Saturday, 9 May 2026

पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा विश्वविद्यालय परिसर


 समर्थ पोर्टल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू

जौनपुर। आधुनिक शिक्षा, उत्कृष्ट संसाधनों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों के स्वागत को तैयार है। विज्ञान, अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान, विधि, अभियांत्रिकी, फार्मेसी एवं व्यवसाय प्रबंधन जैसे विविध संकायों में संचालित पाठ्यक्रम छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उज्ज्वल भविष्य का अवसर प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।
विश्वविद्यालय परिसर में इस वर्ष कुल 56 विषयों एवं एक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं। डिप्लोमा स्तर पर तीन विषय, स्नातक स्तर पर 31 विषय तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 25 विषय संचालित किए जाएंगे। स्नातक स्तर पर बीटेक के नौ, बीएससी के नौ, बीए के तीन तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश के लिए विषयवार सीटों की संख्या, पात्रता एवं पूरी प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सभी आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से सुलभ होंगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बन सके।
विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि प्रवेश हेतु समर्थ पोर्टल 8 मई 2026 से प्रारंभ हो चुका है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय, वाई-फाई युक्त परिसर, इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम, छात्रावास सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के कारण विश्वविद्यालय परिसर पूर्वांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में पहला कदम बढ़ाएं।

फोटोग्राफी समाज और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम : डॉ. रुचिता चौधरी

जनसंचार विभाग की फोटो प्रदर्शनी में दिखे जौनपुर के रंग, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार को आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में 200 से अधिक तस्वीरों के माध्यम से प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की समन्वयक डॉ. रुचिता चौधरी ने किया. उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीरें लेने की कला नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
फोटो प्रदर्शनी में कहीं जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की भव्यता दिखाई दी तो कहीं गांव की सादगी और मिट्टी से जुड़े जीवन की भावनात्मक झलक देखने को मिली। शाही किला की ऐतिहासिकता, कुम्हारों की मेहनत, ग्रामीण परिवेश और काशी के घाट की आध्यात्मिक सुंदरता को विद्यार्थियों ने अपनी कैमरा कला से बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
रमन मिश्र ने जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, लक्ष्मण कुमार और रामानंद प्रजापति ने ग्रामीण जीवन की सहजता और संघर्ष को तस्वीरों में उकेरा। वहीं मनोज यादव और गिरजा शंकर ने मानव और गांव के रिश्तों को संवेदनशील अंदाज में प्रस्तुत किया। दिव्यांशु, कन्हैया और पृथ्वीराज ने कुम्हारों के जीवन और उनकी मेहनत को कैमरे में कैद कर दर्शकों को भावुक कर दिया।
शमलेश और सौरभ ने जौनपुर की ऐतिहासिक विरासत को अपनी तस्वीरों में जीवंत किया। मनीष यादव, सर्वेश और मोनू ने प्रकृति के बदलते रंगों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया। वहीं सौरभ, उत्कर्ष और अमन ने शाही किला की भव्यता को तस्वीरों में उतारा। कृष्णा, सचिन और अनुराग ने काशी के घाट की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक छटा को अपनी फोटोग्राफी से जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सुरेन्द्र यादव, डॉ. अमित मिश्र समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

Friday, 8 May 2026

ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर



पीयू में एनसीसी यूनिट ने किया आयोजन, सेना के शौर्य को किया नमन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एनसीसी यूनिट द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ विश्वविद्यालय परिसर स्थित संकाय भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में अत्यंत उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भारतीय सेना के पराक्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करते हुए युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ एनसीसी प्रभारी एवं संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित प्रेरणादायी लघु वीडियो प्रदर्शन से हुआ। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल सैन्य अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित 98 यूपी बटालियन एनसीसी के पीआई हवलदार बलवीर कुमार ने बताया कि यह अभियान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई का उदाहरण बना।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने यह स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाली ताकतों को अब भारत करारा जवाब देगा। यह अभियान युवाओं को राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सुमित सिंह ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के साहस और शौर्य को नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

Friday, 1 May 2026

लोक संस्कृति समाज को जोड़ने और आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम : हिना देसाई

विविधता में एकता ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: प्रो. वंदना सिंह

गुजरात दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं ने गरबा-डांडिया से बिखेरे रंग

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुजरात दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राज्यपाल सचिवालय के निर्देश पर महिला छात्रावास में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने गुजरात की लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामानंद सरस्वती पुस्तकालय आजमगढ़ की निदेशिका हिना देसाई ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और विभिन्न संस्कृतियों के बीच आत्मीयता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गुजरात की निवासी हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों से मिला प्रेम, अपनापन और स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो वंदना सिंह ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का संगम है और गुजरात की संस्कृति से जुड़ाव हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है और हम सभी मिलकर देश को विकसित भारत बनायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी की भी यही भावना है कि विद्यार्थी देश की विभिन्न संस्कृतियों से परिचित हों और उनसे प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास करें।
गुजरात दिवस के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार ने दिवस के अंतर्गत आयोजित गए विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अन्नू त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुजराती परिधान में फैशन शो का आयोजन किया गया। संचालन श्रेया मौर्य और कृति पांडे ने किया।
गुजरात दिवस पर राज्यपाल सचिवालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में इंजीनियरिंग संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने चौकियां धाम का दर्शन किया।
इस अवसर पर चीफ वार्डन प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सहायक कुलसचिव सरला यादव, डॉ. निमिषा यादव, डॉ. कृष्णा सिंह, अनामिका मिश्रा, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।