Tuesday, 22 September 2026

वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान की दिशा में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विगत दिनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कुलपति से भेंट कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया था। कुलपति ने विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया था।

विद्यार्थियों की शिकायतों के समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव को अध्यक्ष/समन्वयक नियुक्त किया गया है। प्रबंधन अध्ययन संकाय के प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर, विज्ञान संकाय के प्रो. राजेश शर्मा,  इंजीनियरिंग संकाय के प्रो. रजनीश भास्कर तथा अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी को समिति का सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त एलएलएम छात्र सत्र 2026–27 के अभिनव कीर्ति पाण्डेय को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में समिति में शामिल किया गया है।

समिति विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया को सुगम, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएगी। कुलपति की इस संवेदनशील, विद्यार्थी-केंद्रित और उत्तरदायी पहल से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है। छात्र शिकायत निवारण समिति के गठन से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत और प्रभावी मंच उपलब्ध होगा और छात्रों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा। 

इनसेट

विद्यार्थियों से प्रतिदिन संवाद करेंगे कुलपति

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की एक सराहनीय और विद्यार्थी-केंद्रित पहल की है। मंगलवार एवं शनिवार को यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। संवाद का समय प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को निकटता से समझना, उनके सुझावों को विश्वविद्यालय के विकास से जोड़ना तथा आवश्यक मामलों में समयबद्ध और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित करना है। छात्र-छात्राएँ अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक, छात्रावास, परीक्षा, पुस्तकालय, खेलकूद, छात्र कल्याण तथा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य विषयों पर कुलपति के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।

Sunday, 20 September 2026

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्वच्छता और वृक्षारोपण के माध्यम से ‘सेवा संकल्प अभियान’ संपन्न


जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 19 सितंबर 2026 को 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोफेसर राज कुमार के कुशल नेतृत्व में मैकेनिकल एवं आईटी (IT) ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण के समीप पेड़-पौधों की देखभाल व सेवा की, साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। छात्र-छात्राओं ने इस पहल के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है, और इसी के बल पर हम सशक्त व 'विकसित भारत' का निर्माण कर सकते हैं।

माननीय कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझें और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि “आने वाला भारत युवाओं का भारत है और इसमें युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।”

संयोजक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) संयोजक डॉ. शशिकांत यादव: दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा दी। साथ ही, उन्होंने युवाओं को नशा जैसी सामाजिक बुराइयों व दुर्व्यसनों से दूर रहकर एक स्वस्थ व सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

Saturday, 19 September 2026

विजन के साथ शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ें महाविद्यालय: कुलपति

राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित कालेज के प्राचार्यों और प्रबंधकों की बैठक

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण बैठक कुलपति प्रो. आर.के. सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को  आनलाइन मोड में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत विकास और राष्ट्रीय स्तर के अभियानों में विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करना था। कुलपति प्रो. सिंह ने महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि हर संस्थान अपनी विशिष्ट क्षमताओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्पष्ट विजन निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़े। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश, शोध, नवाचार और रैंकिंग जैसी भावी कार्ययोजनाओं पर प्राचार्यों के साथ संवाद किया और उनसे सुझाव भी आमंत्रित किए।

बैठक में 'सेवा संकल्प अभियान' को प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसके तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा रंग’ और ‘इनोवेशन चैलेंज’ जैसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के लिए ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ के अंतर्गत सभी संस्थानों में आगामी 100 सप्ताह तक नशामुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व पर निरंतर थीम आधारित गतिविधियां संचालित करने को कहा गया।

युवाओं में नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग’  क्विज प्रतियोगिता को मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 'माई भारत' पोर्टल पर अधिक से अधिक छात्रों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पूर्व, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं अभियान के संयोजक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और नियमित रिपोर्टिंग का आग्रह किया। इस अवसर पर कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह और एनएसएस समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।

सीटीपीसी बैठक में विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर की रूपरेखा पर हुई चर्चा



जौनपुर। युवाओं के सुनहरे भविष्य की रूपरेखा उकेरने और उनके सतरंगी सपनों को खुला आसमान देने के उद्देश्य से  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) की एक अहम बैठक शनिवार को इन्क्यूबेशन सेंटर में हुई। सीटीपीसी निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई रणनीतियों पर गहरा मंथन किया गया। प्रो. कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक चुनौतियों के सांचे में ढालना है। छात्र, शिक्षक और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर काउंसलिंग और रोजगार के अवसर हर विद्यार्थी तक सुगमता से पहुंच सकें।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी सत्र में स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और मेगा जॉब फेयर को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों और प्रकोष्ठ के बीच संवाद को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक संकाय में छात्र समन्वयकों की सक्रिय टीम का गठन किया जा रहा है। कॉर्पोरेट जगत की आधुनिक मांग को देखते हुए छात्रों की ओर से 'लाइव इंटरव्यू ऐप्स' के उपयोग का एक शानदार सुझाव भी सामने आया, जिसे कौशल विकास की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम माना गया।

इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श में डॉ. सुनील कुमार, सुशील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश,  डॉ. प्रेम चंद यादव,  डॉ. कृष्ण यादव,  डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी,  डॉ. अंजनेय मिश्रा,  डॉ. अश्मय दुबे,  डॉ. अनुराग सिंह,  डॉ. साक्षी सिंह,  डॉ. निधि पांडेय,  डॉ. अवधेश और मिथिलेश चौरसिया सहित विभिन्न संकायों के छात्र-समन्वयकों ने अपने विचार व्यक्त किए।