Monday, 19 September 2016

दो दिवसीय कार्यशाला “Communication Skills”

 विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के गणित तथा भौतिकी विभागों द्वारा संयुक्त रूप से शनिवार को कम्यूनिकेशन स्कील्स विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में डा. देवेंद्र कुमार, सहायक प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी ने 'कम्यूनिकेशन इन इंग्लिश : स्पीकिंग करेक्ट्ली एण्ड इफेक्टिविली' विषय पर व्याख्यान दिया एवं उसके विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यशाला के प्रथम सत्र को सम्बोधित करते हुए 'नान वर्बल कम्यनिकेशन एण्ड इफेक्टिव पब्लिक स्पीकिंग यूजिंग पॉवर प्वाइंट प्रजेन्टेशन' विषय पर व्याख्यान डॉ. अनुराग सिंह, प्रबंध अध्ययन विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने चर्चा की। डा. सिंह द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाई करने एवं अपना जीवन निर्माण हेतु योजना तैयार करने संबंधी भी ज्ञान वर्धन किया गया। प्रथम दिन दो पालियों में चार व्याख्यान दिए गए जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़—चढ़कर सहभागिता ली। समन्वयक डा. राजकुमार ने स्वागत करते हुए कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर के प्रतिभागी छात्रों/छात्राओं की संचार क्षमता में निखार लाने के लिए एक सार्थक प्रयास है। आयोजक सचिव डा. संतोष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. बीबी तिवारी, डॉ. अजय द्विवेदी, सुशील कुमार, डॉ. इन्द्रेश गंगवार एवं अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।

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दूसरा दिन

इंजीनियरिंग संकाय द्वारा आयोजित Communication Skills” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला   का समापन  १८ सितंबर को हुआ | पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं तकनिकी संकाय के गणित तथा भौतिकी विभागों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर के प्रतिभागी छात्रों/छात्राओं की संचार क्षमता में निखार लाने हेतु एक सार्थक प्रयास रहा | कार्यशाला के प्रथम सत्र में डॉ० तनुज नंदन, सहायक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट, मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद ने “साक्षात्कार हेतु नोनवेर्बल संचार” विषय के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिया| उन्होंने बताया की इंटरव्यू के समय होने वाली परेशानियों को थोड़ी कोशिशो से दुर किया जा सकता है जैसे कि अपने शारीरिक हाव भाव, बोलचाल एवं बैठने का ढंग किस प्रकार का होना चाहिए , के विभिन्न पहलुओ पर चर्चा की | उन्होंने बताया कि बहुत सारे  आंकडे एवं विशेषज्ञों के अहुभाव यह बताते हैं की उमीदवार के चयन में साक्षात्कार के पहले 90 सेकेण्ड बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं | जबकि कार्यशाला के द्वितीय व्याख्यान को संबोधित करते हुए “प्रभावकारी संचार हेतु आवश्यक पहलुओं”  विषय पर व्याख्यान डॉ० शेफाली नंदन, वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद  ने विस्तार पूर्वक चर्चा की | डॉ० शेफाली द्वारा छात्र /छात्राओं को बताया गया कि प्रभावकारी संचार में कौन से तथ्य बाधक होते हैं , किस प्रकार हम दूसरों पर अपने संचार  से प्रभाव डाल सकते हैं | वे कौन से कारक हैं जिनके द्वारा आप अपने ज्ञान को दूसरों तक प्रभावी तरीकों से पहुंचा सकते हैं | प्रभावकारी संचार के लिए उन्होंने “7C ” फोर्मुले को विस्तार पूर्वक बताया की किस प्रकार यह  प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है | सभी व्याख्यानों को  वेबसाइट पर अपलोड किया गया ताकि सामान्य जन तक इन व्याख्यानों का सीधा लाभ पहुँच सके |पढ़ाई करने एवं अपना जीवन निर्माण हेतु योजना तैयार करने संबंधी भी ज्ञान वर्धन किया | प्रथम दो दिनों में आठ  व्याख्यान दिए गए जिसमे 315 छात्र /छात्राओं ने सहभागिता की | कार्यशाला के समन्वक डॉ० राज कुमार एवं आयोजक सचिव डॉ० संतोष कुमार द्वारा इस कार्यकर्म हेतु प्रेरित करने का श्रेय पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति जी को दिया | जन संचार एवं पत्राचार विभाग का सहयोग भी सराहनीय रहा | कार्यशाला के समापन्न  पर प्रो बी बी तिवारी, डॉ० अजय द्विवेदी, डॉ० प्रदीप कुमार, डॉ० अजय द्विवेदी, डॉ वी डी शर्मा, डॉ नूपुर गोयल, डॉ सुरेन्द्र कुमार , डॉ इन्द्रेश गंगवार एवं डॉ अवध बिहारी सिंह उपस्थित थे|
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दिनांक: 15-09-2016


