वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बुधवार को विश्वविद्यालय में संचालित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के प्रमाण पत्रों का वितरण किया। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के देहरादून स्थित भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान ने अपने आउटरीच प्रोग्राम के अन्तर्गत ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय के भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग को नोडल केंद्र के रूप में सम्मिलित किया था। विश्वविद्यालय में इसरो-आईआईआरएस आउटरीच प्रोग्राम के समन्वयक डॉ. श्रवण कुमार ने बताया कि अभी तक विश्वविद्यालय द्वारा पांच से अधिक ऑनलाइन कोर्सों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा चुका है, जिसमें विश्वविद्यालय एवं संबंधित कॉलेजों के करीब 40 छात्रों ने प्रतिभाग किया एवं ऑनलाइन परीक्षा के उपरांत 10 छात्र उत्तीर्ण पाये गये जिनके प्रमाण पत्रों का वितरण कुलपति जी के द्वारा किया गया। इसरो के प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले वाले छात्रों एवं डॉ. श्रवण कुमार को कुलपति ने शुभकामनाएं दी और कहा कि विश्वविद्यालय के विकास के लिये इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि हमारे छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक प्रदर्शन के अवसर प्राप्त हो सके। इन पाठ्यक्रमों के सकुशल संचालन करने के लिए इसरो ने विश्वविद्यालय को तीन प्रशस्ति पत्र भी जारी किये | प्रोग्राम समन्वयक डॉ. कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्र / वैज्ञानिक कर्मचारी / शोधकर्ता भाग ले सकते हैं । वर्तमान में ऑनलाइन पाठ्यक्रम जैसे कि "जियो-प्रोसेसिंग अवलोकन में पाइथन प्रोग्रामिंग का उपयोग" आदि कोर्सों के लिए छात्र IIRS आउटरीच प्रोग्राम के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को चुन कर आवेदन कर सकते हैं।
Wednesday, 13 January 2021
Tuesday, 12 January 2021
मानवता विश्व का सबसे बड़ा धर्म : प्रो राकेश उपाध्याय
विश्वविद्यालय स्थित प्रो. रज्जू भैय्या संस्थान में विवेकानंद की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद: जीवन और दर्शन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को ऑनलाइन सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राकेश उपाध्याय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के अध्यात्म व दर्शन से पश्चिम व पूरे विश्व को परिचित कराया। मानवता विश्व का सबसे बड़ा धर्म है। बिना मानव कल्याण के विश्व कल्याण की परिकल्पना नहीं की जा सकती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन ने विश्व को एक नई दिशा दी। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए डॉ राकेश यादव ने स्वामी विवेकानंद ने भारत भारतीय सभ्यता व संस्कृति को आगे बढ़ाया। डॉ. राजकुमार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। अवसर पर निबंध, प्रश्नोत्तरी तथा संभाषण के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। निबंध प्रतियोगिता श्वेता यादव व वरुण पांडेय, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता सचिन कुमार यादव तथा संभाषण प्रतियोगिता में प्रियांशी यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ देवराज सिंह डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ.मनीष गुप्त, डॉ.सुनील कुमार, अजीत सिंह डॉ.नीतेश जायसवाल, डॉ. शशिकांत, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. प्रमोद कुमार यादव, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ इन्द्रेश व अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया
प्रबंध अध्ययन संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति से पूरे विश्व को परिचित कराया था। अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने वेदांत के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाया था। राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकीय अध्ययन एवं शोध संस्थान के निदेशक प्रोफेसर देवराज सिंह ने कहा कि स्वामी जी की बातें अगर हम आत्मसात करें तो निश्चित तौर पर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. मानस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का नाम स्वामी जी ने नाम पर रखा गया है यह निरंतर युवाओं को ऊर्जा प्रदान करता है।कार्यक्रम का संचालन डॉ विद्युत मल ने किया।इस अवसर पर विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में स्थापित स्वामी जी की प्रतिमा पर शिक्षकों विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया।इस अवसर पर प्रो. एके श्रीवास्तव , प्रोफेसर बीडी शर्मा,प्रोफेसर राम नारायण, डॉ रसिकेश, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अमित वत्स, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ श्याम कन्हैया,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चंदन सिंह, डॉ मनोज पांडे, डॉ आलोक दास, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ दूजेन्दु उपाध्याय, डॉ इंद्रेश गंगवार समेत शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


