Thursday, 3 October 2019

बाल कलाकार आराध्य प्रवीण के तबले पर दर्शक झूमे


कथक नृत्यांगना मनीषा मिश्रा की जोरदार प्रस्तुति

विश्वविद्यालय  के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में स्थापना सप्ताह के तहत सांस्कृतिक संध्या में दूसरे दिन बुधवार को लखनऊ घराने की कथक कलाकार मनीषा मिश्रा और बाल कलाकार  आराध्य प्रवीण ने तबला वादन कर धमाल मचा दिया। पूरा हाल तालियों से लगातार गूंजता रहा।
संगीत संध्या की शुरुआत हंस ध्वनि राग से हुई इसमें तबला और वायलिन की जुगलबंदी पेश की गई।  तबले पर शंकर दा,बांसुरी पर सुनील   और वायलिन पर सुरेश ने युगलबंदी कर  समा बांध दिया।  इसके बाद लखनऊ से आये  बाल कलाकार आराध्य प्रवीण‌ ने जब तबले पर प्रस्तुति दी  तो दर्शक वाह -वाह कर उठे । उन्होंने बेदम, अतिवेतन , चक्करदार, अनागत और तीन ताल पर जोरदार प्रस्तुति की। उनकी दमदार प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध होकर दर्शक बाल कलाकार को अपने स्थान पर  खड़े होकर सम्मान दिया। संगीत समारोह के अगले चरण में लखनऊ घराने की कथक नृत्यांगना मनीषा मिश्रा ने अपने प्रस्तुति दी।  शुरुआत ...या देवी सर्वभूतेषु की धुन पर की।इसमें महिषासुर मर्दिनी का अभिनय देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध  हो गए।  उन्होंने कहा कि नृत्य मेरे लिए एक महा समुद्र के समान  है। मुझे इसके एक-एक बूंद का स्वाद चखना है। इसके बाद उन्होंने ताल त्रिताल-16 मात्रा के अंतर्गत उपज, घाट, आमद, उठान, परन लयवाट की जोरदार प्रस्तुति की। समारोह का समापन उन्होंने लय ताल में घोड़े की चाल, हिरण और शेर की चाल से किया। इस दौरान कथानक के अनुसार उनकी भाव भंगिमा बन जाती थी। जिसे देख कर लोग अपनी ताली बजाना नहीं रोक पाए । समारोह में लखनऊ से आये संगीतकार   पंडित रविंद्र नाथ मिश्र, अराध्य प्रवीण का तबला वादन, हारमोनियम पर प्रवीण कश्यप और सारंगी पर पंडित विनोद मिश्र ने संगत की और गायन में मंजूषा मिश्रा ने साथ दिया। सभी कलाकारों को आचार्य शांतनु जी , कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव, कुलसचिव सुजीत जायसवाल , वित्त अधिकारी एमके सिंह , प्रो  अजय द्विवेदी ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया।


Wednesday, 2 October 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी करें नेतृत्व- कुलपति



पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस एवं गांधी जयंती पर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम

 विश्वविद्यालय की स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने गांधी वाटिका में स्थापित महात्मा गांधी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कौशल विकास एवं प्रशिक्षण आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने 33 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में तमाम उपलब्धियां अर्जित की है। उन्होंने  कहा कि  इस विश्वविद्यालय ने महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के हित   एवं समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी महानायक थे हमारी  यही कोशिश है कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अनुसरणकर्ता  के साथ  नेतृत्वकर्ता भी बनें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सोच थी कि समाज का अंतिम व्यक्ति मुख्यधारा से जुड़े।  हमने इस दिशा में पहल करते हुए  गांवों  को गोद लेकर उनके विकास का खाका खींचा है।
 प्रोफेसर बीबी तिवारी ने महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करने की बात कही। बी फार्मा की छात्रा मानसी सिंह एवं बीकॉम की छात्रा रितिका जयसवाल ने महात्मा गांधी के  व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के कर्मचारी राजनारायण सिंह , जगदंबा मिश्रा, रविंद्र तिवारी एवं धीरज श्रीवास्तव की टीम ने रामधुन  प्रस्तुत किया।  संचालन अशोक सिंह ने किया।
इस अवसर पर वित्त अधिकारी एमके सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो मानस पांडे, प्रो बीडी शर्मा, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अशोक  श्रीवास्तव, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ मनोज मिश्र, डॉ संदीप सिंह, डॉ राकेश यादव, डॉ राजकुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ संजय श्रीवास्तव, अमलदार यादव, स्वतंत्र कुमार, शीलनिधि सिंह, संतोष कुमार यादव, राजेंद्र गुप्ता समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।


गांधी जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय में हुई प्रतियोगिताएं

