Sunday, 15 September 2019

जुलियस सीजर की तकनीकी का नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है प्रयोग



मोबाइल सुरक्षा  लिए जागरूक हो उपभोक्ता 
विश्वविद्यालय के  कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी  विभाग के सभागार कक्ष में क्रिप्टोग्राफ़ी एवं नेटवर्क सुरक्षा विषयक  साप्ताहिक कार्यशाला के दुसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर  सुन्दर लाल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है एक सिरे से दूसरे सिरे तक सूचना सुरक्षित पहुचें यह महत्वपूर्ण है. उन्होंने  क्रिप्टोग्राफ़ी की विस्तृत ऐतिहासिक जानकारी दी. कहा कि  यूनानी शासक जुलियस सीजर द्वारा निर्मित सीजर साइफर का प्रयोग आज भी नेटवर्क सुरक्षा में हो रहा है | उन्होंने कहा कि मौजूदा नेटवर्क सुरक्षा मैकेनिज्म बहुत मजबूत नहीं  है | भविष्य में आरएसए अल्गोरिथम द्वारा इसे और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जा सकता है | इस दिशा में खोज छात्रों एवं कंप्यूटर साइंस वैज्ञानिकों  के लिए यह क्षेत्र बहुत ही सुनहरा अवसर प्रदान करता है |

अगले सत्र में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रोफेसर कारण सिंह द्वारा मोबाइल सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने कहा  कि आज मोबाइल का प्रयोग सिर्फ बात करने के लिए नहीं वरन तमाम तरह की जानकारियों को एकत्रित और साझा करने  किया जा रहा है, सुरक्षा उपायों की जानकारी न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है इसकी सुरक्षा के लिए जागरूक होने की जरुरत है  |कार्यक्रम में कुल ९० प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया | इस मौके पर डा संजीव गंगवार डॉ सौरभ पाल, डॉ कमलेश पाल, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,  ज्ञानेंद्र कुमार पाल, दिलीप, प्रशांत, अशोक,संतोष, सुनील, कृष्ण कुमार, पुर्नेंद्र श्रीवास्तव , रितेश,दीप्ति सहित विभाग के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

Saturday, 14 September 2019

हिंदी दिवस

विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल में जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. गोष्ठी में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के विविध आयामों पर अपने विचार व्यक्त किये. विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि अंतरजाल ने हिंदी को वैश्विक बना दिया है. विश्व में निरंतर हिंदी लिखने, बोलने और पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि सुखद है. विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह ने हिंदी की  दशा और दिशा पर प्रकाश डाला. विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का सञ्चालन आदित्य भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर विभगा के विद्यार्थी उपस्थित रहे. 

Friday, 13 September 2019

उमानाथ सिंह को कुलपति ने किया नमन




विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय में उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान परिसर में  स्थापित   शहीद उमानाथ सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी  पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने कहा कि   उमानाथ सिंह सामाजिक चेतना के प्रकाशवान पुंज  थे। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रवाद से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि वे अपनी  कार्य कुशलता और समाजसेवा से जौनपुर का नाम रोशन किया।  इस अवसर पर प्रो ए के श्रीवास्तव,  डॉ के एस तोमर, श्याम त्रिपाठी, सी पी सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 

Saturday, 7 September 2019

ज्ञान का उपयोग जनकल्याण के लिए करें- प्रो शर्मा


विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चल रहे अभिप्रेरण कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रीतम बाबू शर्मा ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप  नए व्यवसायिक जीवन में प्रवेश कर रहे हैं  इस पढाई के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग जनकल्याण के लिए करें।
प्रोफेसर शर्मा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ,भोपाल,  दिल्ली तकनीकी  विश्वविद्यालय ,नई दिल्ली के कुलपति रहे है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप  विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी है. जहां आधुनिकता और  परंपरा का एक  साथ मिश्रण है. उन्होंने कहा कि वे शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए तथा खोज के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने  कहा कि हमें पर्यावरण, मौसम परिवर्तन और पानी को भी ध्यान में रखना होगा जो हमारे भविष्य की शांति एवं खुशियों में सहयोग करेगा। आज नदियों की दशा बहुत दयनीय है कभी अमृत वर्ष करने वाली यह नदियां दूषित है इनके उद्धार के लिए आगे आना होगा। समन्वयक  प्रोफेसर बी बी तिवारी ने  प्रोफेसर प्रीतम बाबू शर्मा का स्वागत किया एवं अभिप्रेरणा कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की.मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष  डॉ संदीप कुमार सिंह ने अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया । डॉ रवि प्रकाश टी क्यू आई पी 3 कार्यक्रम अधिकारी ने धन्यवाद दिया। अभिप्रेरण कार्यक्रम के अन्तर्गत हुई प्रतियोगिता  में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. इसमें बालीवाल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम में सिंगिंग, डांसिंग ,ग्रुप डांस सोलो डांस, ड्रामा, क्विज डिबेट, रंगोली, पेंटिंग,प्रोफिशिएंसी टेस्ट, मथमैथिक टेस्ट आदि प्रतियोगिताएं हुई थी. समापन सत्र में प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ राजकुमार सोनी, संयोजक  ज्योति सिंह,  रितेश बरनवाल, विशाल  यादव ,पूनम सोनकर ,सुधीर सिंह, नवेंदु ,दीप प्रकाश सिंह, शशांक हिमांशु नवीन, कृष्ण कुमार,प्रवीण आदि उपस्थित रहे।