Tuesday, 5 September 2017
शिक्षक दिवस समारोह मनाया गया
विश्वविद्यालय के विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला
देश के वैज्ञानिकों का होगा संगम ,करेंगे मंथन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परिसर में 8 से 10 सितंबर ' ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन कैंपस ऑफ पूर्वांचल यूनिवर्सिटी 'विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव के निर्देशन और प्रयास से इस कार्यशाला में देश के जाने -माने वैज्ञानिक और शिक्षाविद प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में खुलने वाले नए पाठ्यक्रमों के लिए प्रस्तावित पाठ्यक्रम पर विचार विमर्श , रोजगार परक पाठ्यक्रमों के बढ़ावा दिए जाने जैसे बिंदुओं पर गहन विमर्श होगा। कार्यशाला में पारित प्रस्ताव को अनुमति एवं आर्थिक सहायता प्राप्ति हेतु शासन को प्रेषित किया जायेगा। सीएसआईआर नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो एस.के जोशी ,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के प्रो विक्रम कुमार, भौतिकी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बाल कृष्ण अग्रवाल,लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो आर पी सिंह, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति प्रो रमेश चंद्रा सहित देश के प्रमुख संस्थानों से लगभग 50 वैज्ञानिक एवं ख्यातिलब्ध प्रोफ़ेसर इस कार्यशाला में प्रतिभाग करेंगे। कार्यशाला के सफल सञ्चालन के लिए गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार को संयोजक , भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार को सह संयोजक , विभागाध्यक्ष रसायन विभाग डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव को आयोजन सचिव और इंजीनियरिंग संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. बी बी तिवारी को कार्यशाला का अध्यक्ष बनाया गया हैं।
Monday, 4 September 2017
शोध गंगा अपलोड में पीयू प्रदेश में पहले पायदान पर
यूजीसी के प्रोजेक्ट शोधगंगा की वेबसाइट पर पीएचडी थीसिस अपलोड के मामले में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश में नंबर एक पर आ गया है। जानकारी देते हुए शोध गंगा प्रोजेक्ट के विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. विद्युत मल ने बताया कि शनिवार तक कुल 2368 शोध प्रबंध वेबसाइट पर अपलोड कर विश्वविद्यालय प्रदेश में शीर्ष पर है। प्रदेश में दूसरे स्थान पर चौधरी चरण सिंह विश्ववद्यालय मेरठ और तीसरे स्थान पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी है। उन्होंने बताया कि अभी 5692 पीएचडी थीसिस शोधगंगा वेबसाइट पर अपलोड होना बाकी है। जिसे एक माह के अंदर पूरा कर लिया जायेगा। शीघ्र ही पीएचडी थीसिस अपलोड के मामले में पूर्वांचल विश्वविद्यालय देश में कोलकाता विश्वविद्यालय के बाद दूसरे स्थान पर होगा । विदित हो कि शोधगंगा प्रोजेक्ट में अब तक देश के 295 विश्वविद्यालयों द्वारा 158158 पीएचडी थीसिस को वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। शोधगंगा वेबसाइट इंटरनेट पर सर्व सुलभ है जो कि शोधार्थियों , शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ विषय के प्रति रुझान रखने वाले सभी जिज्ञासुओं के ज्ञानवर्धन के लिए बहुत उपयोगी है।
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