Thursday, 24 March 2022

विश्वविद्यालय हर हाल में सत्र नियमित करें : सुभाष शर्मा

 कुलपति सभागार में गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों के साथ शिष्टाचार भेंट की।

विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव श्री सुभाष शर्मा ने कहा कि सत्र नियमित करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। इसे हर हाल में पूरा करना होगा। समय से परीक्षा कराना और उसका रिजल्ट निकालना जरूरी है ताकि विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश लेने में कोई दिक्कत ना हो। शिक्षा रोजगारपरक होनी चाहिए। शोध कार्य के क्षेत्र में शासन गंभीर है।  इसके लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है इसका लाभ विश्वविद्यालय भी उठाएं। विश्वविद्यालय खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य के साथ चरित्र निर्माण का भी काम करें।

कुलपति प्रोफेसर निर्मला ‌एस.‌मौर्य ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय का सत्र नियमित है। विश्वविद्यालय में एक जुलाई से नये सत्र को शुरू किया जा रहा है। नैक मूल्यांकन को प्राथमिकता दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों को विस्तार से बताया।

इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, समस्त सहायक कुलसचिव, प्रो.बीबी तिवारी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. वंदना राय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. एके‌ श्रीवास्तव, प्रो. रामनारायण, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ विजय सिंह, डॉ राहुल सिंह,डॉ. मनोज मिश्र, डॉ.राजकुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. मुराद अली, डा. रसिकेश, डॉ. रजनीश भास्कर, डॉ. सौरभ पाल, डॉ. सुनील कुमार, डॉ.मंगला प्रसाद , डॉ. राजीव कुमार, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. द्विबेन्दु मिश्र, डॉ. काजल डे, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. कमलेश पाल, डा. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, सुशील प्रजापति आदि उपस्थित थे।

Wednesday, 23 March 2022

विश्वविद्यालय की परिसर परीक्षाएं शुरू, चला सघन तलाशी अभियान

परिसर में 1500 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की परिसर परीक्षाएं केंद्र संख्या एक व दो पर शुरू हो गई। 
केंद्राध्यक्ष डॉ. रसिकेश और डॉ संजीव गंगवार ने बताया की परिसर के समस्त पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। कुल 1500 विद्यार्थियों ने दो पाली में परीक्षा दी। कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य के प्रेरक उद्बोधन से अभिप्रेरित विद्यार्थियों ने उत्साह से लबरेज होकर परीक्षा दी। सभी विद्यार्थियों ने कुलपति के विचारों को आत्मसात किया और परीक्षा में सुचितापूर्वक सम्मिलित हुए। केंद्राध्यक्ष डॉ. रसिकेश और सहायक केंद्राध्यक्ष श्री सुशील कुमार , विनय वर्मा , प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, अशोक यादव, ज्ञानेंद्र पाल और  प्रभाकर सिंह आदि ने सचल दस्ते के प्रभारी डॉ अवध बिहारी सिंह , डॉ आशुतोष कुमार सिंह , प्रो अजय द्विवेदी, प्रो मानस पांडेय,  प्रो. देवराज, डॉ सुनील कुमार के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया । परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह के आदेशों के अनुपालन में जो छात्र बिना एडमिट कार्ड के उपस्थित हुए उनसे उनके विभागाध्यक्षों द्वारा अग्रसारित आवेदन लेने के पश्चात ही उन्हें परीक्षा देने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई।परिसर में संचालित रज्जू भैया संस्थान, प्रबंध अध्ययन संकाय , विज्ञान संकाय, इंजीनियरिंग संकाय,‌मास कम्युनिकेशन , एप्लाइड साइकोलॉजी आदि के विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। परिसर की प्रथम दिन की परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा में अनुपम कुमार , मनोज त्रिपाठी , श्रुति श्रीवास्तव , प्रियम सेठ , अलका सिंह , शैलेश यादव व शिवम ने सहयोग किया।

सेमेस्टर परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को कुलपति ने दिए सफलता के टिप्स

परीक्षा के समय विद्यार्थी तनावमुक्त रहें: प्रो. निर्मला एस. मौर्य
 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस. मौर्य ने सेमेस्टर परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को मंगलवार को सफलता के टिप्स दिए।
कुलपति सभागार में संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि
विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 23 मार्च से प्रारम्भ हो रही है। एक कुलपति और शिक्षक होने के नाते मुझे आपसे सफलता और अच्छे प्रदर्शन की अपेक्षा है। विद्यार्थियों ‌परीक्षा आपको अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प दिखाने का एक अच्छा अवसर होता है परन्तु एक बात मैं स्पष्ट करना चाहूंगी कि आपकी प्रतिभा को परीक्षा द्वारा नहीं मापा जा सकता है, लेकिन आपका परिश्रम आपके द्वारा प्राप्त अंकों से परिलक्षित होता है। आपको खुद पर पूर्ण विश्वास करना चाहिए और चुनौतियों से डरने की आवश्यकता नहीं है। यह परीक्षा आपके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-ही-साथ आपके धैर्य, एकाग्रता, समय प्रबन्धन और साहस का परीक्षण है। जीवन के प्रत्येक चरण में हम सभी को विभिन्न परीक्षाओं से होकर गुजरना होता है जो छात्र जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। आप सभी परीक्षा से पूर्व और परीक्षा हाल में अपने धैर्य और साहस को कम ना होने दें सफलता अवश्य ही आपके कदम चूमेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी निश्चित रूप से एक अच्छे नागरिक के रूप में समाज में विश्वविद्यालय का, अपने गुरु का और अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे।
मेरा मानना है कि सफलता के सूत्र हमेशा वो नहीं होते जो हमें बताए या सिखाए जाते है, सफलता के सूत्र जीवन की मेहनत ओर सफलता पर आधारित होते है। सफलता का कोई निश्चित मापदंड नहीं होता। यह हर एक के लिए अलग-अलग हो सकती है, पर फिर भी सरल और साधारण शब्दों में और आज के दौर के  हिसाब से कहें तो अपने पैरों पर खड़े हो जाना ,अच्छा कॅरियर बना लेना, धन समृद्धि होना, प्रसिद्धि मिल जाना ही सफलता है।
 इसलिए या परीक्षा आपकी सफलता का पहला पायदान है आप इसका सफर एक निश्चित प्रबंधन की रणनीति के साथ तय करें।

Monday, 21 March 2022

रज्जू भैय्या संस्थान के पांच छात्रों का गेट, दो छात्रों आईआईटी जैम में चयन

छात्रों को मिलेगा आई०आई०टी० में पढ़ने और शोध का मौका

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) संस्थान के एम.एससी. भौतिक विज्ञान विषय से जितेंद्र यादव, रसायन विज्ञान विषय से मुस्कान साहू, प्रियंका मौर्या, सतीश यादव और गणित विषय से विपिन कुमार का चयन गेट की परीक्षा में हुआ है । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर द्वारा इस वर्ष ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट-2022)परीक्षा का आयोजन विभिन्न विषयों में राष्ट्रीय स्तर पर एम०टेक० व पीएच.डी. में प्रवेश हेतु कराया गया जिसके माध्यम से उत्तीर्ण छात्रों को आई०आई०टी० सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में पढ़़ने और शोध करने का मौका मिलता है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण प्रत्येक छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर पर फेलोशिप भी प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त गेट की परीक्षा के अंकों के आधार पर विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियां सीधे नियुक्ति भी करती है।  

संस्थान के बी०एससी० तृतीय वर्ष के छात्र शुभम पाल और सुमित यादव का चयन आईआईटी जैम की परीक्षा में हुआ है। इस वर्ष यह परीक्षा आईआईटी रुड़की द्वारा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा छात्रों को विभिन्न आई०आई०टी० व अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों से परास्नातक व शोध करने के लिए हर वर्ष कराई जाती है । विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो देवराज सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई  दी।