Thursday, 24 February 2022

देश का सामर्थ्य और विकास मातृभाषा में संभव : प्रो. बीबी तिवारी


जनमानस तक पहुंचने के लिए मातृभाषा जरूरी : गुंजन सिंह
भारतीय सिनेमा की डबिंग का चीन में अच्छा व्यवसाय : अजय कृष्ण
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर  सात दिवसीय कार्यशाला का चौथा दिन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर एवं गुरु नानक कॉलेज स्वायत्तशासी चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को  सात दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन  किया गया। कार्यशाला के चौथे दिन पंचम तकनीकी सत्र में अभियांत्रिक के क्षेत्र में शिक्षण, शोध एवं रोजगार सृजन में मातृभाषा की उपादेयता विषय पर व्याख्यान हुआ।
इस अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी संस्थान के ‌संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने कहा कि मातृभाषा की शक्ति में ही देश का सामर्थ्य और विकास छिपा रहता है। इससे व्यक्ति की सांस्कृतिक पहचान बनती है। यह हमारी आशा,भाव और व्यक्तित्व को अच्छे ढंग से संप्रेषित करती हैं। आइंस्टीन जर्मन भाषा (मातृभाषा) में ही शोध पत्र लिखते रहे। इसके बाद जब वह‌ अमेरिका में गये तो वहां भी जर्मन भाषा में शोध पत्र लिखा।
काग्निजेंट टेक्नोलॉजी सोल्यूशन चेन्नई तमिलनाडु के आमंत्रित वक्ता गुंजन कुमार सिंह ने कहा कि बाजार में पकड़ बनाने के लिए जनमानस तक पहुंचना
होगा, इसके लिए मातृभाषा जरूरी है, इसलिए मुक्त बाजार में भूमंडलीकरण हिंदी को गले लगाता है। फिल्म जगत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पुष्पा फिल्म इतनी दमदार थी कि उसे हर भाषा में बनाया गया।
चीन के शिवान अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर अजय कृष्ण ने कहा कि किसी भी सामान को बेचने में और किसी दूसरी संस्कृति में व्यवसाय करने के लिए भी भाषा की जरूरत है। भारतीय सिनेमा चीनी बाजार में हिट‌ है। भारतीय सिनेमा की डबिंग भी चीन में अच्छा रोजगार कर रही है।
कार्यशाला डॉ. मनोज कुमार पांडेय और डॉ. डाली के संयोजकत्व में आयोजित  है। संचालन डॉ डॉली मौर्य और धन्यवाद ज्ञापन मनोज पांडेय ने किया।
इस अवसर पर  प्रो. वंदना राय, प्रो.देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ धीरेन्द्र चौधरी, मंगल प्रसाद यादव,  श्रीमती गुड़िया चौधरी, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा से रेखा वर्मा, डॉ. विजय पाटिल संदीप कुमार, सुशील कुमार आदि  ने  प्रतिभाग किया।

Wednesday, 23 February 2022

व्यक्ति को दिल से जोड़ता है मातृभाषा का भाव : पूर्व न्यायाधीश मंगल प्रसाद

नार्वे में खबर के साथ स्रोत देना भी जरूरी : सुरेश चंद्र शुक्ल

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर  सात दिवसीय कार्यशाला का तीसरा दिन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर एवं गुरु नानक कॉलेज स्वायत्तशासी चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को  सात दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन  किया गया। कार्यशाला के तीसरे दिन तृतीय तकनीकी सत्र में कानून के क्षेत्र में शिक्षण, शोध एवं रोजगार सृजन में मातृभाषा की उपादेयता विषय पर भूतपूर्व न्यायाधीश उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा मंगल प्रसाद ने कहा कि हिन्दी भाषा के कई शब्द बहुत क्लिष्ट है जैसे रेलवे को लौहपथगामिनी कहना कठिन है ऐसे में हम रेलवे को ही स्वीकार कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि मातृभाषा का भाव व्यक्ति को दिल से जोड़ता है। उन्होंने समाचार पत्र, पत्रिका और किताब के प्रकाशन के संबंध में विधिक जानकारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विधि के क्षेत्र में शिक्षण, शोध और रोजगार के क्षेत्र में मातृभाषा की उपादेयता और उपयोगिता के महत्व को समझाया।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों में मातृभाषा के प्रयोग को मान्यता मिलनी चाहिए क्यूंकि जो क्रिया अंग्रेजी में हो सकती है वो मातृभाषा में भी हो सकती है | 

पत्रकारिता में मातृभाषा की उपादेयता विषय पर  स्पाइल दर्पण एवं ओस्लो यूरोप नार्वे के संपादक सुरेश चंद्र शुक्ल ने कहा स्थानीय भाषा में पत्र की पठनीयता ज्यादा होती है। उन्होंने  नार्वे का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां बिना स्रोत के ना तो खबर ना ही फोटो प्रकाशित होती है। दोनों पर स्रोत देना जरूरी है। उन्होंने मातृभाषा में प्रकाशित समाचार पत्रों के बारे में विस्तार से बताया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस.मौर्य जुड़ी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में हर्षवर्धन त्रिपाठी जी कार्यशाला में थे।
कार्यशाला डॉ. मनोज कुमार पांडेय और डॉ. डाली के संयोजकत्व में आयोजित  है। संचालन डॉ मनोज पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन गुरु नानक महाविद्यालय की डॉ. अनिता पाटील ने किया।
इस अवसर पर  प्रो. बीबी तिवारी प्रो. वंदना राय, प्रो.देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ धीरेन्द्र चौधरी, मंगल प्रसाद यादव,  श्रीमती गुड़िया चौधरी, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा से रेखा वर्मा, डॉ. विजय पाटिल आदि  ने  प्रतिभाग किया।

Tuesday, 22 February 2022

भू विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ श्याम कन्हैया को पुस्तक प्रकाशन पर बधाई

एनएसएस समन्वयक डॉ राकेश को मिला प्रशस्ति पत्र


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ राकेश कुमार यादव को मतदाता जागरूकता अभियान में विशेष योगदान देने पर जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस मौर्य ने  इस उपलब्धि पर डॉ राकेश  को बधाई दी है।
 सरस्वती सदन में  में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त उत्तर प्रदेश श्री एल. वेंकटेश्वर लू-IAS, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, तथा सीडीओ श्री अनुपम शुक्ला ने विश्वविद्यालय द्वारा चलाई जा रही मतदाता जागरूकता एक्सप्रेस की सराहना की। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ राकेश कुमार यादव, डॉ मनोज वत्स, स्वीप समन्वयक मोहम्मद मुस्तफा आदि मौजूद रहे।