Tuesday, 9 July 2019

फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने दिया व्याख्यान


विश्वविद्यालय परिसर  के  उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में मंगलवार  को  फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्यख्यान दिया। संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम  दूसरे  दिन देश के प्रख्यात  भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के प्रोफेसर गोपालकृष्णन हेगड़े ने कहा  कि नैनोफोटोनिक्स के माध्यम से नई डिवाइस बनेगी जिसकी कार्यक्षमता और दक्षता अधिक होगी. इससे नए सोलर सेल बनाये जा सकते है. उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी के द्वारा उद्योगों में आने वाली क्रांति के तरफ इशारा भी किया.
इसी क्रम में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के प्रोफेसर डॉ टी श्रीनिवास ने फोटोनिक्स इंटीग्रेटेड सर्किट पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम से आने वाले दिनों में ओद्योगिक क्रांति ला सकेगें.गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एव तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के इन्जीनियरिंग  के प्रोफेसर डॉ अजय शंकर ने कहा कि माइक्रो मशीनिंग एवं अन्य सेंसर अनुप्रयोगों में मैट्रोलोजी उपयुक्त है.
टेकिप समन्वयक प्रो बीबी तिवारी  अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में संयोजक डॉ रवि प्रकाश एवं ज्योति सिंह, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ शैलेश प्रजापति, प्रवीण सिंह, पारुल त्रिवेदी, अजय कुमार मौर्या, मोहम्मद अनीश,रितेश बरनवाल, सुधीर सिंह, पूनम सोनकर, दीपक सिंह, समेत तमाम शिक्षक उपस्थित रहे.

Monday, 8 July 2019

देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों से रूबरू हुए शिक्षक

विश्वविद्यालय परिसर  के  उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान में सोमवार को  एक सप्ताह के फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत को हुई। एक सप्ताह के इस  कार्यक्रम में  संचार एवं फोटानिक्स विषय पर देश के प्रख्यात वैज्ञानिक शिक्षकों से रूबरू होंगें। संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में पहले दिन आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक प्रोफेसर विपुल रस्तोगी ने फाइबर ऑप्टिक्स पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि फाइबर ऑप्टिकल की वजह से इंटरनेट को तीब्र गति मिली है. फाइबर-ऑप्टिक संचार प्रणाली ने टेलिकम्युनिकशन में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है एवं सूचना युग के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।आने  समय में ऑप्टिकल कंप्यूटर बनेगें जिससे कई क्षेत्रों में बड़े  परिवर्तन आयेंगें। 
अगले सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एव तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के इन्जीनियरिंग  के प्रोफेसर डॉ अजय शंकर ने ऑप्टिकल मैट्रोलोजी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मापन के सिद्धांत इंजीनियरिंग डिजाइन के लिए आवश्यक है. उद्घाटन  सत्र में टेकिप समन्वयक प्रो बीबी तिवारी  कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की । कार्यक्रम में संयोजक डॉ रवि प्रकाश एवं ज्योति सिंह ने अतिथियों स्वागत किया। इस अवसर पर हासन कर्नाटक के मलनाड इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर डॉ पी सी श्रीकांत , डॉ डी एन नागालक्ष्मी, प्रो ए के श्रीवास्तव, डॉ संतोष, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ शैलेश प्रजापति, प्रवीण सिंह, दीपक सिंह, पारुल त्रिवेदी, अजय कुमार मौर्या, मोहम्मद अनीश समेत तमाम लोग उपस्थित रहे.

Tuesday, 2 July 2019

इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए लाभकारी है फाइव जी



विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया हाल में मंगलवार को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत संचार निगम लिमिटेड के पूर्व सीएमडी डॉ आरके उपाध्याय ने मोबाइल प्रौद्योगिकी की अगली पीढ़ी 5जी पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि 5G भारत में डिजिटल क्रांति के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा जिससे स्वचालित यातायात नियंत्रण, ड्राइवर विहीन कार, ऑटोमेटिक रोबोट, सुदूर शल्य चिकित्सा, भारी मशीनरी का रिमोट नियंत्रण एवं आभासी वास्तविकता प्रदान होगी। उन्होंने कहा कि 5G तकनीकी से इंटरनेट की हाई स्पीड निम्न विलंबता और क्षमता में वृद्धि होगी इसके लिए हमें बड़े निवेश करना होगा। 5G के लाभों को विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि इससे इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के समय में काफी बचत होगी और देश के विभिन्न क्षेत्रों में  लाभ होगा।
अगले सत्र में पी ई एस कॉलेज आफ इंजीनियरिंग मांड्या के डॉक्टर महेश कुमार एवं डॉक्टर चेतन में पी स्पाइस एवं सिमुलेशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर विशेष व्याख्यान दिया।
टेकिप के निदेशक प्रोफेसर बी बी तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ रवि प्रकाश, शैलेश प्रजापति, पीसी यादव, दीपक सिंह, अनीश, ज्योति सिंह समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

Monday, 1 July 2019

पीयू के परीक्षा नियंत्रक को कुलपति,शिक्षक एवं कर्मचारियों ने दी विदाई

विश्वविद्यालय में  सोमवार को कुलपति सभागार में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार को विदाई दी गई। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार का स्थानांतरण आगरा के बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में इसी पद पर हुआ है।  कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने परीक्षा नियंत्रक के कार्यों की सराहना की और कहा कि भविष्य में आशा है कि वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का सहयोग सदैव करते रहेंगे । इस अवसर परकुलपति ने उन्हें अंगवस्त्रम पहनाकर विदाई दी।
उधर एक अन्य समारोह में इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया सभागार में पीयू के परीक्षा नियंत्रक को शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। 
विदाई समारोह में भावुक होते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में बहुत कुछ सीखने को मिला है। यहां के शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से इतने अल्प समय में मैं हर चुनौतियों का सामना कर सका। समय से परीक्षा संपन्न कराकर परीक्षाफल घोषित करना टीमवर्क के कारण संभव हो पाया।
इस अवसर पर प्रोफेसर बीबी तिवारी,वित्त अधिकारी एमके सिंह,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल,राकेश यादव , प्रोफेसर बी डी शर्मा, प्रोफेसर अशोक श्रीवास्तव, प्रोफेसर अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्र, डॉ राजकुमार, श्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे। विश्वेश्वरैया  सभागार में परीक्षा नियंत्रक को शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्मृति चिन्ह एवम अंगवस्त्रम भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर संतोष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ रजनीश भास्कर ने किया। इस अवसर पर डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, आरपी सिंह, ए एच रिजवी, डॉ संजय श्रीवास्तव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।