Friday, 9 September 2016

विश्वविद्यालय में मना इंजीनियर्स डे




जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में शुक्रवार को इंजीनियरर्स डे मनाया गया। इस अवसर पर इंजीनियरिंग संस्थान के विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक माॅडल के जरिये जहां अपनी वैज्ञानिक सोच को प्रदर्शित किया वहीं रंगोली के माध्यम से सामाजिक संदेश दिये।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने वैज्ञानिक माॅडलों एवं रंगोली के सदेशों की विस्तुत जानकारी विद्यार्थियों से ली। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में आपके द्वारा जो यह माॅडल बनाये गये हैं वह आगे चलकर बड़े निर्माण का मार्ग प्रशस्त्र करेंगे। कुलपति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सलाह भी दी।

इस अवसर पर आई.ई.टी. लखनऊ के प्रो. वीके सिंह के व्याख्यान का आयोजन हुआ। उन्होंने अपने व्याख्यान में माइक्रो इलेक्ट्राॅनिक व उससे जुड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि माइक्रो इलेक्ट्राॅनिक्स हर क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका अदा कर रही है। संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने मुख्य अतिथि का परिचय कराते हुए इंजीनियर्स डे पर प्रकाश डाला।

इंजीनियर्स डे पर आयोजित रंगोली, पोस्टर एवं वैज्ञानिक माॅडलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वैज्ञानिक माॅडल में कुल 24 टीमों ने अपने सृजन क्षमता प्रदर्शित की। माॅडल के विषयों में 3डी होलोग्राम, रेडियो रिसीवर, जारोस्कोप, वर्षा सूचना माॅडल, पानी का स्तर, गृह सुरक्षा, साइकिल द्वारा मोबाइल चार्जिंग माॅडल आकर्षण का केन्द्र रहे। रंगोली प्रतियोगिता में 19 टीमों ने भाग लिया। जिन्होंने पर्यावरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, लोकतंत्र की उपयोगिता, जल संरक्षण आदि विषयों पर रंगोली बनाया। पोस्टर प्रतियोगिता में कुल 19 टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समन्वयक रजनीश भाष्कर रहे।

इस अवसर पर डा. एके श्रीवास्तव, डा. रवि प्रकाश, डा. सौरभ पाल, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. संजीव गंगवार, डा. अमरेन्द्र सिंह, डा. सुरजीत, डा. राजकुमार, डा. संतोष, प्रवीन सिंह, ज्ञानेन्द्र पाल, शैलेष प्रजापति, रितेश, नीतांत, तुषार, अजय मौर्य, सत्यम उपाध्याय, दीप सिंह समेत विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

Thursday, 8 September 2016

निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन

विश्वविद्यालय  के संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में ५ सितंबर को अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ  द्वारा निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारत में आर्थिक एवं प्रोद्योगिकी विकास में युवाओं की भागीदारी विशयक निबन्ध प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग, विज्ञान, फार्मेसी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के लगभग 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के संयोजक डा. रामनरायन ने बताया कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार पाने वाले प्रतिभागियों को क्रमषः 1 हजार, 750 व 500 रूपये पुरस्कार राषि दी जायेगी। निबन्ध प्रतियोगिता का परिणाम षीघ्र ही घोशित किया जायेगा। 

शिक्षक दिवस

विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों में विद्यार्थियों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में शिक्षकों ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तिव पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। विज्ञान संकाय के बायो टेक्नोलॉजी विभाग में आयोजित समारोह में संकायाध्यक्ष प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि मूल्यों के गिरावट के इस वर्तमान युग में शिक्षकों का दायित्व गुरुतर हो गया है। शिक्षक अपने आचरण को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण करें। विभाग के शिक्षक डॉ राम  नारायण, डॉ राजेश कुमार एवं प्रदीप कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

