Sunday, 21 February 2021

लोक साहित्य संरक्षण में अनुवाद की बड़ी भूमिका : कुलपति

अनुवाद रचनात्मकता से बड़ा कार्य : प्रो. वशिष्ठ अनूप

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने मातृभाषा के महत्व को बखूबी समझा : डॉ. कायनात

मातृभाषा के संवर्द्धन में अनुवाद की भूमिका विषयक वेबिनार का हुआ आयोजन

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर मातृ भाषा के संवर्द्धन में अनुवाद की भूमिका विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया।संबोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि लोक साहित्य, लोक कहानियां, लोक गीतों के  संरक्षण के लिए अनुवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। कहा कि भाषा का विस्तार हुआ है प्रतीकात्मक भाषा से ऑनलाइन कंप्यूटर की भाषा का सफर हमने तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि भारत बहुभाषा- भाषी देश है। भाषाओं को संरक्षित करने की और लुप्त होती भाषाओं को बचाने के लिए हम सभी को आगे आना होगा।

बतौर मुख्य अतिथि लब्धप्रतिष्ठ कवि एवं शायर  काशी हिंदू विश्वविद्यालय, हिंदी विभाग  के  प्रोफेसर  अनूप वशिष्ठ ने कहा कि अनुवाद रचनात्मकता से बड़ा कार्य है। दो भाषाओं के ज्ञान के साथ ही उसकी संस्कृति, प्रकृति व परंपरा का भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुवाद विशद् ज्ञान है और इसके लिए संवेदनशीलता की जरुरत पड़ती है।उन्होंने कहा कि एक- दूसरे से भावनात्मक आदान-प्रदान ही मातृभाषा है।  अनुवाद की योजना पर काम जमीनी स्तर पर हो तभी मातृभाषा का विस्तार हो सकता है। 

विशिष्ट अतिथि प्रख्यात यात्रा लेखिका डॉ. कायनात काज़ी ने कहा कि ज्ञान के प्रसार में भाषा के अवरोध को  हटाने में अनुवादकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि भाषा जल की तरह है उसका प्रवाह यदि रुकेगा तो वह विलुप्त हो जाएगी। मातृभाषा के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐमज़ॉन और फ्लिपकार्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। वेबिनार में प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने भी विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवर्तन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम सचिव डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राजेश शर्मा,डॉ. राकेश यादव , डॉ. जगदेव, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. रसिकेश, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, अन्नू त्यागी, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. राधा ओझा, डॉ. अवध बिहारी सिंह,  तथा विद्यार्थियों समेत तमाम लोग उपस्थित रहें।















Thursday, 18 February 2021

धूमधाम से मनाई गई वीर बहादुर सिंह की जयंती

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुरुवार को वीर बहादुर सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई।इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि वीर बहादुर सिंह राजनीति में ऊंचे -ऊंचे पदों पर रहे, लेकिन उन्होंने सहजता सरलता और सादगी को अपने जीवन में अपनाया। वह गरीबों के मसीहा थे l प्रदेश की राजनीति में उन्होंने विपक्षियों का भी सम्मान किया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार,  परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह,प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. अजय  द्विवेदी, डॉ.के एस. तोमर, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ. श्रवण कुमार आदि उपस्थिति रहें।

                                            प्रबंध अध्ययन संकाय में हुई संगोष्ठी

प्रबंध अध्ययन संकाय में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय के जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर प्रबंध अध्ययन संकाय के पूर्व  संकाय अध्यक्ष एवं आई क्यू ए सी के निदेशक प्रोफेसर मानस पांडे ने वीर बहादुर जी को एक कुशल राजनेता एवं समाज सुधारक बताया। प्रोफ़ेसर मानस ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय की स्थापना में उनके योगदान का स्मरण किया और पूरे विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।इस अवसर पर डॉ मनीष गुप्ता ने स्वर्गीय श्री वीर बहादुर सिंह के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की। इस अवसर पर डॉ आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में उनकी विशेष अभिरुचि थी और वह उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान दिलाने के लिए तत्पर थे ।डॉ सिंह ने जौनपुर में उच्च शिक्षा में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के योगदान को स्वर्गीय  वीर बहादुर जी को समर्पित किया। इस अवसर पर डॉ गिरधर  ने अपने विचार व्यक्त करते हुए  वीर बहादुर सिंह को पूर्वांचल के विकास के लिए उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए कृतज्ञता ज्ञापित किया। डॉ पुनीत धवन ने कहा कि उच्च शिक्षा के मंदिर की स्थापना करके उन्होंने जौनपुर एवं आसपास के परिक्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया था ।इस अवसर पर एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स के छात्र करण सिंह ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल को छात्रों उन्मुख  एवं उत्कृष्ट बताया ।करण सिंह ने बताया कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करके छात्र अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। बीकॉम की छात्रा सुश्री आकांक्षा ने स्वर्गीय वीर बहादुर जी को नमन किया और जौनपुर में ऐसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान खोले जाने पर साधुवाद दिया ।बीकॉम ऑनर्स के अतिथि प्रवक्ता  राकेश कुमार उपाध्याय ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स एवं बीकॉम ऑनर्स के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

                            राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय इकाई द्वारा जागरूकता 

विश्वविद्यालय इकाई की ओर से परिसर में वीर बहादुर सिंह की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया। तत्पश्चात गांधी वाटिका में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

इसके बाद परिसर इकाई के स्वयं सेवकों द्वारा ग्राम जाशोपुर चकिया में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इस अवसर एनएसएस के समन्वयक डॉ.राकेश यादव, डॉ. विनय वर्मा, डॉ. कमलेश पाल, डॉ. अमरेन्द्र कुमार सिंह ,  डॉ. शशिकांत यादव ने स्वयं सेवकों का उत्साहवर्धन किया। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने मार्च निकाला। 

Tuesday, 16 February 2021

विद्यार्थी संस्कृति के अनुरूप करें व्यक्तित्व का निर्माणः आनन्दी बेन पटेल

शिक्षा  और स्वास्थ्य सुविधा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेः प्रो. पंजाब सिंह

पीयू के 24 वें दीक्षांत समारोह में 73 मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक 


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 24 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में 73 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। इसके साथ ही 67 शोधार्थियों को पीएच. डी. की उपाधि दी गई। कक्षा 6 से 8 के 51 बच्चों को स्कूल बैग भी उपहार में दिए गए।  

दीक्षांत समारोह के संबोधन में कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विद्यार्थी संस्कृति के अनुरूप अपने व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करें यहीं वास्तविक शिक्षा है। नई शिक्षा नीति- 2020 राष्ट्रीय चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण के साथ देश को उन्नत राष्ट्र की श्रेणी में खड़ी करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी फूल की तरह गुणवान होने के साथ-साथ विनम्र बनें।    

बाल विवाह पर सख्ती दिखाते हुए उन्होंने कहा कि इसका विरोध घर के सदस्यों से ही शुरू हो, ऐसे समारोह में न शामिल हों न लोगों को शामिल होने दें। कुपोषित बच्चे बाल विवाह की देन हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक टीबी मुक्त समाज के लिए आगे आएं। एक शिक्षक एक बच्चे को गोद ले, तभी टीबी का समूल नाश होगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के मदद पर भी जोर दिया। 

महिलाओं के अत्याचार और हिंसा पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। कहा कि महिला मां है, बहन है, पत्नी है, भाभी है, वह ही वंश को आगे बढ़ाती है। उन्होंने समाज में परिवर्तन के लिए महिलाओं से अपनी सोच बदलने को भी कहा। 

दीक्षांत उद्बोधन में मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के कुलाधिपति प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक प्रो० पंजाब सिंह के कहा कि न्यू इंडिया के स्लोगन के साथ भारत एक बार पुनः अपनी खोई हुई ताकत को प्राप्त करना चाहता है। उन्होंने कहा कि विश्व गुरु बनने के लिए भारत को नए सिरे से जी-तोड़ मेहनत करनी होगी। इसके के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में क्रन्तिकारी सुधार लाने होंगे।

भारत सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 देश के युवाओं में उड़ान भरने के लिए पंख लगाने और पुराने गौरव को पाने का एक प्रयास है।  

उन्होंने कहा कि भारत अपने भविष्य के सुनहरे दौर के करीब है जहां उसकी अर्थव्यस्था नई उंचाइयों को छू सकती है। देश के युवाओं में ऊर्जा है, उत्साह है, उमंग है, उत्सुकता है, असीम संभावनाओं से युक्त कल्पनाओं की उड़ान है। सपनों को देखने और उसे पूरा करने की हिम्मत है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा का इतिहास भारतीय सभ्यता का दर्पण है और हमारी भव्य विकसित सभ्यता का प्रमाण भी. शिक्षा के साथ- साथ स्वास्थ्य भी एक ऐसी मूलभूत आवश्यकता है जो देश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचना जरूरी है। भारत सरकार के आयुष्मान भारत योजना की सराहना होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में कृषि का 15 प्रतिशत योगदान है वही लगभग 50 प्रतिशत रोजगार के अवसर भी यह उपलब्ध कराता है. इसलिए कृषि और कृषक देश में महत्व है। इसे और मजबूत करने से ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।   

