Thursday, 30 April 2020

पीयूके डॉ आदित्य ने कोरोना वायरस के नियंत्रण पर किया शोध

लाक डाउन संक्रमण रोकने में  रहा लाभकारी

अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित होगा शोध पत्र


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के  रज्जू भैय्या संस्थान में गणित विभाग के सहायक आचार्य डा. आदित्य मणि मिश्र ने कोरोना वायरस से सम्बंधित एक शोध किया है| डॉ मिश्र ने एस ई आई आर मॉडल को कोरोना वायरस से प्रभावित विभिन्न देशों तथा  भारत  पर अध्ययन किया | भारत के सम्बन्ध में उन्होंने अपने शोध में प्रतिव्यक्ति संक्रमण की दर न्यूनतम 1.763 की गणना की है | गणितीय आधार पर उन्होंने लॉक डाउन को संक्रमण रोकने के लिए लाभकारी बताया जिससे यह दर इतनी कम हुयी | गौरतलब है कि अन्य देशो में यह दर 2.5 से 4 तक भी है | यदि लॉक डाउन में कोई छूट नहीं दी जाती है तब उपलब्ध डाटा के आधार पर उन्होंने मई के तीसरे से चौथे सप्ताह में कोरोना वायरस पर नियंत्रण कि बात कही है | उनका ये शोध टेलर एंड फ्रांसिस के एक रिसर्च जर्नल में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है | इस कार्य के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर राजाराम यादव ने डॉ मिश्र को बधाई दी है.

Wednesday, 29 April 2020

कोरोना को हराने में हम होंगे कामयाब: प्रो डॉ राजाराम यादव



कोविड-19 पर राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ वेबीनार 

राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तर प्रदेश एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में कोविड- 19 पर बुधवार की शाम  वेबिनार प्रशिक्षण कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने 200 से अधिक कार्यक्रम अधिकारियों, नोडल अधिकारी एवं स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ  ने जिस साहसिक नेतृत्व का परिचय दिया है उसकी जितनी भी सराहना की जाय वह कम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय सेवा योजना का संकल्प गीत...हम होंगे कामयाब एक दिन ....उसी प्रकार हम कोरोना जैसी इस महामारी को भी पराजित होने में  अवश्य ही कामयाब होंगे। स्वागत भाषण कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार यादव ने किया। क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार श्रोती ने सबका आह्वान किया कि सभी स्वंसेवक राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोत्तम दें।,राज्य संपर्क अधिकारी डॉ अंशुमालि शर्मा ने स्वयं सेवकों से फिजिकल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने तथा मास्क लगाकर कार्य करने की सीख दी। यूनिसेफ के श्री दयाशंकर सिंह ने WHO द्वारा बताए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सोशल मीडिया पर मैसेज अग्रसारित करने की अपील की। डॉ निर्मल सिंह ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कोरोना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पैनलिस्ट के रूप में डॉ प्रविता खत्री ,अनन्या घोषाल, डॉ एकता चौहान, डॉ दीपा चौहान, डॉ अनिल सिंह, अनुजा भार्गव ने अपने विचार कोविड- 19 के बारे में विस्तार से रखे। तकनीकी सपोर्ट श्री नवीन गुप्ता ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन डा भूपेंद्र कुमार ने दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजय बाबू शर्मा ने किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह, डॉ उदय भान यादव, डॉ घनश्याम पटेल ,डॉ अमित यादव, कार्यक्रम अधिकारी डॉ संतोष कुमार पांडे, डॉ प्रेम यादव ,डॉ राम मोहन अस्थाना, डॉ राजश्री सिंह सोलंकी , डॉअखिलेश शर्मा शास्त्री, डॉ ज्योति कुमारी, डॉ संतोष कुमार गुप्ता , डॉ अरविंद कुमार यादव आदि कार्यक्रम अधिकारी तथा सुमित सिंह, ममता चौबे, सोनल मिश्रा, सत्यम मौर्य , प्रीति यादव, रोशनी जायसवालआदि  स्वयसेवकों ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया।

