Wednesday, 29 October 2025

शोधार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग


शोध और नवाचार को बढ़ावा देगी डीएसटीपर्स परियोजना

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की “डीएसटीपर्स” परियोजना की प्रगति समीक्षा बैठक कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में कुलपति सभागार में आयोजित हुई। बैठक में कुलपति ने दिसंबर 2025 तक सभी स्वीकृत उपकरणों और रसायनों की खरीद प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजना के वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (एसएसआर) के तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के 10 शोधार्थियों को शोध उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को उनके शोध कार्य हेतु पाँच हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त दो परास्नातक छात्रों को डिज़र्टेशन कार्य में सहयोग देने, 20 छात्रों को दो हजार रुपये तक की सहायता और पाँच छात्रों को स्टार्टअप या औद्योगिक सहयोग के अंतर्गत कृषि उत्पादों से जुड़े लघु उपकरणों के डिज़ाइन हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने की घोषणा की गई।

परियोजना समन्वयक डॉ. धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि डीएसटी द्वारा परियोजना की प्रथम वर्ष की धनराशि 22 मई 2025 को जारी की गई थी। परियोजना से जुड़ी टीम ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उच्च दक्षता वाले सोलर सेल का सफल प्रदर्शन किया हैजबकि हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में जल अपघटन तकनीक से हाइड्रोजन उत्पादन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है। ऊर्जा संचयन हेतु उच्च धारिता वाले सुपर कैपेसिटर और पर्यावरणअनुकूल हरित स्नेहक का विकास भी किया गया है। अब तक 15 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैंजबकि 18 शोध पत्र प्रकाशनार्थ भेजे गए हैं। बैठक में आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रोजेक्ट सह-समन्वयक डॉ. काजल डेडॉ. पुनीत धवनडॉ. रमांशु सिंहडॉ. आलोक वर्माडॉ. सुजीत चौरसियाडॉ. दिनेश वर्माडॉ. अजीत सिंह और डॉ. मिथिलेश यादव आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।

Saturday, 18 October 2025

ज्ञान का दीप ही सच्चे प्रकाश का स्रोतः डॉ. रसिकेश

दीप का उत्सव ही दीपावली का सारः अनमोल साहू
एच.आर.डी. विभाग में ‘जगमग 2025’ दीपोत्सव का आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के मानव संसाधन विकास (एच.आर.डी.) विभाग में दीपावली के अवसर पर ‘जगमग 2025’ दीपोत्सव का शुक्रवार को आयोजन किया गया। 
मुख्य अतिथि संगीतकार अनमोल साहू ने “एकता और सहयोग” को प्रगति का मंत्र बताते हुए अपने ‘द पैसेंजर’ बैंड की प्रस्तुति से कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया। उन्होंने कहा कि दीप का उत्सव ही दीपावली का सार है। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रसिकेश ने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्म-विकास और सृजनशीलता का उत्सव है। उन्होंने गोपालदास ‘नीरज’ की प्रसिद्ध पंक्तियों के साथ मानव को “दीप की तरह प्रकाशवान बनने” का आह्वान किया। कहा कि ज्ञान का दीप ही सच्चे प्रकाश को स्रोद होता है। इसी कहा गया है ज्ञानोदीपो भवः। शिक्षक अनुपम कुमार ने कहा कि जिस प्रकार हम दीपावली पर घर की सफाई करते हैं, वैसे ही हमें अपने अंतर्मन को भी नकारात्मक भावनाओं से शुद्ध करना चाहिए। डॉ. प्रवीण मिश्र ने छात्रों से समाज के उत्थान हेतु अपने ज्ञान को सार्थक दिशा में लगाने का संदेश दिया।
प्रथम प्रस्तुति में अनु पांडेय, अमृता सिंह, खुशी सिंह और संजना मिश्र की गणेश वंदना ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। पद्मजाश्री ने दीपोत्सव के महत्व पर प्रभावशाली में अंग्रेजी भाषण दिया, जबकि अनुराग तिवारी ने दीपावली के सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष पर हिंदी में विचार व्यक्त किया। पूजा साहू ने भारतीय सेना पर आधारित भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की और श्रेया सिंह एवं साथियों ने भजन गायन से वातावरण को सुरमय बनाया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संगीतकार अनमोल साहू, विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश, अनुपम कुमार और डॉ. प्रवीण मिश्र द्वारा भगवान श्री गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। धन्यवाद ज्ञापन आस्था सिंह ने दिया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन श्रेया सिंह और कुणाल मिश्र ने किया। समन्वय का कार्य शचि सिंह ने निभाया। इस अवसर पर विभाग के विद्यार्थी और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास ,पहली बार क्यूएस रैंकिंग में मिला स्थान

पीयू परिवार की सामूहिक मेहनत, समर्पण का परिणामः प्रो. वंदना सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। विश्वविद्यालय को पहली बार विश्व-प्रतिष्ठित क्यूएस (QS) रैंकिंग प्रणाली में स्थान प्राप्त हुआ है। दक्षिण एशिया की रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने 397वाँ स्थान हासिल किया हैजबकि एशिया स्तरीय रैंकिंग में यह 1200-1400 बैंड में शामिल हुआ है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनतसमर्पण और उत्कृष्ट शैक्षणिक दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शिक्षकोंशोधार्थियोंकर्मचारियों और छात्रों की एकजुट मेहनत का परिणाम है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम गुणवत्तानवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मानकों पर स्वयं को और मजबूत करें।

विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में शिक्षणअनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें नई अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापनाअंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में भागीदारीउद्योगों के साथ सहयोग और गुणवत्ता आधारित प्रकाशनों को प्रोत्साहन प्रमुख हैं। सतत ऊर्जास्वास्थ्य विज्ञानसामाजिक विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।

यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात हैबल्कि संपूर्ण पूर्वांचल क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायक है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान गुणवत्ता के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि आने वाली रैंकिंग में स्थिति और सुदृढ़ हो।


Friday, 17 October 2025

स्वदेशी मेला आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कदम - कुलपति


जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला 2025 का आयोजन किया गया है। स्वदेशी मेले में हस्तशिल्पियों, कारीगरों, उद्यमियों द्वारा स्थानीय स्तर पर उत्पादित किये जा रहे उत्पादों को आम जनमानस के द्वारा स्वदेशी खरीदारी की जा रही है। मेले में विविध स्थानीय उत्पाद व स्टॉल भी लगाए गए हैं। 
आज कार्यक्रम के 9वें दिन मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रो० वंदना सिंह, पूर्व विधायक डॉ०  सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र सहित मातृ शक्तियों तथा अन्य प्रबुद्धजन के द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। 
               मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के लाभार्थी अमरजीत सिंह के द्वारा सभी मातृ शक्तियों को साफा पहनाया गया। इसके उपरांत मा० मुख्य अतिथि मा० कुलपति सहित अन्य मातृशक्ति और विशिष्टजन के द्वारा क्रमवार स्टालों का निरीक्षण किया गया और मुख्य अतिथि सहित अन्य द्वारा सजावटी वस्तुओं दरी, साड़ी सहित अन्य स्वदेशी उत्पादों की खरीददारी की गई तथा विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया गया।
      बेसिक शिक्षा विभाग की छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। शिक्षिकाओं के द्वारा सरस्वती गीत प्रस्तुत किया गया। अर्पिता, आरजू द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई।       
कंपोजिट विद्यालय की बच्चियों के द्वारा दीपावली के अवसर पर  दीया लेकर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कौशल विकास मिशन की महिलाओं के द्वारा स्वनिर्मित वस्त्रों के साथ रैंप शो की प्रस्तुति दी गई, रैंप वॉक में शामिल सभी महिलाओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
कुलपति जी ने कहा कि मा० प्रधानमंत्री जी और मा० मुख्यमंत्री जी का सपना है 2047 तक भारत को विकसित और समर्थ उत्तर प्रदेश बनाना है यह तभी संभव हो पाएगा जब हम आत्मनिर्भर होंगे, स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों का उपयोग करेंगे। स्वदेशी मेला आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कदम है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं हिस्सा लेकर स्थानीय स्तर पर उत्पादों का निर्माण और विक्रय कर रही है। आज महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है, यह बड़ी उपलब्धि है। स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करेंगे तो निश्चित रूप से विदेशी सामानों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। देश का पैसा देश में ही रहेगा, जिससे हमारे देश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
 पूर्व विधायक डॉ० सुरेंद्र प्रताप सिंह ने भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
 जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र ने कहा कि स्वदेशी मेला का आज का दिन मातृशक्तियों के लिए समर्पित है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहते हैं, जिसके लिए आप सभी समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दे।
इस दौरान कुलपति जी द्वारा नफीस फातिमा, प्रियंका सहित अन्य महिलाएं जिन्होंने महिला एवं बाल विकास कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की दो महिला लाभार्थियों को 05 लाख का चेक वितरित किया गया। इस दौरान सभी अतिथिगण सहित अन्य में पौधों का वितरण भी किया गया।कार्यक्रम का संचालन उपजिलाधिकारी बदलापुर के द्वारा किया गया।
                  इस अवसर पर कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ0 विनोद कुमार सिंह, प्रोफेसर मनोज मिश्रा,  प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ0 अन्नू त्यागी अन्य अधिकारी, कर्मचारीगण आमजनमानस उपस्थित रहे।

Thursday, 16 October 2025

विश्व खाद्य दिवस पर पीयू में जागरूकता कार्यक्रम

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा विश्व खाद्य दिवस  पर गुरुवार को एक जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि “भूख और कुपोषण मुक्त दुनिया के सपने को साकार करने में हम सभी की भूमिका अहम है।” उन्होंने खाद्य सुरक्षा, पोषण और सतत कृषि को बढ़ावा देने तथा स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग व खाद्य अपव्यय को रोकने की आवश्यकता बताई।
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एस. पी. तिवारी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भविष्य के लिए वैकल्पिक भोजन पर कार्य करने की आवश्यकता है। डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एंटीबायोटिक्स के स्थान पर प्रोबायोटिक्स का उपयोग बढ़ाना चाहिए। डॉ. दिनेश ने ऋतु आधारित भोजन ग्रहण करने की सलाह दी, जबकि डॉ. सिपाही लाल ने प्राकृतिक आहार को सर्वोत्तम बताया। पर्यावरण विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पांडे ने संतुलित पोषणयुक्त भोजन को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर डॉ. मारुति, डॉ. अवधेश कुमार और डॉ. चंद्रशेखर ने भी अधिक से अधिक जनजागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन छात्राएं स्नेहा मौर्या और साक्षी ने किया।
कार्यक्रम में बायोटेक्नोलॉजी की शोध छात्राएं मंजूषा सिंह और आतिफा हफीज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

Wednesday, 15 October 2025

साइबर अपराधियों से डरने की नहीं है जरूरत : डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर

मिशन शक्ति -5 के तहत छात्राओं को मिली साइबर सेफ्टी की सीख


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार को मिशन शक्ति -5 के अंतर्गत छात्राओं के लिए "साइबर क्राइम जागरूकता" विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि भारत में साइबर अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार वर्षों में इन अपराधों में लगभग 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को साइबर अपराधियों से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त होकर उनका साहसपूर्वक सामना करना चाहिए।
डॉ. राठौर ने छात्राओं को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से अवगत कराया और बताया कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के लिए अलग से शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफार्मों पर बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए पीड़ितों को संचार साथी ऐप के माध्यम से शिकायत अवश्य दर्ज करनी चाहिए, ताकि अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इनसे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
नोडल अधिकारी डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने बताया कि छात्राओं के सशक्तिकरण हेतु मिशन शक्ति फेज-5 के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं मिशन शक्ति  की सदस्य डॉ. अन्नू त्यागी ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों के मनोविज्ञान का सहारा लेकर हावी होते हैं, इसलिए सतर्क रहना ही सुरक्षा की कुंजी है।कार्यक्रम का संचालन अनुश्रेया सिंह ने किया।

पदार्थ की संरचना को समझने में स्पेक्ट्रोस्कोपी महत्वपूर्ण : प्रो मृगेंद्र दुबे

पीयू में आई.आर. स्पेक्ट्रोस्कोपी पर व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) संस्थान के रसायन विभाग द्वारा आई.आर. स्पेक्ट्रोस्कोपी और अनुप्रयोग विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर आमंत्रित वक्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के प्रो. मृगेंद्र दुबे ने बताया कि किसी भी नए पदार्थ या रसायन की पहचान करने में आईआर स्पेक्ट्रोस्कॉपी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके माध्यम से नए संश्लेषित पदार्थ में परमाणुओं के बीच विभिन्न बंध और क्रियात्मक समूह की पहचान की जाती है। प्रो दुबे ने विद्यार्थियों को आईआर स्पेक्ट्रोस्कॉपी के सिद्धांत, तकनीकी और प्रयोग को विस्तार से एनिमेशन और वीडियो के माध्यम से आसन भाषा में समझाया। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता रज्जू भइया संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने की। इस अवसर पर रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रमोद कुमार ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया तथा कहा कि विभाग लगातार इस तरह के व्याख्यान आयोजित करता है जिससे विद्यार्थियों को नित्य हो रहे नए शोध और तकनीक से परिचित रहें। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ अजीत सिंह, डॉ नितेश जायसवाल, डॉ. दिनेश कुमार वर्मा, डॉ. मिथिलेश यादव एवं डॉ. विजय शंकर पांडेय व एमएससी केमिस्ट्री तथा पीएचडी के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
संचालन आकाश और केमिकल कम्युनिकेशन सोसाइटी के अन्य विद्यार्थियों द्वारा किया गया।

Tuesday, 14 October 2025

नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान, परंपरा के लिए करें प्रेरितः स्वांत रंजन

गुरु में अग्नि का भाव होना चाहिएः प्रो. ओम प्रकाश पांडे

पीयू में भारतीय ज्ञान परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों—शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और नैतिकता पर विस्तारपूर्वक विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री स्वांत रंजन ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय जी ने अपने विद्यार्थियों को सदैव सत्य,  ब्रह्मचर्य,  व्यायाम, विद्या,  आत्मत्याग और देशभक्ति जैसे गुणों की शिक्षा देने की बात की थी। यह गुण भारतीय ज्ञान परंपरा की आत्मा हैं और चरित्र निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के लिए कार्य करना प्रत्येक नागरिक का धर्म है और नई पीढ़ी को भी इसी भावना से प्रेरित होना चाहिए।

मुख्य वक्ता,  इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एवं प्रधानमंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. ओम प्रकाश पांडे ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल उद्देश्य आत्मचेतना को जागृत करना है। उन्होंने महाराणा प्रताप की तलवार और सबरी माला के पंचधातु दर्पण का उल्लेख करते हुए भारतीय कारीगरों की वैज्ञानिक दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं जब आंगन में तुलसी लगाती थीं, तो वह केवल आस्था का नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक था।

प्रो. पांडे ने कहा कि “गुरु में अग्नि भाव होना चाहिए। शिक्षा कभी केवल परीक्षण या पुस्तकों का विषय नहीं, बल्कि ज्ञान का विषय होना चाहिए।” उन्होंने कुल परंपरा और गुरुकुल परंपरा को भारतीय शिक्षण प्रणाली की जड़ बताया।

सारस्वत अतिथि, राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय अमेठी के कुलगुरु प्रो. भृगुनाथ सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में इंजीनियरिंग एवं तकनीकी योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरागत विज्ञान को आधुनिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना समय की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षिका डॉ. प्रेमलता देवी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने की। उन्होंने योग और प्राणायाम को भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि मंत्रों की शक्ति चेतना और ऊर्जा के स्रोत हैं।

कार्यक्रम का संचालन ईश्विका सिंह एवं स्वागत प्रो. मानस पांडे एवं धन्यवाद शानू सिंह ने दिया ।

इस अवसर पर प्रान्त प्रचारक रामचंद्र, विभाग प्रचारक आदित्य, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह,  प्रो. सूर्य प्रकाश सिंह,  डॉ. विजय सिंह,  डॉ. राहुल सिंह,  कुलसचिव केशलाल,  परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह,  प्रो. मनोज मिश्र,  डॉ. विजय तिवारी, डॉ. अनुराग मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार,  पर्यावरण प्रमुख  महेंद्र, डॉ. प्रियंका कुमारी,  डॉ. वनिता सिंह,  डॉ. अजय दुबे एवं  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के ज्ञानेंद्र, वरुण, शिवम सहित विद्यार्थी  उपस्थित रहे।

Monday, 13 October 2025

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूर्वांचल की दो बेटियां चमकीं

कैंसर, कोविड के औषधि खोज के शोध पर मिला पुरस्कार 


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की दो छात्राओं ने बॉयोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट शोध के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय और पूर्वांचल का नाम रोशन किया। लखनऊ स्थित हिन्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वेलनेस कॉन – 2025 में एम.एससी. बॉयोटेक्नोलॉजी की छात्रा आतिफ़ा हफ़ीज़ को कोविड-19 और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु औषधि खोज पर आधारित उनके शोध एवं प्रभावशाली ऑरल प्रेजेंटेशन के लिए प्रथम पुरस्कार मिला।वहीं, श्रेया सिंह को कैंसर रिसर्च  और सेल डेथ मैकेनिज्म पर आधारित नेक्रोप्टोसिस से कोशकीय मृत्यु में BCL-2 प्रोटीन के प्रभाव पर उनके पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। यह उपलब्धि विभाग के शिक्षक डॉ. मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और 9 पद्मश्री सम्मानित विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति वाले इस प्रतिष्ठित मंच पर हासिल हुई। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की यह दोहरी सफलता न केवल शिक्षा और शोध के उच्च मानकों को दर्शाती है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक है।

रसोईघर के अपशिष्ट से बन सकेगी ऊर्जाः प्रो. ओपी. सिन्हा


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदमः  कुलपति 
पीयू में “एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स फॉर एनर्जी एप्लिकेशंस” पर हुआ राष्ट्रीय सेमिनार 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सेंटर फॉर रिन्यूएबल एनर्जी एवं प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स फॉर एनर्जी एप्लिकेशंस” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। यह सेमिनार विश्वविद्यालय को प्राप्त भारत सरकार के डीएसटी–पर्स  प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इस अवसर पर वक्ता के रूप में प्रो. ओपी सिन्हा, निदेशक, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा ने अपशिष्ट पदार्थों से ऊर्जा के संचयन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रसोईघर से उत्पन्न सब्जियों और अन्य जैविक अपशिष्टों से ऊर्जा संचयन हेतु उच्च दक्षता वाले सुपरकैपेसिटर उपकरण विकसित किए जा सकते हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह कहा कि भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उच्च दक्षता वाले फंक्शनल मटेरियल्स के विकास की आवश्यकता है। इन पदार्थों के माध्यम से देश में ऊर्जा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ेगा।
एम.एन.एन.आई.टी. प्रयागराज से प्रो. एस. एन. पांडेय ने सुपरकैपेसिटर और बैटरियों के लिए उपयोगी उन्नत पदार्थों के गुणधर्मों पर चर्चा की। वहीं डॉ. उपेन्द्र कुमार ने फ्यूल सेल निर्माण और हाइड्रोजन ऊर्जा के विकास में फंक्शनल पदार्थों की भूमिका पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। आई.आई.टी. इंदौर से प्रो. मृगेन्द्र दुबे सॉफ्ट पदार्थों के ऊर्जा क्षेत्र में अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की।विभिन्न तकनीकी सत्रों में आमंत्रित विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव साझा किए। रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में फंक्शनल एवं नैनोस्ट्रक्चर्ड पदार्थों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन ईंधन, उच्च क्षमता वाली बैटरियों और ऊर्जा भंडारण तकनीकों के विकास में ये पदार्थ नवाचार का आधार बन रहे हैं।
विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा ने कहा कि ऊर्जा दोहन के क्षेत्र में हमें सूक्ष्मजीवी प्रणालियों के माध्यम से ऊर्जा प्राप्ति पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वहीं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. देवराज सिंह ने भारतीय परिप्रेक्ष्य में सौर ऊर्जा के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डॉ. काजल कुमार डे और डॉ. सुजीत के. चौरसिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर प्रो. गिरधर मिश्रा, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. प्रमोद कुमार डॉ. पुनीत धवन, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. मिथिलेश यादव, डॉ. शशिकांत,  डॉ. आलोक कुमार, डॉ. रमांशु सिंह, डॉ. दिनेश वर्मा, तथा संस्थान से आदि उपस्थित रहे।

Thursday, 9 October 2025

पीयू में जिंदल सॉ लिमिटेड ने किया कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव




जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में जिंदल सॉ लिमिटेड द्वारा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन गुरुवार को किया गया।
इस अवसर पर कंपनी की ओर से सुरेन्द्र कुमार, मैनेजर एचआर,दिग्विजय तिवारी, मैनेजर (ईएचएस) उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि  दिग्विजय तिवारी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के पूर्व छात्र हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 में इस परिसर से अध्ययन पूर्ण किया था। अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय की ओर से अंगवस्त्रम एवं बुके प्रदान कर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें बी.एससी. (पीसीएम) वर्ग के योग्य छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिंदल सॉ लिमिटेड की भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में सम्पन्न हुई।
पहले चरण में अभ्यर्थियों का एप्टीट्यूड टेस्ट लिया गया, जिसमें रसायन, अंग्रेज़ी, तर्कशक्ति एवं मात्रात्मक योग्यता से संबंधित प्रश्न सम्मिलित थे।
दूसरे चरण में चयनित अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार (इंटरव्यू) हुआ, जिसमें विषय ज्ञान, संप्रेषण कौशल और तकनीकी समझ का मूल्यांकन किया गया।
कंपनी द्वारा चयनित विद्यार्थियों को ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में मुंद्रा (गुजरात) स्थित निर्माण इकाई में नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष की होगी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को ₹29,167 मासिक वजीफा, निःशुल्क आवास एवं कैंटीन में रियायती भोजन सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण की सफलतापूर्वक पूर्णता के पश्चात विद्यार्थियों को असिस्टेंट अथवा शिफ्ट सुपरवाइजर के पद पर ₹4,00,000 वार्षिक वेतनमान के साथ अन्य भत्ते एवं बीमा लाभ प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि जिंदल सॉ लिमिटेड, भारत की अग्रणी स्टील और आयरन पाइप निर्माता कंपनी है। कंपनी की इस पहल ने न केवल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए नए करियर अवसर खोले, बल्कि भविष्य में निरंतर ऐसे आयोजन करने की कंपनी की गहरी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की। इससे दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि इसके पूर्व छात्र आज प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत होकर पुनः अपने विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों के लिए अवसर लेकर आ रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश, श्याम त्रिपाठी तथा दिव्यांशु संजय, आयुष गुप्ता, श्रेया मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

Wednesday, 8 October 2025

अंशिका, अदिति ने “आवर फोर्से आवर प्राईड” पर दिया प्रेरणादायक भाषण

पीयू में वायु सेना दिवस पर देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में वायु सेना दिवस (8 अक्टूबर) के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास, अनुशासन और देश की सुरक्षा में उसकी अद्वितीय भूमिका से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार पांडेय द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई।
इस अवसर पर एनसीसी कैडेट अंशिका राय और अदिति मिश्रा ने “आवर फोर्से आवर प्राईड” विषय पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय वायु सेना की वीरता, समर्पण और तकनीकी कौशल पर प्रकाश डालते हुए सभी में देशभक्ति की भावना का संचार किया।
मुख्य अतिथि प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वायु सेना दिवस हमें अनुशासन, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने कैडेट्स से देश के प्रति निष्ठा और कर्मशीलता की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नितेश जायसवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को वायु सेना के पराक्रम से सीख लेकर अपने जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “युवा” शब्द को उल्टा पढ़ने पर “वायु” बनता है—यदि सही दिशा मिले तो वही ऊर्जा देश निर्माण का आधार बन सकती है।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा बल्कि उनमें भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को और गहराई से स्थापित कर गया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट अंशिका राय, प्रिया विश्वकर्मा, अदिति मिश्रा, गरिमा अग्रहरि, प्रीति यादव, सोनम, गरिमा बौध, उजाला बिन्द, शालिनी भारती, शालिनी यादव, मुस्कान मौर्य, कामना कन्नौजिया, अंजलि सिंह, गोल्डी यादव, आशुतोष कुमार तिवारी, शिवा कांत ओझा, विशाल, जैश आर्या, अमन मोदनवाल, अमन कन्नौजिया, आदित्या वर्मा, आदित्य पाण्डेय, सलमान शाह, शिवम मिश्रा, मोहम्मद अफजल, अखिलेश यादव, वैभव सिंह, अजीत कुमार, आदित्य राज, सानिध्य यादव मौजूद रहे।

