Tuesday, 24 September 2019

जनसंचार विभाग में संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन




पत्रकारिता में शब्द और भाषा का ज्ञान जरूरी -राजेंद्र सिंह

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के जनसंचार विभाग में मंगलवार को नए दौर की हिंदी पत्रकारिता विषयक संवाद का आयोजन किया  गया। इस संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सिंह से सीधी बात की और आधुनिक पत्रकारिता के गुण से परिचित हुए.

बतौर मुख्य अतिथि लखनऊ के  वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।  शब्द और भाषा की मजबूत से आप आसानी से पत्रकारिता में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते है। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को मीडिया इंडस्ट्री और उसके व्यावहारिक ज्ञान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि  पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ने पर अहंकार  त्याग कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि  फील्ड में काम करने के दौरान रिपोर्टर की विश्वसनीयता, धैर्य और विनम्रता ही उसे सफल बना सकती है।  विद्यार्थियों को साहित्यिक पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी। साथ ही कहा कि शब्द ब्रह्म है जितना आपकी शब्दों पर अच्छी पकड़ होगी, उतना ही आपकी लेखनी में निखार आएगा। व्याख्यानमाला में बच्चों के प्रश्नों का जवाब भी मुख्य अतिथि ने दिया।
 इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।  कार्यक्रम का संचालन  डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं धन्यवाद् ज्ञापन विभाग के पूर्व छात्र डॉ मनोज वत्स ने किया। इस अवसर पर राकेश यादव, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चंदन सिंह , विनोद तिवारी सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Thursday, 19 September 2019

डॉ नृपेन्द्र को मलेशिया में मिला बेस्ट पेपर अवार्ड




नीम के जेल से परिवार नियोजन पर प्रस्तुत किया शोध पत्र

 विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के शिक्षक डॉ नृपेंद्र सिंह को एआईएमएसटी विश्वविद्यालय मलेशिया में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बेस्ट रिसर्च पेपर प्रस्तुतीकरण पर अवार्ड दिया गया।
मलेशिया के शुंगइपेटानी शहर में 14 से 15 सितंबर को स्वास्थ्य विज्ञान पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें विश्व के विभिन्न देशों से 177 शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। डॉ सिंह को पूर्व में भी स्वास्थ विज्ञान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में चार बार बेस्ट पेपर प्रस्तुतीकरण पर अवार्ड मिल चुका है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ नृपेन्द्र सिंह ने मलेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नीम की पत्तियों का शुक्राणुओं पर प्रभाव विषयक शोध पत्र प्रस्तुत किया।  जिस पर उन्हें बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ नृपेन्द्र सिंह ने बताया कि नीम की पत्तियों से बने जेल  में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शुक्राणुओं को मृत कर देते हैं। गर्भनिरोधक के रूप में जनसंख्या नियंत्रण के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। चूहों के ऊपर प्रायोगिक तौर पर इसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। भारत में जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के लिए यह बहुत ही लाभकारी होगा। उन्होंने बताया कि गर्भनिरोधक गोलियों का साइड इफेक्ट देखने को मिलता है लेकिन नीम की पत्तियों द्वारा तैयार किए गए इस जेल का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है।
गुरुवार को डॉ नृपेंद्र सिंह को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने बेस्ट पेपर अवार्ड पाने के लिए बधाई दी कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों  को शोध के लिए  हर संभव सहायता प्रदान करेगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
मलेशिया में आयोजित सम्मेलन में देश के चार कुलपतियों ने भी हिस्सा लिया था. डॉ सिंह की उपलब्धि पर फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट प्रो  शैलेंद्र सर्राफ  ने भी बधाई दी है। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एमके सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो वंदना राय, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ पुनीत धवन,सुरेन्द्र कुमार सिंह  समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Monday, 16 September 2019

केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का उदघाटन


=प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को करेंगे  साकार  - डॉ महेंद्र

विश्वविद्यालय परिसर में  सोमवार को  कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। इसके पश्चात अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने कौशल विकास और प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत कर एक अच्छी पहल की है। युवाओं की आबादी  वर्किंग फ़ोर्स बने यह हमारे प्रधानमंत्री जी की सोच है। इसके लिए युवाओं का कौशल विकास जरूरी है। कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा अपने सपनों को साकार करेंगें। परंपरागत रूप से कार्य करने वाले बहुत से लोग कुशल है लेकिन उनके पास कोई प्रमाण पत्र नहीं होता उन्हें कौशल विकास केंद्रों से प्रमाणपत्र देकर मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि  परंपरागत पढ़ाई के साथ साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को मिले जिससे पढाई पूरी करते ही उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सके. इसके लिए राज्य सरकारों से सहमति ली जाएगी।उन्होंने  कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से हमारा देश मजबूत हुआ है। हमारी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की टीम आएगी और अध्ययन करेगी कि किस क्षेत्र में यहाँ के लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए.

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने  विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने पूरे देश में विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। पतवार चलाते जायेगे मंजिल आएगी आएगी गीत के माध्यम से विद्यार्थियों में ऊर्जा का संचार किया।विशिष्ट विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदर लाल ने कहा कि जिनके पास कौशल है कुशलता है समाज उन्हें सम्मान देगा।  विश्वविद्यालय में स्थापित कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र निश्चित तौर पर कारीगरों और युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
डेजा व्यू के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी पूर्व आईएएस शिवराज अस्थाना ने कौशल विकास केंद्र में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के पश्चात युवाओं को आसानी से रोजगार उपलब्ध होगा। आयोजन सचिव डॉ राजकुमार ने अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी रहे। आभार प्रो अविनाश पाथर्डीकर एवं   कार्यक्रम का संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया।

इस  अवसर पर विधायकद्वय हरेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश मिश्र, सीमा द्विवेदी, पीयूष सक्सेना, प्रो आर एन त्रिपाठी, प्रो रंजना प्रकाश, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो मानस पांडेय, प्रो बी डी शर्मा, प्रो वंदना राय, प्रो राम नारायण, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, पुष्पराज सिंह, डॉ सतेंद्र सिंह, डॉ आलोक सिंह, राकेश यादव, डॉ जगदेव, डॉ सुरजीत यादव, डॉ संतोष कुमार, डॉ  सुनील कुमार, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

पुस्तक का किया विमोचन

श्री अग्रसेन महिला पीजी कॉलेज आज़मगढ़ की प्राचार्या डॉ निशा कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक संगीतिका का विमोचन केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने किया।


 प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन   


केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान का किया अवलोकन  किया. संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद यादव ने केन्द्रीय मंत्री को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट किया.