Tuesday, 14 September 2021

अपनी भाषा से है अपनी पहचान – कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य

विश्वविद्यालय में  मनाया गया हिंदी दिवस

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में  विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय तथा भाषा, संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया.समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने कहा कि भारत की पहचान विदेशों में हिंदी से है. भारत के हर कोने में हिंदी बोली जा रही है. विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं  में हिंदी तीसरे स्थान पर थी लेकिन अब वह  दूसरे स्थान पर आ रही है. उन्होंने कहा कि आज  हिंदी की वैश्विक पहचान बन चुकी है. रूस, अमेरिका, फिजी, श्रीलंका, मारिशस, केन्या सहित अनेक देशों में हिंदी की पढ़ाई हो रही है.

उन्होंने कहा कि हमें सभी भाषाओँ का सम्मान करना चाहिए लेकिन अपनी भाषा से  अपनी अलग पहचान होती है. उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना, निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल- बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल के भाव को समझाया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में शीघ्र ही हिंदी विभाग स्थापित होगा जिसमें अगले शैक्षणिक सत्र से हिंदी विषय की पढ़ाई शुरू  होगी.  उन्होंने कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई  हिंदी भाषा में हो इसके लिए तकनीकी शब्दावली को और मजबूत करने की जरुरत है.
इसी क्रम में वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि हिंदी का प्रकाश सम्पूर्ण देश में फैलता रहे इसके लिए सबको प्रयास करते रहना चाहिए. कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी बुनियाद है. हिंदी हमें भावनात्मक रूप से जोड़ती है.कार्यक्रम में बीकॉम की छात्रा आकांक्षा एवं विशाल चौबे ने कविता प्रस्तुत किया. उपस्थित अतिथियों ने इस अवसर पर परिसर में पौधरोपण भी किया.

स्वागत मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. मानस पाण्डेय,धन्यवाद् ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. मनोज मिश्र ने एवं  संचालन डॉ. विद्युत् मल्ल ने किया. इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, आचार्य विक्रमदेव , प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. देवराज,डॉ. मुराद अली, डॉ. जगदेव, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. राज कुमार, डॉ. गिरिधर मिश्र, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, राजीव कुमार, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, बबिता, डॉ. के एस तोमर, डॉ. अमित वत्स, अवधेश कुमार समेत परिसर के शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित रहे. 

Friday, 10 September 2021

देश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों को मिला स्टार्टअप ग्रांट

कुलपति ने 8 शिक्षकों को किया सम्मानित

शिक्षक श्री की घोषणा पर प्रोफ़ेसर वंदना राय का हुआ सम्मान


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने विश्वविद्यालय परिसर की बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रोफेसर वंदना राय को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षक श्री एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार द्वारा सात शिक्षकों को स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने कहा कि प्रो वंदना राय को  शिक्षक श्री मिलने से विश्वविद्यालय का सम्मान बढ़ा है. यह सम्मान उनकी लगन और तपस्या की देन है. उन्होंने  युवा शिक्षकों को अनुदान मिलने पर बधाई दी और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध में अपनी अहम् भूमिका अदा करें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक निरंतर देश के विभिन्न संस्थानों में शोध हेतु प्रोजेक्ट प्रेषित करते रहे. विश्वविद्यालय हर स्तर पर उनका सहयोग करेगा.  
उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय परिसर की बायो टेक्नोलॉजी विभाग की प्रोफेसर वंदना राय को शिक्षक श्री पुरस्कार देने की घोषणा की है। जिसके क्रम में कुलपति द्वारा आज प्रोफ़ेसर वंदना राय को सम्मानित किया।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के 7 शिक्षक स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित हुए। देश में 145 शिक्षकों को इस वर्ष स्टार्ट अप ग्रांट मिली है. पूरे देश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों की संख्या अनुदान सूची में है। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को दस- दस लाख रुपये शोध अनुदान मिला है।
स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों में इंजीनियरिंग संस्थान के भौतिकी विभाग के डॉ मनीष प्रताप सिंह, प्रो राजेंद्र सिंह भौतिकी अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ नितेश जायसवाल, डॉ मिथिलेश यादव, भौतिकी विभाग के डॉ आलोक वर्मा, भू एवं ग्रहीय विज्ञान के डॉ श्रवण कुमार, नैनोसाइंस एवं तकनीकी केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सुजीत कुमार चौरसिया, रिन्यूएबल एनर्जी केंद्र के डॉ धीरेंद्र कुमार चौधरी रहे।
कार्यक्रम में वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक बी एन सिंह, प्रोफेसर मानस पांडे,  प्रो देवराज सिंह, प्रो रामनारायण, प्रो अजय प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया. 
संचालन डॉ राजकुमार ने किया। इस अवसर पर  प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अविनाश पाथर्डीकर,प्रो अशोक कुमार श्रीवास्तव, डॉ संतोष कुमार, डॉ मनोज मिश्र, डॉ रजनीश भास्कर,डॉ प्रदीप कुमार, डॉ मुराद अली,डॉ प्रमोद यादव, डॉ गिरिधर मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चन्दन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, दीपक सिंह, बबीता, डॉ के एस तोमर,डॉ अमित वत्स, लक्ष्मी मौर्य समेत शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Thursday, 9 September 2021