वित्तीय समावेशन से ही देश का विकास संभव: डा० द्विवेदी


वित्तीय अध्ययन विभाग में एक दिवसीय छात्र संगोष्ठी विषयक “फाइनेंसियल इन्क्लूसन इनिसिएटिव इन इंडिया: अ वे फॉरवर्ड ” का आयोजन किया गया । संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन के बारे में चर्चा करना और भारतीय परिदृश्य में इसकी स्तिथि की समीक्षा करना था। संगोष्ठी में 75 प्रतिभागीओं ने हिस्सा लिया  जिसमे छात्र छात्राओं द्वारा लगभग एक दर्जन शोध पत्र भी प्रस्तुत किये गए ।इससे पहले कार्यक्रम में समस्त अतिथियों का स्वागत विभाग की छात्रा व कार्यक्रम की संयोजक कुमारी अंकिता श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में वक्ता के रूप में विभाग के प्राध्यापक मो० अबू सलेह ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है  जिससे न केवल सरकार अपनी वित्तीय सेवाएं लोगों को बेचकर धन अर्जित कर उसे कल्याणकारी योजनायें बना कर लोगों को अंतिम रूप से दिया जा सके।दूसरे वक्ता के रूप में विभाग के प्राध्यापक श्री सुशील कुमार ने कहा कि पहले वित्तीय सेवाएं केवल अमीर लोगो के लिए होती थी मगर वित्तीय समावेशन के कारण आज कई वित्तीय सेवाएं गरीब लोगो को भी मुहैया कराई जा रही है। आज भी  देश के केवल 50 प्रतिशत लोग ही वित्तीय सेवाओं का फायदा उठा रहे है।विभाग के प्राध्यापक श्री अलोक गुप्ता ने कहा कि पैसे से ही पैसा बनता है अर्थात यदि भारत देश को आर्थिक रूप से और मजबूत होना है तो लोगों की बचत को निवेश में बदलना होगा। जैसा कि हम जानते है कि भारत में बहुत सारे लोगो के पास बैंक खाता ही नहीं है और उनका पैसा मुद्रा बाज़ार में है ही नहीं इससे भारत को दूरगामी आर्थिक नुक्सान हो रहा है और हम वित्तीय सेवाओं में जितना विलम्ब करेंगे देश को उतना ही आर्थिक नुक्सान होगा।अध्यक्षीय संबोधन में डा० अजय द्विवेदी ने कहा कि भारत में वित्तीय समावेशन कोई नयी विचारधारा नहीं है। यह अवधारण ब्रिटिश राज के दौरान भी थी बस उस समय यह व्यवस्था मान्यता प्राप्त नहीं थी और आजादी के बाद भारत ने इस व्यवस्था को कोडीफाई कर दिया है। भारत ने अपनी नई आर्थिक निति जो 1991 में अपनाया था उसमे भी वित्तीय समावेशन को विस्तारपूर्वक चर्चा की गई थी जिसका परिणाम आज धीरे धीरे दिखने को मिल रहा है परन्तु अभी भी बहुत ज्यादा कार्य करने की संभावनाएं है। अगर देश को विश्व की महाशक्तियों में अपना नाम दर्ज कराना है तो वित्तीय समावेशन ही उसका सर्वोपयुक्त माध्यम है।संगोष्ठी में अंकिता साहू, अंकिता श्रीवास्तव, अनुराग उपाध्याय, आशुतोष जैसवाल, मनीष अग्रहरी, मो० शारिक, रीमा यादव, शहबाज़, अभिषेक तिवारी, शिखा दुबे, सुशील कुमार यादव, इत्यादि ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का सञ्चालन शिखा दुबे एवं मनीष अग्रहरी ने किया, एवं धन्यवाद ज्ञापन शहबाज़ ने किया। इस कार्यक्रम का आयोजन वित्तीय अध्ययन विभाग द्वारा एम०एफ०सी० एग्जीक्यूटिव क्लब के बैनर तले किया गया। इस मौके पर डा० राजकुमार सोनी, डा० आशुतोष कुमार सिंह, डा० इन्द्रेश कुमार, नितिन, ऋतू श्रीवास्तव, रोहित चौबे, अभिषेक मौर्या, जैसमीन बानो, रुपाली, पूजा आदि उपस्थित रहे।