फार्मेसी संस्थान में आयोजित समारोह में इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रो बी बी तिवारी ने शिक्षकों और छात्रों साथ केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छात्र बदलते परिवेश में अपने को त्वरित गति से लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में प्रयासरत रहें। सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर डा. रजनीश, रविप्रकाश, राजकुमार सोनी, प्रवीण कुमार, विनय वर्मा, शैलेश प्रजापति समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
प्रबंध अध्ययन संकाय के अध्यक्ष डॉ मानस पांडेय ने बिजनेस इकोनॉमिक्स विभाग में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में कहा कि माँ पहली शिक्षक होती है जो अपने बच्चों को सबसे पहला ज्ञान देती है। जीवन के हर मोड़ पर शिक्षक मिलते है। शिक्षक के मार्गदर्शन बिना किसी भी व्यक्ति का जीवन सफल नहीं हो सकता। डॉ. वीडी शर्मा ने शिक्षक दिवस की सार्थकता पर अपने विचार दिए और सर्वपल्ली राधाकृष्णन को एक महान शिक्षक बताया।
सामाजिक विज्ञान विभाग में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में संकायाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र शिक्षक के व्यक्तित्व से भी प्रेरणा लेता रहता है।
मानव संसाधन विकास विभाग में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये और शिक्षकों का आशीर्वाद लिया। विभागध्यक्ष डा. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों का संबंध बहुत ही भावनात्मक है और आज भी गुरूकुल की परम्परा यहां देखी जा सकती है।
फाइनेंस कण्ट्रोल विभाग में विभागाध्यक्ष डा. अजय द्विवेदी ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र के सामने दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक आलोक गुप्ता, सुशील कुमार मौजूद रहे। शिक्षक दिवस समारोह के साथ-साथ विभाग में स्थापित छात्रों का क्लब एमएफसी एग्जीक्यूटिव क्लब के तत्वाधान में पौधारोपण का भी कार्यक्रम किया गया। व्यवसाय प्रबंध विभाग में विद्यार्थियों ने शिक्षकों को सम्मानित किया। विभागाध्यक्ष डॉ मुराद अली, प्राध्यापक डॉ सुशील सिंह, डॉ अलोक सिंह, अंशुमान, राजेश ने अपने विचार रखे।

Saturday, 3 September 2016

मीडिया प्रबंधनः अवसर एवं चुनौतियां विषयक संगोष्ठी


प्रो ओम प्रकाश सिंह बोलते हुए 
डॉ अजय प्रताप सिंह 
डॉ अंकुर चड्ढा 
डॉ अविनाश पर्थिडेकर 
डॉ मनोज मिश्र 













वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में जनसंचार विभाग द्वारा शनिवार को मीडिया प्रबंधनः अवसर एवं चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान काशी विद्यापीठ वाराणसी के निदेषक प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बदलते दौर में जितने ज्ञान कौषल की आवष्यकता सम्पादकीय कार्यों में है उससे कहीं कम प्रबंधन के क्षेत्र में नहीं है। आज मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में अवसर बहुत तेजी से बढ़े है लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारी गुणों के साथ-साथ प्रबंधकीय कौषल से परिपूर्ण होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान चल रहे है और इनके निश्कर्शों के फलस्वरूप मीडिया उद्योग में सुधार लाया जा रहा है। पत्रकारिता व प्रबंध के छात्रों के लिए मीडिया उद्योग सदैव अवसर उपलब्ध कराता रहेगा। बतौर मुख्य वक्ता मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े डा. अंकुर चड्ढा ने कहा कि मीडिया संस्थान के लोग 24 घंटे कार्य करते है। अखबार के सभी विभाग हमेषा चुनौतियों का सामना करते रहते है। आज पत्रकारों के लिए पाठक और विज्ञापन विभाग के लिए टाॅरगेट की लड़ाई होती रहती है। उन्होंने कहा कि राश्ट्रीय समाचार पत्रों की तुलना में क्षेत्रीय समाचार पत्रों के समक्ष अधिक चुनौतियां है। हर स्तर पर इन चुनौतियों का सामना प्रबंधक करते है। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी को सस्ते अखबार विज्ञापनों के कारण मिल पा रहे है अगर विज्ञापन समाचार पत्रों को न मिले तो इतने सस्ते मूल्य पर पाठक को अखबार नहीं मिल पायेगा। 
अध्यक्षीय संबोधन में मानव संसाधन विकास विभाग के अध्यक्ष डॉ अविनाश पार्थिडकर ने मीडिया उद्योग के भविश्य में विस्तारपूर्वक प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि 2022 तक लाखों लोगों को मीडिया उद्योग में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके लिए उन्हें अपडेट होने की जरूरत है।
 विषय प्रवर्तन जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डा. सुनील कुमार ने किया। स्वागत भाषण में संकायाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मीडिया उद्योग बहुत ही कौषल प्रबंधन के कारण इतने व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रहा है। 
डॉ अवध बिहारी सिंह 
डॉ सुनील कुमार 
कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने अतिथियों को पौध भेंट कर हरियाली का सन्देश दिया।धन्यवाद् डॉ अवध बिहारी सिंह एवं संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया । इस अवसर पर डा. रसिकेष, डा. रूष्दा आजमी, डा. सुभाश वर्मा, सुधाकर षुक्ला, मोहम्मद अबु सालेह, अभिनव, अंषुमान, परमेंद्र विक्रम सिंह समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।