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने वसंत पंचमी की बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कोविड काल में भी विश्वविद्यालय निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक, प्रशासकीय अनुसंधान, संगोष्ठी, मासिक परिचर्चा, निर्माण, पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य एवं शासन की मंशानुसार निर्देशित अन्य कार्यों का आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। 

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय न केवल एक शैक्षणिक संस्थान है, बल्कि बौद्धिक एंव चारित्रिक चेतना के निर्माण का एक केन्द्र भी है। आधुनिक प्रयोशालाओं, कक्षाओं, योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन, उपयुक्त प्रशिक्षण एवं पाठ्येतर गतिविधियों में तल्लीनता ही बहुमुखी विकास के मार्ग को प्रशस्त कर सकती है। ज्ञानार्जन के विभिन्न तकनीकी साधनों के बावजूद परम्परागत कक्षाओं में विद्यार्थी एवं शिक्षक का शैक्षणिक संवाद उनके प्रभावशाली निर्माण का सर्वोच्च कारक सिद्ध होता है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी गिनाया।

दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। संचालन प्रो. अजय द्विवेदी ने और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया।

इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. पी.सी. पातंजलि, प्रो. सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक बृजेश सिंह प्रिंसु, डॉ. लीना तिवारी, प्रो. बी. बी. तिवारी, प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. रामनारायण, डॉ. मनोज मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एके. श्रीवास्तव, प्रो. वंदना राय, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. विजय सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. राज कुमार, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. प्रमोद यादव, .अशोक सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. राकेश यादव, डॉ. जगदेव, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. विजय प्रताप तिवारी, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. के. एस. तोमर, मंगला प्रसाद यादव, डॉ. अवध बिहारी सिंह कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामजी सिंह, पीके कौशिक, श्याम श्रीवास्तव समेत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।      

गतिमान के आठवें अंक का हुआ लोकार्पण 

विश्वविद्यालय के 24 वें दीक्षांत समारोह में गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल  श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने  किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्ष भर की गतिविधियां, स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। पत्रिका के सम्पादन मण्डल में डॉ० मनोज मिश्र, डॉ० दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ० केएस तोमर एवं डॉ० सुनील कुमार  शामिल हैं।

 51 विद्यार्थियों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 51 विद्यार्थियों को स्कूल बैग, फल, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया. इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय करंजाकला वि0ख0 करंजाकला, पू0 मा0 वि0 मेंहदीगंज, मड़ियाहू, कम्पोजिट स्कूल नटौली ब्लाक शाहगंज, पू0 मा0 वि0मिरशादपुर, विकास खण्ड बदलापुर, अंग्रेजी माध्यम कम्पोजिट स्कूल बरनपुर, खुटहन की छात्र- छात्राएं शामिल हुई. इसमें विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा गोद ली गई जनता जनार्दन इंटर कॉलेज की छात्रा भी शामिल रहीं. राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव ने इसका संयोजन किया. 

सौम्या तिवारी को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक 

विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम०ए० जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक  दिया जाता है.  वर्ष 2020 में एम०ए० जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर सौम्या तिवारी को 24वें दीक्षांत समारोह में  कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के हाथों यह पदक मिला है। जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ० मनोज मिश्र, डॉ० दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चन्दन सिंह समेत विभाग के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बधाई दी।

महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण 

प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय में स्थित महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन परिसर में महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर दीक्षांत समारोह के कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य, कुलसचिव महेंद्र कुमार समेत समस्त सहायक कुलसचिव शामिल रहें। 

73 मेधावियों को मिला गोल्ड मेडल

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  24 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 73 मेधावियों  को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक प्रदान किया।

स्नातक में इन्हें मिला गोल्ड मेडल

बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मयंक सिंह,  बीटेक इलेक्ट्रिकल  इंजीनियरिंग में प्रिया मिश्रा, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन में तेजस्विनी गोस्वामी, बीटेक इनफार्मेशन टेक्नोलाजी में आकाश चौहान, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रियंका यादव, बी फार्मा में आरती प्रजापति, बी० ए० में पूजा सिंह, बी०एससी में सूर्यकांतेश चौहान, बी.काम. में शिव शक्ति, बीएससी कृषि में आकांक्षा यादव, बीपीई में अरुंधति सिंह, बी.एड. में पूनम, एलएलबी में शशांक मिश्र, बीसीए में गौतम पांडेय, बीबीए में तन्मय कृष्ण सर्राफ को स्वर्ण पदक मिला।

