Wednesday, 22 September 2021

स्वच्छ वातावरण के लिए पेड़ जरूरी : कुलपति

 हर व्यक्ति अपने जीवन काल में 10 पौधे लगाएं : डा. जगदेव


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को एकलव्य की मूर्ति से सी वी रमन छात्रावास तक सड़क किनारे बरगद, पीपल, नीम, मौलश्री, बोटल पाम, फॉक्सटेल पाल्म एवं बोटल ब्रशके लगभग 130 पौधे लगाए गए। लगभग 20 पेड़ों के चारों ओर सुरक्षा जालिया लगाकर उन्हें सुरक्षित किया गयाlपौधरोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने किया। यह कार्यक्रम रोवर्स रेंजर्स के समन्वयक डॉ जगदेव के द्वारा आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर मौर्य ने कहा कि हमारे जीवन में पेड़-पौधों का बहुत बड़ा महत्व है। पेड़ हमें ऑक्सीजन के साथ स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं और वातावरण को भी स्वच्छ रखते हैं। इसकी जरूरत हमें कोविड-19 के दौरान देखने को मिली। हम सभी को पौधरोपण कर उनकी देखभाल करनी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ जगदेव  ने कहा कि मानव प्रकृति का अभिन्न अंग है और प्रकृति से जुड़ने के लिए हर व्यक्ति को अपने जीवन काल में कम से कम 10 पौधे लगाकर उसे संरक्षित और सुरक्षित करना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित चीफ वार्डन डॉ राजकुमार ने कहा कि हम अपने जन्मदिवस पर एक पेड़ जरूर लगाएंl कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार ने कहा कि वृक्ष केवल शुरुआत में देखभाल मांगते हैं उसके बाद हमेशा हमारी सेवा करते हैंl 
इस अवसर पर  डॉ मनीष कुमार गुप्ता , सीवी रमन के वार्डन श्री सुरेंद्र कुमार सिंह, विश्वकर्मा छात्रावास के वार्डन डॉक्टर नितेश जायसवाल, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, दीपक कुमार सिंह, श्रीमती बबीता,  श्री लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ इंद्रेश गंगवार,  श्री लाल बहादुर, छात्रावास के छात्र भी उपस्थित रहे एवं  वृक्षारोपण में छात्रावास के कर्मियों द्वारा सहयोग दिया गया।

Thursday, 16 September 2021

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विश्व ओजोन दिवस पर वेबीनार का आयोजन

विश्व ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित रज्जू भइया संस्थान के भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग द्वारा 'जीवन के लिए ओजोन' विषय पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। 

इस वेबीनार में अध्यक्षीय उद्बोधन पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य द्वारा किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि ओजोन परत किस तरह से हमारी सुरक्षा करती है

एवं इसके ना होने से क्या नुकसान हो सकते हैं। वेबिनार के मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के आचार्य प्रो.अभय कुमार सिंह थे जिन्होंने वेबीनार के विषय 'जीवन के लिए ओजोन' पर विस्तृत चर्चा की एवं बताया कि किस तरह से पृथ्वी के  वायुमंडल की संरचना एवं ओजोन लेयर का निर्माण होता है और कैसे ओजोन लेयर को वायु प्रदूषक नुकसान कर रहे हैं एवं किस तरह से कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान ओजोन लेयर में सुधार हुआ।
वेबीनार का संचालन संयोजक डॉ. श्रवण कुमार द्वारा किया गया। डॉ श्रवण कुमार ने बताया कि हम विश्व ओजोन दिवस इसलिए मनाते हैं क्योंकि आज ही के दिन 16 सितंबर 1987 को संयुक्त राष्ट्र संघ के देशों द्वारा ओजोन परत को नष्ट करने वाले प्रदूषकों की रोकथाम हेतु मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे। विश्व ओजोन दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य जनमानस को इस जीवनदायिनी ओजोन परत के प्रति जागरूक करना एवं इसके संरक्षण के लिए प्रयास करना है। 
अतिथियों का स्वागत रज्जू भइया संस्थान के निदेशक प्रोफेसर देवराज सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री शशिकांत यादव द्वारा किया गया। इस वेबीनार में देश के लगभग 10 राज्यों से भारी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर वेबिनार में डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. राजकुमार, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ मिथिलेश यादव, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. अजीत सिंह, डॉ आशीष वर्मा, श्री दीपक कुमार मौर्य, श्री दिनेश वर्मा, डॉ.धीरेन्द्र चौधरी, श्री संदीप वर्मा, डॉ. सुजीत चौरसिया सहित पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षक तथा छात्र उपस्थित रहे।

