Monday, 27 January 2020

देश में विज्ञान शोध से होगा विश्व का कल्याण


इंस्पायर साइंस कैंप  2020 की हुई शुरुआत 
विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी हाल में सोमवार को इंस्पायर साइंस कैंप  2020 और विज्ञान, प्रौद्योगिकी और भारत के भविष्य के लिए नवाचार विषयक संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि नई दिल्ली विज्ञान भारती के जयंत सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि आज हमें ज्ञान के सृजन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत अगर विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा तो हमारे देश का ही नहीं पूरे विश्व का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में बेतार उपकरण की खोज जगदीश बसु ने की, आज उसका परिणाम मोबाइल के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में व्यक्ति के अंदर प्रतिभा है। वह कुछ भी करने में सक्षम है। इसी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का काम इंनस्पायर साइंस कैंप के माध्यम से पूरे देश में हो रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि विद्यार्थी अपने ऊपर विश्वास करें, यह विज्ञान की पहली आवश्यकता है। विद्यार्थी में रूचि के खोज की परंपरा पहले भी थी और अब इंस्पायर साइंस कैंप के रूप में अब भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसाधन के अभाव में सृजन करने वाला विद्यार्थी ही अच्छा वैज्ञानिक हो सकता है। भारत की संस्कृति हमें परिवार के साथ साथ राष्ट्र सेवा का भी संकल्प कराती हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की प्रोफेसर कृष्णा मिश्रा ने कहा कि बिना किसी प्रतियोगिता के स्कूल कॉलेज के बच्चों को चयनित करने के लिए इंस्पायर साइंस कैंप की शुरुआत की गई है इसके माध्यम से गांव और हाई स्कूल के बच्चों की सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि ग्रेजुएशन में टॉपर बच्चों को छात्रवृत्ति देने की योजना है प्रतिवर्ष ₹80 हजार का प्रावधान है। इसके बाद रिसर्च में ₹ सात लाख दिए जाते हैंइस पर खेलो से जुड़ने वाले बच्चों की अपने आप में एक पहचान होती है उन्होंने इस कैंप में अधिक से अधिक लड़कियों को जोड़ने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में मंचासीन प्रो. पी.पी.माथुर,प्रो. नीरज खरे, डॉ आलोक कुमार गुप्ता को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के निदेशक प्रो बीबी तिवारी ने स्वागत भाषण किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ मनीष कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि  इसमें ११ जनपद के कॉलेज के विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे है.
 इंस्पायर कैंप में आए बच्चों ने बायो टेक्नोलॉजी, एनवायरमेंट साइंस, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, अप्लाइड साइकोलॉजी, रज्जू भैया संस्थान, मशरूम लैब  देखा।
संगोष्ठी का संचालन डॉ संतोष कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डॉ राजकुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो वंदना राय, प्रो अविनाश पाथर्डीकर  , प्रोफेसर राम नारायण, प्रो राजेश शर्मा, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. ए.के. श्रीवास्तव,प्रो देव राज सिंह, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ.नुपुर तिवारी,डॉ मनोज मिश्रा, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार,  डॉ गिरधर मिश्र, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ अजीत सिंह, डॉ श्याम कन्हैया समेत तमाम कॉलेजों के शिक्षक उपस्थित रहें। 


Sunday, 26 January 2020

विश्वविद्यालय में मना गणतंत्र दिवस


विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया. विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अन्य अधिकारियों ने परिसर स्थित महापुरुषों की मूर्तियों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने सरस्वती सदन पर तिरंगा फहराया।  अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि देश की आजादी तमाम बलिदानों के बाद मिली है आज युवाओं की जिम्मेदारी है कि राष्ट्रवाद के साथ इस देश के विकास में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति व्यक्ति निष्ठा के साथ काम करे यहीं वास्तविक गणतंत्र है.  विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम के सिंह, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रोफेसर बीबी  तिवारी, प्रोफेसर वंदना राय, प्रोफेसर बीडी शर्मा, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ संतोष कुमार  समेत तमाम लोग उपस्थित रहे.