शैक्षिक संस्थानों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ायी जाए- राज्य मंत्री नीलिमा कटियार

विश्वविद्यालय से 5 जनपद जोड़े जाए- सीमा द्विवेदी
अवधी में सम्बोधित कर महापौर प्रमिला पांडे ने मन मोहा
स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ  द्वारा अभिनंदन समारोह का आयोजन

विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह भौतिकीय अध्ययन संस्थान के सभागार में स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ  द्वारा अभिनंदन समारोह का आयोजन गुरुवार को किया गया।

अभिनंदन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश की उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने कहा कि स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों ने आमजन को शिक्षा उपलब्ध कराने  में महत्वपूर्ण भूमिका अदा  की है. महाविद्यालय के प्रबंधक अपने संस्थान के लिए विजन और रोड मैप तैयार करें। उन्होंने महाविद्यालयों को नैक  मूल्यांकन कराने के लिए  प्रेरित किया और कहा कि  शैक्षिक संस्थानों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ायी जाएं । नई  शिक्षा नीति  की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नई  शिक्षा नीति चार  लाख लोगों के सुझाव और तमाम शिक्षाविदों के चिंतन का परिणाम है. यह शिक्षा  नीति  सच्चे अर्थों में देश की माटी से जुडी है. समग्र भारत की मेधा का उपयोग कैसे हो इस  नीति  में इस सभी बातों का समावेश किया गया है. उन्होंने कहा  कि कोरोना काल में शिक्षकों ने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों  में ज्ञान प्रवाह को जारी रखा. गुणवत्तापूर्ण ई - कंटेंट भी  विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है.

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्य से उसके व्यक्तिव का निर्माण होता है. व्यक्ति की समाज में पहचान उसके कार्यों से ही  होती है. महाविद्यालय का निर्माण प्रबंधक बड़े तपस्या के साथ करते है. शैक्षिक संस्थाएं गुणवत्तायुक्त  शिक्षा के प्रसार में अपनी महती भूमिका अदा  करें। उन्होंने कहा कि स्ववित्तपोषित शिक्षक को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें विश्वविद्यालय की समितियों में   स्थान दिया जा रहा है.

विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि आज प्रबंधक महासंघ ने तीज  के दिन महिला शक्ति का  सम्मान कर गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि  आज़मगढ़ विश्वविद्यालय बनने से पूर्वांचल विश्वविद्यालय से दो जिले कट जायेंगे और आने वाले समय में विश्वविद्यालय के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो जायेगा। उन्होंने शिक्षा राज्यमंत्री से मांग की  विश्वविद्यालय से कम से कम 5 जनपद जोड़े जाए.

