Friday, 28 February 2025

वित्त के सॉफ्टवेयर का ज्ञान है जरूरी - प्रो. अजय द्विवेदी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एमबीए वित्त के छात्रों के लिए हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ/इनक्यूबेशन सेंटर में एमबीए वित्त के छात्रों के लिए एक विशेष कक्षा का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को वित्त क्षेत्र की नौकरियों के लिए साक्षात्कार में पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्नों की जानकारी देना था।

इस विशेष कक्षा के मुख्य वक्ता प्रबंधन संकाय के डीन एवं डीएसडब्ल्यू कार्यालय के निदेशक प्रो. अजय द्विवेदी ने छात्रों को साक्षात्कार की प्रक्रिया, संभावित प्रश्नों और उनके उत्तरों की रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों में आमतौर पर बैलेंस शीट, कैश फ्लो स्टेटमेंट, बजटिंग, वित्तीय विश्लेषण और बाजार के वर्तमान रुझानों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही, उन्होंने छात्रों को इंटरव्यू में आत्मविश्वास बनाए रखने और प्रभावी उत्तर देने की तकनीक पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि आज कल वित्त के सॉफ्टवेयर का भी ज्ञान जरूरी है।

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ/इनक्यूबेशन सेंटर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को भविष्य में भी जारी रखने की बात कही, जिससे छात्रों को करियर संबंधी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।छात्रों को इस तरह की विशेष कक्षाओं का लाभ उठाने और अपने करियर को मजबूती देने के लिए प्रेरित किया। यह विशेष कक्षा केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ/इनक्यूबेशन सेंटर में आयोजित की गई, जहां छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने संदेह दूर किए। कार्यक्रम के दौरान प्लेसमेंट सेल के कर्यालय प्रभारी श्याम त्रिपाठी एवं मुख्य छात्र सदस्य आदित्य पांडे, दिव्यांशु संजय, रुद्रांश चतुर्वेदी, श्रेया मिश्रा, शिवांश श्रीवास्तव, हरी ओम साहू, आर्यन पाण्डेय, आयुष गुप्ता समेत कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे

विकसित राष्ट्र के लिए युवाओं की सोच वैज्ञानिक होः प्रो. रामलखन सिंह

नवाचारों से भारत हो रहा है मजबूतः प्रो. वंदना सिंह

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के परिसर के आर्यभट्ट सभागार में विज्ञान संकाय के बायोटेक्नोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एवं एनवायर्नमेंटल साइंस विभाग  द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन हो गया | दूसरे दिन पोस्टर एवं मॉडल प्रस्तुतीकरण हुआ | विज्ञान दिवस 28 फरवरी जो सीवी रमन इफेक्ट के नाम से जाना जाता है कि उपलक्ष्य में मनाया जाता है इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर राम लखन सिंह पूर्व कुलपति नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय पलामू झारखंड पधारे उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एवं राष्ट्र के विकसित भारत के लिए युवाओं को वैज्ञानिक सोच नवाचार शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में  आगे बढ़-चढ़कर करने के लिए आह्वान किया |उन्होंने कहा कि कोई राष्ट्र का विकास तभी हो सकता है जब वहां के युवा की वैज्ञानिक सोच हो और अपने नित्य कर्मों में अध्ययन के साथ-साथ वह समाज के नव निर्माण में और एक विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अपने नवाचारों के माध्यम से कर सकता है और राष्ट्र का प्रत्येक क्षेत्र यथा कृषि, स्वास्थय, अवसंरचना, अन्तरिक्ष  में समावेशी विकास हो सके |

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर वंदना सिंह कुलपति ने कहा की हम अमृत कल के समय में जी रहे हैं और नित्य नए नवाचारों से हम अपने भारत को मजबूत कर रहे हैं | भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें अपने युवा पीढ़ी को सशक्त करना पड़ेगा | इस दिशा में भारत सरकार के स्टार्टअप, इनक्यूबेटर, शोध और अनुसंधान में प्रोत्साहन दिया जा रहा है | उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार की तरफ से दिल्ली में पर्स योजना के तहत सम्मान किया जा रहा है और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जिसको यह 7.13 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है |  इस प्रोजेक्ट से आने वाले कुछ ही समय में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा | संकाय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर राजेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।

