Friday, 14 September 2018

बीए एलएल.- बी. (आनर्स) पंचवर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ


              पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ  नया पाठ्यक्रम 
     30 सितम्बर तक  आवेदन की अंतिम तिथि  

 पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर  परिसर में बीए एलएल.-बी. (आनर्स) पंचवर्षीय एकीकृत  पाठ्यक्रम  (इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम) सत्र 2018-19 में सीधे प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी है।  इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर 30 सितम्बर तक प्रवेश ले सकते है। प्रवेश के लिए  प्रवेश   सेल में अपने  समस्त शैक्षिक मूल प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छायाप्रति, दो रंगीन पासपोर्ट  साईज के  फोटोग्राफ एवं  सामान्य व पिछड़े वर्ग के लिए दो सौ रूपये एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए  एक सौ पचास रूपए विश्वविद्यालय कोष  में  जमा करना होगा। यह धनराशि  वित्त अधिकारी के नाम बने डिमांड ड्राफ्ट के साथ  भी फार्म जमा कर सकते है। प्रवेश के लिए फॉर्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।  किसी भी कार्य दिवस में दिनांक 30 सितम्बर तक सुबह दस  बजे  से सायं पांच  बजे के  बीच प्रवेश सेल में  प्रवेश फार्म भरकर प्रवेश ले सकते  है।
पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विद्यार्थी को   इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण होना चाहिए। वहीं  अनारक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत   अन्य पिछड़ा वर्ग हेत 42  प्रतिशत   एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग  हेत  40 प्रतिशत अंक  निर्धारित है। 
स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी भी इस पाठ्यक्रम में  प्रवेश ले  सकते है। पहले आने वाले  विद्यार्थियों को पहले प्रवेश दिया जायेगा। पाठ्यक्रम का प्रति सेमेस्टर शिक्षण शुल्क बीस हजार रूपये निर्धारित किया गया है। प्रवेश सम्बंधित समस्त  जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।  

Thursday, 13 September 2018

स्व उमानाथ सिंह को किया नमन

स्वर्गीय उमानाथ सिंह की पुण्यतिथि पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर के  उमानाथ सिंह अभियांत्रिकी संस्थान में स्थित  उनकी प्रतिमा  पर पुष्प अर्पित कर कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव एवं सांसद के पी सिंह ने उन्हें नमन किया.
इस अवसर पर प्रोफेसर बीबी  तिवारी, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ मनोज मिश्र, डॉ संदीप सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Tuesday, 11 September 2018

स्वामी विवेकानंद के चरित्र को आत्मसात करें विद्यार्थी - कुलपति


विश्व धर्म सम्मेलन शिकागो में दिए संबोधन की 125वीं वर्षगांठ  पर हुआ कार्यक्रम  

विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद का विश्व धर्म सम्मेलन शिकागो में दिए संबोधन की 125वीं वर्षगांठ पर जनसंचार विभाग में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसके पूर्व सरस्वती सदन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद पर केंद्रित पुस्तक व्यक्तित्व का विकास वितरित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज से 125 वर्ष पूर्व विश्वबंधुत्व की छवि को पूरे विश्व के सामने प्रस्तुत किया था। विद्यार्थियों को स्वामी जी के चरित्र को आत्मसात करना चाहिए। 
संकाय अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद हर युवा के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. शिकागो संबोधन से स्वामी जी ने पूरे दुनिया के लोगों को अपना मुरीद बना लिया। आज के दौर में स्वामी जी द्वारा कही गई बातें उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उस समय थीं.

जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ सुनील कुमार ने स्वामी विवेकानंद के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने विद्यार्थियों को स्वामी जी के शिकागो में दिए संबोधन की पढ़ कर सुनाया। विचार गोष्ठी में आदित्य, सौम्या, महेंद्र, बलराम एवं सुरेश ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने माल्यार्पण किया।कार्यक्रम में वित्त अधिकारी एम के सिंह, प्रो मानस पांडेय, डॉ के एस तोमर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, डॉ मनोज पांडेय आदि मौजूद रहे।

Monday, 10 September 2018

वाद- विवाद प्रतियोगिता में पूजा प्रथम, अमन द्वितीय


विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल  में सोमवार को 'सोशल मीडिया देश के युवाओं  के लिए वरदान से ज्यादा अभिशाप साबित हो रहा है' विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस प्रतियोगिता में हेमवंती नंदन बहुगुणा स्मृति  समिति एवं लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा 18 सितंबर को होने वाले अंतरविश्वविद्यालयीय वाद विवाद के लिए 02 विद्यार्थियों का चयन किया गया। वाद विवाद प्रतियोगिता में टीडी  कॉलेज  की छात्रा पूजा शुक्ला ने प्रथम एवं बीटेक कंप्यूटर साइंस के छात्र अमन कुमार गुप्ता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया का  युवाओं के व्यवहार, विचार, मनोरंजन, सामाजिक- पारिवारिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रभावों के विविध आयामों पर अपनी बात रखी। विद्यार्थियों द्वारा जहाँ सोशल मीडिया से  दूर के लोगों से आत्मीयता और पास के लोगों से बढ़ती दूरी पर सवाल उठाएं वहीं कुछ ने सोशल मीडिया को युवाओं के लाभकारी तो कुछ ने विनाशकारी बताया।   
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने  सोशल मीडिया और युवा विषय के विभिन्न आयामों पर अपनी बात रखी। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में टीडी पीजी कॉलेज के डॉ अजय दुबे, डॉ सौरभ पाल एवं  डॉ सुनील कुमार शामिल रहे। विषय प्रवर्तन जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। संचालन समन्वयक डॉ मनोज पांडे ने किया। इस अवसर पर डॉ जान्हवी श्रीवास्तव,अन्नू  त्यागी, डॉ मुनिंदर सिंह समेत विभिन्न विभागों के विद्यार्थी गण मौजूद रहें।