार राय, संजय कुमार राय, अरुण आदर्श,, दिनेश जायसवाल, मनोज कुमार यादव, शकील अहमद, मुन्ना सिंह आदि शामिल थे।


Friday, 26 August 2022

मानवता और करुणा की प्रतिमूर्ति थी मदर टेरेसा- कुलपति

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मदर टेरेसा की मनाई गई जयंती 

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में मदर टेरेसा की  जयंती मनाई गई. कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर नमन किया.
उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा  मानवता और करुणा की प्रतिमूर्ति थी. उन्होंने भारत के दीन-दुखियों की जीवन पर्यंत सेवा की. उनका  गरीबों और असहायों के प्रति जो सेवा का भाव था उसे भारत भूमि कभी भुला नहीं सकती. मदर टेरेसा को 1979 में  उनकी सेवा भावना के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था. देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी उन्हें सम्मानित किया गया. उन्होंने मदर टेरेसा के कथन हम सभी जीवन में महान कार्य नहीं कर सकते हैं लेकिन हम जो भी कार्य करे उसे प्रेम से कर सकते हैं..पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटे- छोटे कार्यों को करने पर ही व्यक्ति बड़ा कार्य करता है. हमें जो भी कार्य मिले उसे बोझ नहीं बल्कि पूरे मनोयोग के साथ करना चाहिए. 
 इस अवसर पर  प्रो बी० बी० तिवारी, प्रो ए० के० श्रीवास्तव, प्रो मानस पांडेय, सहायक कुलसचिव श्रीमती बबिता सिंह,डॉ० अमरेन्द्र सिंह, डॉ० दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ० प्रमोद कुमार, डॉ० श्याम कन्हैया सिंह, डॉ० नितेश जायसवाल, डॉ० शशिकांत यादव, डॉ० कमलेश पाल, डॉ० सुजीत चौरसिया एवं अन्य शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे ।