Wednesday, 30 September 2026

नवाचार से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. अविनाश

 राष्ट्रीय इनोवेशन एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर हुआ ओरिएंटेशन कार्यक्रम 
 जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सामाजिक प्रभाव आधारित विचारों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।
   कार्यक्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विद्यालय के इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को इनोवेशन की अवधारणा, नवाचार की प्रक्रिया तथा किसी समस्या की पहचान कर उसके प्रभावी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे विचार को व्यवस्थित तरीके से विकसित कर प्रोटोटाइप में परिवर्तित किया जा सकता है और आगे चलकर उसे उत्पाद अथवा सेवा के रूप में स्टार्टअप का स्वरूप दिया जा सकता है।
   प्रो. पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की संभावनाओं, बिजनेस मॉडल तैयार करने, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन की भूमिका तकनीकी विकास, फंडिंग तथा उद्यमिता के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर अपने ज्ञान और रचनात्मक सोच के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने आसपास की सामाजिक, पर्यावरणीय, तकनीकी एवं स्थानीय समस्याओं को पहचानें और उनके नवीन, टिकाऊ एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटी लेकिन प्रभावी समस्या के समाधान से हो सकती है।
   कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नितेश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन एवं आइडिया प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को चैलेंज में भाग लेने, अपने नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
   कार्यक्रम के अंत में प्रो. रजनीश भास्कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर निदेशक, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल प्रो. प्रदीप कुमार एवं डॉ. सुशील कुमार  सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं संस्थानों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
   इस कार्यक्रम के लिए 396 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया था, जिसमें से 101 विद्यार्थियों ने अपने विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किए थे।