Friday, 28 April 2023

सफल होने के लिए गलतियों से सीखें:प्रो एच सी पुरोहित

युवाओं को बताया प्रबंधन के गुर


जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग में दून विश्वविद्यालय, देहरादून के प्रो. एच.सी. पुरोहित ने  विभाग के छात्र-छात्राओं को प्रबंधन संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर व्याख्यान दिया। 
प्रो. पुरोहित ने देश की अर्थव्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करते हुए युवाओं को प्रबंधन के क्षेत्र में कौशल विकास, उद्यमिता एवं विपणन में रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को शोध एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने पर जोर दिया जिससे कि भविष्य में प्रबंध के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान हो सके. प्रो. पुरोहित ने देश में उद्यमिता, स्टार्टअप यूनिकॉर्न के सकारात्मक वातावरण एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का विस्तार से विश्लेषण किया । प्रोफ़ेसर पुरोहित ने बताया कि युवाओं को किसी भी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करनी चाहिए जिससे कि उनकी ज्ञान व कौशल में वृद्धि हो सके उन्होंने कहा कि हमें अपनी सामर्थ्य के अनुरूप नीतियां बनानी चाहिए और यदि कभी सफलता हाथ लगे तो कमियों को खोज कर उससे  सीखना चाहिए उसे दोहराना नहीं चाहिए यही जीवन की सफलता का आधार है। इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मानस पांडे ,डॉ आशुतोष कुमार सिंह ,राकेश कुमार उपाध्याय, नेहा विश्वकर्मा, नितिन कुमार चौहान एवं राहुल पांडे उपस्थित रहे ।

Tuesday, 25 April 2023

अगले सात दिनों तक लू चलने की संभावना नहीं


12 डिग्री तक गिरा पारा, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं और 47 मिमी बारिश

जौनपुर. उत्तर प्रदेश में  सोमवार को कई जिलों में एक बार फिर मौसम बदला। जौनपुर सहित अन्य जिलों में रात में आंधी चलने लगी। इसके बाद जोरदार बारिश हुई। 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हाल ही में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भइया संस्थान स्थित भू एवं ग्रहीय  विज्ञान विभाग में एक मौसम केंद्र की स्थापना की गई है। इस मौसम केंद्र ने आंधी एवं तूफान के दौरान वातावरण के तापमान, आद्रता, हवा की रफ़्तार एवं दिशा तथा वर्षा की मात्रा को रिकॉर्ड किया, कुछ आकड़े चौकाने वाले थे।  मौसम केंद्र के अनुसार शाम 7:00 बजे अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था जो कि शाम 7:30 पर तूफान एवं बारिश के कारण 18 डिग्री तक गिर गया साथ ही साथ आद्रता 40% से बढ़ कर 100 % पहुंच गई तथा हवा की रफ्तार 5 मीटर प्रति सेकंड से 14.7 मीटर प्रति सेकंड यानी कि लगभग 53  किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसके साथ ही एक घंटे (शाम 7 बजे से 8 बजे तक) के दौरान  47.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्रवण कुमार के द्वारा यह मौसम केंद्र यूजीसी के शोध प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्थापित किया गया है।  डॉ. कुमार ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी भविष्यवाणी  में  उत्तर भारत में अभी अगले सात दिनों तक लू चलने की कोई संभावना नहीं है तथा अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में  2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।

विश्वविद्यालय के प्लांट से चिकित्सालयों को भी मिलेगा ऑक्सीजन- प्रो. निर्मला एस. मौर्य

गर्मी में पानी का सेवन करते रहे- सीएमओ

विश्वविद्यालय में निःशुल्क चिकित्सा एवं विशेष रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को निःशुल्क चिकित्सा एवं विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. इसका आयोजन शासन के निर्देश के क्रम में विश्वविद्यालय एवं राज्य रक्त संचरण परिषद् उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