विशिष्ट अतिथि कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे ने कहा कि अपनी जन्मभूमि जौनपुर आकर अपार ख़ुशी हुई है. पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने पूर्वी पट्टी में शिक्षा का तेजी से प्रसार किया है. कहा कि प्रबधकों की समस्या को दूर करने में वह सदैव उनका साथ देंगीं। उन्होंने अवधी भाषा में अपने सम्बोधन से लोगों का मन मोह लिया।
महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की समस्याओं से अवगत कराया।  मिशन शक्ति द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया गया. अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं  अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम को शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह, आइक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो. मानस पांडे, महासंघ के संरक्षक अशोक दुबे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी संजय राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ ज्ञान प्रकाश वर्मा, परीक्षा नियंत्रक बी एन सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो बंदना राय, डॉ मनोज मिश्र, एनएसएस समन्वयक डॉ राकेश कुमार यादव, महासंघ के महामंत्री सूर्यभान  यादव,  डॉ राजकुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ श्याम कन्हैया सिंह,  सहायक कुलसचिव दीपक सिंह अमृतलाल, बबीता, डॉ के एस तोमर, डॉ अमित वत्स, डॉ  विजय तिवारी, संघ के संजीव सिंह, कमलेश यादव, रामनरेश यादव, संदीप तिवारी, दशरथ सिंह, केडी राम, उमेश तिवारी, संजय सिंह, डॉ पवन मिश्र, डॉ ज्ञान प्रकाश पाठक समेत तमाम लोग उपस्थित रहे। संचालन प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने किया। 

Sunday, 5 September 2021

शिक्षक विद्यार्थियों को जीना सिखाता है- प्रो. कीर्ति सिंह

पीयू में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान समारोह


प्रो. कीर्ति सिंह एवं कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने अंगवस्त्रम और सम्मान पत्र देकर शिक्षकों को किया सम्मानित 

जौनपुर।  वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शिक्षक दिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग,उत्तर प्रदेश  के निर्देश पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में पहली बार इतने वृहद् स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. शिक्षक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर कीर्ति सिंह ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा है कि सेंट्रल पब्लिक  स्कूल, बीएचयू में पढ़ाई के दौरान सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को देखने और खेल प्रतियोगिता में उनके हाथों पुरस्कार पाने का अवसर मिला। तत्कालीन कुलपति के पद पर आसीन राधाकृष्णन जी को देखकर उनके  मन में यह सवाल आया था कि वह कभी उनकी तरह बन पायेंगें  कि नहीं? कहा कि राधाकृष्णन जी मेरे आदर्श रहे है।  शिक्षक होना गौरव की बात है। माता- पिता जन्म देते है और शिक्षक जीना सिखाता है।
 
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि शिक्षक कुम्हार  होता है जो विद्यार्थी को एक आकार  देता है। शिक्षकों को सदैव अपने विद्यार्थियों में सृजन क्षमता को विकसित करते रहना चाहिए। उन्होंने कबीर  की साखी  के माध्यम से गुरु की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के संयोजक प्रो मानस पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर डॉ समर बहादुर सिंह, डॉ काशी नाथ सिंह ने भी संबोधित किया।

विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी संजय राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार,  परीक्षा नियंत्रक बी एन सिंह, उप जिलाधिकारी अमिताभ  यादव,शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने मंच पर शिक्षकों के सम्मान में सहयोग किया।

कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ राजीव प्रकाश सिंह,डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो वंदना राय, प्रो राम नारायण,प्रो अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो देवराज, डॉ प्रमोद यादव,डॉ रमेश मणि त्रिपाठी, महामंत्री राहुल सिंह, एन एस एस समन्वयक डॉ राकेश कुमार यादव, रोवर्स रेंजर के समन्वयक डॉ जगदेव, खेल कूद परिषद के सचिव डॉ आलोक सिंह,डॉ राजकुमार,डॉ संदीप सिंह, डॉ मनोज वत्स, डॉ सुरजीत यादव,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ विजय प्रताप तिवारी, डॉ श्याम कन्हैया सिंह, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, समेत समस्त उपस्थित  शिक्षकों को सम्मानित किया गया।