Thursday, 24 September 2020

गाँव में मास्क वितरण पर प्रदेश में विश्वविद्यालय प्रथम

 

राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश के द्वारा आयोजित स्वर्ण जयंती स्थापना समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री मा0 श्रीमती नीलिमा कटियार जी, विशिष्ट अतिथि प्रो0 निर्मला एस0 मौर्य जी,  माननीय  कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर डॉ0 अशोक कुमार श्रोती क्षेत्रीय निदेशक,भारत सरकार, लखनऊ, डॉ0 अंशुमाली शर्मा, विशेष कार्याधिकारी एवं राज्य संपर्क अधिकारी उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ की उपस्थिति में  7:30 PM पर आयोजित कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को पुनः गौरवान्वित होने का अवसर प्राप्त हुआ। 81 गांवों को मास्क से संतृप्त करके प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। जनपद गाज़ीपुर के नोडल अधिकारी डॉ0 अमित यादव ने पूरे प्रदेश में 49 गांवों मास्क से संतृप्त करके प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा जौनपुर के नोडल अधिकारी डॉ0 अजय कुमार सिंह को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। डॉ0 अनामिका पांडेय कार्यक्रम अधिकारी, फरीदुलहक मेमोरियल डिग्री सबरहद, शाहगंज,जौनपुर को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। माननीय मंत्री महोदया ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 निर्मला एस0 मौर्य की भूरि- भूरि प्रशंसा की और राष्ट्रीय सेवा योजना की उपलब्धियों के लिए बधाई दी। विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना को इस उपलब्धि पर समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा बधाई दी गई । नोडल अधिकारी डॉ अमित यादव, डॉ अजय कुमार सिंह, डॉ उदय भान यादव, डॉ घनश्याम पटेल एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनामिका पांडेय, उन सभी कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों/स्वयंसेविकाओं को कोटिशः बधाई जिन्होंने कोविड-19 माहमारी में  अथक परिश्रम करके यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को दिलाई है।

कोविड-19 और मीडिया पर वेबिनार का हुआ आयोजन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के  जनसंचार विभाग और प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में 24 सितंबर गुरुवार को  कोविड-19 और मीडिया विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया।

 वेबिनार की मुख्य अतिथि पीयू की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि कोविड 19 ने समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया ने कोविड 19 से जुड़ी हर जानकारी पहुँचाई है। इस दौर में  मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाया है। चिकित्सकों की सलाह भी जन -जन तक मीडिया के माध्यम से ही पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए सामाजिक नहीं शारीरिक दूरी बनाए रखने की जरूरत है।

अध्यक्षीय संबोधन में  पीआईबी लखनऊ के अतिरिक्त महानिदेशक आरपी सरोज ने कहा कि कोविड -19 से डरने की नहीं लड़ने की जरूरत है। संक्रमित होने पर चिकित्सक की सलाह से ही दवाओं को लेना चाहिए। कोविड -19 के प्रति लोगों को जागरूक करने में मीडिया बड़ी भूमिका अदा कर रही है, जो सराहनीय है।

समारोह के विशिष्ट अतिथि सेंटर फ़ॉर मास कम्युनिकेशन राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के पूर्व अध्यक्ष  प्रोफेसर संजीव भानावत ने कहा कि मीडिया कर्मियों ने कोविड- 19 के दौर में जान की बाजी लगाकर लोगों को सूचना पहुंचाई है। उन्होंने महामारी के समय पीआईबी के योगदान की सराहना की।

किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर  डॉ सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया न होता तो समाज मे कोविड- 19 का भयावह रूप दिखाई देता। जनता को जागृत करना सबसे बड़ी वैक्सीन है। उन्होंने भारतीय चिकित्सकों ने योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि छोटे बच्चे, गर्भवती महिला, बुजुर्ग व्यक्ति और बीमार व्यक्ति कम से कम घर से निकले।

बतौर वक्ता लखनऊ के चिकित्सक डॉ निरुपम प्रकाश ने कहा कि कोविड- 19 से लड़ने के लिए जागरूकता की बहुत जरूरत है।  उन्होंने कोविड- 19 के लक्षणों और बचाव पर प्रकाश डाला। कहा कि घर से बाहर बिना मास्क के न निकले।उन्होंने कहा कि मास्क को पहनने के बाद सामने से छुए नहीं। उन्होंने कहा कि मीडिया के कारण कोविड- 19 के प्रसार को रोकने में कामयाबी मिली है।

वेबिनार के  संयोजक जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने अतिथियों का स्वागत एवं  संचालन  पीआईबी  लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम में प्रो मानस पांडेय, प्रो अशोक श्रीवास्तव, प्रोफेसर अजय द्विवेदी, प्रो. रामनारायण, प्रो बीडी शर्मा, प्रो देवराज, डॉ. राजकुमाररवि शंकर शर्मा, डॉ सुरजीत यादव, डॉ प्रमोद यादव ,डॉ सुनीता सिंह, डॉ तनु डंग, दर्शन साहू, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत देश के विभिन्न भागों से शिक्षक, पत्रकारोंविद्यार्थी एवं शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया.