Monday, 6 October 2025

परिणाम को समझें और उस पर काम करें: सुनील दत्त

विद्यार्थियों को कारपोरेट के अनुरूप शिक्षा देने का प्रयास: कुलपति 

उद्योग–संस्थान सहयोग को सुदृढ़ करने पर पीयू में बैठक


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में उद्योग–संस्थान सहयोग को सशक्त बनाने एवं विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों के विस्तार के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक सोमवार की शाम आयोजित की गई। बैठक में जियो इंफोकॉम लिमिटेड, मुंबई के प्रेसिडेंट (डिवाइस एंड सेल्स) सुनील दत्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय पूर्व छात्रों और कॉरपोरेट जगत के बीच सतत संवाद को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि और कौशल-आधारित शिक्षण के लिए अनिवार्य मानता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनुभवपरक शिक्षण, नवाचार प्रयोगशालाओं और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रसर है। मेरी कोशिश है कि कारपोरेट जगत के अनुरूप विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाए।

श्री सुनील दत्त ने टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर में उभरते वैश्विक रुझानों—जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम—पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, परिणाम ( आउटकम)को परिभाषित करें और उस पर काम करें”, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। उन्होंने विद्यार्थियों में बहुआयामी कौशल और अनुकूलन क्षमता विकसित करने पर जोर दिया तथा विश्वविद्यालय को उद्योग और पूर्व छात्रों के साथ मजबूत नेटवर्क बनाने का सुझाव दिया।
प्रो. मानस पांडेय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर विचार रखे। कॉर्पोरेट सदस्य आईक्यूएसी विनीत सिंह पीयू के उद्योग मुखी शैक्षणिक संस्कृति के निर्माण की दिशा में दूरदर्शी कदम बताया।
प्रो. प्रदीप कुमार, निदेशक (सेंट्रल ट्रेंनिंग एवं प्लेसमेंट सेल), ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रारंभ की गई सशुल्क इंटर्नशिप योजना, अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डेवलपमेंट प्रोग्राम , एलुमनाई कनेक्ट एवं मेंटरिंग स्कीम की जानकारी दी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ राहुल सिंह महाविद्यालय के समक्ष तकनीकी संसाधनों की कमी जैसे चुनौतियों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. विनोद कुमार सिंह, शिक्षक संघ पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर विजय सिंह,  डॉ रसिकेश, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ आलोक गुप्ता, डॉक्टर मनीष प्रताप सिंह, डॉ राज बहादुर यादव, उपकुलसचिव अजीत सिंह, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ .प्रभाकर  सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में कुलसचिव केश लाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह बैठक विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच सेतु निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हुई।

Saturday, 4 October 2025

मूट कोर्ट विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की रीढ़ : गौतम बघेल

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा शनिवार को एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया।  इसमें विधि विभाग के सभी  शिक्षकगण ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सत्र में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता गौतम बघेल ने “विधि विभाग में मूट कोर्ट संचालन के लिए सुझाव” विषय पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट विधि छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की रीढ़ है और इसके माध्यम से छात्र न्यायालयीन वातावरण का वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। श्री बघेल ने यह भी बताया कि मूट कोर्ट के माध्यम से छात्रों में तर्कशक्ति, प्रस्तुति क्षमता, कानूनी विश्लेषण और न्यायिक सोच का विकास होता है।
उन्होंने विभाग के शिक्षकों को सुझाव दिया कि मूट कोर्ट की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए छात्रों को नियमित अभ्यास सत्र और केस स्टडी आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए वास्तविक मामलों पर आधारित व्यावहारिक अनुभव देने की भी आवश्यकता बताई।

विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने वरिष्ठ अधिवक्ता श्री गौतम बघेल के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सत्र छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजन तिवारी ने किया।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. विनोद कुमार, डॉ. अनुराग मिश्र, मंगला प्रसाद यादव, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. इंद्रजीत सिंह, श्रीप्रकाश यादव, डॉ. राहुल राय, डॉ. रजित राम सोनकर, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. राजन तिवारी, प्रगति सिंह एवं जीशान अली सहित सभी शिक्षकगण अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

Thursday, 2 October 2025

स्थापना दिवस

शिक्षा, शोध एवं सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा पूर्वांचल विश्वविद्यालय: प्रो वंदना सिंह
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस और गांधी जयंती पर 20 उत्कृष्ट कर्मी सम्मानित
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में  विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस एवं महात्मा गांधी जयंती के अवसर आर्यभट्ट सभागार में समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 20 कर्मचारियों को कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सम्मानित किया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश के राज्यपाल सचिवालय के निर्देशानुसार आयोजित 'सेवा पखवाड़ा' कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रदान किया गया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 38वें स्थापना दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय पूर्वांचल क्षेत्र में शिक्षा, शोध और सामाजिक उत्तरदायित्वों के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण कर रहा है। इस अवसर पर प्रो. वंदना सिंह  ने कहा कि विश्वविद्यालय की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालन में कर्मचारियों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले सभी कर्मचारियों को बधाई दी।
सम्मानित होने वाले कर्मियों में प्रशासनिक अधिकारी  नीता गुप्ता, जितेन्द्र कुमार शर्मा, हरिश्चंद्र मौर्य (अवकाश प्राप्त), कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत नीलम सिंह, अनिल कुमार सिंह, राहुल पाण्डेय, संदीप सिंह, राघवेन्द्र गोपाल, प्रेमशंकर पाण्डेय और उबैद अहमद को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राजकुमार शुक्ला, अंजनी कुमार तिवारी, विजय कुमार यादव, राम शरण यादव, शांति प्रकाश मिश्र,  शिवनंदन यादव, मोती,  बिमला, राजेश कुमार और मो. रफीक अहमद सम्मानित हुए। इस प्रकार कुल 20 उत्कृष्ट कर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान प्रदान कर विश्वविद्यालय ने उनके कार्यों की सराहना की गई। 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की स्थापना 2 अक्टूबर 1987 को हुई थी। विश्वविद्यालय की 38 वर्षों की यात्रा में नैक ए प्लस ग्रेड के साथ बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद बहुत सारे ऐसे प्रोफेशनल पाठ्यक्रम संचालित किया जिसके अध्यनरत विद्यार्थी देश ही नहीं विदेश में भी बड़े पदों पर कार्यरत हैं। कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह समेत अधिकारियों ने स्थापना दिवस एवं गांधी जयंती के अवसर पर गांधी वाटिका में महात्मा गांधी के मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके साथ ही लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस पर उन्हें भी अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया। वीर बहादुर सिंह के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया ।  विश्वविद्यालय के कर्मचारी ने राम धुन की प्रस्तुति की ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव केश लाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी मिलजुल कर विश्वविद्यालय आगे बढ़ाये। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सभी सत्यनिष्ठा और कर्मठता के साथ अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन कर विश्वविद्यालय प्रगति पथ पर आगे ले जाएं।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने सबका स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स द्वारा संस्कार स्वच्छ, स्वभाव स्वच्छ: सशक्त एवं समर्थ समाज का आधार" विषय पर अदिति मिश्र एवं अंशिका राय द्वारा भाषण दिया गया । इसके अतिरिक्त गोल्डी यादव एवं जयस आर्य द्वारा गांधी जी के कृतित्व एवं विचारों पर कविता पाठ किया गया । कैडेट्स ने अपने भाषण में कहा कि हमें स्वच्छता को सिर्फ शारीरिक सफाई से आगे बढ़कर, चरित्र, मूल्यों और व्यवहार में भी शामिल करने पर जोर देना चाहिए। स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाकर, हम न केवल स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं, बल्कि एक मजबूत, जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज को आगे बढ़ाते हैं। इसके लिए हमें व्यक्ति, परिवार और समुदाय स्तर पर मिलकर प्रयास करना होगा, ताकि स्वच्छता का सही अर्थ समाज के हर हिस्से तक पहुँच सके।
इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार,  प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. राज कुमार, प्रो. राम नारायण,  डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. अमरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, , डॉ. मनीष गुप्ता उप कुलसचिव अजीत सिंह, बबीता सिंह, कर्मचारी संघ के महामंत्री रमेश यादव समेत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश जायसवाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव व राष्ट्रीय कैडेट कोर के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया।