Wednesday, 8 April 2020

विश्वविद्यालय ने पौने दस लाख मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में किया जमा

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति, अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के 1 दिन का वेतन 9 लाख 75 हजार रुपये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में विश्वविद्यालय के वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जमा किया गया।

कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन स्वेच्छा से  इस कोष के लिए दिया था। मार्च माह के वेतन से वित्त विभाग ने इसकी कटौती कर बैंक के माध्यम से जमा किया  है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने लोगों से अपील की है कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश आपदा राहत कोष एवं प्रधानमंत्री केयर्स फंड में  अपने सामर्थ के अनुरूप अधिक से अधिक धनराशि जमा करें।

Tuesday, 7 April 2020

कोरोना से जंग हमारे संग परामर्श सेवा दूर करेगी मानसिक समस्याएं


कोरोना से जंग हमारे संग परामर्श सेवा 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग का काउंसलिंग सेंटर लॉक डाउन की स्थिति में लोगों की काउंसलिंग करेगा।  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने इसके लिए निर्देश दिए है।
व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने 7905398229 मोबाइल नंबर जारी किया है। इस नंबर पर कोई भी सुबह 11:00 से 12:00 बजे तक कॉल कर अपनी मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान निशुल्क कर प्राप्त सकता है। इस परामर्श सेवा का नाम कोरोना से जंग हमारे संग रखा गया है।विश्व स्तरीय संकट कोविड-19 से जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति भय से ग्रस्त है ऐसी स्थिति में मनोवैज्ञानिकों की भूमिका बढ़ जाती है।मनोविज्ञान मानव की मानसिक सामंजस्य एवं व्यवहार क के संतुलन पर जो देता है। यह सभी के लिए संकट का दौर है। डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने बताया कि लॉक डाउन  जैसी स्थिति हमारे सामने  पहली बार आई है। अपने घरों में रहकर लोग समाचार के माध्यम से कोरोना के संबंध में अत्यधिक जानकारी ले रहे हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से  तमाम तरह के सही और गलत सूचनाएं  लोगों तक पहुंच रही हैं।इससे तनाव, अकेलापन, कोरोना फोबिया, अवसाद  आदि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही है। इसको मनोविज्ञान की अनेकों तकनीकी एवं पद्धतियों से  नार्मल बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि  ने कहा कि कोरोना  वायरस के कारण पूरा देश लॉक डाउन है ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। देश के तमाम हिस्सों से करोना के भय के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में जर्मनी के फाइनेंस मिनिस्टर थॉमस शेफर ने कोरोना वायरस से हो रही मौत की भयानक स्थिति को देख कर आत्महत्या कर ली। आम जनमानस के जीवन में  ऐसी भयावह स्थिति ना आए  इसके लिए  विश्वविद्यालय  के मनोवैज्ञानिक सहायता करेंगें। इस काम को शिक्षक और शोधार्थियों की एक सक्रिय टीम द्वारा किया जाएगा।

Saturday, 4 April 2020

कोरोना वायरस का समाज के विविध पक्षों पर प्रभाव विषयक ऑनलाइन परिचर्चा का हुआ आयोजन

कोरोना वायरस का समाज के विविध पक्षों पर प्रभाव विषयक ऑनलाइन परिचर्चा का हुआ आयोजन


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावसायिक अर्थशास्त्र  विभाग द्वारा शनिवार को कोरोना वायरस का समाज के विविध पक्षों पर प्रभाव विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया।  ज़ूम अनुप्रयोग द्वारा  विद्यार्थियों ने ऑनलाइन अपने विचार व्यक्त किये।

परिचर्चा की शुरुआत व्यावसायिक अर्थशास्त्र  विभाग के प्रोफेसर डॉ मानस पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि देश में कोरोनावायरस को लेकर के जो परिस्थितियां बनी हुई है वह चिंतनीय है। सरकार लोक हित में निर्णय ले रही है। आज प्रभावित देशों में आर्थिक क्रियाएं बंद हो चुकी है निर्माण और सर्विसेस बंद है। निश्चित है कि आर्थिक क्रियाएं भी प्रभावित हो रही होंगी लोगों का धन उपार्जन बंद है। यह सब देखते हुए हम सभी जितना जल्दी इस वायरस से मुक्त होंगे आर्थिक क्रियाओं का संचालन उतनी ही जल्दी संचालित होंगी।

विभाग की छात्रा शताक्षी ने कहा कि भारत ने असरदार तरीक़े से अलग-अलग स्तर पर इस महामारी का जवाब दिया है. घरेलू स्तर पर संसाधनों की कमियों और जनसंख्या के दबाव के बावजूद मोदी सरकार की नीतियों की वजह से  दहशत नहीं फैली।
छात्रा प्रियंका सिंह रघुवंशी ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और मेडिकल स्टाफ हमारी सुरक्षा के लिए दिन-रात लगा हुआ है ऐसे में हमें उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए।

छात्र अली ताबिश ने कहा कि लॉक डाउन एकदम सही है इसका पालन करना चाहिए। छात्र मोहम्मद हसन नेे कहा लोग घरों में कैद रहे यही एकमात्र विकल्प है। परिचर्चा में शिखा जायसवाल, गोविंद साहू, शिफा, जकरिया फैजान, मोहित जायसवाल, सत्यम सिंह, उरुसा मुमताज़ ने भी अपनी बात रखीं।

Wednesday, 1 April 2020

राहत कोष में 1 माह का वेतन देंगे कुलपति



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में एक माह का वेतन देंगे। इसके साथ ही   विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने 1 दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किया है। विश्वविद्यालय के विशेष कार्याधिकारी डॉ के एस तोमर ने 1 दिन के वेतन के अतिरिक्त 25 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किए हैं। विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी एमके सिंह ने बताया कि अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का 1 दिन का वेतन काटकर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया जाएगा. 
विश्वविद्यालय परिसर शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बीबी तिवारी, महामंत्री डॉ राजकुमार, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामजी सिंह एवं महामंत्री डॉ स्वतंत्र सिंह ने इस संकट से बचने के लिए लॉक डाउन के नियमों का पालन करने की अपील की है।