हैप्पीनेस और मेडिटेशन से सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास का होता है विकास: आनंद राय
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के द्वितीय दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रम एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों से परिचित कराते हुए उन्हें सकारात्मक, अनुशासित एवं स्वस्थ विश्वविद्यालय जीवन के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन प्रत्येक छात्र के लिए अपने सपनों को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का मूल मंत्र है। आज के समय में विद्यार्थी केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को अपनाकर स्वयं रोजगार सृजित करें तथा दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं जैसे छात्रावास, इन्क्यूबेशन सेंटर, आधुनिक पुस्तकालय, जिम, खेलकूद एवं चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का आह्वान किया। साथ ही इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
द्वितीय सत्र में आयोजित हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक श्री आनंद राय ने कहा कि "हैप्पीनेस और मेडिटेशन केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।" उन्होंने कहा कि नियमित योग एवं ध्यान से मन शांत रहता है, सकारात्मक सोच विकसित होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा विद्यार्थी अधिक एकाग्रता और ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त, संतुलित एवं स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन योग और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
इसके उपरांत विद्यार्थियों के लिए योग, मेडिटेशन, खेलकूद एवं विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ सभी गतिविधियों में भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर का स्वागत डॉ. प्रियंका कुमारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. वनिता सिंह, जय सिंह, विकास सिंह सहित संस्थान के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
No comments:
Post a Comment