Tuesday, 21 May 2013

शायर जौनपुरी को कुलपति ने लिया सम्मानित



..जिंदगी अब बहुत मुख्तसर हो गई


जौनपुर: आइए अपने शायर से मिल लीजिए, जिंदगी अब बहुत मुख्तसर हो गई ..शायर जौनपुरी ने यह शेर कब पढ़ा, आज वो इसे बताने की भी स्थिति में नहीं हैं। लेकिन वीबीएस पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुंदरलाल ने सोमवार को उनके घर पहुंचकर उन्हें 'लोक कला सेवी' सम्मान से नवाजते हुए श्रीफल (नारियल), अंग वस्त्रम, रजत जयंती स्मृति चिह्न एवं एक लिफाफा (नकद) पेश किया।

शायर जौनपुरी को जिस वक्त ये सम्मान दिया जा रहा था वे इस हालत ही में नहीं थे कि इस 'अवसर' को देख सकें। यह मंजर देखकर पूविवि के प्रो.रामजी लाल, डॉ अविनाश पाथर्डिकर, डॉ एचसी पुरोहित, डॉ विद्युत कुमार, डॉ बृजेश यदुवंशी, सपा नेता श्रवण जायसवाल, शायर जौनपुरी के बड़े भाई मो.फाजिल आदि की आंखें नम हो गई।

कुलपति ने विवि सांस्कृतिक परिषद द्वारा रजत जयंती सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के जहां तीस से अधिक कलाकारों को सम्मानित किया वहीं शायर जौनपुरी को भी विश्वविद्यालय परिसर ही में सम्मान देना चाहा मगर अपनी लम्बी बीमारी के कारण शायर जौनपुरी उक्त समारोह में नहीं पहुंच सके। लिहाजा कुलपति ने उनके घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित कर एक नजीर पेश की।

साभार - जागरण डॉट कॉम 


Saturday, 4 May 2013

विश्वविद्यालय ने लोक कलाकारों को सम्मानित किया



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह के तहत शुक्रवार को एक दर्जन लोक कलाकारों को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के पूर्व  कुलपति एवं बायोटेक्नोलोजी विभाग के प्रोफेसर  डी डी दूबे और कुलसचिव वी के सिन्हा ने कलाकारों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। मंच पर सम्मानित हुए  कलाकार बहुत खुश थे .सभी नें इस सम्मान के लिए  विश्वविद्यालय परिवार को  बहुत धन्यवाद दिया .
गाजीपुर के गोड़ नृत्य के कलाकार गणपति गौड़, फाग गायक सुदामा शर्मा, धोबिया नृत्य के लिए रामकरन चौधरी, निर्गुण गायक सुरेंद्र प्रजापति, जौनपुर के चौताल गायक राम शकल दुबे, गजल और कौव्वाल गायक मुनव्वर अली व भुट्टे अली, लोक गायक नागेश्वर प्रसाद चतुर्वेदी, खयाल गायक ओम प्रकाश शर्मा, अब्दुल सत्तार, मिश्रीलाल मौर्य और राम प्रताप मिश्र को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव वी के सिन्हा ने कहा कि लोककला देश की समृद्ध परंपरा रही है। हमें इस बात पर गर्व है कि आज भी हमारे लोक कलाकार उसकी उन्नति के लिए अपना सहयोग दे रहे हैं।  प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि कलाकारों को सम्मानित करना विश्वविद्यालय के लिए गौरव के क्षण  है। हमें सभी को इन कलाकारों के प्रति आभार जताने के साथ ही सदा उनका सम्मान करने की जरूरत है। सभी कलाकारों के योगदान को समाज हमेशा याद रखेगा। प्रबंध अध्ययन संकाय के डीन डा. मानस पांडेय ने कहा कि कलाकारों को प्रोत्साहित करके ही ऐतिहासिक धरोहर को संजोया जा सकता है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक समारोह झंकार एवं सृजन २० १ ३  में प्रतिभाग करने वाले छह सौ प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र प्रदान  किया गया।इसमें से पांच सौ प्रतिभागी जहाँ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़े थे वहीं एक सौ प्रतिभागी खेल प्रतियोगिताओं से जुड़े थे . इस मौके पर डा. अविनाश पार्थीडकर, डा. प्रदीप कुमार, डा. मनोज मिश्र, डा. आशुतोष सिंह, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा, सुशील कुमार, डा. अवधबिहारी सिंह, डा. रूश्दा आजमी, डा. बीडी शर्मा, डा. विद्युतमल, अवधेश प्रसाद,पंकज कुमार सिंह  आदि मौजूद थे। संचालन डा. एचसी पुरोहित ने किया।














Tuesday, 23 April 2013

शोक संवेदना

फाइल फोटो -दीक्षांत समारोह में संबोधित करते भारत के पूर्व चीफ जस्टिस जे एस वर्मा 


भारत के पूर्व चीफ जस्टिस जे एस वर्मा जी के  निधन की खबर सुन कर विश्वास ही नहीं हुआ की अब वो हमारे बीच नहीं रहे।सेवानिवृत होने के बाद भी वह  किसी न किसी रूप में समाज के गंभीर मुद्दों से जुड़े रहे।आज उनके चले जाने की कमी खल रही है इतने बड़े पदों पर रहने के बावजूद इतना सरल व्यक्तिव होना उनके प्रति और सम्मान बढ़ा देता है।बीते दिनों सम्पन हुए हमारे विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के वे मुख्य अतिथि थे उनके साथ बिताये गए पल अभी ताजे है और उनकी बातें मन मस्तिष्क में गूंज रही है।भगवान उनकी आत्मा को शांति दे मेरी संवेदना शोक संतप्त परिवार के साथ है। 
                   -------प्रो सुंदर लाल 



स्मृति शेष 
फाइल फोटो -जस्टिस वर्मा जब दीक्षांत समारोह में आये तो विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में कुलपति के उन्हें बुके भेट की।बड़े ही उत्साह पूर्वक उन्होंने कुलपति जी को धन्यवाद् किया था। 

Monday, 22 April 2013

महान गणितज्ञ रामानुजम पर आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान






भारतीय गणित विज्ञान  संस्थान चेन्नई के प्रो के श्री निवास आमंत्रित वक्ता रहे।कुलपति प्रो सुंदर लाल ने स्मृति चिन्ह भेट किया।