Saturday, 25 January 2020

विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर शुरू


पूर्वांचल विश्वविद्यालय  के राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय परिसर इकाई फार्मेसी एवं इंजीनियरिंग संस्थान के विशेष शिविर का शनिवार को शुभारंभ हुआ. उद्घाटन शिविर की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष जन संचार डॉ मनोज मिश्रा ने कहा कि आज सेवा प्रदर्शन की वस्तु हो गई है जबकि सेवा में किसी भी प्रकार का दिखावा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है जिसमें स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। मुख्य अतिथि  समाजसेवी एवं प्रधान लाल चंद उर्फ लाले ने  कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति में समाज के प्रति सजग रहने की सीख देता है। विशिष्ट  अतिथि डॉ संजय श्रीवास्तव ने कहा कि स्वयं के विकास के साथ-साथ समाज का भी विकास  किया जाना चाहिए।  संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ विनय वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ कमलेश पाल ने किया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक डॉ धर्मेंद्र सिंह,डॉक्टर सौरभ पाल,डॉ प्रवीण सिंह,दीपक सिंह,शिक्षिका डॉक्टर झांसी मिश्रा एवं स्वयंसेवक सत्यार्थ प्रकाश ,मृत्युंजय रिछारिया ,गौरव शुक्ला ,पारस ,नीरज ,अजय, प्रीति ,गरिमा ,आनंद कुमार वर्मा, ज्ञानेंद्र उपाध्याय उपस्थित थे।

Thursday, 23 January 2020

पढ़ें जौनपुरः छात्रों के साथ जब शिक्षक और कर्मचारी भी एक साथ पढ़ने बैठे


पीयू में हुआ  'पढ़ें जौनपुर' कार्यक्रम का आयोजन

घड़ी की सूइयां जैसे ही 11 बजने को हुईं तो छात्रों के साथ शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने विभाग में पढ़ने बैठ गए। पहली बार कुछ ऐसा हुआ वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालयय में। पूर्वांह्न 11 बजे से 11 बजकर 45 मिनट तक सभी पढ़ने बैठे। यह पहल हुई राज्यपाल और कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर।
दरअसल, स्मार्टफोन के इस जमाने में लोग किताबों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों में किताबें पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए कुलाधिपति ने यह पहल शुरू की है। कुलाधिपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय के  सभी विभागों में 'पढ़ें जौनपुर' कार्यक्रम का आयोजन हुआ।  विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो  दिन पहले ही इसके लिए तैयारियां दुरुस्त कर लीं थीं। सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए थे।दिन में 11 बजे विश्वविद्यालय के संकाय भवन, रज्जू भैया संस्थान, फार्मेसी एवं अभियांत्रिकी संकाय के विभिन्न विभागों में तथा   विवेकानंद केंद्रीय  पुस्लातकालय में विद्यार्थियों ने अपने मन पसंद की किताबें पढ़ी.  एक साथ छात्र, शिक्षक और कर्मचारी पढ़ने बैठे।  
कुलाधिपति ने  हर महीने 'पढ़ें जौनपुर' कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर  सहित सभी संबद्ध कॉलेजों में हर महीने होना है। जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने इसे एक शानदार पहल बताते हुए  सप्ताह में एक दिन अपने विभाग  के पठन -पाठन  समय सारणी में रखने का  निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने परिसर के विभिन्न विभागों में दौरा कर  किताबें पढने का अवलोकन किया।  बताया कि जनपद के  प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थाओं में पढ़े जौनपुर कार्यक्रम  का आयोजन हुआ है. नोडल अधिकारी प्रो अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि आज के समय इन्टरनेट पर विद्यार्थी अधिक समय व्यतीत कर रहे है. किताबों में  विषय का विस्तृत ज्ञान होता है.  निश्चित तौर पर विद्यार्थियों में किताबों को पढने की रूचि बढ़ेगी और सम्पूर्ण ज्ञान मिलेगा।