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व्यवसाय प्रबंधन विभाग का एल्यूम्नाई मीट-2016 

                                                                   (१८ सितंबर )
व्यवसाय प्रबंधन विभाग का एल्यूम्नाई मीट-2016 का आयोजन रविवार को नगर के एक होटल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डा.मुराद अली ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुरात छात्रों का विभाग के विकास में काफी योगदान रहा है। यह आगे भी अपना अमूल्य योगदान करेंगे।
पुरातन छात्रों के पैट्रन व न्यूट्रासर्गिटेक के मैने¨जग डायरेक्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि व्यवसाय प्रबंधन विभाग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व समर्पित शिक्षकों के कारण आज विभाग के छात्र राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अच्छे पदों पर देश-विदेश में कार्यरत है। विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी की गई। संचालन आयुष, स्नेहा व आभार रजत श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।(जागरण )


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   पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा ओजोन दिवस पर सेमिनार का आयोजन
                   (16 सितंबर 2016 )

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में सेमिनार का आयोजन किया जिसमे प्रो० पी के मिश्रा केमिकल इंजीनियरिंग आई टी वी एच यू एवं प्रो० वी के पाण्डेय एटमोस्फियरिक एंड ओसनिक साइंस  इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने ओजोन संरक्षण पर व्याख्यान दिया उन्होंने वताया कि व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं को सीमित कर ओजोन परत को संरक्षित कर सकता है इन्ही आवश्यकताओं की पूर्ति से हार्मफुल केमिकल्स का सृजन हमारे ओजोन परत के विनाश का कारण होता है, सीमित आवश्यकताओं से हमारी बायो-डाइवर्सिटी संरक्षित रहती है अगर बायो-डाइवर्सिटी संरक्षित रहती है तो ओजोन परत संरक्षित रहेगा तथा पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है अंत में प्रो० मिश्रा ने छात्र छात्राओं के साथ परिसर के शिक्षकों को भी शपथ दिलाया कि हम अपने जीवन में कम से कम छ पौध जरूर लगाएंगे जिसमे एक पीपल, एक नीम, एक फलदार वृक्ष जरूर होंगे,