Friday, 18 September 2020

भविष्यनोमुखी है नई शिक्षा नीति: प्रो. प्रकाश मणि

व्यक्तित्व विकास करने वाली है नयी‌ शिक्षा नीति: प्रो. कर्णाटक

रोजगारपरक है नई शिक्षा नीति: निर्मला एस. मौर्य

 
विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकाय की ओर से शुक्रवार को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसका विषय था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: आयाम एवं चुनौतियां।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति प्रो.श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस शिक्षा नीति में भारतीय परंपराओं के साथ-साथ सभी विधाओं का भी ध्यान रखा गया है। इसमें आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा व्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की गई ‌है। यहीं नहीं वैश्विक आदान-प्रदान की भी व्यवस्था की गयी है, ताकि भारत विश्वगुरु बन सके। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति भविष्यनोमुखी के साथ-साथ वर्तमान को संवारने वाली है।नई शिक्षा नीति जग से जन तक मनुष्य को मनुष्यता से आधार से आकाश तक को  समेकित  करते हुए आगे जाने का प्रावधान है भारतीय अस्मिता एवं मूल्यवर्धन को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बनाया गया है श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी जी ने बताया कि भाषाओं के संबंध में संस्कारों के प्रति आग्रह है इस नई शिक्षा नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है 2025 तक नामांकन शत-प्रतिशत करना है नई शिक्षा नीति का ध्यान है। नई शिक्षा नीति के चार प्रमुख विशेषताएं हैं जो कि समग्रता एकात्मता सभी का मुख्यधारा में समायोजन भविष्य मुखी है।  जय जवान- जय किसान,जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान भी नई शिक्षा नीति का मूल मंत्र है । जिज्ञासा रचनात्मकता संकल्प बाध्यता वाला विद्यार्थी तैयार करना ही नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य है ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में दून विश्वविद्यालय देहरादून के कुलपति प्रो. अजीत कुमार कर्णाटक ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ किताबों का बोझ कम करने पर भी जोर दिया गया है।मल्टीडिस्पलीनरी शिक्षा से विद्यार्थियों की विषय के प्रति रुचि बढ़ेगी।नई शिक्षा नीति 34 वर्षों के अंतराल के बाद आई है जिसमें 4 वर्ष बाद आपको शोध करने की अनुमति दिए जाने का प्रावधान है। शोध की गुणवत्ता ही इस नई शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना करना भी इस नई शिक्षा नीति में है।
बतौर अध्यक्ष प्रो.निर्मला एस.मौर्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति बहुआयामी है। इसमें प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक काफी मंथन किया गया है ताकि विद्यार्थियों को रोजगारपरक बनाए जा सके।
विषय प्रवर्तन आयोजन संयोजक प्रोअविनाश पाथीर्डीकर और स्वागत प्रो.मानस पांडेय ने किया।
संचालन डॉ. आशुतोष सिंह, धन्यवाद ज्ञापन श्री अमित वत्स ने किया। इस अवसर पर डॉ सुरजीत कुमार, प्रो वंदना राय, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ आलोक सिंह, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ सुनील कुमार, प्रो एच सी पुरोहित , डॉ सुशील कुमार सिंह, प्रो अजय वाघ, प्रशांत यादव बिद्युत मल, नितिन चौहान आदि उपस्थित थे।

Thursday, 17 September 2020

पीएम के जन्मदिवस पर पीयू में लगाए गए 71 पीपल के पौधे

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 71 में जन्मदिवस पर गुरुवार को पीपल पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन मुक्तांगन में  किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के सौजन्य से  किया 
गया | इस कार्यक्रम के अंतर्गत परिसर में 71 पीपल के पौधे लगाए गये और विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी कॉलेजों में 501 पौधे लगाए गये।
मुक्तांगन परिसर में पौधरोपण करने के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर निर्मला एस. मौर्य ने प्रधानमंत्री को बधाई और शुभकामनाए देते हुए कहा कि मोदीजी के नेतृत्व में देश चहुंमुखी प्रगति की ओर है । राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक श्री राकेश कुमार यादव ने कहा कि देश को एक ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसने लोक कल्याणकारी नीतियों से वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और एक मजबूत भारत की नींव रखी है। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एमके सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृत लाल, डॉ.केएस तोमर, डॉ जगदेव, डॉ. मनोज मिश्र, मीडिया प्रभारी एवम् चीफ़ वार्डेन डॉ. राज कुमार, डॉ. सुनील कुमार, विनय वर्मा, डॉ राजेश सिंह, अनिल मौर्य  समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।