Wednesday, 6 June 2018

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डॉ0 राजाराम यादव जाएंगे चीन

नानजिंग विश्वविद्यालय ने किया आमंत्रित

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव को चीन के ख्यातिलब्ध नानजिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीविश्वविद्यालय ने अल्ट्रासोनिक्स इन नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर विशेष व्याख्यान एवं संयुक्त शोध कार्य के लिए आमंत्रित किया है । 
प्रोफ़ेसर यादव 8 से 15 जून तक चीन के नानजिंग विश्वविद्यालय में अल्ट्रासोनिक्स इन नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियोंएवं विद्यार्थियों के साथ मंथन कर भारत एवं चीन के संबंधों को एक नया आयाम देंगे। 
गौरतलब है कि प्रोफ़ेसर यादव अल्ट्रासोनिक के जाने माने विशेषज्ञ हैं उन्हें नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑप्टिकल और थर्मल प्रॉपर्टीज में विशेषज्ञता हासिलहै। वे अल्ट्रासोनिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं एवं दुनिया के कई संस्थानों के फेलो रह चुके हैं।
उन्होंने पूर्व में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, कनाडा जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रिया, बेल्जियम, स्वीडन, जापान, फिनलैंड, नेपाल एवं सिंगापुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीयअंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बतौर अध्यक्ष , मुख्य वक्ता एवं विभिन्न सत्रों में अपनी सशक्त भागीदारी  दर्ज कराई है। 
प्रोफेसर यादव को देश की विभिन्न वैज्ञानिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा दर्जनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है ।प्रोफ़ेसर यादव के 125 से अधिकशोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं । 


Wednesday, 30 May 2018

पीयू ने घोषित किया सत्र 2017 - 18 का परीक्षा फल



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  सत्र 2017 - 18  के  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कृषि पाठ्यक्रम के  स्नातक एवं स्नातकोत्तर की  समस्त कक्षाओं  का वार्षिक परीक्षा फल बुधवार  को  एक साथ घोषित कर दिया गया है। इसी के साथ प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय  वार्षिक परीक्षाओं का सम्पूर्ण परीक्षाफल एक साथ घोषित करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया  है।   वित्त अधिकारी एमके सिंह ,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल एवं  परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने  कंप्यूटर की बोर्ड को क्लिक करके बीए ,बीएससी, बीकॉम,बीपीई ,बीएससी एजी ,एम ए ,एमकॉम  ,एमएससी ,एमएससी एजी  का  परीक्षाफल घोषित किया।  
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने नियत समय से भी पहले  परीक्षाफल घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों ,अधिकारियों,  पत्रकार बंधुओं  एवं परीक्षा तथा मूल्यांकन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है । 
परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने बताया कि इस वर्ष चार लाख निन्यानबे हजार चार सौ चौदह विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। सभी महाविद्यालय के प्राचार्यगण तथा शिक्षक गण ,विश्वविद्यालय के   शिक्षक बंधुओं ,  समस्त  कर्मचारी बंधुओं एवं मीडिया  के सहयोग से   विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों की कापियों का मूल्याङ्कन कराकर   परीक्षाफल घोषित कर दिया  है। परीक्षाफल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।  इससे विद्यार्थियों को बीटीसी एवं अन्य सेवाओं के आवेदन पत्रों को समय पर जमा करने एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में सुविधा होगी।  
 इस अवसर पर निगरानी समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडेय ,प्रोफ़ेसर अविनाश पाथर्डीकर ,डॉ मनोज मिश्र ,डॉ सुरजीत यादव ,डाटा प्रोसैसिंग समिति के संयोजक डॉ अमित वत्स ,एमएम  भट्ट,डॉ संजय श्रीवास्तव, नितिन चौहान , रामबाबू सिंह एवं अमरजीत सिंह  सहित लोग उपस्थित रहे। 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता और अंतरजाल विषयक परिचर्चा का आयोजन



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।  हिंदी पत्रकारिता और अंतरजाल विषयक परिचर्चा में वक्ताओं ने  विभिन्न आयामों पर अपनी बात रखी।
जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर मनोज मिश्र ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने हमारे देश के आम आदमी को सदैव केंद्र बिंदु में रखा है। आज इंटरनेट ने हिंदी पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया है।  देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदी के समाचार पत्र और न्यूज़ पोर्टल ऑनलाइन सहज उपलब्ध है। उनकी प्रसार और पाठक  संख्या में  भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत में क्षेत्रीय वेब हिंदी पत्रकारिता का नया दौर चल रहा है। कम खर्च में बहुत सारे कर्मठ पत्रकार आम आदमी के मुद्दों को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहे हैं यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही आवश्यक और सुखद है।

जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ अवध बिहारी सिंह ने कहा कि 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ पहला हिंदी का समाचार पत्र उदंत मार्तंड आज भी हिंदी के पत्रकारों के लिए ऊर्जा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट ने हिंदी पत्रकारिता को मजबूती दी है वहीं रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएं है।

प्रो राम नारायण ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सदैव समाज की समस्याओं, जरूरतों को ध्यान में रखा है। आज लोगों के हाथों में मोबाइल है सोशल मीडिया है जिस पर नागरिक पत्रकारिता बड़े पैमाने पर की जा रही है। 

शिक्षक डॉ मनोज पांडेय 
ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का ही असर है कि  आज देश ही नहीं दुनिया में भी हिंदी भाषा के प्रति लोगों का नज़रिया बदला है।  

शिक्षिका डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि इंटरनेट के विस्तार ने आज के दौर में पाठक और दर्शकों को हिंदी के समाचार पत्रों से जोड़ें रखा है। हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से लोगों की भावाभिव्यक्ति सरलता से व्यापक क्षेत्रों तक पहुंच रही  है। 

शिक्षिका अन्नू त्यागी ने कहा कि  तकनीकी के ज्ञान के बिना आज के समय में पत्रकारिता संभव नहीं है। खुशी की बात है कि  आज तकनीकी को सभी स्वीकार कर रहे हैं। बहुत सारे  पत्रकार ऐसे हैं जो दैनिक जीवन में भारी  दबाव में काम करते हैं। ऐसे में उन्हें बीच -बीच  में विश्राम  की जरूरतों पर भी संस्थान को सोचना चाहिए।  

शिक्षक डॉ ऋषि श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत बड़े अभाव के साथ हुई थी। बदलते वक्त के साथ  आज हिंदी समाचार पत्रों के पत्रकार हर तकनीकी से लैस है। 


परिचर्चा का संचालन शिक्षक डॉ अवध बिहारी सिंह ने किया।