उत्तर प्रदेश शासन ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए अनुवाद उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया है । शासन द्वारा जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र को इस सेंटर आफ एक्सीलेंस का समन्वयक बनाया गया है । कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के मंशानुसार यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा । यह केंद्र भाषा के लेखकों की कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद करेगा । इससे लोक साहित्य एवं संस्कृति को वैश्विक पटल पर बढ़ावा मिलेगा । उन्होंने कहा कि केंद्र अनुवाद के क्षेत्र में देश के लिए महत्वपूर्ण सहयोग देगा एवं बहु -भाषी भाषा के विषय विशेषज्ञ तथा अनुवाद एवं व्याख्या के विशेषज्ञों के परामर्श और सहायता से सभी भारतीय भाषाओं को प्रसारित और प्रचारित करने में मदद लेगा । उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विश्वविद्यालय में यह केंद्र स्थापित किये जाने पर परिसर में खुशी का माहौल है।
Sunday, 7 February 2021
Saturday, 6 February 2021
प्रदेश में भाषाओं का उत्कृष्टता केंद्र बना पूर्वांचल विश्वविद्यालय
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश शासन ने भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए भाषाओं का उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाने का निर्णय लिया है। यह केंद्र प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में स्थापित छह अन्य भाषा केंद्रों की निगरानी एवं संचालन करेगा। विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के अंतर्गत भाषा की अनेकता में एकता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय को भाषाओं का उत्कृष्टता केंद्र बनाया गया है । साथ ही प्रदेश में स्थापित हो रहे 6 भाषा केंद्रों के संचालन एवं निगरानी का भी दायित्व पूर्वांचल विश्वविद्यालय को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र भारत में बिखरे हुए ज्ञान, विज्ञान को सार्वजनिक मंच पर लाने का प्रयास करेगा। साथ ही यह केंद्र हमारे महान ग्रंथ जो कि विभिन्न भाषाओं में हमारे ग्रंथालयों में सुरक्षित हैं उनका अध्ययन एवं अध्यापन कर विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों को जागृत करेगा । उन्होंने बताया कि यह भाषा केंद्र भारत के विविध दर्शन जो कि देश के विभिन्न बोलियों और भाषाओं में रचे बसे गए हैं | उनके पीछे निहित वैज्ञानिक और सामाजिक कारणों पर भी शोध कार्य करेगा। कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि प्रदेश में स्थापित जितने भी भारतीय भाषा केंद्र बनाए गये हैं उनमें भविष्य में रोजगारपरक कार्यक्रम संचालित होंगे। इससे सरकार में भाषा अधिकारी, भाषा अनुवादक, भाषा सहायक, पत्र पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में भाषा रूपांतरण, समाचार वाचक, लेखक, स्क्रिप्ट राइटर,गीतकार, कवि, अनुवादक, संपादक, कंपोजर, प्राकृतिक एवं कलात्मक रूप में सृजनात्मक लेखन को बढ़ावा मिलेगा।
Friday, 5 February 2021
महिलाओं की समस्याओं पर हुई गोष्ठी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव, कुकड़ीपुर के जूनियर ,हाईस्कूल में "महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण" विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इसका समन्वयन डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने किया. संगोष्ठी में परामर्शदाता डॉ. झांसी मिश्रा ने वैश्विक महामारी कोविड-190 से बचने और सावधानी बरतने के उपाय बताए। परामर्शदाता डॉ. पूजा सक्सेना ने छात्राओं को मासिक धर्म के समय होने वाली समस्याओं पर विस्तृत जानकारी दी, साथ ही खेल के माध्यम से कैसे अपनी स्मृतिशक्ति को बढ़ा सकती हैं। इस विषय में भी मनोवैज्ञानिक रूप से समझाया गया।अंत में उन्हें सैनिटाइजर और मास्क के साथ-साथ सेनेटरी पैड भी वितरित किया गया,कार्यक्रम का संचालन जया शुक्ला ने तथा आभार डॉ. प्रियंका कुमारी ने किया । इस अवसर पर भीम यादव एवम् भारी संख्या में महिला शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
Thursday, 4 February 2021
शहीदों के योगदान पर पीयू में की गई चर्चा
चौरी चौरा शताब्दी वर्ष के शहीदों को याद किया गया
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में चौरी चौरा शताब्दी समारोह का उद्घाटन समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। चौरी चौरा घटना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश भर में चौरी चौरा शताब्दी समारोह का आयोजन हो रहा है। चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन का प्रसारण छात्रों के बीच में किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रज्जू भइया संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह ने चौरी चौरा घटना के शहीदों को याद करते हुए स्वतन्त्रता संग्राम पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों के अंदर देश के प्रति अपने कर्तव्यों के बारे में जागरुक किया। चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के नोडल अधिकारी डॉ नितेश जायसवाल ने कहा कि चौरी चौरा के घटना की भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका है । उन्होंने छात्रों से स्वतंत्रता संग्राम में चौरी चौरा घटना के योगदान पर चर्चा की । इस अवसर देशभक्ति गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमे विभिन्न संकाय व विभागों के छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका डॉ. अन्नू त्यागी तथा डॉ. आलोक दास ने निभाई । शताब्दी समारोह के सहायक नोडल अधिकारी डॉ आलोक दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ नीरज अवस्थी, डॉ धीरेंद्र चौधरी, डॉ प्रमोद यादव, डॉ.अजीत सिंह, शशिकांत व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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