शिविर का शुभारम्भ कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने फीता काटकर किया. कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने  कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र का विस्तार किया गया है. विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य केंद्र में  ऑक्सीजन का प्लांट लगाया है. इससे विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त अन्य चिकित्सालयों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी . उन्होंने  छात्राओं को विशेष तौर पर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने की सलाह दी.   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा निरन्तर रक्तदान करना बहुत ही नेक काम है. हम सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि गर्मी के समय हम सभी को थोड़े- थोड़े अंतराल पर पानी का सेवन करते रहना चाहिये इससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रजनन आयु की महिलाओं को सरकार द्वारा सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी.अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा यह एक सकारात्मक पहल है. कोविड- 19 के बाद आम जनमानस को निरंतर जागरूक करने की जरूरत है. शिविर में डॉ दुर्गेश सिंह एवं उनकी टीम के द्वारा 150 मरीजों की बीएमआर की जाँच की गई. इसके साथ ही पोषण की भी जानकारी दी गई. फार्मेसी संस्थान द्वारा गाँव के लोगों को स्वास्थ्य शिविर में लाकर रक्त की जाँच कराई गई एवं निःशुल्क दवा वितरित की गई. रक्तदान शिविर में 15 यूनिट रक्त विद्याथियों द्वारा दान किया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ विनय वर्मा एवं धन्यवाद् ज्ञापन डॉ पुनीत सिंह ने किया. शिविर का संयोजन प्रो रजनीश भास्कर ने किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ राज बहादुर यादव, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, डॉ मनोज मिश्र, डॉ जान्हवी श्रीवास्तव, आशीष गुप्ता, सहायक कुलसचिव अमृत लाल, बबिता सिंह आदि उपस्थित रहे. 

Thursday, 20 April 2023

एक क्लिक पर अब मिलेगी पीयू की सूचनाएं

विश्वविद्यालय के हर काम को ऑनलाइन करने की तैयारी

कुलपति ने भी इक्यूबेशन सेंटर पहुंचकर देखा प्रस्तुतीकरण

प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी के डिजीटल इंडिया और जीरो टालरेंस का सपना वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में जल्द पूरा होते दिखेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य की पहल पर इसकी तैयारी शुरू करने के लिए शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को आईबास साफ्टवेयर सैल्यूसन के इन्टरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) की प्रतिनिधि सुश्री सेल्वी ने गुरुवार को इक्यूबेशन सेंटर में प्रशिक्षण दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य पेपरलेस वर्क है। अब कुछ ही दिनों में वीबीएसपीयू आईबास पर क्लिक करते ही विश्वविद्यालय की सभी सूचनाएं आपको मिल जाएगी।   

कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सूचना क्रांति के दौर में ऑनलाइन सिस्टम में काम करना अब जरूरी हो गया है। किसी फाइल का स्टेटस भी अब आनलाईन पता चलेगा कि फाइल कहां है और क्यों रुकी है? इसमें कुल 28 पैरामीटर के बारे में बताया गया है। शिक्षक की व्यक्तिगत प्रोफाइल के साथ-साथ उसकी अकादमी जानकारी भी इस साइट पर उपलब्ध रहेगी। इस कारण विश्वविद्यालय में आइक्यूएसी सेल से लेकर नैक क्राइटेरिया बनाने में भी यह साइट सहायक होगी। विश्वविद्यालय की सूचनाओं को केंद्रीकृत होने से अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को काफी सहूलियत होगी। शैक्षणिक संस्थाओं को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने में ईआरपी सॉफ्टवेयर बहुत ही मददगार है। इस सॉफ्टवेयर की मदद प्रवेश,  फीस, परीक्षा परिणाम, फाइल ट्रैकिंग,  हॉस्टल प्रबंधन,  प्रश्नपत्र निर्माण, प्रमाण पत्र,  अवकाश प्रबंधन, कर्मचारी प्रोफाइल, सेमिनार, एलुमिनाई मीट आदि की सूचना बड़े आसानी से प्राप्त हो सकती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक से प्रो. मुराद अली, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डा. विक्रम भटेजा, डा. नितेश जायसवाल, डा. संतोष कुमार राय, जाह्नवी श्रीवास्तव, डा. धर्मेंद्र सिंह ने विभिन्न समस्याओं पर सवाल पूछे। इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय,  प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. नुपुर तिवारी, प्रो रवि प्रकाश,  डा. प्रमोद यादवा, डा. रसिकेश, डा. मनोज मिश्र, डा. गिरधर मिश्रा, डा. सुनील कुमार, डॉ पुनीत धवन,  अजीत प्रताप सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।