Monday, 27 April 2020

ई किताबों का लाभ उठाएं विद्यार्थी



विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में जारी किया पासवर्ड
छात्र हित में रिमोट एक्सेस पर उपलब्ध हो गई किताबें

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की 28 हजार से अधिक है ई किताबें

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में लाक डाउन में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अध्ययन में बाधा उत्पन्न ना हो इसके लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन की किताबें ऑनलाइन पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
केंद्रीय पुस्तकालय के  मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडे ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों ने  छात्र हित में  ई बुक्स की   रिमोट एक्सेस  की सुविधा उपलब्ध कराई है। अभी तक इन किताबों को विश्वविद्यालय परिसर के नेटवर्क से ही पढ़ा जा सकता था। अब  पासवर्ड के माध्यम से  घर बैठे  कोई भी  किताबों को पढ़ सकता है। इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंध, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों की किताबें शिक्षक और विद्यार्थी लाभ ले सकते हैं। इसके लिए पासवर्ड जारी किए गए हैं। स्प्रिंगर,एल्सवियर, एमराल्ड, कैंब्रिज, टेलर एंड फ्रांसिस,सेज  आदि प्रकाशक  की किताबें उपलब्ध है। इसके साथ ही ऑनलाइन शोध पत्रिकाओं को भी एक्सेस करने की सुविधा प्रदान की गई है। शोधार्थियों के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विषय के शिक्षक व विद्यार्थी संपर्क कर अपने विषय के ई बुक के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इस संबंध में तकनीकी सहायता के लिए डॉ विद्युत मल शिक्षकों से समन्वय में कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में ऑनलाइन शिक्षण बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। ऑनलाइन लाइब्रेरी इसमें काफी मददगार साबित हो रही हैं आने वाले समय में ई कंटेंट को और समृद्ध करने के लिए वैश्विक तैयारी शुरू हो गई है।

Saturday, 25 April 2020

भय और तनाव का कारण बना फेक न्यूज़

ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने की चर्चा

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर कोविड-19 संबंधी फेक न्यूज़, नई चुनौतियां एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी वेबिनार का आयोजन किया गया.

वक्ताओं ने कोविड-19 के संबंध में फेक न्यूज़, सोशल मीडिया की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

बतौर मुख्य वक्ता महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा के प्रोफेसर संजीव देशपांडे ने कहा कि कोविड-19 से जुड़ी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ ने लोगों के मन में भय और तनाव पैदा किया है। फेक न्यूज़ भावनात्मक असंतुलन का बड़ा कारण  है।
राजकीय महिला कालेज रायपुर की प्राचार्य प्रोफेसर उषा किरण खान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने के लिए फेक न्यूज़ से और सोशल मीडिया के अधिक प्रयोग से बचना चाहिए।

बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा बिहार के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एमडी रहमान ने कहा कि फेक न्यूज़ को फैलाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है फेक न्यूज़ अनेक मनो रोगों के जन्म का कारण बना है।
एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा के पत्रकारिता विभाग की शिक्षिका डॉ आशिमा सिंह ने फेक न्यूज़ है एवं सोशल मीडिया यूजर्स के मनोविज्ञान पर अपनी बात रखी।
इसी क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, अनु त्यागी, शंभू प्रसाद,शिव कुमार ने भी बतौर वक्ता संगोष्ठी में अपने विचार रखे।
संगोष्ठी की संयोजक डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन एवं संगोष्ठी के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। ऑनलाइन संगोष्ठी में देश के 09 विश्वविद्यालय 20 महाविद्यालय एवं अन्य संस्थानों से प्रतिभागी जुड़े।
संगोष्ठी का संचालन सहसंयोजक कानपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक अवनीश विश्वकर्मा ने किया।