Wednesday, 30 September 2026

लॉ इंस्टीट्यूट में 'संवैधानिक कानून' पर हुई क्विज़ प्रतियोगिता 35 टीमों ने लिया भाग



 जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट में बुधवार को भारतीय संविधान विषय पर एक भव्य क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के विधि संस्थान में स्थित 'एस. पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी'  में संपन्न हुआ।
इस प्रतियोगिता में कुल 35 टीमों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक टीम में 4-4 सदस्य शामिल थे। प्राथमिक चरण के बाद द्वितीय एवं फाइनल राउंड के लिए कुल 10 उत्कृष्ट टीमों ने क्वालीफाई किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार की अध्यक्षता में हुआ। प्रतियोगिता के कार्यक्रम समन्वयक सहायक प्राध्यापक श्री रविकेश कुमार मौर्या रहे। वहीं सह-समन्वयक की भूमिका श्री योगेश उत्तम, डॉ. आश्रया दुबे, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. विपिन कुमार सिंह ने निभाई। इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट के सभी सम्मानित प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

नवाचार से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. अविनाश

 राष्ट्रीय इनोवेशन एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर हुआ ओरिएंटेशन कार्यक्रम 
 जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सामाजिक प्रभाव आधारित विचारों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।
   कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विद्यालय के इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को इनोवेशन की अवधारणा, नवाचार की प्रक्रिया तथा किसी समस्या की पहचान कर उसके प्रभावी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे विचार को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर प्रोटोटाइप में परिवर्तित किया जा सकता है और आगे चलकर उसे उत्पाद अथवा सेवा के रूप में स्टार्टअप का स्वरूप दिया जा सकता है।
   प्रो. पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की संभावनाओं, बिजनेस मॉडल तैयार करने, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन की भूमिका तकनीकी विकास, फंडिंग तथा उद्यमिता के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर अपने ज्ञान और रचनात्मक सोच के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने आसपास की सामाजिक, पर्यावरणीय, तकनीकी एवं स्थानीय समस्याओं को पहचानें और उनके नवीन, टिकाऊ एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटी लेकिन प्रभावी समस्या के समाधान से हो सकती है।
   कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नितेश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन एवं आइडिया प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को चैलेंज में भाग लेने, अपने नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
   कार्यक्रम के अंत में प्रो. रजनीश भास्कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर निदेशक, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल प्रो. प्रदीप कुमार एवं डॉ. सुशील कुमार  सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं संस्थानों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
   इस कार्यक्रम के लिए 396 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया था, जिसमें से 101 विद्यार्थियों ने अपने विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किए थे।

हर क्षेत्र में बढ़ रही है एआई की संभावनाः डॉ. अनुश्री अग्रवाल


200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया ऑनलाइन प्रशिक्षण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय तथा आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच, यूएनएसआईईटी के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज के प्रथम व्याख्यान का  आनलाइन आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की मूल बातें” रहा। ऑनलाइन आयोजित इस व्याख्यान में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की विशेषज्ञ वक्ता डॉ. अनुश्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाओं, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा जेनरेटिव एआई के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में एआई और मशीन लर्निंग केवल तकनीकी विषय नहीं रह गए हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, मीडिया, प्रशासन और शोध सहित विभिन्न क्षेत्रों में इनके उपयोग की संभावनाएं निरंतर बढ़ रही हैं।
डॉ. अनुश्री अग्रवाल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एवं एप्लाइड मशीन लर्निंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली शिक्षाविद एवं तकनीकी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में एम.टेक. तथा इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई आधारित कौशल विकसित करने, व्यावहारिक परियोजनाओं पर कार्य करने तथा नवीन तकनीकों के प्रति निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनाने के लिए प्रेरित किया। एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की आधारभूत अवधारणाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता तथा प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के सदस्यों एवं आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विद्यार्थी नई तकनीकी सीखने की प्रवृत्ति रखें : कुलपति

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग पर छात्रों का कुलपति के समक्ष प्रभावी प्रस्तुतीकरण

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग में कुलपति प्रो. आर. के. सिंह द्वारा पूर्व में किए गए विभागीय अवलोकन के क्रम में छात्रों के आग्रह पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग विषय पर विशेष शैक्षणिक प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनके तकनीकी ज्ञान, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता एवं प्रस्तुतीकरण कौशल को विकसित करना रहा।

प्रस्तुतीकरण के दौरान विद्यार्थियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यावहारिक उदाहरणों एवं आधुनिक तकनीकी परिप्रेक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण सॉफ्टवेयर के विकास में योजनाबद्ध प्रक्रिया, तकनीकी दक्षता, उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं की समझ तथा विकास के विभिन्न चरणों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

इसी क्रम में बीसीए तृतीय वर्ष की छात्रा हर्षिता गुप्ता ने ‘फ्लो ऑफ वेब डेवलपमेंट’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने वेब डेवलपमेंट की संपूर्ण प्रक्रिया को विभिन्न चरणों के माध्यम से स्पष्ट करते हुए बताया कि किसी वेबसाइट की परिकल्पना से लेकर उसके विकास एवं उपयोगकर्ता तक पहुंचने की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है। वहीं बीसीए के छात्र विशाल कुमार यादव ने ‘फुल स्टैक डेवलपमेंट’ विषय पर प्रभावी प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने फ्रंटएंड, बैकएंड, डेटाबेस एवं सर्वर-साइड तकनीकों के बीच समन्वय को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने दोनों प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों के प्रयास एवं प्रस्तुतीकरण कौशल की सराहना की। उन्होंने छात्रों को नवीनतम तकनीकों के प्रति निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने, तकनीकी कौशल को मजबूत करने तथा अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक परियोजनाओं में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा को वास्तविक तकनीकी दुनिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने विद्यार्थियों के उत्साह, परिश्रम एवं प्रस्तुतीकरण कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक हैं। 
कार्यक्रम में बीसीए कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. मिथिलेश कुमार पाण्डेय तथा पाठ्यक्रम के सहायक आचार्य प्रियंका जायसवाल, आदित्य कुमार एवं अवधेश कुमार यादव उपस्थित रहे।