परास्नातक में इन्हें मिला गोल्ड मेडल

एम.सी.ए. में आदिल खान, एमबीए ई-कामर्स में आनंदिका यादव, एमबीए में सिद्धार्थ मौर्या, एमबीए एग्रीबिजनेस में रवि कुमार अग्निहोत्री, एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स सलोनी सिंह, एमबीए एमएफसी में प्रवाल कपूर, एमबीए एचआरडी में करन प्रताप सिंह, एमएससी बायोकेमिस्ट्री में तृप्ति श्रीवास्तव, एमएससी माइक्रोबायोलाजी में ऋतुराज पटेल, एमएससी  बायोटेक्नोलॉजी इस्मत बकर, एमएससी पर्यावरण विज्ञान में आस्था मौर्या, एमएससी रसायन विज्ञान में प्रतिभा पटेल, एमएससी पृथ्वी एवं ग्रह विज्ञान में मो० तैय्यब, एमएससी गणित में श्रेया यादव, एमएससी  भौतिक विज्ञान में विवेक कुमार श्रीवास्तव, एमए व्यावहारिक मनोविज्ञान में शमा बानो, एमए मास कम्यूनिकेशन में सौम्या तिवारी,  प्राचीन इतिहास में आरती आनंद, सैन्य विज्ञान में प्रशांत चौरसिया, अर्थशास्त्र में प्रियंका उपाध्याय, शिक्षाशास्त्र में नेहा व प्रिया सिंह, अंग्रेजी में सिम्पी मिश्रा, भूगोल में जागृति गुप्ता, हिंदी में गौरव सिंह, संगीत में सुशील सिंह, गृह विज्ञान फ़ूड एंड न्यूट्रिशन  में आंचल मिश्रा, गृह विज्ञान ह्यूमन डेवलपमेंट मे डिंपल कुशवाहा, मध्यकालीन इतिहास में कृतिका कुमारी व संजीव कुमार, संगीत गायन में नीलू यादव, दर्शनशास्त्र में नगमा खातून, राजनीतिशास्त्र में शाम्भवी सिंह, संस्कृत में प्रांशु सिंह, समाजशास्त्र में दिनेश, उर्दू में गजाला, मनोविज्ञान मे प्रियंका पांडेय, एमएड में गुंजन यादव, एम काम में सत्या व भारती चौरसिया, वनस्पति विज्ञान में सोनू यादव, रसायन विज्ञान में काव्य चंदन, औद्योगिक रसायन पूजा गुप्ता, गणित में रश्मि, भौतिक विज्ञान में अभिनव सिंह व मुकेश यादव, जंतु विज्ञान में पूनम यादव, एनिमल हस्बेंड्री एंड डेयरी में नवीन कुमार, एमएससी कृषि में प्रिया सिंह, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में शारदा सुमन, हार्टिकल्चर में निकिता, प्लांट पैथोलाजी में शुभम पटेल, एग्रोनामी में दीपा कुशवाहा, एग्रीकल्चर केमिस्ट्री एंड स्वायल साइंस में मनीष कुमार, कीट विज्ञान में आकांक्षा देवी, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन में प्रदीप यादव, एलएलएम में निशा बानो को स्वर्ण पदक मिला।

67 शोधार्थियों को मिली पीएच. डी. की उपाधि 

दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 67  शोधार्थियों को  पीएच. डी. की उपाधि प्रदान की गई। इसमें कला संकाय के 39, विज्ञान संकाय के 15, शिक्षा संकाय के 10, कृषि संकाय के 01, विधि संकाय के 02 शोधार्थियों को उपाधि मिली। 



















Monday, 15 February 2021

हेलीपैड पर राज्यपाल का कुलपति ने किया स्वागत

हेलीपैड पर राज्यपाल का कुलपति ने किया स्वागत 
जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रदेश की मा. राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल हेलीकाप्टर से के एकलव्य स्टेडियमपहुँचीं. हेलीपैड पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया. इसके साथ ही प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव एवं विधायक रमेश मिश्र ने भी राज्यपाल को पुष्प भेंट किया. स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से  जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा,पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, रोवर्स रेंजर के समन्वयक डॉ. जगदेव,खेल सचिव डॉ. अलोक सिंह, डॉ. सुरजीत कुमार यादव, डॉ. के एस. तोमर रहें.