Sunday, 17 March 2019

पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन प्रारम्भ


परिसर में पहली बार शुरू होगा बीकॉम (ऑनर्स)  

विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रम में सत्र 2019 -20 में  प्रवेश की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित है। परिसर में पहली बार बीकॉम (ऑनर्स) का पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव  सुजीत कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस फॉर स्टडी एंड  रिसर्च में एमएससी फिजिक्स, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी मैथमेटिक्स, एमएससी अप्लाइड जियोलॉजी और फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज के अंतर्गत बीकॉम (ऑनर्स) पाठ्यक्रम और बीए -एलएलबी (ऑनर्स) पंचवर्षीय  इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश प्रारम्भ  किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में एमएससी  बायो टेक्नोलॉजी,एमएससी माइक्रोबायोलॉजी ,एमएससी बायोकेमेस्ट्री, एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, प्रबंध अध्ययन संकाय के एमबीए,एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स, एमबीए एचआरडी, एमबीए फाइनेंस कंट्रोल, एमबीए ईकॉमर्स , एमबीए एग्रीबिजनेस,  इंजीनियरिंग संकाय में  एमसीए और अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान संकाय  में एमए जनसंचार एवं पत्रकारिता ,.एमए व्यावहारिक मनोविज्ञान विषयों में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित   हैं।  कुलसचिव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्र करने की  अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। प्रवेश परीक्षा 11 जून को एवं परिणाम की घोषणा  21  जून को होगी।  प्रवेश परीक्षा में सफल परीक्षार्थियों का प्रवेश 1 से 5 जुलाई 2019 को होगा। उन्होंने बताया कि सामान्य और पिछड़ी जाति के परीक्षार्थियों के लिए आवेदन शुल्क ₹500 और एससी-एसटी के परीक्षार्थियों के लिए ढाई सौ रुपए है । आवेदन पत्र और इससे संबंधित समस्त  जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

Saturday, 16 March 2019

ऊर्जावान है पूर्वांचल का खिलाड़ी - गोकर्ण

खिलाडी सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शनिवार को पूर्वी क्षेत्र की विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले खिलाडियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव आवास एवं  विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नितिन रमेश गोकर्ण कहा कि पूर्वांचल का विद्यार्थी हमेशा ऊर्जावान रहा है बस जरूरत अवसर उपलब्ध होने की है।   विश्वविद्यालय के खिलाडियों के प्रदर्शन के कारण खेलकूद में यह विश्वविद्यालय प्रदेश में सबसे आगे है। उन्होंने इस सत्र में विश्वविद्यालय के  खिलाडियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर  अभी तक  66 मेडल अर्जित किये जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा  कि लक्ष्य पाने के बाद रुके नहीं बल्कि लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रयास करते रहे। 
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के खिलाडियों की मेहनत के कारण हर साल मेडलों की संख्या में इजाफा हो रहा है। विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलसचिव डॉ बी एल आर्य ने कहा कि हमारे यहां के युवाओं में अनंत ऊर्जा है इसे बनाए रखने की जरूरत है।   खेलकूद परिषद के सचिव डॉ शेखर सिंह ने खेल की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत डॉ के एस  तोमर ने किया । मुख्य अतिथि नितिन रमेश गोकर्ण एवं कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल  ने खो खो महिला टीम, कबड्डी महिला टीम, हॉकी महिला टीम और कबड्डी पुरुष टीम के खिलाड़ियों और कोच को सम्मान स्वरूप ब्लेजर,  चेक के जरिये धनराशि  और अन्य  ड्रेस वितरित किया। इस अवसर पर कुल अस्सी खिलाडियों को सम्मानित किया गया। 
समारोह का संचालन अशोक सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ विजय प्रताप तिवारी ने किया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह  देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर  परीक्षा नियंता राजीव कुमार, डॉ मनराज यादव, डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ जेबी सिंह, डॉ रामाश्रय शर्मा, डॉ मनोज मिश्र, राकेश यादव, डॉ आलोक सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार,  डॉ संजय नारायण, डॉ मुन्ना सिंह, डॉ प्रशांत कुमार राय, डॉ त्रिपुरारी उपाध्याय, रजनीश सिंह,राजेश सिंह  आदि मौजूद थे।

21वीं सदी में मानव संसाधन प्रबंधन के समक्ष चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का हुआ आयोजन


विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा शनिवार को 21वीं सदी में मानव संसाधन प्रबंध के समक्ष 
चुनौतियां विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव आवास एवं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि अर्थव्यवस्था में हो रहे परिवर्तन के कारण प्रबंध प्रक्रिया में भी बदलाव आया है।  परिवर्तन के इस दौर में मानव संसाधन प्रबंधक चुनौतियां  का सामना करते हुए बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं।  उन्होंने सकल घरेलू उत्पादन, जनसंख्या लाभांश, भारत की युवा पीढ़ी एवं तकनीकी विकास के परिप्रेक्ष्य  में मानव विकास प्रबंधन कौशल विकसित करने पर जोर दिया।  श्री गोकर्ण ने उत्तर प्रदेश एवं देश में हो रहे आर्थिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश के आधारभूत ढांचे में तेजी से विकास हो रहा है उसका सकारात्मक असर उद्योगों एवं अन्य क्षेत्र पर भी पड़ा है।

विशिष्ठ अतिथि दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर एस सी पुरोहित ने कहा कि 21वीं शताब्दी में चुनौतियों का सामना करने के लिए बुद्धिमता, संवेदना के साथ ही साथ आध्यात्मिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता है।  प्रबंधकों को कार्यस्थल पर साधारण कार्यों को भी प्रोफेशनल कौशल के साथ करना चाहिए। उन्होंने  उद्योग जगत में  वर्तमान में अपनाई जा रही मानव संसाधन नीतियों एवं योजनाओं को उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए छात्रों को सही दिशा में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र का योगदान जीडीपी में 50% है जबकि उनकी भागीदारी 93% है असंगठित क्षेत्र के लोगों की क्षमता  बढ़ाने के लिए शोध कार्य की आवश्यकता है। प्रोफेसर मानस पांडे ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रसिकेश ने किया .इस अवसर पर प्रो अजय द्विवेदी, प्रो बीडी शर्मा, डॉ मुराद अली, डॉ मनोज मिश्र, डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ आशुतोष सिंह,डॉ कमलेश पाल, अंजली मौर्या समेत विद्यार्थी गण मौजूद रहे।

Tuesday, 12 March 2019

मूल्याङ्कन कार्य शुरु

विश्वविद्यालय  परिसर स्थित केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र  पर मंगलवार को  उत्तर पुस्तिकाओं का   मूल्याङ्कन कार्य  शुरु हुआ।  कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव   के साथ अधिकारियों ने  केंद्र पर विधिवत पूजन अर्चन किया।पहले दिन पत्रकारिता, सैन्य विज्ञान एवं राजनीतिशास्त्र  विषय की  पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ है। समय से परीक्षाफल घोषित करने के लिए  इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याङ्कन हेतु  परिसर में 5  मूल्यांकन केंद्र बनाये गए है।
कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव  ने मूल्यांकन के  लिए की गई तैयारियों का निरीक्षण  किया एवं व्यवस्था संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्वविद्यालय का  परीक्षाफल समय से घोषित होगा। 
परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार ने बताया कि पहले दिन 100  अधिक परीक्षकों ने मूल्याङ्कन कार्य प्रारम्भ किया है। सम्बंधित विषय के परीक्षकों को मूल्याङ्कन  लिए पत्र भेजा गया है। विश्वविद्यालय की  परीक्षाएं आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर एवं गाज़ीपुर जनपदों में 24 अप्रैल तक चलेगी। शासन के दिशा निर्देश के क्रम में शुचिता के साथ परीक्षाएं चल रही है। 
इस  अवसर पर वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , डॉ मनोज मिश्र,डॉ अम्बिकेश्वर  सिंह, डॉ केबी यादव ,डॉ  रजनीकांत द्विवेदी , डॉ के एस तोमर, डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव,एम एम भट्ट, अमलदार यादव, श्याम त्रिपाठी,अशोक सिंह  समेत तमाम लोग मौजूद रहे।