दुसरे दिन होने वाले कार्यक्रम पोस्टर प्रस्तुतीकरण के निर्णायक में प्रो. संतोष कुमार, प्रो. सौरभ पाल एवं डॉ राम नरेश यादव  रहे मॉडल एग्जीबिशन के निर्णायक मंडल में प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजकुमार, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार |इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रथम दिन एवं द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का सम्पूर्ण विवरण आयोजन सचिव डॉ मनीष कुमार गुप्ता बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया और यह बताया गया कि

रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कोमल जायसवाल एवं  ग्रुप रहा,  द्वितीय स्थान पर तान्या प्रजापति समूह रहे, तृतीय स्थान पर शालिनी पांडेय समूह रहे । क्विज कंपटीशन में प्रथम स्थान पर  बिपिन कुमार मैकेनिकल इंजीनियरिंग, द्वितीय स्थान पर अलीजा आज़मी एवं  साक्षी पांडेय,  तृतीय स्थान अनुराग सिंह और श्याम सुंदर ने प्राप्त किया ।साइंस फिक्शन स्टोरी राइटिंग में प्रथम स्थान पर शीतल सिंह  बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, द्वितीय  स्थान पर  विशाल यादव एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, तृतीय स्थान पर वैष्णवी अरोड़ा बीएससी बायोटेक्नोलॉजी रहे।पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सताक्षी श्रीवास्तव बीएससी आनर्स बायो टेक्नोलॉजी, द्वितीय स्थान पर अनुराग यादव बीएससी बायोटेक्नोलॉजी मोहम्मद हसन महाविद्यालय,  अनुज्ञा निषाद एवं नैना सिंह एमएससी बायोटेक्नोलॉजी तृतीय स्थान पर रहे . मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर  साक्षी पांडेय, नेहा नाज एवं सुंदर चौहान समूह, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, द्वितीय स्थान पर श्रेया सिंह एवं सृष्टि सिंह बीएससी हॉनर्स  बायोटेक्नोलॉजी तथा आस्था श्रीवास्तव, नितिन चौहान, विशाल यादव, प्रीति विश्वकर्मा दिव्यांश, हेरा पलक तृतीय स्थान पर रहे इस कार्यक्रम में कुल 539 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया और परिसर के विभागों बायोटेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एनवायर्नमेंटल साइंस, रज्जू भईया संस्थान, इंजीनियरिंग संस्थान, फार्मेसी संस्थान विधि संस्थान के अलावा शिया कॉलेज और मो. हसन महाविद्यालय के छात्रों ने भी भाग लिया|

 इस कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की छात्रा स्नेहा कुमारी और छात्र शुभम सिंह चौहान ने किया | विशिष्ट अतिथि का जीवन परिचय बायोटेक्नोलॉजी विभाग की शोध छात्र आतिफा हफीज ने पढ़ा | धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ मनीष कुमार गुप्ता दिया |इस अवसर पर प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. एस पी तिवारी, डॉ नीरज अवस्थी , डॉ इन्द्रेश गंगवार, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुजीत चौरसिया, डॉ पुनीत धवन, डॉ विवेक पांडे, डॉ संजीव कुमार मौर्य, डॉ दिनेश कुमार, डॉ. सिपाही लाल, डॉ विवेक सिंह, डॉक्टर श्वेता सोनम, डॉ. मारुति प्रसाद, डॉ राजेश कुमार, डॉ विजय शंकर पांडे, मिस ईशानी भारती, डॉ प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ दीपक कुमार, डॉ अभय कुमार आदि थे

Thursday, 27 February 2025

 विकसित राष्ट्र के लिए युवाओं की सोच वैज्ञानिक होः प्रो. रामलखन सिंह

नवाचारों से भारत हो रहा है मजबूतः प्रो. वंदना सिंह

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के परिसर के आर्यभट्ट सभागार में विज्ञान संकाय के बायोटेक्नोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एवं एनवायर्नमेंटल साइंस विभाग  द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन हो गया | दूसरे दिन पोस्टर एवं मॉडल प्रस्तुतीकरण हुआ | विज्ञान दिवस 28 फरवरी जो सीवी रमन इफेक्ट के नाम से जाना जाता है कि उपलक्ष्य में मनाया जाता है इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर राम लखन सिंह पूर्व कुलपति नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय पलामू झारखंड पधारे उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एवं राष्ट्र के विकसित भारत के लिए युवाओं को वैज्ञानिक सोच नवाचार शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में  आगे बढ़-चढ़कर करने के लिए आह्वान किया |उन्होंने कहा कि कोई राष्ट्र का विकास तभी हो सकता है जब वहां के युवा की वैज्ञानिक सोच हो और अपने नित्य कर्मों में अध्ययन के साथ-साथ वह समाज के नव निर्माण में और एक विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अपने नवाचारों के माध्यम से कर सकता है और राष्ट्र का प्रत्येक क्षेत्र यथा कृषि, स्वास्थय, अवसंरचना, अन्तरिक्ष  में समावेशी विकास हो सके |

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर वंदना सिंह कुलपति ने कहा की हम अमृत कल के समय में जी रहे हैं और नित्य नए नवाचारों से हम अपने भारत को मजबूत कर रहे हैं | भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें अपने युवा पीढ़ी को सशक्त करना पड़ेगा | इस दिशा में भारत सरकार के स्टार्टअप, इनक्यूबेटर, शोध और अनुसंधान में प्रोत्साहन दिया जा रहा है | उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार की तरफ से दिल्ली में पर्स योजना के तहत सम्मान किया जा रहा है और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जिसको यह 7.13 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है |  इस प्रोजेक्ट से आने वाले कुछ ही समय में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा |

विज्ञान का संकाय के संकाय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर राजेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।

दुसरे दिन होने वाले कार्यक्रम पोस्टर प्रस्तुतीकरण के निर्णायक में प्रो. संतोष कुमार, प्रो. सौरभ पाल एवं डॉ राम नरेश यादव  रहे मॉडल एग्जीबिशन के निर्णायक मंडल में प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजकुमार, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार |इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रथम दिन एवं द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का सम्पूर्ण विवरण आयोजन सचिव डॉ मनीष कुमार गुप्ता बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया और यह बताया गया कि

रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कोमल जायसवाल एवं  ग्रुप रहा,  द्वितीय स्थान पर तान्या प्रजापति समूह रहे, तृतीय स्थान पर शालिनी पांडेय समूह रहे । क्विज कंपटीशन में प्रथम स्थान पर  बिपिन कुमार मैकेनिकल इंजीनियरिंग, द्वितीय स्थान पर अलीजा आज़मी एवं  साक्षी पांडेय,  तृतीय स्थान अनुराग सिंह और श्याम सुंदर ने प्राप्त किया । साइंस फिक्शन स्टोरी राइटिंग में प्रथम स्थान पर शीतल सिंह  बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, द्वितीय  स्थान पर  विशाल यादव एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, तृतीय स्थान पर वैष्णवी अरोड़ा बीएससी बायोटेक्नोलॉजी रहे।पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सताक्षी श्रीवास्तव बीएससी आनर्स बायो टेक्नोलॉजी, द्वितीय स्थान पर अनुराग यादव बीएससी बायोटेक्नोलॉजी मोहम्मद हसन महाविद्यालय,  अनुज्ञा निषाद एवं नैना सिंह एमएससी बायोटेक्नोलॉजी तृतीय स्थान पर रहे । मॉडल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर  साक्षी पांडेय, नेहा नाज एवं सुंदर चौहान समूह, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, द्वितीय स्थान पर श्रेया सिंह एवं सृष्टि सिंह बीएससी हॉनर्स  बायोटेक्नोलॉजी तथा आस्था श्रीवास्तव, नितिन चौहान, विशाल यादव, प्रीति विश्वकर्मा दिव्यांश, हेरा पलक तृतीय स्थान पर रहे. इस कार्यक्रम में कुल 539 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया और परिसर के विभागों बायोटेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एनवायर्नमेंटल साइंस, रज्जू भईया संस्थान, इंजीनियरिंग संस्थान, फार्मेसी संस्थान विधि संस्थान के अलावा शिया कॉलेज और मो. हसन महाविद्यालय के छात्रों ने भी भाग लिया| कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की छात्रा स्नेहा कुमारी और छात्र शुभम सिंह चौहान ने किया | विशिष्ट अतिथि का जीवन परिचय बायोटेक्नोलॉजी विभाग की शोध छात्र आतिफा हफीज ने पढ़ा | धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ मनीष कुमार गुप्ता दिया |इस अवसर पर प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. एस पी तिवारी, डॉ नीरज अवस्थी , डॉ इन्द्रेश गंगवार, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुजीत चौरसिया, डॉ पुनीत धवन, डॉ विवेक पांडे, डॉ संजीव कुमार मौर्य, डॉ दिनेश कुमार, डॉ. सिपाही लाल, डॉ विवेक सिंह, डॉक्टर श्वेता सोनम, डॉ. मारुति प्रसाद, डॉ राजेश कुमार, डॉ विजय शंकर पांडे, मिस ईशानी भारती, डॉ प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ दीपक कुमार, डॉ अभय कुमार आदि थे

