Friday, 6 June 2025

 योग की प्राचीन परंपरा को आधुनिक जीवन के लिए उपयोगी – कुलपति

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “विरासत से विकास: योग की भूमिका” विषयक परिचर्चा आयोजित
योग से संभव है मन की शांति – पंकज मिश्र
युवा पीढ़ी योग को अपने से जोड़े रखे- पवन कुमार

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को “विरासत से  विकास: योग की भूमिका” विषय पर ऑनलाइन  परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विकास में योग की भूमिका पर गंभीर चर्चा की.

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने योग की प्राचीन परंपरा को आधुनिक जीवन के लिए उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि मानव जाति तन, मन से स्वस्थ रहेगी तभी हम विकास कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि योग हमारी दैनिक दिनचर्या में शामिल रहेगा तभी हम जीवन का आनंद ले पाएंगे. स्वस्थ रहने का वरदान भारतीय परंपरा में पहले से था और आज योग को पूरा विश्व मान रहा है.
बतौर आमंत्रित वक्ता प्रयागराज के आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक ख्यातिलब्ध योगाचार्य पंकज मिश्र ने कहा कि मस्तिष्क में नए विचारों को जन्म लेने के लिए मन का शांत होना बहुत जरुरी है. आज के इस दौर में योग से ही मन की शांति संभव है. उन्होंने कहा कि मन का विश्राम नहीं हो पा रहा है. इस के पीछे मोबाइल और कंप्यूटर जैसे डिजिटल यंत्रों की भी बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को ऊर्जावान बनाता है और सम्पूर्ण जीवनशैली पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. यह केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि एक ऐसी साधना है जिसे अब वैज्ञानिक प्रमाणिकता भी प्राप्त हो चुकी है.  
बतौर वक्ता लोक दायित्व संस्था के  संयोजक पवन कुमार सिंह ने कहा कि योग भारतीय ग्रामीण जीवन और लोक परंपराओं में गहराई से जुड़ा हुआ है. हम सबको इस बात का विशेष गर्व है कि हजारों साल पूर्व प्रारंभ हुई योग  परंपरा का लाभ आज पूरा विश्व ले रहा है. इस प्रकार की परम्पराओं को युवा पीढ़ी को अपने से जोड़े रखना चाहिए.
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने कहा कि विरासत में हमें योग मिला है इसे जीवन से जोड़कर आगे ले जाना है. अतिथियों का स्वागत अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव ने किया.
कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. श्याम कन्हैया सिंह  ने  और धन्यवाद ज्ञापन नोडल अधिकारी  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया.  कार्यक्रम में  प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राज कुमार सोनी, प्रो गिरिधर मिश्र, डॉ. राज बहादुर,  डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रसिकेश, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, उद्देश्य सिंह, प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. सतीश जैसल समेत अन्य उपस्थित रहे.

Thursday, 5 June 2025

युवा पीढ़ी प्रकृति के उपहारों का समझे महत्व - कुलपति अराइज एंड अवेक के सहयोग से लगी पोस्टर प्रदर्शनी


अराइज एंड अवेक  के सहयोग से  लगी  पोस्टर  प्रदर्शनी

विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधारोपण

मुक्तांगन में  योग शिविर की हुई शुरुआत

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राज भवन के दिशा- निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के  10 कार्यक्रमों के अंतर्गत गुरुवार को प्रकृति के महत्व पर  अराइज एंड अवेक संस्था के सहयोग से  एक ज्ञानवर्धक पोस्टर  प्रदर्शनी  का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी में पेड़ की उपयोगिता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दर्शाने वाली जानकारी दी गई. प्रदर्शनी का उद्घाटन फार्मेसी संस्थान में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने किया. इसके आयोजन का उद्देश्य प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा.

कुलपति ने कहा कि हमारे आसपास बहुत सारे ऐसे पौधे हैं जिनके उपयोग से हमें लाभ है और जो हमारे लिए बहुउपयोगी है।  आज की युवा पीढ़ी को इसके महत्व को जानने की जरूरत है।  हमारे भारतीय समाज में पेड़ों के प्रति बहुत ही आस्था रही है । पेड़ों के  संरक्षण का ज्ञान हमारे पूर्वजों ने हमें दिया है. आज की पीढ़ी प्रकृति के उपहारों का महत्व समझे. परीक्षा नियंत्रण डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पेड़- पौधो के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती. आज पूरी दुनिया पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है. हम सभी को अपने स्तर पर कोई भी ऐसा कृत्य नहीं करना चाहिए जिससे प्रकृति को कष्ट हो. इस प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. विवेक पाण्डेय एवं डॉ. अवधेश मौर्य ने किया. प्रदर्शनी में पौधों के महत्व को बखूबी दर्शाया गया. इसके साथ ही पर्यावरण विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों द्वारा इको  ब्रिक्स  फॉर्मेशन फॉर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, पॉल्यूशन मैनेजमेंट, बायोडायवर्सिटी लॉस, ग्रीन टेक्नोलॉजी, बेनिफिट्स ऑफ़ रिन्यूएबल एनर्जी , फैक्टर ऑफ़ बायोडायवर्सिटी लॉस, ग्राउंडवाटर कंजर्वेश विषय पर पोस्टर लगाए गए. इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के संयोजक प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. राकेश यादव, प्रो. गिरिधर मिश्र, डॉ. राज बहादुर यादव, डॉ. धीरेन्द्र समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

इसी क्रम में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुक्तांगन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह एवं कुलसचिव महेंद्र कुमार ने पौधरोपण किया. ग्रीन कमेटी के संयोजक प्रो. राजकुमार एवं अन्य शिक्षक, कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाये. मुक्तांगन में एक सप्ताह का योग शिविर प्रारंभ हुआ. कुलपति प्रो.  वंदना सिंह ने प्रतिभागियों के साथ योग किया. योगाचार्य जय सिंह ने जॉइंट रोटेशन, लोलक आसन, ताड़ासन, कोनआसन, तितली आसन, बुद्ध कोणासन, कपालभाति प्राणायाम, शव आसन एवं योग निद्रा मेडिटेशन कराया. इसका संयोजन नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.

