जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रोवर्स रेंजर्स द्वारा आयोजित एक छात्र एक पेड़ योजना के अंतर्गत कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य ने पौधरोपण किया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति ने कहा कि रोवर्स रेंजर्स से जुड़ने वाले विद्यार्थियों में सेवा का भाव जीवन पर्यन्त बना रहता है. उन्होंने अपने पढाई के दौरान गाइड के रूप किये गए कार्य को साझा किया. उन्होंने कहा कि काम अच्छा होना चाहिए नाम नहीं. उन्होंने कोविड 19 से बचाव के लिए रोवर्स रेंजर्स के तरफ से उपलब्ध कराये गए मास्क, साबुन, ग्लब्स आदि को वितरण के लिए सौपा. विशिष्ट अतिथि वित्त अधिकारी एम के सिंह ने पेड़ कि उपयोगिता के बारे में बताया. संकायाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र, एनएसएस संयोजक राकेश यादव ने भी पौधरोपण कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया.
Monday, 7 September 2020
रोवर्स रेंजर्स से विद्यार्थियों में रहता है जीवन पर्यन्त सेवा भाव - कुलपति
Tuesday, 1 September 2020
विश्वविद्यालय में पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक सभा
देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में मंगलवार को शोक सभा आयोजित गई। कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह शलाका पुरुष थे। सभी वर्गों के लिए उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है। उनका राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन बेदाग़ रहा है।शोक सभा में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रख कर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक बी एन सिंह समेत अन्य उपस्थित रहें।
Friday, 28 August 2020
गरीबों की सहायता से बड़ा कोई धर्म नहीं-प्रो0 निर्मला एस0 मौर्य
कार्यक्रम का शुभारम्भ मा0 कुलपति महोदया द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रमों की माननीय कुलपति महोदया ने भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा कहा कि व्यक्तिगत रूप से कुलपति होने के नाते जो भी आर्थिक सहयोग गरीबों की सहायता के लिए चाहिए मै सदैव तत्पर रहूगीं। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों द्वारा मास्क बैंक के लिए 5700 मास्क प्रदान किये गये जो गोद लिए गये गांवो को पूर्ण रूप से मास्क से संतृप्त किया जायेगा । जासोपुर गांव में 51 गरीबों को आवश्यक खाद्य समाग्री के पैकेट भी वितरित किये गये।
स्वागत भाषण कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार यादव एवं मा0 कुलपति महोदया का परिचय डाॅ0 उदय भान यादव तथा कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी जौनपुर डाॅ0 अजय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन नोडल अधिकारी गाजीपुर डाॅ0 अमित यादव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम विशेष कार्याधिकारी मा0 कुलपति डाॅ0 के0एस0तोमर, कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 राजबहादुर यादव, डाॅ0 राम मोहन अस्थाना, डाॅ0 राजश्री सिंह, डाॅ0 शालिनी सिंह, डाॅ0अनामिका मिश्रा, डाॅ0 अवधेश मौर्य, डाॅ0 मनीष सोनकर डाॅ0 श्रीनिवास तिवारी, डाॅ0 संतोष पाण्डेय, डाॅ0 विनोद कुमार ंिसह, डाॅ0 राकेश कुमार बिन्द, प्राचार्य-डाॅ0 तबरेज आलम, श्री अनिल कुमार मौर्य, डाॅ0 मंगल यादव, डाॅ0 हरिश्चन्द्र मौर्य, मुन्ना राउत, रघुनन्दन यादव, स्वयंसेवक-सत्यम् सुन्दरम् मौर्य, सुमित सिंह स्वयंसेविका-शरियत फात्मा, अनिल कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
Tuesday, 25 August 2020
सभी सभ्यताओं ने गांधी के सत्य को स्वीकारा: प्रो. सुंदरलाल
विश्वविद्यालय के कुलपति वेबिनार की मुख्य संरक्षक प्रो.निर्मला एस. मौर्य ने स्वराज को स्वरोजगार से जोड़ते हुए कहा कि उद्यमशील बन कर ही हम स्वराज की कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने गांधी के स्वच्छता अभियान को परिभाषित करते हुए कहा कि गांधी जी ने स्वच्छता को ईश्वर भक्ति माना तब जाकर यह जनमानस से जुड़ा। उन्होंने गांधीजी के सत्य अहिंसा परमो धर्म को संक्षेप में परिभाषित किया।
विशिष्ट वक्ता के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के प्रो. वशिष्ठ अनूप ने कहा गांधीवाद कोई नई चीज नहीं है यह शाश्वत मूल्य है, इसे जब कोई व्यक्ति अपने आचरण में शामिल कर लेता है तो लोग उससे प्रभावित होने लगते हैं और वह व्यक्ति आदर्श बन जाता है। उन्होंने कहा कि मन, कर्म और वचन में एकता लाना ही असली गांधीवाद है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचारों में साहित्य जगत को भी प्रभावित किया। मुंशी प्रेमचंद सोहनलाल द्विवेदी समेत कई साहित्यकारों ने उन्हें अंगीकार किया।
विशिष्ट वक्ता तिलकधारी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा के गांधी का मानना था कि गुफा में जाकर आत्मज्ञान प्राप्त करने से अच्छा है कि संसार में रहकर गरीबों वंचितों की सेवा करके हम आत्मज्ञान को पा सकते हैं। हमें अपने जीवन में तुलनात्मक सत्य की खोज करनी चाहिए। उन्होंने अहिंसा को विस्तृत रूप से परिभाषित करते हुए कहां कि गांधी ने कहा था अहिंसा और कायरता में अगर हमें एक को अपना ना हो तो हमें हिंसा को अपनाना चाहिए। हालांकि यह अपवाद है। उन्होंने स्वदेशी की जमकर वकालत की। साथ ही कहा कि तकनीक हमारी आवश्यकता के अनुरूप होनी चाहिए।
अतिथियों का स्वागत एवं वेबिनार के वक्ताओं का परिचय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के विभागाध्यक्ष एवं वेबिनार संयोजक प्रो.बीबी तिवारी ने किया। संचालन डॉ नीतेश जायसवाल और धन्यवाद-ज्ञापन कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. राज कुमार ने किया।वेबिनार में प्रमुख रूप से प्रो. एके श्रीवास्तव, डॉ संदीप सिंह, प्रो सुरेन्द्र त्रिपाठी, प्रो बीडी शर्मा, प्रो.देवराज सिंह, प्रो वंदना राय, डॉ.मनोज मिश्र, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ राकेश यादव, प्रशांत यादव, कृष्ण कुमार यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ मुराद अली, डॉ.रसिकेश गुप्ता, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ अवध बिहारी सिंह, अनु त्यागी, डॉ गिरधर मिश्र आदि ने प्रतिभाग किया।