Wednesday, 15 September 2021

हेल्थ क्लब रखेगा छात्राओं के स्वास्थ्य का ख्याल- कुलपति


बालिका हेल्थ क्लब का कुलपति ने किया उद्घाटन

विश्वविद्यालय से सम्बद्ध राजकीय महाविद्यालयों में स्थापित हुआ बालिका हेल्थ क्लब

द्रौपदी छात्रावास में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की  कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने मिशन शक्ति फेज 3 के अंतर्गत विश्वविद्यालय  एवं ऑनलाइन संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में स्थापित हुए बालिका हेल्थ क्लब का उद्घाटन किया।
बालिका हेल्थ क्लब में  नियमित योग, नियमित क्रीड़ा, व्यायाम एवं समय- समय पर बालिकाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाएगा।बुधवार को विश्वविद्यालय की कुलपति ने परिसर की बालिकाओं के लिए मुक्तांगन में स्थापित बालिका हेल्थ क्लब का उद्घाटन किया।
मिशन शक्ति एवं महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित  कार्यक्रम में कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस मौर्य ने कहा कि  बालिका हेल्थ क्लब छात्राओं के स्वास्थ्य का हमेशा ख्याल रखेगा. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मिले फर्स्ट ऐड किट की दवाइयों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इस किट में जो दवाएं है उसकी पूरी जानकारी महाविद्यालयों को दी जाएँ. 
मिशन शक्ति की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि बालिकाओं स्वस्थ रहे इसके लिए आज  द्रौपदी छात्रावास में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें छात्रावास में रह रही छात्राओं का चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह एवं डॉ. शबीना खातून ने स्वास्थ्य परीक्षण किया है. 
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक एवं मिशन शक्ति के सदस्य डॉ राकेश कुमार  यादव ने ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य जागरूकता बहुत ही महत्वपूर्ण है. महाविद्यालयों ने आज बालिका हेल्थ  की स्थापना कर बहुत ही नेक काम किया है. 
मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ गिरिधर मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ विनय वर्मा, अनु त्यागी, करुना निराला, पंकज सिंह   समेत आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर जनपद के राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक एवं विद्यार्थी ऑनलाइन

विश्वेश्वरैया की उपलब्धियां विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी: प्रो.तिवारी

विश्वेश्वरैया ने मैसूर विश्वविद्यालय और पावर स्टेशन बनाने के लिए किये योगदान- प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बुधवार को इंजीनियर्स डे के अवसर पर उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बीबी तिवारी ने विश्व प्रसिद्ध इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर संस्थान के संकायाध्यक्ष बीबी तिवारी ने भावी इंजीनियर्स को संबोधित करते हुए विश्वेश्वरैया जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित विश्वेश्वरैया जी ने चीफ़ इंजीनियर और दीवान के पद पर कार्य करते हुए विश्वेश्वरैया ने मैसूर राज्य को मैसूर बैंक, मलनाद सुधार योजना, इंजीनियरिंग कॉलेज, बंगलौर जैसी संस्थाओं व योजनाओं का उपहार दिया | इंजीनियरिंग के पूर्व संकाय अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को बताया कि विश्वेश्वरैया ने मैसूर विश्वविद्यालय और पावर स्टेशन बनाने के लिए उत्कृष्ट किये योगदान दिए। उन्होंने कहा कि हमें विश्वेश्वरैया के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए और समाज को इनके उत्कृष्ट खोज से सृजन की ओर प्रेरित करना चाहिए। डॉ संतोष कुमार ने छात्रों को बताया कि विश्वेश्वरैया जी का जीवन हम सभी के लिए वास्तव में प्रेरणादाई है ।
 इस कार्यक्रम में प्रो.देवराज सिंह, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ शैलेश कुमार प्रजापति, श्री दीपक कुमार सिंह, श्री सत्यम कुमार उपाध्याय, श्री सी पी सिंह जी, श्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे।