Friday, 21 December 2018

पी-एच0डी0 के लिए संस्थानों में अब 10 जनवरी तक करे आवेदन

विश्वविद्यालय ने  पी-एच0डी0 प्रवेश-2018 से सम्बन्धित समस्त राजकीय/अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य/एवं विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रमों के विभागाध्यक्ष/शोध निर्देशक एवं पी-एच0डी0 प्रवेश- 2018 हेतु शोध निर्देशकों/प्राचार्यों के लिए आवश्यक दिशा --निर्देश जारी किये है।
अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र सम्बन्धित संस्थानों में जमा करने की पूर्व में अन्तिम तिथि 20 दिसंबर  को बढ़ाकर  10 जनवरी, 2019, सायं 4.30 तक की गई है । प्रवेश परीक्षा में सफल एवं अन्य अर्ह अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र समस्त निर्धारित प्रपत्रों की छायाप्रतियों के साथ सम्बन्धित विभागों/संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से या रजिस्टर्ड डाक द्वारा जमा कर सकते हैं। दिनांक 10 जनवरी, 2019 के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक अर्ह अभ्यर्थी का आवेदन फार्म सम्बन्धित संस्थानों के प्राचार्य/विभागाध्यक्ष स्वीकार करेंगे। सम्बन्धित महाविद्यालयों द्वारा दिनांक 11 से 31 जनवरी तक अपने स्तर पर साक्षात्कार की प्रक्रिया सम्पन्न करा ली जाएगी। तत्पश्चात् विभागाध्यक्ष/ प्राचार्य अपने माध्यम से समस्त प्रपत्रों सहित शोध प्रस्ताव विश्वविद्यालय को 10 फ़रवरी तक उपलब्ध करायेंगे। सभी अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र विश्वविद्यालय परिसर के विभागाध्यक्ष एवं सम्बन्धित महाविद्यालय के प्राचार्य/विभागाध्यक्ष के पास ही जमा करेंगे। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अनुभाग/कुलसचिव कार्यालय में कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।  

Wednesday, 19 December 2018

विद्यार्थी भगवान की सबसे उत्कृष्ट कृति - कुलपति

दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन 

विश्वविद्यालय  के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में बुधवार  को प्राचार्य/प्रबंधकों की नैक एवं परीक्षा संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ । दूसरे दिन आज़मगढ़  और जौनपुर  जनपद के प्रबंधक प्राचार्य कार्यशाला में शामिल हुए।
अध्यक्षीय कुलपति प्रो डा. राजाराम यादव ने कहा कि विद्यार्थी भगवान की सबसे उत्कृष्ट कृति है। विद्यार्थियों को सवारने और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी महाविद्यालयों की है। महाविद्यालय से जुड़े लोगों को इस कार्य को पूर्ण लगन से करना चाहिए। 
कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा की तैयारियों में  जुटा  है। नकलविहीन पारदर्शी परीक्षा करने किये विश्वविद्यालय कटिबद्ध है। उन्होंने महाविद्यालयों से सहयोग की अपील की।  
वित्त अधिकारी श्री एम.के. सिंह ने कहा कि नेट बैंकिंग के माध्यम से परीक्षा शुल्क जमा होने से त्रुटियाँ काम होंगी। महाविद्यालय नेट बैंकिंग का प्रयोग करें। 
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक  राकेश यादव ने  राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रोवर्स रेंजर के संयोजक डॉ जगदेव ने रोवर्स रेंजर की गतिविधयों को विस्तार से बताया। 
आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के सह संयोजक डा. धमेंद्र सिंह ने महाविद्यालयों से नैक मूल्यांकन कराने पर जोर  दिया। नैक  की तैयारियों के लिए टिप्स भी दिए। 
 प्राचार्य सतेंद्र प्रताप सिंह ने प्रायोगिक  एवं मुख्य परीक्षा के सम्बन्ध में सलाह दिया। प्रबंधक अमित कुमार दुबे, डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह समेत कई  प्रबंधक एवं प्राचार्यों  ने  अपनी बात रखी।कार्यशाला का संचालन डॉ संजय श्रीवास्तव ने किया। 
इस अवसर पर  डॉ वीरेंद्र  विक्रम यादव,डॉ एस  के सिंह, डॉ प्रमोद सिंह, डॉ राजेश सिंह, डॉ देवरूप तिवारी, विजय तिवारी, डॉ मातबर मिश्रा, ज्योतिष यादव, राजबहादुर सिंह, राम सूरत यादव  समेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रबंधक मौजूद रहे।

Tuesday, 18 December 2018

विद्यार्थी के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी महाविद्यालय की- कुलपति



विश्वविद्यालय  के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मंगलवार को प्राचार्य/प्रबंधकों की नैक एवं परीक्षा संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। पहले दिन मऊ और गाज़ीपुर जनपद के प्रबंधक प्राचार्य कार्यशाला में शामिल हुए।
अध्यक्षीय कुलपति प्रो डा. राजाराम यादव ने कहा कि विद्यार्थी के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी महाविद्यालय की है। परीक्षा संचालन ठीक से हो, सुचितापूर्ण हो इसकी देखरेख के लिए अधिकारी और शिक्षक  लगाए गये हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंदजी की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को विश्वविद्यालय में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा कार्यक्रम के दिन दो लाख से अधिक युवाओं के आने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय सेवा योजना को दी गई है। इस कार्यक्रम में सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधकों भाग लेने की अपेक्षा की जाती है।
कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा कराने और समय से मूल्यांकन कराने में विश्वविद्यालय सफल रहा। ऐसा महाविद्यालय के सहयोग से ही संभव हो सका। वित्त अधिकारी श्री एम.के. सिंह ने कहा कि इस बार परीक्षा में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी का होना अनिवार्य है। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डा. राकेश यादव ने कहा कि किसी भी कार्य को बेहतर ढंग से करने के लिए आई.क्यू.ए.सी एक अच्छा मंच है। इसके माध्यम से महीने दो महीने पर एक कार्यशाला होना जरूरी है, तभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होने 12 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के सहसंयोजक डा. धमेंद्र सिंह ने आई,क्यू.ए.सी. के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से संबंधित हर महाविद्यालय को नैक कराने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।प्रबंधक सूर्यभान यादव एवं संदीप  तिवारी ने अपनी ने बात रखी। 
उन्होंने परीक्षा के समय आने वाली समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। कार्यशाला का संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ ईशदत्त सिंह, राजेंद्र यादव, रविंद्र यादव, जयभान यादव, देवेश सिंह, उदयभान सिंह समेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रबंधक मौजूद रहे। 

Monday, 17 December 2018

मुख्य परीक्षा की तैयारियों के लिए 18 -19 दिसंबर को बैठक

विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा की तैयारियों के लिए विश्वविद्यालय में 18 और 19 दिसंबर को  संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधकों की बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव करेंगे।
शैक्षिक सत्र 2018- 19 की मुख्य परीक्षा 1 मार्च 2019 से प्रस्तावित है। शासन के निर्देश के क्रम में मुख्य परीक्षा की तैयारियों के लिए संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा में होने वाली समस्याओं के निदान हेतु इस बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा होगी। 18 दिसंबर को महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मऊ एवं गाजीपुर जनपद के सम्बद्ध महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंधकों की बैठक दिन में 12 बजे बुलाई गई है।19 दिसंबर को जौनपुर, आजमगढ़ एवं हड़िया महाविद्यालय इलाहाबाद के प्राचार्य एवं प्रबंधकों की बैठक होगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने संबंधित महाविद्यालय के प्रबंधकों एवं प्राचार्य को इस बैठक में शामिल होने के लिए पत्र भेजा है।