हर क्षेत्र में बढ़ रही है एआई की संभावनाः डॉ. अनुश्री अग्रवाल


200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया ऑनलाइन प्रशिक्षण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय तथा आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच, यूएनएसआईईटी के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज के प्रथम व्याख्यान का  आनलाइन आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की मूल बातें” रहा। ऑनलाइन आयोजित इस व्याख्यान में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की विशेषज्ञ वक्ता डॉ. अनुश्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाओं, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा जेनरेटिव एआई के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में एआई और मशीन लर्निंग केवल तकनीकी विषय नहीं रह गए हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, मीडिया, प्रशासन और शोध सहित विभिन्न क्षेत्रों में इनके उपयोग की संभावनाएं निरंतर बढ़ रही हैं।
डॉ. अनुश्री अग्रवाल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एवं एप्लाइड मशीन लर्निंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली शिक्षाविद एवं तकनीकी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में एम.टेक. तथा इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई आधारित कौशल विकसित करने, व्यावहारिक परियोजनाओं पर कार्य करने तथा नवीन तकनीकों के प्रति निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनाने के लिए प्रेरित किया। एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की आधारभूत अवधारणाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता तथा प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आई ट्रिपल ई स्टूडेंट ब्रांच के सदस्यों एवं आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

नवाचार से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. अविनाश

राष्ट्रीय इनोवेशन एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर हुआ ओरिएंटेशन कार्यक्रम 
   जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सामाजिक प्रभाव आधारित विचारों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।
   कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्विवद्यालय के इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को इनोवेशन की अवधारणा, नवाचार की प्रक्रिया तथा किसी समस्या की पहचान कर उसके प्रभावी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे विचार को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर प्रोटोटाइप में परिवर्तित किया जा सकता है और आगे चलकर उसे उत्पाद अथवा सेवा के रूप में स्टार्टअप का स्वरूप दिया जा सकता है।
   प्रो. पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की संभावनाओं, बिजनेस मॉडल तैयार करने, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन की भूमिका तकनीकी विकास, फंडिंग तथा उद्यमिता के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर अपने ज्ञान और रचनात्मक सोच के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने आसपास की सामाजिक, पर्यावरणीय, तकनीकी एवं स्थानीय समस्याओं को पहचानें और उनके नवीन, टिकाऊ एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटी लेकिन प्रभावी समस्या के समाधान से हो सकती है।
   कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नितेश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन एवं आइडिया प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को चैलेंज में भाग लेने, अपने नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
   कार्यक्रम के अंत में प्रो. रजनीश भास्कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर निदेशक, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल प्रो. प्रदीप कुमार एवं डॉ. सुशील कुमार  सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं संस्थानों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
   इस कार्यक्रम के लिए 396 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया था, जिसमें से 101 विद्यार्थियों ने अपने विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किए थे।

लॉ इंस्टीट्यूट में 'संवैधानिक कानून' पर हुई क्विज़ प्रतियोगिता 35 टीमों ने लिया भाग


 जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट में बुधवार को भारतीय संविधान विषय पर एक भव्य क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के विधि संस्थान में स्थित 'एस. पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी'  में संपन्न हुआ।
इस प्रतियोगिता में कुल 35 टीमों ने भाग लिया, जिसमें प्रत्येक टीम में 4-4 सदस्य शामिल थे। प्राथमिक चरण के बाद द्वितीय एवं फाइनल राउंड के लिए कुल 10 उत्कृष्ट टीमों ने क्वालीफाई किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार की अध्यक्षता में हुआ। प्रतियोगिता के कार्यक्रम समन्वयक सहायक प्राध्यापक श्री रविकेश कुमार मौर्या रहे। वहीं सह-समन्वयक की भूमिका श्री योगेश उत्तम, डॉ. आश्रया दुबे, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. विपिन कुमार सिंह ने निभाई। इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट के सभी सम्मानित प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Tuesday, 29 September 2026

‘विकसित भारत’ के संकल्प से गूंजा पीयू

भाषण प्रतियोगिता में अभिनव कीर्ति पांडेय प्रथम

सेवा संकल्प अभियान के तहत 53 छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए  विचार

जौनपुर। प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’  के अंतर्गत वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में 29 सितंबर को भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. आर. के. सिंह के दिशा-निर्देशन में प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित हुई।

प्रतियोगिता में ‘विकसित भारत की संकल्पना’ तथा ‘सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं’ विषय निर्धारित किए गए थे। विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विकसित भारत की परिकल्पना, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का उद्घाटन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. विशाल यादव एवं डॉ. अजय मौर्य शामिल रहे। प्रतिभागियों के भाषण की विषय-वस्तु, प्रस्तुतीकरण, तार्किकता, भाषा एवं अभिव्यक्ति के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

प्रतियोगिता में अभिनव कीर्ति पांडेय ने प्रथम, वैष्णवी त्रिपाठी ने द्वितीय तथा मनीष जायसवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में कुल 53 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका, नागरिक जिम्मेदारियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को सार्वजनिक मंच पर अपनी अभिव्यक्ति और विचार रखने का अवसर प्रदान किया।

Monday, 28 September 2026

कक्षा से शोध तक गुणवत्ता ही पीयू की पहचान : कुलपति

नियमित पठन-पाठन, शोध और विद्यार्थी हित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने सोमवार को इंजीनियरिंग संकाय स्थित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शोधार्थियों से संवाद कर विभागों में संचालित शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने विभागों में नियमित कक्षाओं के संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति, शोध गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं उपलब्ध संसाधनों, कार्यालयी कार्यों तथा आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागों में स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्ध कार्यप्रणाली बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता केवल भवनों, संसाधनों या व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि कक्षा में होने वाले गुणवत्तापूर्ण संवाद, नियमित पठन-पाठन, शोध की सक्रियता और विद्यार्थियों के समग्र विकास से तय होती है। इसलिए विश्वविद्यालय के सभी विभागों को एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित करते हुए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि कक्षा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का केंद्र है और विद्यार्थी उसकी सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों से निरंतर संवाद करते हुए उनकी शैक्षणिक समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करें। विद्यार्थियों की उपस्थिति, नियमित कक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने कई कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पठन-पाठन, कक्षाओं की नियमितता और विभागीय शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ सहज एवं सकारात्मक संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

Sunday, 27 September 2026

पीयू ने जारी किया सत्र 2026-27 का खेलकूद कैलेंडर

विश्वविद्यालय परिसर में होंगी प्रमुख प्रतियोगिताएं, 

विभिन्न महाविद्यालयों को भी मिली जिम्मेदारी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के खेलकूद परिषद ने सत्र 2026-27 के लिए अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताओं का वार्षिक खेलकूद कैलेंडर जारी कर दिया है। खेलकूद परिषद के सचिव प्रो. शेखर सिंह की ओर से जारी कैलेंडर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिसर तथा संबद्ध महाविद्यालयों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में होंगी ये प्रतियोगिताएं

खेलकूद कैलेंडर के अनुसार कुश्ती पुरुष एवं महिला, क्रिकेट पुरुष, क्रिकेट महिला तथा एथलेटिक्स पुरुष एवं महिला की प्रतियोगिताओं का आयोजन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में होगा। इसके अलावा योगासन पुरुष एवं महिला प्रतियोगिता भी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जाएगी। इस तरह विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल विधाओं की महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

महाविद्यालयों को मिली विभिन्न खेलों की जिम्मेदारी

बैडमिंटन पुरुष एवं महिला की जिम्मेदारी टीडीपीजी कॉलेज, जौनपुर , हैंडबाल पुरुष की फरीदुल हक मेमोरियल पीजी कॉलेज, जौनपुर तथा फुटबॉल पुरुष की जिम्मेदारी राजा श्री कृष्ण दत्त पीजी कॉलेज, जौनपुर को दी गई है। खो-खो पुरुष के लिए गुलाबी देवी पीजी कॉलेज, सिद्दीकपुर तथा खो-खो महिला के लिए सहकारी पीजी कॉलेज, मिहरावां को आयोजन की जिम्मेदारी मिली है। बास्केटबाल पुरुष के लिए पीजी कॉलेज, गाजीपुर को नामित किया गया है।

कबड्डी पुरुष के लिए टीडीपीजी कॉलेज, जौनपुर तथा कबड्डी महिला के लिए मड़ियाहूं पीजी कॉलेज, मड़ियाहूं जौनपुर को जिम्मेदारी दी गई है। वालीबाल पुरुष की प्रतियोगिता सत्यदेव पीजी कॉलेज, गाजीपुर तथा क्रासकंट्री पुरुष एवं महिला की प्रतियोगिता पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय, सैदपुर, गाजीपुर में होगी।

ट्रायल स्तर पर हॉकी महिला एवं पुरुष के लिए श्री मेघबरन सिंह पीजी कॉलेज, करमपुर, गाजीपुर को जिम्मेदारी दी गई है। शक्तितोलन पुरुष एवं महिला तथा शरीर सौष्ठव पुरुष के लिए स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज, गाजीपुर को नामित किया गया है। बास्केटबाल महिला के लिए पीजी कॉलेज, गाजीपुर तथा ताइक्वांडो पुरुष एवं महिला के लिए स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज, गाजीपुर को जिम्मेदारी मिली है।

बॉक्सिंग पुरुष एवं महिला के लिए श्री आचार्य बलदेव पीजी कॉलेज पतरही, जौनपुर, शूटिंग पुरुष एवं महिला के लिए टीडीपीजी कॉलेज, जौनपुर, हैंडबाल महिला के लिए राजाराम महाविद्यालय, बैलोनाकला, जौनपुर तथा वालीबाल महिला के लिए राम अवध यादव गन्ना कृषक महाविद्यालय, ताखा, शाहगंज, जौनपुर को प्रतियोगिताएं आवंटित की गई हैं।

इसी क्रम में कराटे पुरुष एवं महिला और वूशू पुरुष एवं महिला की जिम्मेदारी मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, जौनपुर, तीरंदाजी पुरुष एवं महिला की हिन्दू पीजी कॉलेज, जमानियां, गाजीपुर तथा भारतोलन महिला एवं पुरुष की राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय, सिंगरामऊ, जौनपुर को दी गई है। बॉक्सिंग की जिम्मेदारी श्री आचार्य बलदेव पीजी कॉलेज, पतरही, जौनपुर को सौंपी गई है।

खेलकूद परिषद की ओर से जारी कैलेंडर के माध्यम से सत्र 2026-27 में होने वाली अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई हैं, जिससे प्रतियोगिताओं के संचालन की तैयारियां निर्धारित जिम्मेदारी वाले संस्थानों द्वारा की जा सकेंगी।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अभ्यास ही असली कुंजी : प्रो. आर.के. सिंह

पीयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में रविवार को आर्यभट्ट सभागार में नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत में फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया।  

 मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रोफेसर आरके सिंह ने  नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके भव्य भवनों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, शिक्षकों अथवा कर्मचारियों की संख्या से नहीं, बल्कि वहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों, उनके आचरण, ज्ञान और सामाजिक योगदान से होती है। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा उसके विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और कृतित्व से निर्मित होती है। विद्यार्थी जब अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के बल पर जीवन में सफलता अर्जित करते हैं, तो उससे न केवल उनका परिवार और समाज गौरवान्वित होता है, बल्कि उनके शिक्षण संस्थान का नाम भी रोशन होता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे अंतिम लक्ष्य नहीं समझना चाहिए। यह एक नई यात्रा की शुरुआत है, जहां विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व को निरंतर विकसित करना है। इंजीनियरिंग जैसे व्यावहारिक एवं तकनीकी विषय में सफलता प्राप्त करने के लिए कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगशाला में अभ्यास, तकनीकी दक्षता और समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।

कुलपति ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए ‘पीपीपी मॉडल’ यानी ‘प्रैक्टिस, प्रैक्टिस और केवल प्रैक्टिस’ का सूत्र दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास ही किसी व्यक्ति को अपने कार्य में दक्ष बनाता है। केवल ज्ञान प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस ज्ञान को व्यवहार में उतारना और बार-बार अभ्यास के माध्यम से उसमें निपुणता हासिल करना जरूरी है। अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है, गलतियों को सुधारने का अवसर मिलता है और कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता विकसित होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी कमजोरियों को पहचानें, उनसे घबराने के बजाय उन्हें दूर करने का प्रयास करें। असफलता को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानें और प्रत्येक चुनौती को स्वयं को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में स्वीकार करें। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, अनुशासन और निरंतर प्रयास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को बदलती तकनीक और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने जीवन-संघर्ष से जुड़ा प्रेरक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और संघर्ष ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ बनाता है। 
कार्यक्रम में डा. लक्ष्मी मौर्य एवं शिवांग सहित विभाग के शिक्षक डॉ. सत्यम उपाध्याय, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. जया शुक्ला, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. श्वेता सिंह, शरद चन्द्र और धर्मेन्द्र यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Saturday, 26 September 2026

नए पाठ्यक्रम, स्मार्ट क्लास और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

कुलपति ने संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों के साथ की बैठक
नए प्रस्ताव 30 सितंबर तक भेजने के निर्देश 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शनिवार को कुलपति प्रो. आर. के . सिंह की अध्यक्षता में संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों की बैठक की गई। बैठक में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विभागों को आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
   कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में नए एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में विभाग ठोस प्रस्ताव तैयार करें। नए पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संभावित मांग, रोजगार की संभावनाओं तथा समाज की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाए। सभी संबंधित प्रस्ताव निर्धारित समय में विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
   बैठक में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। विभागों को विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने तथा उन्हें खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। 
   कुलपति ने कहा कि कक्षा शिक्षण को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक और संवादपरक बनाया जाए। शिक्षक कक्षा की शुरुआत सीधे विषय की औपचारिक चर्चा से करने के बजाय विद्यार्थियों की रूचि जगाने वाली घटनाओं, उदाहरणों, प्रश्नों और समसामयिक संदर्भों से करें, जिससे कक्षा में सहभागिता बढ़े।
   बैठक में स्मार्ट क्लासरूम को अधिक प्रभावी बनाने तथा उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शिक्षण में बेहतर उपयोग करने पर भी चर्चा हुई।   विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई। बाहर के विशेषज्ञों के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना पर विचार किया गया।
   बैठक में  एनआईआरएफ सहित विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक पहचान और रैंकिंग से जुड़े प्रयासों को और व्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई। 
   कुलपति ने पाठ्यक्रमों को नवीनतम बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल पुराने संदर्भों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। 
   कुलपति ने विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत कर्मचारियों के साथ भी सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया। सफाईकर्मियों सहित सभी कर्मचारियों के साथ सम्मान और आत्मीयता से व्यवहार किया जाए तथा परिसर की स्वच्छता और बेहतर वातावरण बनाए रखने में सभी विभाग सहयोग करें।
   कुलपति ने निर्देश दिया कि विभाग अपने प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार      कर निर्धारित समय सीमा में विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि आगामी  शैक्षणिक सत्र में आवश्यक योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
   बैठक में कुलसचिव डॉ विनोद कुमार सिंह, डीएसडब्लयू प्रो. प्रमोद यादव प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. विनोद गुप्ता, समेत समस्त विभागाध्यक्ष  उपस्थित रहे।

Friday, 25 September 2026

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर फार्मेसी विभाग में विविध कार्यक्रम आयोजित

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के फार्मेसी विभाग में शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम इंपावरिंग फार्मासिस्ट फार ए हेल्थियर फ्यूचर  अर्थात “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” को केंद्र में रखते हुए विभाग में विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकतापरक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह एवं प्रो. नरेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर प्रस्तुति तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने दवाओं के तर्कसंगत एवं उचित उपयोग  पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मरीजों को दवाओं की सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से सेवन के संबंध में उचित परामर्श देना फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रो. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मेसी के छात्रों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल का उपयोग समाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक प्रतिरोध  के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक एवं गलत उपयोग भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। 
डॉ. विजय बहादुर मौर्य ने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप फार्मासिस्टों का ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक क्षमता के स्तर पर सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल में निरंतर अभिवृद्धि करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूजा  और धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने किया।
इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र कुमार गौतम, अभिषेक कुमार यादव,  शक्ति जायसवाल , हेमन्त दूबे एवं प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अंत्योदय से ही साकार होगा नवभारत का सपना : प्रो. संजीत गुप्ता

तकनीक, शिक्षा तभी सार्थक, जब पहुंचे अंतिम व्यक्ति तकः प्रो. आर.के. सिंह
भारतीय ज्ञान परंपरा एवं नवभारत की वैचारिक आधारभूमि विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी
   
  जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद में निहित भारतीय ज्ञान परंपरा एवं नवभारत की वैचारिक आधारभूमि विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
       कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के पूर्व कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में ज्ञान,  दर्शन,  विज्ञान और लोककल्याण को एक सूत्र में पिरोया गया है। भारत की ज्ञान परंपरा केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने पूरे विश्व को ज्ञान और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि आज भारत अध्यात्म और दर्शन के साथ विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भी निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक दृष्टि का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्यभट्ट ने पृथ्वी के गोल होने और खगोलीय ज्ञान के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य बहुत पहले प्रस्तुत कर दिए थे। 
प्रो. गुप्ता ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और विश्व कल्याण की भावना के साथ ज्ञान का उपयोग करना है। 


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन में अंत्योदय का भाव निहित है। आज की तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नवभारत की तकनीक गांव के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न सेवाओं को सहजता से पहुंचाने का माध्यम बन सकती है। 
     कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी अपने ज्ञान को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समाज के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास करें। शिक्षा जब संवेदना से जुड़ेगी, तभी वह समाज और राष्ट्र के वास्तविक विकास का माध्यम बनेगी।   स्वागत भाषण करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक प्रो. मानस पांडेय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि वह कौन है और उसका लक्ष्य क्या है। अपने लक्ष्य को पहचानकर पूरी निष्ठा से कर्म पर ध्यान केंद्रित किया जाए तो सफलता और कैरियर का मार्ग स्वतः प्रशस्त होता है। 
इसके पूर्व मुख्य अतिथि और अध्यक्षता कर रहे कुलपति जी को अभिनंदन पत्र और अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया। 
 
 
इस अवसर पर छात्र अभिनव कीर्ति पांडेय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की भावना को जीवन-दृष्टि के रूप में स्वीकार करने तथा अंत्योदय के सिद्धांत को सामाजिक समरसता और सर्वजन हित से जोड़ने का मार्ग दिखाया। 
 कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल शोधपीठ के सचिव डॉ. अनुराग मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राहुल राय ने किया।
इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. अविनाश , प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्रा, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. विजय सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. शैलेंद्र सिंह,  डॉ. संतोष कुमार पांडेय, डॉ.विजय प्रताप तिवारी, डॉ. सुशील कुमार मिश्र, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. गिरधर मिश्रा, प्रो. विनोद कुमार गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रशिकेश, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, कर्मचारी संघ के महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. अंकित कुमार सिंह, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका,डॉ. आश्रेया दुबे,डॉ. शुभम सिंह, डॉ. विपिन सिंह, डॉ. दिनेश कुमार सिंह,रविकेश मौर्य, योगेश उत्तम सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Thursday, 24 September 2026

नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत के संकल्प के साथ मनाया गया एन एस एस स्थापना दिवस

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में कंज्यूमर वॉयस, नई दिल्ली एवं कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम, जागरूकता एवं संरक्षण विषयक युवा संवेदनी कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर कार्य करना होगा। 
मुख्य वक्ता अभिषेक श्रीवास्तव कंज्यूमर गिल्ड लखनऊ ने कहा कि एक जागरूक युवा वही है जो किसी वस्तु या आदत को अपनाने से पहले उसके प्रभाव और परिणाम को समझता है। आज आवश्यकता है कि हम युवाओं को केवल यह न कहें कि “नशा मत करो”, बल्कि उन्हें यह भी बताएं कि नशे से दूर रहकर जीवन में बेहतर विकल्प क्या हो सकते हैं—खेल, योग, अध्ययन, नवाचार, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियां।


सुश्री नीलजना बोस ने अपना उद्बोधन एक प्रस्तुतिकारण के साथ प्रस्तुत किया कई बार युवाओं पर दोस्तों का दबाव, सामाजिक वातावरण या यह सोच प्रभाव डालती है कि शराब पीना आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा है। हमें इस सोच पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। 

 डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि   आज युवा जीवन में अनेक प्रकार के दबावों से गुजरता है—पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता, प्रतिस्पर्धा, सामाजिक अपेक्षाएं और साथियों का प्रभाव। ऐसे समय में हमें युवाओं को केवल उपदेश देने के बजाय उन्हें सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण देना होगा। मैं कंज्यूमर वॉयस, नई दिल्ली एवं कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ का भी आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने युवाओं के बीच इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर संवाद की पहल की है। 
राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित थीम पर स्वयंसेवकों निशांत एवं अंजली की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। रिया गुप्ता, आस्था सोनी, अंतिम विश्वकर्मा, अंजली चौहान, संध्या विंद ने नशा मुक्त पर सॉन्ग प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत परिचय कार्यक्रम समन्वयक डॉ शशिकांत यादव ने किया ।

कार्यक्रम का संचालन अभिनव कीर्ति पांडेय और श्री ओम प्रकाश मिश्र ने किया धन्यवाद ज्ञापन सुमित सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ श्याम कन्हैया डॉ अनुराग मिश्र, डॉ श्वेता पांडेय, डॉ राधिका उर्मिलिया, डॉ विवेक डॉ रिचा सिंह, अर्पिता यादव, शिवांगी कौशल,  आर्ची वर्मा, बृजेश एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

आधुनिकता की तेज रफ्तार में शाश्वत मूल्यों को बचाए रखना जरूरी : प्रो. राकेश कुमार सिंह

दैनिक जागरण की विचार संगोष्ठी में भारतीय और पश्चिमी मूल्यबोध, धर्म, कर्तव्य, चरित्र और बदलते सामाजिक सरोकारों पर हुआ मंथन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में गुरुवार को दैनिक जागरण की ओर से ‘आधुनिकता के दौर में शाश्वत मूल्य’ विषय पर विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि समय और तकनीक लगातार बदल रहे हैं, लेकिन मनुष्य को मनुष्य बनाए रखने वाले शाश्वत मूल्य कभी पुराने नहीं होते। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच ज्ञान और आधुनिकता के साथ विवेक, निष्ठा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि एआइ लिख सकता है और कई कार्य कर सकता है, लेकिन सही और गलत का निर्णय मनुष्य को ही करना होगा। तकनीक का उपयोग सुविधा बढ़ाने के लिए हो, विवेक को कमजोर करने के लिए नहीं। इंटरनेट मीडिया पर किसी संदेश को प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता पर विचार करना चाहिए। डीपफेक और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों के बीच डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल जरूरी है। आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों और मूल्यों को छोड़ना नहीं, बल्कि नए साधनों का उपयोग मानवीय मूल्यों के साथ करना है।

कुलपति ने एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य के प्रसंग का उल्लेख करते हुए गुरु के प्रति समर्पण और त्याग को शाश्वत मूल्य बताया। कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवन, उपकरण और सुविधाओं से नहीं बनता, बल्कि यहां की गतिविधियों और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण से उसकी पहचान बनती है। बच्चों के लिए किया गया प्रत्येक सकारात्मक प्रयास सामूहिक प्रभाव पैदा करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए उनका मन 24 घंटे के बजाय चार घंटे और काम करने को कहता है, क्योंकि काम की सार्थकता समय की लंबाई से नहीं, बल्कि परिणाम से तय होती है।
उन्होंने निष्ठा, सच्ची सेवा और जिम्मेदारी को भविष्य निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के संसाधनों का उपयोग विद्यार्थियों के विकास में होना चाहिए। स्टेडियम का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, टीम भावना और संघर्ष की क्षमता विकसित करते हैं। परिसर को हरा-भरा रखने के लिए पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने सच बोलने तथा गरीब और जरूरतमंद की मदद करने का साहस रखने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता नवाचार एवं इंक्यूबेशन केंद्र के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश ने कहा कि भारतीय समाज की जीवन-पद्धति में पीढ़ियों से चले आ रहे मूल्य आज भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मैकियावेली के विचारों के माध्यम से राजनीति कौशल, आचरण, निर्णय क्षमता और समय के सदुपयोग की चर्चा की। रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र और आचरण से होती है। उन्होंने चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत, अर्थशास्त्र और पश्चिमी जीवन-दृष्टि के उदाहरणों से भारतीय और पश्चिमी मूल्यबोध के अंतर को समझाया तथा मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए धर्म को आचरण और कर्तव्य से जोड़कर समझाया।
विषय प्रवर्तन करते हुए जनसंचार एवं पत्रकारिता के संकायाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने गुरु-शिष्य परंपरा, एकलव्य और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के प्रसंगों के माध्यम से शाश्वत मूल्यों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि मूल्य किसी एक काल, व्यक्ति या वर्ग तक सीमित नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों को दिशा देते हैं। भारतीय परंपरा में धर्म का उद्देश्य विद्वेष पैदा करना नहीं, बल्कि मानवता, सद्भाव और नैतिक आचरण को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता को स्वीकार करते हुए अपनी सांस्कृतिक चेतना और नैतिक आधार को सुरक्षित रखना समाज की जिम्मेदारी है।
स्वागत भाषण में डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि तकनीकी बदलाव के साथ जीवन की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं, इसलिए आधुनिकता के दौर में शाश्वत मूल्यों पर विमर्श और अधिक प्रासंगिक हो गया है। शिक्षा और तकनीक तभी सार्थक हैं, जब वे व्यक्ति को बेहतर मनुष्य बनाने में सहायक हों। उन्होंने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख सर्वेश कुमार मिश्र ने अतिथियों को बुके, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत किया। संचालन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।इस मौके पर व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं मुख्य अनुशास्ता प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी और लक्ष्मी मौर्य समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

Wednesday, 23 September 2026

शिक्षा ही राष्ट्र का असली सशक्तिकरण : प्रो. आर. के. सिंह

अपोलो पाइप्स लिमिटेड की सीएसआर ने की  पहल

प्रेरणा पाठशाला के 64 बच्चों को मिले शैक्षणिक किट और चॉकलेट


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा ग्राम देवकली में 12 वर्षों से निरंतर संचालित 'निःशुल्क प्रेरणा पाठशाला' के 64 मेधावी छात्र-छात्राओं को बुधवार को अपोलो पाइप्स लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत शैक्षणिक किट और चाकलेट वितरित की गईं।

विश्वविद्यालय परिसर स्थित उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के स्मार्ट क्लास  में बुधवार को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि  शिक्षा वह आधारशिला है जो न केवल व्यक्ति का बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने कहा कि जब समाज के वंचित वर्ग के बच्चे शिक्षा के दीये से जुड़ते हैं,  तो केवल एक परिवार नहीं,  बल्कि पूरा समाज प्रकाशमान होता है। प्रेरणा पाठशाला इसी दीपोत्सव का प्रतीक है। बच्चों के विकास के लिए निरंतर प्रयास होने चाहिए ताकि उनका समग्र विकास हो सके।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति के हाथों स्कूल बैग, पानी की बोतल, पेंसिल किट एवं बिस्कुट पाकर बच्चों में उत्साह दिखा। कुलपति जी ने चाकलेट मंगाकर बच्चों में वितरित किया, इससे बच्चों के चेहरे पर तुरंत मुस्कुराहट आ गई।

बताते चले कि कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रेरणा पाठशाला के संस्थापक-संचालक प्रो. राज कुमार (विभागाध्यक्ष, गणित विभाग) के अथक प्रयासों को इस अवसर पर विशेष रूप से सराहा गया।प्रो. राज कुमार ने कोचिंग की गतिविधियों एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'प्रेरणा कोचिंग' का संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में अपोलो पाइप्स लिमिटेड के डिप्टी रीजनल सेल्स मैनेजर (सेल्स एवं विपणन) शशिभूषण सिंह ने कहा कि कंपनी अपनी सीएसआर की  गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करती रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके शैक्षणिक सफर को सुगम बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 से विश्वविद्यालय से सटे देवकली गांव में 'प्रेरणा कोचिंग' का संचालन किया जा रहा है। संचालन डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. सौरभपाल. डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, प्रशांत कुमार, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य समेत कई शिक्षक उपस्थित थे।

Tuesday, 22 September 2026

वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान की दिशा में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विगत दिनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कुलपति से भेंट कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया था। कुलपति ने विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया था।

विद्यार्थियों की शिकायतों के समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव को अध्यक्ष/समन्वयक नियुक्त किया गया है। प्रबंधन अध्ययन संकाय के प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर, विज्ञान संकाय के प्रो. राजेश शर्मा,  इंजीनियरिंग संकाय के प्रो. रजनीश भास्कर तथा अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी को समिति का सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त एलएलएम छात्र सत्र 2026–27 के अभिनव कीर्ति पाण्डेय को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में समिति में शामिल किया गया है।

समिति विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया को सुगम, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएगी। कुलपति की इस संवेदनशील, विद्यार्थी-केंद्रित और उत्तरदायी पहल से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है। छात्र शिकायत निवारण समिति के गठन से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत और प्रभावी मंच उपलब्ध होगा और छात्रों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा। 

इनसेट

विद्यार्थियों से प्रतिदिन संवाद करेंगे कुलपति

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की एक सराहनीय और विद्यार्थी-केंद्रित पहल की है। मंगलवार एवं शनिवार को यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। संवाद का समय प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को निकटता से समझना, उनके सुझावों को विश्वविद्यालय के विकास से जोड़ना तथा आवश्यक मामलों में समयबद्ध और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित करना है। छात्र-छात्राएँ अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक, छात्रावास, परीक्षा, पुस्तकालय, खेलकूद, छात्र कल्याण तथा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य विषयों पर कुलपति के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।

Sunday, 20 September 2026

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्वच्छता और वृक्षारोपण के माध्यम से ‘सेवा संकल्प अभियान’ संपन्न


जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 19 सितंबर 2026 को 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोफेसर राज कुमार के कुशल नेतृत्व में मैकेनिकल एवं आईटी (IT) ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण के समीप पेड़-पौधों की देखभाल व सेवा की, साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। छात्र-छात्राओं ने इस पहल के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है, और इसी के बल पर हम सशक्त व 'विकसित भारत' का निर्माण कर सकते हैं।

माननीय कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझें और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि “आने वाला भारत युवाओं का भारत है और इसमें युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।”

संयोजक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) संयोजक डॉ. शशिकांत यादव: दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा दी। साथ ही, उन्होंने युवाओं को नशा जैसी सामाजिक बुराइयों व दुर्व्यसनों से दूर रहकर एक स्वस्थ व सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

Saturday, 19 September 2026

विजन के साथ शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ें महाविद्यालय: कुलपति

राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित कालेज के प्राचार्यों और प्रबंधकों की बैठक

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण बैठक कुलपति प्रो. आर.के. सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को  आनलाइन मोड में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत विकास और राष्ट्रीय स्तर के अभियानों में विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करना था। कुलपति प्रो. सिंह ने महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि हर संस्थान अपनी विशिष्ट क्षमताओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्पष्ट विजन निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़े। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश, शोध, नवाचार और रैंकिंग जैसी भावी कार्ययोजनाओं पर प्राचार्यों के साथ संवाद किया और उनसे सुझाव भी आमंत्रित किए।

बैठक में 'सेवा संकल्प अभियान' को प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसके तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा रंग’ और ‘इनोवेशन चैलेंज’ जैसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के लिए ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ के अंतर्गत सभी संस्थानों में आगामी 100 सप्ताह तक नशामुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व पर निरंतर थीम आधारित गतिविधियां संचालित करने को कहा गया।

युवाओं में नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग’  क्विज प्रतियोगिता को मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 'माई भारत' पोर्टल पर अधिक से अधिक छात्रों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पूर्व, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं अभियान के संयोजक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और नियमित रिपोर्टिंग का आग्रह किया। इस अवसर पर कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह और एनएसएस समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।

सीटीपीसी बैठक में विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर की रूपरेखा पर हुई चर्चा



जौनपुर। युवाओं के सुनहरे भविष्य की रूपरेखा उकेरने और उनके सतरंगी सपनों को खुला आसमान देने के उद्देश्य से  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) की एक अहम बैठक शनिवार को इन्क्यूबेशन सेंटर में हुई। सीटीपीसी निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई रणनीतियों पर गहरा मंथन किया गया। प्रो. कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक चुनौतियों के सांचे में ढालना है। छात्र, शिक्षक और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर काउंसलिंग और रोजगार के अवसर हर विद्यार्थी तक सुगमता से पहुंच सकें।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी सत्र में स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और मेगा जॉब फेयर को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों और प्रकोष्ठ के बीच संवाद को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक संकाय में छात्र समन्वयकों की सक्रिय टीम का गठन किया जा रहा है। कॉर्पोरेट जगत की आधुनिक मांग को देखते हुए छात्रों की ओर से 'लाइव इंटरव्यू ऐप्स' के उपयोग का एक शानदार सुझाव भी सामने आया, जिसे कौशल विकास की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम माना गया।

इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श में डॉ. सुनील कुमार, सुशील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश,  डॉ. प्रेम चंद यादव,  डॉ. कृष्ण यादव,  डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी,  डॉ. अंजनेय मिश्रा,  डॉ. अश्मय दुबे,  डॉ. अनुराग सिंह,  डॉ. साक्षी सिंह,  डॉ. निधि पांडेय,  डॉ. अवधेश और मिथिलेश चौरसिया सहित विभिन्न संकायों के छात्र-समन्वयकों ने अपने विचार व्यक्त किए।

Friday, 18 September 2026

नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव: डॉ. शशिकांत यादव


 विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग क्विज प्रतियोगिता में युवाओं ने किया प्रतिभाग
 वीबीवाईएलडी क्विज से युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच,  दी गई पंजीकरण की जानकारी
जौनपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा शासन के निर्देश के क्रम में कुलपति प्रो आर के सिंह के मार्गदर्शन में “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” एवं विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद  2027 के अंतर्गत मिशन मोड अभियान के तहत क्विज प्रतियोगिता एवं कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को आर्यभट्ट सभागार, राज्जू भैया संस्थान में किया गया।
   कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने नवोन्मेषी विचारों, रचनात्मक सोच एवं प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का आह्वान किया।
   राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशामुक्त भारत अभियान तथा विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग (वीबीवाईएलडी) क्विज प्रतियोगिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को बताया कि माई भारत पोर्टल के माध्यम से क्विज प्रतियोगिता के लिए किस प्रकार पंजीकरण किया जा सकता है तथा पंजीकरण के बाद युवा किस प्रकार इस राष्ट्रीय स्तर की पहल में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद युवाओं को अपनी प्रतिभा, नवाचार, रचनात्मक सोच और विचारों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है। 
    मंच संचालन आंची वर्मा एवं सिद्धार्थ कुमार सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सुमित सिंह ने किया । इस अवसर पर डॉ अजय कुमार मौर्य, डॉ पी सी यादव, अभिषेक कुमार गर्ग माय भारत के स्वयं सेवक सुमित सिंह, विपिन यादव, स्नेहा मिश्रा, आर्ची वर्मा, उत्कर्ष तिवारी, प्रभात तिवारी एवं बड़ी संख्या मे स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

Thursday, 17 September 2026

सेवा संकल्प अभियान के तहत विश्वविद्यालय ने 100 क्षय रोगियों को लिया गोद, 20 यूनिट रक्तदान

सेवा और जनभागीदारी से मजबूत होगा टीबी मुक्त भारत का संकल्प : बृजेश सिंह ‘प्रिन्सू’

सेवा और संवेदना विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी : कुलपति प्रो. आर. के. सिंह

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया गया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर स्थित राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने 20 यूनिट रक्तदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बृजेश सिंह ‘प्रिन्सू’ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान-2026 सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना को निरंतर महत्व दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदान करने की पहल सेवा-भावना को सामाजिक सहभागिता से जोड़ती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा एवं शोध के साथ-साथ समाज के प्रति अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है। टीबी उन्मूलन के लिए चिकित्सा के साथ-साथ पोषण, नियमित उपचार, जागरूकता और सामाजिक सहयोग भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य क्षय रोगियों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत करना है। विश्वविद्यालय परिवार से सेवा और संवेदना की इस भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना भी है।

विशिष्ट अतिथि जिला क्षय रोग अधिकारी, जौनपुर डॉ. विशाल सिंह यादव ने अपने संबोधन में क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, उपचार, बचाव एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अतिथियों का स्वागत एवं परिचय अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कराया। इस अवसर पर क्षय रोगियों को भुना हुआ चना, गुड़, मूंगफली, सोयाबीन, बोर्नविटा एवं मास्क युक्त पोषण सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम का संचालन अभिनव कीर्ति पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकान्त यादव ने किया।

इस अवसर पर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राज कुमार, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ.पुनीत सिंह,  सलिल कुमार यादव, महामंत्री राधेश्याम सिंह ‘मुन्ना’, डॉ. इंद्रेश कुमार, आदित्य जायसवाल, डॉ. उदयभान यादव, माय भारत के स्वयंसेवक सुमित सिंह, विपिन यादव, सिद्धार्थ सिंह, स्नेहा मिश्रा, आर्ची वर्मा, उत्कर्ष तिवारी, प्रभात तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

पीयू में धूमधाम से किया गया भगवान विश्वकर्मा का पूजन

मैकेनिकल इंजीनियरिंग वर्कशॉप में हवन-आरती में शामिल हुए शिक्षक, कर्मचारी


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की वर्कशॉप में भगवान विश्वकर्मा पूजा का भव्य आयोजन किया गया। तकनीकी सृजन, निर्माण और श्रम के आराध्य भगवान विश्वकर्मा के पूजन के अवसर पर वर्कशॉप परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और आरती से भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद यादव एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संदीप कुमार सिंह ने धूप-दीप के साथ भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद हवन एवं आरती का आयोजन हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, डॉ. रितेश बरनवाल एवं फोरमैन संतोष उपाध्याय ने भी विद्यार्थियों के साथ पूजा, हवन और आरती में भाग लिया।
विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री राधेश्याम सिंह ‘मुन्ना’ सहित मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीप प्रकाश सिंह, डॉ. नवीन चौरसिया, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. हिमांशु तिवारी, डॉ. अंकुश गौरव एवं डॉ. सुबोध कुमार उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त फोरमैन के.के. मिश्र, मैकेनिक ओम प्रकाश यादव, वेल्डर राकेश कुमार, फिटर सहित अन्य कर्मचारी तथा छात्र अभिभावक श्री अच्छे लाल यादव ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
पूजा समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बी.टेक. एवं मैकेनिकल पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों ने वर्कशॉप की सजावट में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने तकनीकी शिक्षा से जुड़े अपने कार्यस्थल को भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धा और सम्मान के साथ सजाकर आयोजन को विशेष रूप दिया।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा, श्रम, कौशल और सृजन के महत्व को रेखांकित करते हुए भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई।

Wednesday, 16 September 2026

संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में पीयू का परचम

सोनल शुक्ला को देश में दूसरी रैंक, रज्जू भैय्या के 6 विद्यार्थी उत्तीर्ण


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों ने संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विश्वविद्यालय के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान से अध्ययनरत एवं पूर्व विद्यार्थियों सहित कुल छह अभ्यर्थियों ने जेआरएफ एवं नेट में उल्लेखनीय रैंक प्राप्त की है। इनमें सोनल शुक्ला ने जेआरएफ में देशभर में द्वितीय रैंक प्राप्त कर इस उपलब्धि को विशेष बना दिया है।
विश्वविद्यालय के लिए सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज़ विषय में रहा। एम.एससी. भूविज्ञान की छात्रा सोनल शुक्ला ने यूजीसी-जेआरएफ में द्वितीय रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया। इसी विषय में एम.एससी.भूविज्ञान के अनन्य पांडेय ने 29वीं रैंक प्राप्त कर संस्थान की सफलता को और मजबूती दी।
रसायन विज्ञान में सूरज प्रजापति ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 79वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने रज्जू भइया संस्थान से एम.एससी.रसायन विज्ञान की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी, रज्जू भइया संस्थान में डीएसटी-पर्स परियोजना के अंतर्गत शोध कार्य कर रहे हैं।
भौतिक विज्ञान में प्रवीण कुमार प्रजापति ने नेट में 118वीं रैंक प्राप्त की। वे रज्जू भइया संस्थान से एम.एससी.भौतिकी के विद्यार्थी रहे हैं तथा विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर रिन्यूएबल एनर्जी में डीएसटी-पर्स परियोजना के अंतर्गत भी कार्य कर चुके हैं।
गणितीय विज्ञान में भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की। एम.एससी.गणित के प्रदूम कुमार शर्मा ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 122वीं रैंक हासिल की, जबकि अनंत चौधरी ने नेट में 106वीं रैंक प्राप्त की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित तथा अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज़ जैसे विविध क्षेत्रों में एक साथ मिली यह सफलता विश्वविद्यालय में निरंतर सुदृढ़ हो रही शोध संस्कृति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और प्रभावी अकादमिक मार्गदर्शन को रेखांकित करती है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों की सफलता उनकी प्रतिभा, अनुशासन और सतत परिश्रम का परिणाम होने के साथ-साथ विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे उन्नत शोध एवं अकादमिक परिवेश का भी सशक्त प्रमाण है। इन उपलब्धियों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध पहचान को नई मजबूती प्रदान की है तथा अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरीः डॉ. नृपेंद्र सिंह

पीयू में एचपीवी टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण संपन्न

विशेषज्ञ टीम ने दिया स्वास्थ्य और बचाव का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पीयू) परिसर स्थित फार्मेसी संस्थान में बुधवार को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष स्वास्थ्य अभियान में छात्राओं और अन्य लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एचपीवी का टीका लगवाया।
फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेंद्र सिंह ने छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवतियों को एचपीवी संक्रमण और इससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना आज के समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सही जागरूकता और समय पर किया गया टीकाकरण, भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।
अभियान के दौरान छात्राओं को महज टीका ही नहीं लगाया गया, बल्कि उन्हें एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण के दूरगामी महत्व और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति विस्तार से जागरूक भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने सभी लाभार्थियों को उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जानकारियां प्रदान कीं।
इस अवसर पर प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि किशोरियों और युवतियों में एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता भी जरूरी है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. श्वेता पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर पूजा सक्सेना, सुरेंद्र कुमार, उद्देश्य सिंह, दिव्यांशु सिंह, नितेश सिंह, हेमंत दुबे और बृजेश यादव समेत विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।