Saturday, 13 April 2024

न्यू टेक्नोलॉजी पर विद्यार्थियों को दिया गया प्रशिक्षण


रेन्यूएबल एनर्जी शोध केंद्र, नैनोसाइंस विभाग की ओर से आयोजित प्रशिक्षण

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान अध्ययन और अनुसंधान संस्थान के रेन्यूएबल एनर्जी शोध केंद्र, नैनोसाइंस और टेक्नॉलजी शोध केंद्र, के सहयोग से,  "एडवांस कैरेक्टराइज़ेशन तकनीकों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण" कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन 12 और 13 अप्रैल 2024 को रज़्जू भैया संस्थान स्थित सेंट्रल एडवांस्ड फैसिलिटीज फॉर मटेरियल कैरेक्टराइज़ेशन (सीएएफएमसी) में किया जाएगा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ० धीरेन्द्र चौधरी ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुलपति प्रो . वंदना सिंह  के निर्देश पर छात्रों के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया |  इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे छात्रों को नैनोसाइंस के अनुसंधान और विकास में प्रयोग की जाने वाली नवीनतम तकनीकों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया ।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ काजल कुमार डे ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 150 छात्रों ने प्रतिभाग किया, तथा यह प्रशिक्षण छात्रों में न  सिर्फ शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करेगी बल्कि इस क्षेत्र में कौशल विकास करेगी |
कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. सुजीत चौरसिया ने कहा कि छात्रों को XRD, FE-SEM, UV-Vis, FTIR जैसी उपकरणों पर ट्रैनिंग प्रदान किया गया । साथ ही छात्रों को सेमीकन्डक्टर डिवाइसेस बनाने हेतु थीन फिल्म ग्रोथ टेक्नीकस पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया |
रज़्जू भईया संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद यादव ने कहा कि  इस तरह के कार्यक्रम से नई शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत छात्रों को उनके प्रोजेक्ट को करने में सहयोग प्राप्त होगा तथा उनको शोध के विभिन्न पहलुओं  की जानकारी मिलेगी |

दवा के शोध में उपयोगी है कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री: प्रो. राजाराम यादव


कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री पर कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर हुए कई व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री एंड मॉलिक्यूलर डिजाइन विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो राजाराम यादवआईआईटीपटना के डॉ. रंगनाथ सुब्रमण्यम एवं आईआईटी बीएचयू के डॉ. वी. रामनाथन का व्याख्यान हुआ। यह कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालयभारत सरकार के एक्सीलरेट विज्ञान स्कीम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।

प्रथम सत्र में प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री क्वांटम भौतिकी के सिद्धांत पर आधारित है। कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री की मदद से फार्मा के क्षेत्र में दवाओं को विकसित करने में मदद मिलती हैं। कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री की मदद से नए मैटेरियल के संश्लेषण में मदद मिलती है। संश्लेषित नए मेटेरियल का प्रयोग विभिन्न कार्यों के लिए किया जा सकता है। प्रो. यादव ने कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को शोध के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानपटना के डॉ. रंगनाथ सुब्रमण्यम ने क्वांटम भौतिकी के सिद्धांत पर विकसित हुए विभिन्न कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री के तरीकों पर प्रकाश डाला ।

 इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के डॉ वी रामनाथन ने प्रतिभागियों को कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री का प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया। उन्होंने कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री के विभिन्न सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना विद्यार्थियों को सिखाया।

सत्र की संचालन डॉ अजीत सिंह ने किया।  अतिथियों का स्वागत रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो प्रमोद कुमार यादव ने किया। अतिथियों का परिचय कार्यशाला के संयोजक डॉ नितेश जायसवाल ने कराया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ प्रमोद कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो देवराज सिंहप्रो मिथिलेश सिंहडॉ अजीत सिंहडॉ दिनेश वर्माडॉ मिथिलेश यादवडॉ आलोक वर्मा आदि उपस्थित रहे।

Friday, 12 April 2024

कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री से शोध किफायती: प्रो. राणा कृष्ण पाल सिंह

कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री पर डीएसटी सर्ब प्रायोजित सात दिनी कार्यशाला का शुभारंभ


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री एंड मॉलिक्यूलर डिजाइन विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। यह कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के एक्सीलरेट विज्ञान स्कीम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।उदघाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राणा कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री में शोध की असीम संभावनाएं है। कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री से शोधात्मक प्रयोग करने में मदद मिलती हैं। कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री के प्रयोग से शोध के परिणाम प्राप्त करने में आसानी होती है तथा यह बहुत किफायती भी होता है। प्रो सिंह ने कहा कि कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री की मदद से उच्च कोटि की दवा के शोध में मदद मिलती है। प्रो. सिंह ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के पूर्ण मनोयोग से प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना के डॉ. रंगनाथ सुब्रमण्यम ने कंपटीशन केमिस्ट्री की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गासियन के प्रयोग से कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के प्रोफेसर अनिमेष कुमार ओझा ने डीएफटी के प्रयोग से रसायन विज्ञान में शोध की महत्ता पर प्रकाश डाला।सत्र की अध्यक्षता कर रहे रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि कंप्यूटर आज के समय में शोध के आवश्यक हिस्सा है। बिना कंप्यूटर के शोध की कल्पना नहीं को जा सकती है। कार्यशाला की रूपरेखा कार्यशाला के संयोजक डॉ नितेश जायसवाल ने प्रस्तुत की। डॉ. जायसवाल ने कहा कि यह कार्यशाला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एक्सीलरेट विज्ञान स्कीम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के कई विश्वविद्यालय एवं संस्थाओं के 25 छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला का संचालन शोध छात्र प्रिया सिंह ने किया । अतिथियों का परिचय डॉ. मिथिलेश यादव ने कराया । धन्यवाद ज्ञापन  रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रमोद कुमार ने किया l  इस अवसर पर के डॉ दिनेश कुमार वर्मा, डॉ नीरज अवस्थी, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ सुजीत, डॉ काजल डे, डॉ धीरेंद्र चौधरी तथा पीएचडी शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहीं।

पूर्वांचल के छात्र नवोन्मेषी, लगनशील और मेहनती: शेखर आनंद

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर में विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया । जिसमें हीथऑक्स-के प्राइवेट लिमिटेड स्टार्टअप कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री शेखर आनंद तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री सुनील जायसवाल  का विशेष उद्बोधन हुआ । अतिथियों का स्वागत करते हुए इनक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन को प्रचारित प्रसारित करने के लिए इस तरह के आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वर्तमान आर्थिक परिप्रेक्ष्य में भारत में स्टार्टअप की संख्या बहुत तेजी से बढ़कर एक लाख के पार हो गई है। तथा यूनिकॉर्न 114 के आसपास हो चुके हैं। जिसमें वर्तमान राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शेखर आनंद ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र नवोन्मेषी, लगनशील एवं मेहनती हैं । उनके पास आइडियाज की कोई कमी नहीं रहती है, आवश्यकता है उसको सही मार्गदर्शन प्रदान करने की और विश्वविद्यालय का इनक्यूबेशन केंद्र इस दिशा में अपनी सकारात्मक सहभागिता कर रहा है। विशिष्ट अतिथि मिस्टर प्रोफेशनल कंपनी के निदेशक एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री सुनील जायसवाल ने कहा कि यदि कोई भी विद्यार्थी अपना नया आईडिया लेकर आता है और उसकी कंपनी को स्थापित करने के लिए जो भी तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन होगा उसके लिए उनकी संस्था मिस्टर प्रोफेशनल कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए तत्पर है । उल्लेखनीय है कि मिस्टर प्रोफेशनल का एम ओ यू इनक्यूबेशन सेंटर के साथ हस्ताक्षरित है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं अतिथियों का आभार प्रो अविनाश पाथर्डीकर किया और आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के व्याख्यानो से छात्रों को प्रेरणा मिलेगी और वह अपना स्टार्ट अप प्रारंभ करने के लिए प्रेरित होंगे।