''वर्तमान में किसी भी विषयवस्तु की आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता है। समाज में सूचना तकनीकी, जैव तकनीक और कंप्यूटर तकनीक के होते हुए अब नैनो टेक्नालाजी का दौर आ गया है। भविष्य में उद्योग, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था नैनो टेक्नालाजी पर आधारित होगी। उद्योग टेक्सटाइल्स, आटोमोबाइल्स और कंप्यूटर के बाद अब सारी व्यवस्थाएं नैनो तकनीक पर आधारित होती जा रहीं हैं।''
- प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय (कुलपति )बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी


