Thursday, 31 October 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मनाई गई पटेल जयंती

विश्वविद्यालय परिसर में लौह  पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की  जयंती मनाई गई.इस  अवसर पर मुक्तांगन में अधिष्ठाता छात्र   कल्याण प्रोफ़ेसर अजय दिवेदी  ने विद्यार्थियों को एकता की शपथ दिलवाई। उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। बारडोली सत्याग्रह का जिक्र करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने किसानों के लिए संघर्ष किया और लगान वृद्धि हटाने के लिए अंग्रेजों को विवश किया। किसानों के लिए किये गए  सत्याग्रह के बाद महिलाओं ने  वल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि दी थी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें सामाजिक एकता को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर देश भक्ति के नारे लगाए और मुख्य द्वार से एकलव्य  स्टेडियम तक एकता के लिए  दौड़ लगाई।इस अवसर पर प्रो राजेश शर्मा, डॉ एस पी तिवारी, शुभांशु,  प्रभाकर, ऋषि श्रीवास्तव, अबू सलेह, डॉ  संजय श्रीवास्तव, पंकज पांडेय समेत  विश्वविद्यालय के  विद्यार्थी एवं शिक्षक मौजूद रहे. 

Thursday, 24 October 2019

कैम्पस सेलेक्शन में 26 विद्यार्थियों का चयन

विश्वविद्यालय के परिसर में संचालित पाठ्यक्रम बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग तथा एमबीए विद्यार्थियों के कैंपस सेलेक्शन में 26 विद्यार्थियों का चयन किया गया।
चयनित विद्यार्थियों को नियुक्ति पत्र सेंट्रल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल की निदेशिका प्रोफेसर रंजना प्रकाश और कंपनी के डायरेक्टर और एचआर द्वारा दिया गया। विश्वविद्यालय परिसर में एके ग्लोबल (गुड़गांव) ने 7 विद्यार्थियों एयरटेल (नई दिल्ली) ने 8 मदरसन सुमी (नई दिल्ली) ने 6 राउंड पे( लखनऊ )ने 5 विद्यार्थियों का चयन किया। ये कंपनियां 21 से 22 अक्टूबर को परिसर में आई। चयनित विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन, पर्सनल इंटरव्यू के बाद टेलिफोनिक इंटरव्यू हुआ। इन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद छात्र-छात्राओं का चयन हुआ। चयनित छात्रों को प्लेसमेंट सेल की निदेशिका ने बधाई देते हुए कहा कि हमारे यहां के विद्यार्थी कड़ी स्क्रीनिंग के बाद नियुक्त हुए हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि वह जिस भी कंपनी में जाएंगे वहां लगन के साथ कड़ी मेहनत करेंगे  जिससे विश्वविद्यालय का नाम रोशन हो। इस अवसर पर टेकिप के डायरेक्टर प्रो. बीबी तिवारी, संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक श्रीवास्तव, प्रबंध अध्ययन संकाय अध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रोफेसर अजय द्विवेदी, डॉ.राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार उपस्थित रहे।

महिला छात्रावास की छात्राओं की हुई रक्त जांच

विश्वविद्यालय के द्रौपदी महिला छात्रावास में गुरुवार की सुबह 150 छात्रावासों के रक्त की जांच के लिए सैंपल लिया गया। डॉ विकास सिंह की टीम ने छात्राओं के रक्त का सैंपल लिया साथ ही छात्राओं को स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि  महिलाओं में  हीमोग्लोबिन की कमी  देखने को मिलती है अपने आहार को व्यवस्थित कर  इसे  सदैव सामान्य रखा जा सकता है।  

महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो वंदना राय ने छात्राओं को स्वच्छता, साफ सफाई  के बारे में बताया। इस अवसर पर द्रौपदी छात्रावास की वार्डन अन्नू त्यागी, रानी लक्ष्मी छात्रावास की वार्डन पूजा सक्सेना  मौजूद रहे।

Saturday, 19 October 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में चाणक्य नाटक की हुई प्रस्तुति

पद्मश्री मनोज जोशी के अभिनय ने दर्शकों को मोह लिया 

राष्ट्र और समाज की उन्नति के पथ में यदि धर्म बाधक है तो धर्म भी त्याज्य है। राजा होना सुखी होने का मार्ग नहीं है स्मरण रहे। यह चाणक्य नाटक के संवाद रहे जिसे बड़ेे ही रोचक अंदाज मेंं प्रख्यात कलाकार पद्म श्री मनोज जोशी में प्रस्तुत किया। उन्होंने चाणक्य के अखंड भारत के सपने को बताया। पुराने समय में जब भारत जब खंड-खंड में बंटा हुआ था,  चाणक्य ने भारत को एकजूट किया था। चाणक्य अपने दृढ संकल्प से  चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट बनाया। 


 दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार द्वारा आयोजित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अवैैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में ज्वलंत ऐतिहासिक हिंदी नाटक चाणक्य की प्रस्तुति प्रख्यात रंगकर्मी और अभिनेता  पद्मश्री मनोज जोशी ने की।  नाटक में 25 कलाकारों की टीम ने चार चांद लगा दिए। दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार एवं तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चाणक्य नाटक में रंगकर्मी पद्मश्री मनोज जोशी ने  तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के महानायक चाणक्य के व्यक्तित्व को बड़ी कुशलता से प्रस्तुत किया। मनोज जोशी के संवादों ने दर्शकों को बांधे रखा। कलाकार वेशभूषा और रंगकर्म से दर्शकों के सामने चाणक्य को सजीव कर दिए। जनपद में पहली बार विश्व प्रसिद्ध हिंदी नाटक चाणक्य  का मंचन हुआ। रंगकर्मी मनोज जोशी की भाव भंगिमा के साथ महान कूटनीतिज्ञ चाणक्य के नीतियों से दर्शक मोहित होते रहे। चाणक्य नाटक के माध्यम से राष्ट्रवाद का संदेश दिया गया।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने  दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ आशीष गौतम को अप्रतिम नाटक आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा कि इस नाटक में बहुत से संदेश है जो युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा।प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ आशीष गौतम ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन के उद्देश्यों के साथ अपनी भावी योजनाओं के बारे में बताया। विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
संचालन डॉ नंदलाल सिंह ने किया। इस अवसर  विधायक हरेंद्र प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो के एन सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंता बीएन सिंह, रामेश्वर सिंह, प्रो ओम प्रकाश सिंह,प्रो बी बी तिवारी, प्रो नीरज खरे, प्रो ओम प्रकाश सिंह, प्रो ए पी सिंह, प्रो बी एन सिंह, पाणिनि सिंह, डॉ मनोज मिश्र,डॉ श्रद्धा सिंह, प्रदीप शाही, संजय सिंह, डॉ सत्य प्रकाश, डॉ श्याम कन्हैया समेत तमाम लोग मौजूद रहे।