Saturday, 24 October 2026

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सेंट्रलिटी मेजर पर विशेष व्याख्यान का आयोजन


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. आर के सिंह जी की प्रेरणा और संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में छात्रों के लिए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋषि रंजन सिंह उपस्थित रहे। डॉ. ऋषि रंजन सिंह ने सेंट्रलिटी मेजर जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपना विस्तृत और ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि सेंट्रलिटी मेजर नेटवर्क साइंस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो किसी भी नेटवर्क में सबसे महत्वपूर्ण नोड की पहचान करने में मदद करता है। उन्होंने सेंट्रलिटी के विभिन्न प्रकारों जैसे डिग्री सेंट्रलिटी, बिटवीननेस सेंट्रलिटी, क्लोजनेस सेंट्रलिटी और ईजेनवेक्टर सेंट्रलिटी को विस्तार से समझाया। 

डॉ. सिंह ने इस सिद्धांत के रियल लाइफ में उपयोगों को बहुत ही रोचक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर कौन सबसे प्रभावशाली व्यक्ति है, इसका पता लगाने के लिए कंपनियां ईजेनवेक्टर और डिग्री सेंट्रलिटी का उपयोग करती हैं। इसी प्रकार गूगल का प्रसिद्ध पेजरैंक एल्गोरिदम भी सेंट्रलिटी पर ही आधारित है, जो यह तय करता है कि सर्च करने पर कौन सी वेबसाइट सबसे ऊपर आएगी। उन्होंने एक और महत्वपूर्ण उदाहरण देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के दौरान यह पता लगाने के लिए कि किस व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण सबसे तेजी से फैल सकता है, वैज्ञानिकों ने बिटवीननेस सेंट्रलिटी का उपयोग किया था, ताकि ऐसे लोगों को आइसोलेट किया जा सके। साथ ही परिवहन व्यवस्था में यह पता लगाने के लिए कि किसी शहर का कौन सा चौराहा, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है, जहां से सबसे ज्यादा रास्ते जुड़ते हैं, क्लोजनेस सेंट्रलिटी का उपयोग किया जाता है। बैंकिंग फ्रॉड का पता लगाने और बिजली ग्रिड में सबसे संवेदनशील पॉइंट को खोजने में भी इसका उपयोग होता है।

इस व्याख्यान में इंजीनियरिंग संकाय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे मनोयोग से व्याख्यान सुना। छात्रों ने अंत में विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे, जिनका डॉ. सिंह ने बड़ी सहजता से उत्तर दिया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दिव्येन्दु मिश्रा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सौरभ पाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि रंजन सिंह का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा मुख्य वक्ता का परिचय प्रियंका जायसवाल ने प्रस्तुत किया। अंत में संयोजक डॉ. दिव्येन्दु मिश्रा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कंप्यूटर एप्लीकेशन के विभागाध्यक्ष पंकज कुमार सहित प्रो नूपुर गोयल,  डॉ. मुनींद्र सिंह, डॉ प्रशांत यादव, प्रवीण पांडे, सौरभ सिंह, डॉ मिथिलेश पांडे, अवधेश यादव, आदित्य कुमार आदि शिक्षक उपस्थित रहे।