Wednesday, 16 September 2026

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरीः डॉ. नृपेंद्र सिंह

पीयू में एचपीवी टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण संपन्न

विशेषज्ञ टीम ने दिया स्वास्थ्य और बचाव का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पीयू) परिसर स्थित फार्मेसी संस्थान में बुधवार को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष स्वास्थ्य अभियान में छात्राओं और अन्य लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एचपीवी का टीका लगवाया।
फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेंद्र सिंह ने छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवतियों को एचपीवी संक्रमण और इससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना आज के समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सही जागरूकता और समय पर किया गया टीकाकरण, भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।
अभियान के दौरान छात्राओं को महज टीका ही नहीं लगाया गया, बल्कि उन्हें एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण के दूरगामी महत्व और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति विस्तार से जागरूक भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने सभी लाभार्थियों को उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जानकारियां प्रदान कीं।
इस अवसर पर प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि किशोरियों और युवतियों में एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता भी जरूरी है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. श्वेता पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर पूजा सक्सेना, सुरेंद्र कुमार, उद्देश्य सिंह, दिव्यांशु सिंह, नितेश सिंह, हेमंत दुबे और बृजेश यादव समेत विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

ओजोन संरक्षण हमारी वैश्विक जिम्मेदारी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग में 'विश्व ओजोन दिवस' के अवसर पर क्विज प्रतियोगिता और आमंत्रित व्याख्यान का बुधवार को आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'ग्लोबल एक्शन फॉर कूलर प्लेनेट' पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भू एवं गृह विज्ञान विभाग के डॉ. श्रवण कुमार ने कहा कि पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने में ओजोन परत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) जैसे रसायनों से ओजोन परत का क्षरण हो रहा है। डॉ. श्रवण ने ओजोन संरक्षण को एक वैश्विक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं से पर्यावरण सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत व सामूहिक पहल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर केमिकल कम्युनिकेशन सोसाइटी द्वारा एक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने ओजोन परत, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जागरूकता का परिचय दिया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. मिथिलेश सिंह और रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। संचालन विनायक श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। इस मौके पर डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. दिनेश वर्मा, सुजीत चौरसिया समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Tuesday, 15 September 2026

सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट कार्य संभव : कुलपति

विश्वेश्वरैया सभागार में धूमधाम से मना इंजीनियर्स डे

पोस्टर, डिबेट समेत रंगोली के प्रतिभागी सम्मानित


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में आज इंजीनियर्स डे का भव्य आयोजन मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह बतौर मुख्य अतिथि कहा, कि उत्कृष्ट कार्य करने के लिए हमेशा अधिक संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। उपलब्ध सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करके भी श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी प्रयास से विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इससे बड़ी खुशी की बात उनके लिए और कुछ नहीं हो सकती।
रोजगार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विद्यार्थियों को निरंतर कौशल विकास पर बल देने का आह्वान करते हुए कुलपति ने कहा, "प्लेसमेंट की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को अपनी स्किल्स को लगातार विकसित करना चाहिए। कुलपति ने कहा, "मैं केवल अपने कार्यालय में बैठकर कार्य करने के लिए नहीं आया हूँ। मैं स्वयं विद्यार्थियों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझूंगा और उनका समाधान करूंगा।"

इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पोस्टर प्रतियोगिता: श्रेयस प्रजापति एवं टीम — प्रथम स्थान, डिबेट प्रतियोगिता: प्रतीक तिवारी एवं टीम — विजेता, इनोवेटिव आइडिया प्रतियोगिता: गणेश मौर्य — प्रथम स्थान, रंगोली प्रतियोगिता: श्रेया, यश्वी एवं टीम — प्रथम स्थान। सभी विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक, तकनीकी एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पूनम सोनकर, डॉ. विशाल यादव, प्रीति शर्मा, डॉ. रितेश बरनवाल, डॉ. पारुल त्रिवेदी और डॉ. संतोष त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. ए.के. श्रीवास्तव, श्री शैलेश प्रजापति, डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. अजय कुमार मौर्य, श्री तुषार श्रीवास्तव, श्री सुधीर सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों में समर, प्रांजल, विशाल एवं अंकित तिवारी ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

निष्ठा और समर्पण से पीयू बनेगा 'रोल मॉडल' : प्रो. राकेश सिंह

संवाद कार्यक्रम में कुलपति ने साझा किया अपना विजन

विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के दिए टिप्स

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पीयू) के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने आर्यभट्ट सभागृह में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित किया। नियुक्ति के बाद का विश्वविद्यालय परिवार के साथ मंगलवार की देर शाम यह पहला संवाद था। इस दौरान उन्होंने अपना विजन स्पष्ट करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च ग्रेडिंग के साथ स्थापित करना उनका दृढ़ संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का निष्ठापूर्ण सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, क्योंकि आज किए गए हमारे उत्कृष्ट कार्यों का सुफल आने वाली पीढ़ियों को प्राप्त होगा। प्रो. सिंह ने कहा कि पीयू को एक आदर्श शिक्षण संस्थान बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे देश के अन्य श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में हो रहे नवाचारों और अच्छी पहलों का अध्ययन करें और उन पर चर्चा करें, ताकि उन्हें पीयू की कार्ययोजना में शामिल कर मूर्तरूप दिया जा सके।
कानपुर में आयोजित 'एआई मंथन' के महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कुलपति ने कहा कि हमारे शिक्षकों और कर्मचारियों के भीतर अपार ऊर्जा और क्षमता निहित है। आवश्यकता इस बात की है कि उस ऊर्जा को एक सकारात्मक और सही दिशा में उपयोग किया जाए, जिससे विश्वविद्यालय राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर सके।

समाज कल्याण की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने एक प्रेरणादायक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा, "जिस प्रकार कोई भी वृक्ष अपने फल और छाया का स्वयं उपभोग नहीं करता, बल्कि वह दूसरों के काम आता है; ठीक उसी प्रकार हमें भी अपने कार्यों से सम्पूर्ण समाज का हित करना चाहिए। इसी सेवाभाव और संकल्प के साथ हमें निरंतर आगे बढ़ना है।"
कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद यादव ने विश्विद्यालय में होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रम और सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा रखी।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. राजकुमार, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. विक्रांत भटीजा, डॉ. रसिकेश, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव और डॉ. अनु त्यागी, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. राधिका उर्मलिया, ईशानी भारती, कृष्णा सिंह, डॉ. ऋचा सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, कर्मचारी संघ के महामंत्री राधेश्याम मुन्ना, सुशील प्रजापति सहित अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।