इस कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी जिसमे क्विज, पोस्टर, एक्स्टेम्पोर स्पीच रही  जिसमे विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने भाग लिया, क्विज प्रतियोगिता में पर्यावरण विज्ञान विभाग को प्रथम एवं तृतीय तथा वायोटेक विभाग को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम एवं तृतीय पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्र  एवं द्वितीय बयोकमिस्ट्री विभाग के छात्र को प्राप्त हुआ,  एक्स्टेम्पोर स्पीच के कार्यक्रम में प्रथम एवं तृतीय बयोकमिस्ट्री विभाग के छात्र रूद्र एवं उर्मिला तथा द्वितीय स्थान पर्यावरण विज्ञान विभाग की छात्रा साक्षी श्रीवास्तव को प्राप्त हुआ, सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन प्रो० डीडी दूवे संकायाध्यक्ष विज्ञान संकाय के नेतृत्व में किया गया, कार्यक्रम के समन्वयक डॉ विवेक कुमार पाण्डेय, संयोजक डॉ कार्तिकेय शुक्ल तथा सह- संयोजक डॉ एस के उपाध्याय रहे, कार्यक्रम का सञ्चालन साक्षी श्रीवास्तव, रुची सिंह एवं अनुराधा सिंह ने किया, इस अवसर पर डॉ एस पी तिवारी, डॉ वंदना राय, डॉ राजेश शर्मा, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ ऋषि श्रीवास्तव, डॉ सुधांशु शेखर, डॉ प्रभाकर, डॉ विनय वर्मा,  डॉ अवध बिहारी सिंह, एवं संकाय के छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही, अंत में कार्यक्रम का समापन डॉ विवेक कुमार पाण्डेय के धन्यवाद ज्ञापन एवं पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन हुआ.

Thursday, 15 September 2016

खिलाड़ी सम्मान समारोह - 2016








राजभवन में सम्मानित हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खिलाड़ी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की ओर से 15 सितम्बर को राजभवन लखनऊ के गांधी सभागार में आयोजित खिलाड़ी सम्मान समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्री राम नाईक ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 44 खिलाड़ियों एवं काशी विद्यापीठ के 21 खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक से सम्मानित किया। इसके साथ टीम प्रशिक्षक व टीम मैनेजर भी सम्मानित हुये।
सम्मान समारोह में कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपको सम्मानित करते हुए मैं गौरवान्वित हूं। उन्होंने कहा कि आप खेल-कूद के साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दें। जीवन के हर क्षेत्र में पूर्णता होनी चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द की ‘‘उठो-जागो और तब तक न रूको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाय’’ को जीवन का मार्गदर्शक वाक्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों को 4 जीवन मंत्र दिये। उन्होंने कहा कि सदा मुस्कुराते रहो, जो कोई अच्छा कार्य करता है उसे अच्छा कहना सीखो, किसी की अवमानना न करो एवं आप जो भी करते हैं वह और अच्छा कैसे हो सकता है, सतत् इसका चिंतन करते रहें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कड़ी मेहनत से ही आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि राज्य विश्वविद्यालयों में छात्राएं पठन-पाठन एवं पदक प्राप्त करने में आगे जा रही हैं। उन्होंने रियो ओलम्पिक की सुधि दिलाते हुए कहा कि आज पूर्वांचल विश्वविद्यालय की 19 छात्राओं को पदक प्राप्त होना अपने आप में महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।
समारोह में स्वागत करते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्थापना के 29 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इन वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध, शैक्षणिक एवं पराशैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं, विशेषतः क्रीडा के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि आज शहरीकरण के इस युग में खुले स्थान, मैदान की सीमित उपलब्धता एवं बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण में खेल-कूद, व्यायाम, सांस्कृतिक एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास से संबद्ध अन्य गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। ऐसे में बौद्धिक के साथ-साथ शारीरिक क्षमता, विकास का अवसर प्रदान करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका गुरूतर हुई है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. पृथ्वीश नाग ने कहा कि महात्मा गंाधी काशी विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने पठन-पाठन विज्ञान, वाणिज्य, कला एवं साहित्य के अपना प्रमुख स्थान बनाया है। विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में उच्च कोटि के प्रशिक्षण हेतु विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रशिक्षक के अतिरिक्त बाह्य प्रशिक्षकों की भी सहायता लेते हुए उत्तम कोटि के उपकरणों एवं स्टेडियम की व्यवस्था से विश्वविद्यालय में खेल-कूद का एक स्तरीय वातावरण निर्मित किया गया है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सचिव क्रीडा परिषद ने एवं काशी विद्यापीठ के सचिव क्रीडा परिषद ने खेल परिषद की वार्षिंक प्रगति आख्या प्रस्तुत की। समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलित कर की गयी।  विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन  कुलसचिव डा. देवराज एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के उप कुलसचिव शेषनाथ पाण्डेय ने किया। क्रीडा परिषद के अध्यक्ष डा. एसपी ओझा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर लेडी गवर्नर माननीया कुंदा नाईक, प्रमुख सचिव कुलाधिपति सुश्री जूथिका पाटणकर, प्रमुख सचिव शिक्षा जितेन्द्र कुमार, कार्यपरिषद, वित्त समिति एवं खेलकूद परिषद के सदस्यगण,  वित्त अधिकारी एमके सिंह, उपकुलसचिव  संजीव सिंह, टीबी सिंह,  सहित विश्वविद्यालय शिक्षक, कर्मचारी, राजभवन के अधिकारीगण, कर्मचारी एवं समस्त खिलाड़ी उपस्थित रहे।