Wednesday, 4 June 2025

साइबर अपराध से बचने के लिए तकनीकी ज्ञान और जागरूकता जरुरी- कुलपति


विश्वविद्यालय में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में बुधवार को साइबर थाना एवं विश्वविद्यालय के साइबर क्लब द्वारा  साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में नए तरह के साइबर क्राइम और उनसे बचाव पर साइबर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की. अध्यक्षीय उद्बोधन में  विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि आज साइबर अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहा है इससे बचने के लिए सभी को तकनीकी का सही ज्ञान और जागरूकता बहुत आवश्यक है.  उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी हमारी जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर हमें डरा धमका कर ठगी करते है.  इस तरह के अपराधियों से  सावधान रहने की आवश्यकता है.
विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि साइबर अपराधियों से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि धैर्य से काम करने की जरूरत है. पहले से आज की तुलना में जागरूकता बढ़ी है जिसके कारण साइबर अपराधी पकडे जा रहे है. उन्होंने कहा कि अधिकांश साइबर अपराधियों का अंतिम उद्देश्य वित्तीय फ्रॉड करना होता है. साइबर क्राइम थाना जौनपुर के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने विस्तार के विविध साइबर अपराधों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि आज डिजिटल अरेस्ट एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आया है. पुलिस, जज, सीबीआई, आरबीआई के अफसर बनकर साइबर अपराधियों द्वारा बड़े लोगों को डराया और धमकाया जाता है. उन्होंने कहा कि अगर कोई मोबाइल पर पैसे की मांग करें या डराए तो उसकी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल या साइबर थाने में जरूर  करें. इसी क्रम में आलोक सिंह ने भी साइबर अपराध से बचने के उपाय बताये. साइबर क्राइम थाने के संग्राम यादव ने कहा कि साइबर अपराधी लालच देकर लोगों को फंसा रहे हैं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड बहुत तेजी से बढ़ रहा है. एक साल में पैसा डबल करने  का प्रलोभन अगर मिले तो सावधान रहें.  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों को गेमिंग एप से दूर रखें बहुत सारे साइबर अपराधी गेमिंग एप के माध्यम से फ्रॉड कर रहे हैं. उन्होंने लोन एप से हो रहा है फ्रॉड को भी बताया. कहा कि सावधानी के साथ  बैंकों से लोन लेना चाहिए. विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने  नए तरीके के साइबर अपराधों के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं अतिथियों का स्वागत किया. 
 इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव अजीत प्रताप सिंह, बबीता सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरिधर  मिश्र, डॉ. राज बहादुर यादव, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. शशिकांत यादव, संजय सिंह, ऋचा सिंह, सुशील प्रजापति, साइबर थाने के सुगम यादव एवं आकांक्षा सिंह  समेत अन्य अन्य लोग उपस्थित रहे.  

Sunday, 1 June 2025

पीयू के अमृत सरोवर में हुई "चन्दन वाटिका" की स्थापना

पीयू में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य शुभारंभ

वी
र बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में 21 दिवसीय कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत रविवार को ऐतिहासिक अमृत सरोवर परिसर में की गई। इस अवसर पर "चन्दन वाटिका" की स्थापना कर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने चन्दन के पौधे रोपित किए और इस नवाचारी उपवन की आधारशिला रखी।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से किया गया, जिसका उद्देश्य योग, प्रकृति और मानसिक शांति के प्रति जन-जागरण फैलाना है। उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि योग एक समग्र जीवन-पद्धति है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित करती है। उन्होंने 'चन्दन वाटिका' को ध्यान, साधना एवं शोध की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। योग प्रशिक्षक जय सिंह ने उपस्थित जन को योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। संयोजक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि चन्दन वाटिका विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए ध्यान व चिंतन का एक शांतिपूर्ण स्थान सिद्ध होगी।

कार्यक्रम का समन्वय नोडल अधिकारी प्रो. राजकुमार एवं विश्वविद्यालय के खेलकूद विभाग ने किया। कार्यक्रम में प्रो. विक्रम देव शर्मा, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. मिथिलेश सिंह, डॉ. राजबहादुर यादव, डॉ. पुनीत धवन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अगले 21 दिनों तक विश्वविद्यालय में योग संगोष्ठियाँ, सामूहिक योगाभ्यास, नि:शुल्क योग शिविर, योग प्रदर्शनी, सूर्य नमस्कार सत्र व योग मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। समापन अवसर पर भव्य "योग महोत्सव" का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक साथ सूर्य नमस्कार योग मुद्रा का प्रदर्शन कर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।