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर किया प्रतिभाग

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों  में महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
जनसंचार विभाग में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामाजिक सद्भाव एवं महात्मा गांधी विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें शाकम्बरी नंदन एवं आराध्या श्रीवास्तव  ने संयुक्त रूप से  प्रथम स्थान प्राप्त किया। विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में यांत्रिकी  विभागाध्यक्ष डॉ संदीप कुमार सिंह  ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर अपना विचार व्यक्त किया  इसके साथ ही भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका विषय था "समसामयिक भारत में गांधी जी के विचारों की महत्ता" रहा।  सभी विभागों के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रो बी बी तिवारी,  प्रो अशोक  श्रीवास्तव, प्रो बीडी शर्मा, दीप प्रकाश सिंह, हिमांशु तिवारी , अंकुश गौरव, शशांक दुबे, सुबोध कुमार, नवीन, रेहान,सन्तोष उपाध्याय, के के मिश्रा, सी पी सिंह आदि उपस्थित रहे।

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर फार्मेसी संस्थान में भी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में उग्रसेन यादव प्रथम, कुनाल पांडेय द्वितीय, आदित्य मिश्र तृतीय,  कविता पाठ में मो इब्राहिम प्रथम, नीरज द्वितीय, दीपक यादव तृतीय, रंगोली में मानसी सिंह प्रथम, आकांक्षा दुबे द्वितीय,संतोष मौर्य तृतीय, पोस्टर प्रतियोगिता में  अमित सिंह प्रथम, प्रशांत गुप्ता द्वितीय, कनक एवं शुभम तृतीय स्थान प्राप्त किये। इस प्रतोयोगिता में प्रो अजय द्विवेदी, डॉ सौरभ पाल, प्रो ए के श्रीवास्तव, राजीव कुमार, डॉ कमलेश पाल, डॉ विनय वर्मा, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह ने निर्णायक की भूमिका अदा की।

Tuesday, 1 October 2019

श्री राम कथा अमृत वर्षा का तीसरा दिन



आज मनुष्य  दूसरे के सुख से दुखी है- आचार्य शांतनु


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मंगलवार को श्री राम कथा अमृत वर्षा के तीसरे दिन आचार्य श्री शांतनु महाराज जी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म लेते ही सभी मनोरथ पूरे हो गए।अयोध्या में जैसे था वैसे ही दौड़ पड़ा । यहीं भगवान के दर्शन की आचार संहिता है। उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए काम, क्रोध,मोह,लोभ को छोड़ने के लिए आप सद्मार्ग पर चलिए ये व्यसन  खुद ही आपको छोड़कर चला जाएगा । कामकाज को रामकाज बनाइए यहीं सूत्र वाक्य है।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपने दुख से दुखी नहीं है बल्कि दूसरे के सुख से दुखी है। वह दूसरों की  खुशी देखकर अवसाद में चला जा रहा है जो कि बड़ा दुर्भाग्य है.  राम राज्य में लोग  दूसरों के दुख में दुखी होते थे और दूसरों के सुख में सुखी।
व्यासपीठ पूजन में कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव, वित्त  अधिकारी एमके सिंह,प्रो बी बी तिवारी,प्रो अजय प्रताप सिंह, समन्यवक राकेश यादव, डॉ अनुराग मिश्र, नन्हकू सिंह, डॉ सुधांशु शेखर यादव, डॉ अजीत प्रकाश यादव, डॉ मिथिलेश दुबे, डॉ आशीष जायसवाल, रविंद्र तिवारी ने पूजन किया। संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र  ने किया। इस अवसर पर प्रो अविनाश पाथीडेकर, डॉ प्रमोद यादव, डॉ संदीप सिंह,डॉ नृपेंद्र सिंह, डॉ सुधीर उपाध्याय, प्रमेन्द्र सिंह, जगदम्बा मिश्र, रविंद्र तिवारी समेत तमाम लोग मौजूद रहे. 

तीन दिवसीय सांस्कृतिक समारोह ०१ अक्टूबर से


पूर्वांचल विश्वविद्यालय  में जुटेंगे प्रतिष्ठित कलाकार
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी हाल में रामकथा के बाद एक से  तीन  अक्टूबर को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है। यह आयोजन सायं 7:30 से 9:30 तक चलेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत एक अक्टूबर को  कत्थक  कलाकार रवि सिंह प्रयागराज का नृत्य होगा। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव का उप शास्त्रीय गायन होगा। 2 अक्टूबर को लखनऊ की मनीषा मिश्रा का कथक नृत्य और नंद कुमार जोशी का बांसुरी वादन होगा। 03 अक्टूबर कोअयोध्या के सत्य प्रकाश मिश्र का शास्त्रीय गायन , नंद कुमार जोशी का बांसुरी वादन और साहित्य कुमार नाहर का सितार वादन होगा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम राम कथा के बाद संगोष्ठी भवन में आयोजित किये जायेंगें। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई है.