Wednesday, 14 September 2016

हिन्दी दिवस समारोह

 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विष्वविद्यालय के विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्तकालय में हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिजिटल भारत में युवाओं की भूमिका विषयक भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। 
समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. बीबी तिवारी ने कहा कि आज सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हिन्दी को आत्मसात किया जा रहा है जो भविष्य में हिन्दी के उत्थान के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि त्वरित प्रगति के लिए सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्दी का राष्ट्रीय परिदृष्य में सर्वाधिक उपयोग लाये जाने की जरूरत है।
संकायाध्यक्ष डॉ. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि हम अपनी बाल्यावस्था में जो सुनते हैं वही बोलते हैं। इस समय हमें व्याकरण का बोध न होने के बावजूद भी हमारी भाषा और उच्चारण शुद्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी में अच्छा लेखन और वक्ता के लिए एक अच्छा श्रोता और पाठक होना जरूरी है।
जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ. मनोज मिश्र ने हिन्दी के राजभाषा होने तक के सफर को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं फिल्मों ने हिन्दी को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा कि हम हिन्दी भाषी लोगों की जिम्मेदारी है कि हम इस भाषा में धीरे-धीरे लुप्त हो रहे व्याकरण को सुधारने की दिशा में पहल करें। हिन्दी संस्थानों की भाषा व्याकरण से संबंधित पुस्तकों को पढ़ें और पढ़ने के लिए प्रेरित करें। गूगल गुरू के भरोसे ही हम हिन्दी भाषा को न छोड़ें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. रजनीश भाष्कर ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सरकारी और निजी दोनों कामकाज में हिन्दी के उपयोग को सर्वाधिक प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि इससे ही हम सुदृढ़ भारत का निर्माण कर पायेंगे।
इस अवसर पर डिजिटल भारत में युवाओं की भूमिका विषयक भाषण प्रतियोगिता में एमएससी बॉयो केमिस्ट्री के विद्यार्थी रूद्र सेठ ने प्रथम, एमएससी बॉयोटेक की विद्यार्थी गरिमा सिंह ने द्वितीय, एमएससी बॉयोटेक की विद्यार्थी प्रियंका सिंह ने तृतीय एवं एमएससी बॉयो केमिस्ट्री के शिल्पम त्रिपाठी तथा ओंकार यादव ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। इन विद्यार्थियों को श्रीमदभागवदगीता की पुस्तक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुशील सिंह, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. सुनील कुमार, आलोक दास, सत्यम उपाध्याय, नीतिन चौहान, अभिषेक गुप्ता, श्यामल श्रीवास्तव, द्विजेन्द्र उपाध्याय, पंकज सिंह, शुभांशू जायसवाल, धर्मपाल यादव, संजीव कुमार सहित तमाम विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन पुस्तकालय प्रभारी डॉ. विद्युतमल ने किया।

खेल सम्मान समारोह के लिए खिलाड़ी राजभवन रवाना


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की ओर से 15 सितम्बर को राजभवन लखनऊ में आयोजित खिलाड़ी सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों की बस को हरी झण्डी दिखाकर विश्वविद्यालय परिसर से कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने रवाना किया। गुरूवार को राजभवन में शाम को 4 बजे आयोजित कार्यक्रम में यह खिलाड़ी सम्मानित होंगे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। सम्मानित होने वाले यह खिलाड़ी अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत होंगे। उन्होंने सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व टीम प्रबन्धकों को बधाई दी। 
इस अवसर पर खेलकुद परिषद के अध्यक्ष डाॅ. एसपी ओझा, कुलसचिव डा. देवराज, उप कुलसचिव संजीव सिंह, टीबी सिंह, डाॅ. मनोज मिश्र, डाॅ. दिग्विजय सिंह राठौर, डाॅ. केएस तोमर, श्याम त्रिपाठी, डाॅ. राजेश सिंह, डाॅ. रजनीश सिंह, अशोक सिंह समेत तमाम लोगों ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ. मनोज मिश्र ने बताया कि गुरूवार को राजभवन लखनऊ में आयोजित खिलाड़ी सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के कुल 44 खिलाड़ी, 9 प्रशिक्षक एवं 7 टीम प्रबन्धक श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश के हाथों सम्मानित होंगे। 
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता हैण्डबाल पुरूष में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए अमर यादव, संचित कुमार, जय सिंह, अक्षय चैधरी, राहुल भारद्वाज, रंजन श्रीवास्तव, शिवा भारद्वाज, संदीप कुमार, अवनीश कुमार पाण्डेय, अमित जायसवाल, मुन्ना कुमार, सौरभ सिंह, आयुष यादव, अतुल सिंह, आकाश गुप्ता एवं  शुभम राय को सम्मानित



किया जायेगा। इसके टीम प्रबन्धक डाॅ. राजेश सिंह एवं श्री मोशर्रफ खान, टीम प्रशिक्षक भी सम्मानित होंगे।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता हैण्डबाल महिला में द्वितीय स्थान प्राप्त अंजू प्रजापति, सरिता यादव, सुशीला, शिवानी पाण्डेय, अर्चना मिश्रा, सोनम सिंह, बबिता यादव, सृष्टि अग्रवाल, सुप्रिया, तेजस्विनी सिंह, नेहा पाण्डेय, सोनाली यादव, सोनिका नेगी, सुषमा तिवारी, पद्मिनी गुप्ता, सुमन मौर्या को सम्मानित किया जायेगा। इसके टीम प्रबन्धक श्री अच्छेलाल यादव  एवं चन्द्रभान सिंह, टीम प्रशिक्षक सम्मानित होेंगे।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता भारोत्तोलन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त पूर्णिमा पाण्डेय सम्मानित होगी। साथ ही इसके टीम प्रबन्धक रजनीश कुमार सिंह, संजय राय, टीम प्रशिक्षक व सुश्री प्रियंका पाण्डेय, सहायक टीम प्रशिक्षक को भी सम्मानित किया जायेगा।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता तीरंदाजी प्रतियोगिता पुरूष/महिला में द्वितीय स्थान प्राप्त सूर्य प्रताप यादव, अनीस यादव, ओमकार राय, प्रमोद कुमार सिंह सम्मानित होंगे। इसके टीम प्रबन्धक डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह एवं वैभव दीक्षित, टीम प्रशिक्षक भी सम्मानित किये जायेंगे।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता एथलेटिक प्रतियोगिता (पुरूष/महिला) में द्वितीय स्थान प्राप्त मुलायम सिंह यादव एवं तृतीय स्थान प्राप्त ज्योति सिंह, अनिल कुमार सिंह सम्मानित होंगे। इसके टीम प्रबन्धक सत्य प्रकाश सिंह एवं जितेन्द्र बहादुर सिंह, टीम प्रशिक्षक भी सम्मानित किये जायेंगे।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता जूडो प्रतियोगिता (पुरूष/महिला) में द्वितीय स्थान प्राप्त अजय यादव सम्मानित होंगे। इसके साथ ही टीम प्रबन्धक हरेन्द्र सिंह व युगान्त उपाध्याय, टीम प्रशिक्षक भी सम्मानित किये जायेंगे।
अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता कुश्ती प्रतियोगिता (पुरूष/महिला) में तृतीय स्थान प्राप्त सुजीत यादव, रामजनम यादव, रूबी यादव सम्मानित होगी। इसके टीम प्रबन्धक मोहन चन्द्र पाण्डेय, मृत्युन्जय तिवारी, टीम प्रशिक्षक, सुश्री शालू सिंह को भी सम्मानित किया जायेगा।
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               वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन

(11 Sept 2016)
वित्तीय अध्ययन विभाग द्वारा एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन विश्विद्यालय के निकट एक गाँव देवकली में किया गया। कार्यक्रम विभाग में छात्रों के क्लब एम०एफ०सी० एग्जीक्यूटिव क्लब के बैनर तले किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में भारत के वित्तीय व्यवस्था, प्रणाली, प्रक्रिया इत्यादि तथा अपने बचत की सुनुयोजित तरीके से वित्तीय बाज़ार में निवेश के बारे में तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत करने का था। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा० देवराज ने किया।
वित्तीय अध्ययन विभाग द्वारा वैसे तो समय समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है मगर इस बार कार्यक्रम का लक्ष्य निचले तबके के लोग थे जिनको उनके पैसे का सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गयी।
इस कार्यक्रम में छात्रों द्वारा एक प्रश्नावली भी तैयार की गई थी, जिसमे उनसे कई तरह के प्रश्न पूछे गए जैसे ‘वे अपना पैसा कहा रखना पसंद करते है, बैंक में या पोस्ट ऑफिस में या घर पर?’, ‘क्या वे जन धन योजना के बारे में जानते है?’, ‘क्या उनके पास कोई जीवन बीमा है?’, ‘क्या वे सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत है, जैसे कि जीवन ज्योति योजना, जीवन सुरक्षा योजना, कृषि बीमा योजना, फसल बीमा योजना, अटल पेंसन योजना सुकन्या समृधि योजना, समाजवादी पेंशन योजना, उनके आय का श्रोत इत्यादि?’ कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों द्वारा उपलब्द कराई गयी जानकारी से छात्रों द्वारा एक शोध पत्र तैयार करके ख्यातिप्राप्त अंतराष्टीय शोध पत्रिका में प्रकाशित करने का भी है।
कार्यक्रम में छात्रों न केवल मौखिक रूप से लोगो को जानकारी उपलब्ध कराइ गयी अपितु उन्होंने चार्ट व पोस्टरों के माध्यम से भारत के वित्तींय व्यवस्था के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई। इस कार्यक्रम में लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया गया बल्कि उनके जानकारी प्रदान करने के एवज में उन्हें एक पेन और एक मिष्ठान भेंट स्वरुप दिया गया। कार्यक्रम में लगभग 450-500 लोगों ने शिरकत की तथा उनको उचित जानकारी उपलप्ध कराई गयी।
इस मौके पर विभाग के प्राध्यापक श्री सुशील कुमार ने कहा के पैसे के इस्तेमाल करने का हमारे वित्तीय व्यवस्था में अपार संभावनाएं मौजूद है, यदि व्यक्ति को सही जानकारी हो तो वो अपने पैसे का अधिकतम उपयोग कर सकता है।

विभाग के प्राध्यापक श्री आलोक गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से न केवल छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ता है अपितु उनमे समाज सेवा की भावना भी जागृत होती है। एम०बी०ए० (फाइनेंस एंड कण्ट्रोल) के छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम वाकई सराहनीय है।