 विज्ञान दिवस की पूर्व संध्या पर रंगोली ने सबका मन मोहा


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में दो दिवसीय विज्ञान दिवस उत्सव के अंतर्गत पहले दिन 27 फरवरी को विज्ञान में प्रौद्योगिकी पर आधारित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन संपन्न हुआ | इस कार्यक्रम में साइंस फिक्शन स्टोरी राइटिंग, रंगोली, साइंस क्विज़ प्रतियोगिता  का आयोजन किया गया |

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रोफेसर डी डी दूबे पूर्व कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय ने विज्ञान संकाय के सभागार में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व निर्माण के लिए हर छात्र के अंदर समर्पण की भावना होनी चाहिए विश्वविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा स्वायतता मिलनी चाहिए | छात्रों को विषय और प्रयोगों के प्रति संवेदनशील और गंभीर होना चाहिए | विद्यर्थियों को विचारक की तरह सोचना चाहिए तथा वह अच्छे व्यक्ति बने और प्रयोगशालाओं में होने वाले प्रायोगिक पहलुओं को सिद्धांत से समन्वय स्थापित करना चाहिए | कार्यक्रम के दूसरे विशिष्ट अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय के लोकपाल, प्रोफेसर रमेश मणि त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशालाओं की उपयोगिता एवं विकसित भारत के लिए वर्तामान युवा पीढ़ी जो अगले 20 वर्षो में विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान के अनुप्रयोग से कैसे इसका प्रयोग नवाचार में कर सकते हैं उस पर विशेष प्रकाश डाला | उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों और पाठ्यक्रमों के लिए अधिक स्वायतता मिलनी चाहिए |  छात्रों को परिसर के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्तर  के शैक्षणिक संस्थानों में औद्योगिक प्रशिक्षण के रूप में अपने कौशल को बेहतर बनानें के लिए जरूर जाना चाहीये | जिससे उनका लाभ आने वाले समय में भारत को विकसित बनाने में अपना योगदान दे सके |

कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने बताया और संयोजक, प्रो. राजेश शर्मा संकाय अध्यक्ष ने किया कार्यक्रम की महत्ता और अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम का संचालन डॉ एस पी तिवारी ने किया धन्यवाद ज्ञापन बायोटेक्नोलॉजी की शोधछात्रा मंजूषा सिंह ने दिया |

रंगोली प्रतियोगिता में कुल 88 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विभिन्न प्रकार के विज्ञान, अंतरिक्ष, महाकुंभ, चंद्रयान, गगनयान, आईपीआर से संबंधित विभिन्न विषयों पर रंगोली बनाए गए जिसका कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डीडी दुबे एवं प्रोफेसर रमेश मणि त्रिपाठी  द्वारा अवलोकन किया और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया| निर्णायक मंडल में डॉ श्याम कन्हैया, डॉ सुजीत कुमार चौरसिया एवं डॉक्टर आलोक दास रहे |

साइंस फिक्शन स्टोरी में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय मोहम्मद हसन एवं शिया कॉलेज, परिसर के रज्जू भैया संस्थान, विधि संस्थान फार्मेसी, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान, के कुल 88 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया इस प्रतियोगिता का आयोजन डॉ विवेक कुमार पांडे को डॉ दिनेश कुमार ने किया तथा उक्त कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ मनीष प्रताप सिंह, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ शशिकांत यादव अपने सहभागिता देते हुए बच्चों का उत्साह सहायक कक्ष डॉ विवेक कुमार पांडे को डॉ दिनेश कुमार ने किया उक्त कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ नितिन सिंह डॉ मनीष प्रताप सिंह डॉक्टर शशिकांत यादव अपने सहभागिता देते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया ।

साइंस क्विज कंपटीशन में कुल 162 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया और इस कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ नितेश जायसवाल एवं डॉ धर्मेंद्र कुमार रहे तथा विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन किया।

इस अवसर पर विज्ञान संकाय के आयोजन समिति के शिक्षक डॉ विवेक पांडे, डॉ दिनेश कुमार, डॉ. सिपाही लाल, डॉ संजीत कुमार मौर्य, डॉ विवेक सिंह, डॉक्टर श्वेता सोनम, डॉ. मारुति प्रसाद, डॉ राजेश कुमार, डॉ विजय शंकर पांडे, मिस ईशानी भारती, डॉ प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ दीपक कुमार, डॉ अभिषेक श्रीवास्तव मोहम्मद, डॉ अभय कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे.