Wednesday, 13 December 2017

भाषण प्रतियोगिता में ऋचा प्रथम




29 दिसंबर को लखनऊ में होंगी सम्मानित
संकाय भवन में आयोजित हुई विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता

विश्वविद्यालय के संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में मंगलवार को स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा विषय पर विश्वविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
 उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के निर्देश पर विश्वविद्यालय द्वारा यह प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें जनपद में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। भाषण प्रतियोगिता में डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ की छात्रा ऋचा पांडे को प्रथम स्थान मिला। अपने भाषण में ऋचा ने कहा कि समाज सुधार मरम्मत की तरह नहीं होना चाहिए बल्कि हनुमान की संजीवनी की संजीवनी की तरह होना चाहिए।लोकमान्य तिलक से लेकर अन्ना हजारे के अभियानों पर अपनी बात रखी।
 हडिया पीजी कॉलेज इलाहाबाद की छात्रा मीनाक्षी मिश्रा का द्वितीय एवं गाजीपुर पीजी कॉलेज की छात्रा सलोनी यादव को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के व्यक्तित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा ऋचा पांडे को महान चिंतक एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के संवाहक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 29 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉक्टर अजय द्विवेदी ने प्रतिभागियों को  बधाई दी।निर्णायक मंडल में डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार शामिल रहे।

Monday, 11 December 2017

डॉ लालजी सिंह के निधन पर शोक


प्रख्यात वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ लालजी सिंह के निधन पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. शोक संदेश में उन्होंने कहा कि डॉ लालजी सिंह के निधन से विज्ञान के क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति हुई है. वह राष्ट्र  के लिए एक धरोहर थे। 
वहीं परिसर के विज्ञान संकाय में शोक सभा आयोजित कर डॉक्टर लाल जी सिंह जी को शिक्षक कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि दी। जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ मनोज मिश्र ने उनके जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉक्टर अजय द्विवेदी, डॉक्टर बी डी शर्मा, डॉ राम नारायण,डॉ मनोज मिश्र, डॉ राजेश शर्मा,डॉ एस पी तिवारी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुभाष, डॉ सुधीर उपाध्याय, श्याम त्रिपाठी, आनंद सिंह,                                                                 आशुतोष सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे.

Wednesday, 6 December 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम हुई विजेता

 
बर्धमान विश्वविद्यालय की टीम उप विजेता 
 वित्त अधिकारी एम के सिंह ने खिलाडियों को दी ट्राफी 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में चल रही पूर्वी जोन अंतर विश्वविद्यालयीय खो खो पुरुष प्रतियोगिता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम अंकों के आधार पर विजेता एवं बर्धमान विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल उपविजेता हुई।
समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि वित्त अधिकारी एम के सिंह ने खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर उत्साहवर्धन किया उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खिलाड़ी सदैव अनुशासन में अपने जीवन को व्यतीत करते है और अन्य से सदैव अलग नजर आते हैं।03 पश्चिम बंगाल की टीमों के अखिल भारतीय प्रतियोगिता में चयन होने पर बधाई दी।
कुलसचिव संजीव सिंह,अध्यक्ष मेजर डॉ एस पी सिंह, खेल सचिव डॉ शेखर सिंह, आयोजन सचिव डॉ प्रशांत राय ने  भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। भारतीय विश्वविद्यालय संघ के पर्वेक्षक महेंद्र कुमार ने सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय को बधाई दी। पांच दिवसीय प्रतियोगिता में पूर्वी क्षेत्र के 25 विश्वविद्यालय की टीमों ने भाग लिया था। अंतिम दिन के चार मैच आयोजित हुए अंको के आधार पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रथम, पश्चिम बंगाल का बर्धमान विश्वविद्यालय द्वितीय, नार्थ बंगाल विश्वविद्यालय तृतीय एवम विद्यासागर विश्वविद्यालय चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। मैसूर में होने वाली अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। कार्यक्रम का संचालन अशोक कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ विजय तिवारी, डॉ  दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ देवेंद्र सिंह, रजनीश सिंह, अमलदार यादव,संजय श्रीवास्तव,पी के कौशिक समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

शोधगंगा पर पीयू तीसरे स्थान पर पहुंचा

 विश्वविद्यालय की सभी थीसिस ऑनलाइन है उपलब्ध 

विश्वविद्यालय यूजीसी  के पोर्टल शोधगंगा पर देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। विश्वविद्यालय के सभी शोध ग्रंथ अब ऑनलाइन पढ़े जा सकते हैं।  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शोध गंगा एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया जिस पर शोध ग्रंथ  को अपलोड किया जाता है। इस पर अपलोड होने के बाद इंटरनेट के माध्यम से कोई भी शोध ग्रंथों को पड़ सकता है।  विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा पुरानी थीसिस को स्कैन कर डिजिटल रूप प्रदान किया गया और उसे शोधगंगा की वेबसाइट पर पूरी सूचना के साथ अपलोड कर दिया गया है।  
देश के 310 विश्वविद्यालय शोध गंगा पर पंजीकृत हैं। इस पोर्टल पर पहले स्थान पर कोलकाता विश्वविद्यालय है जिसकी 10705 थीसिस अपलोड है।   दूसरे स्थान पर सावित्री फुले पुणे विश्वविद्यालय जिसकी 8873 अपलोड है।  वही  पूर्वांचल विश्वविद्यालय की 7523 थीसिस ऑनलाइन अपडेट हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों  में पूर्वांचल के अलावा कोई विश्वविद्यालय नहीं है। वही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय चौथे स्थान पर है।  मानद पुस्तकालय अध्यक्ष डॉक्टर मानस पांडे ने बताया कि विश्वविद्यालय की सभी थीसिस  ऑनलाइन अब शोधगंगा पर ऑनलाइन पढ़ी जा सकती है।इससे शोध करने वालों को लाभ मिलेंगा।