Wednesday, 19 September 2018

इंजीनियरिंग संस्थान में बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्लेगेरिज्म पर फैकल्टी डेवलपमेन्ट प्रोग्राम


उमानाथ सिंह अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में टेकिप-३ के अन्तर्गत  बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्लेगेरिज्म विषयक पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजन  20 से 24 सितंबर  तक होगा।  कार्यक्रम में ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के भूतपूर्व प्रोफेसर आर सी त्रिपाठी और डॉ ए के पांडे द्वारा  व्याख्यान दिया  जाएंगा।  कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर बी बी तिवारी ने बताया कि  इसमें इंजीनियरिंग संस्थान के समस्त शिक्षक प्रतिभाग करेंगे।   इस कार्यशाला में वर्तमान प्रतिस्पर्धा युग में आई पी आर   एवं उसके  योगदान, विभिन्न प्रकार के आई पी आर उनके महत्व एवं सार्वभौमिक ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उसके योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा। पुस्तक शोध पत्र लेखन, कविता ,शिल्प, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं कला प्रदर्शन इत्यादि  के लिए कॉपीराइट प्राप्त किए जाने के गुण सिखाए जाएंगे | डिजिटलीकरण के युग में कॉपीराइट एवं इंडस्ट्रियल डिजाइन बनाम कॉपीराइट पर व्याख्या होगी |

रोजगार क्षमता को  मापने के लिए हुई परीक्षा 

विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में इंजीनियरिंग के  विद्यार्थियों  के  रोजगार क्षमता को  मापने के लिए 
टेस्ट का आयोजन किया गया। इस टेस्ट का आयोजन  एस्पायरिंग माइंड (ऍम कैट) एवं एन०पी०आई०यू० भारत सरकार के सौजन्य से टेकिप-3 प्रोग्राम के अंतर्गत किया गया। एस्पायरिंग माइंड  के कोऑर्डिनेटर मोहित ने विश्वविद्यालय के अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में छात्र-छात्राओं को टेस्ट से सम्बंधित दिशा निर्देश दिये I इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एव  इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के छात्रों का २ घंटे का टेस्ट हुआ I जिसमें  फिजिक्स, गणित व डिपार्टमेंट के विषयों के प्रश्न के साथ ही मानसिक दक्षता के प्रश्न पूछे गए  I ये टेस्ट टेकनिकल एजुकेशन क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम-III में चयनित हुए देश के सभी अग्रणी संस्थानों में होना है I  प्रथम बार पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने इसका आयोजन किया।   इस टेस्ट का उद्देश्य अपने संसथान में  इंजीनियरिंग की पढाई करने वाले छात्रो में रोजगार की क्षमता को मापना एव बढ़ाना है I परीक्षा 5  दिनों तक चलेगी जिसमें  इंजीनियरिंग के सभी वर्ष के विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके लिए  नोडल अधिकारी डॉ रजनीश भास्कर एवं डा०सत्यम उपाध्याय को इस टेस्ट का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है।  

Tuesday, 18 September 2018

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ स्थापना समारोह का आयोजन 22 सितम्बर को


                                                                        पीयू में आएंगे उप मुख्यमंत्री 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय  में  पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ  स्थापना  समारोह का आयोजन 22 सितम्बर को किया गया है। संकाय भवन में स्थापित शोधपीठ में  पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी होगा। इसके साथ ही  इस अवसर पर  समसामयिक परिदृश्य  में एकात्म मानववाद विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी  का आयोजन  महंत  अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में किया गया है। 
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रो दिनेश शर्मा होंगे। नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव एवं  अरुंधति वशिष्ठ अनुसन्धान पीठ के राष्ट्रीय संयोजक डॉ चंद्र प्रकाश सिंह कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि भाग लेंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कुलपति प्रो डॉ राजा राम यादव ने शिक्षकों कर्मचारियों  को जिम्मेदारी सौंपी है। मीडिया प्रभारी डॉ मनोज मिश्र ने बताया कि जो शिक्षक व विद्यार्थी पोस्टर के माध्यम से अपने शोध का प्रस्तुतीकरण कर सकते है। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रो मानस पांडेय को अध्यक्ष, डॉ राज कुमार सोनी को संयोजक एवं डॉ सन्तोष कुमार को सह संयोजक  बनाया गया है।

Friday, 14 September 2018

जनमानस को एक सूत्र में पिरो सकती है हिंदी भाषा


विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में हिंदी के प्रति युवा पीढ़ी का लगाव कम होना दुखद है। भारत मेंं आम जनमानस को अगर एक सूत्र में कोई भाषा पिरो सकती है तो वह हिंदी भाषा है।
डॉ अवध बिहारी सिंह ने कहा कि  अन्य भाषाओं की पुस्तकों का हिंदी में बड़े स्तर पर अनुवाद नहीं हो रहा है जिससे दूसरे भाषा का ज्ञान हिंदी भाषियों को सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है। अनुवादकों की एक नई फौज तैयार करने की आवश्यकता है।
डॉ सुनील कुमार ने कहा कि हिंदी हमें जोड़ना सिखाती है अंग्रेजी को हम अपने साथ जोड़कर ही हिंदी का विकास कर सकते हैं।
जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर में कि आज विश्व के तमाम विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई हो रही है। इंटरनेट में हिंदी को वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
संचालन छात्र प्रभात शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रतीक पांडे, सुरेश यादव, संदीप कुमार चौहान, बलराम यादव, राहुल गुप्ता एवं उपेंद्र पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

बीए एलएल.- बी. (आनर्स) पंचवर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ


              पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ  नया पाठ्यक्रम 
     30 सितम्बर तक  आवेदन की अंतिम तिथि  

 पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर  परिसर में बीए एलएल.-बी. (आनर्स) पंचवर्षीय एकीकृत  पाठ्यक्रम  (इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम) सत्र 2018-19 में सीधे प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ की गयी है।  इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर 30 सितम्बर तक प्रवेश ले सकते है। प्रवेश के लिए  प्रवेश   सेल में अपने  समस्त शैक्षिक मूल प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छायाप्रति, दो रंगीन पासपोर्ट  साईज के  फोटोग्राफ एवं  सामान्य व पिछड़े वर्ग के लिए दो सौ रूपये एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए  एक सौ पचास रूपए विश्वविद्यालय कोष  में  जमा करना होगा। यह धनराशि  वित्त अधिकारी के नाम बने डिमांड ड्राफ्ट के साथ  भी फार्म जमा कर सकते है। प्रवेश के लिए फॉर्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।  किसी भी कार्य दिवस में दिनांक 30 सितम्बर तक सुबह दस  बजे  से सायं पांच  बजे के  बीच प्रवेश सेल में  प्रवेश फार्म भरकर प्रवेश ले सकते  है।
पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विद्यार्थी को   इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण होना चाहिए। वहीं  अनारक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत   अन्य पिछड़ा वर्ग हेत 42  प्रतिशत   एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग  हेत  40 प्रतिशत अंक  निर्धारित है। 
स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी भी इस पाठ्यक्रम में  प्रवेश ले  सकते है। पहले आने वाले  विद्यार्थियों को पहले प्रवेश दिया जायेगा। पाठ्यक्रम का प्रति सेमेस्टर शिक्षण शुल्क बीस हजार रूपये निर्धारित किया गया है। प्रवेश सम्बंधित समस्त  जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।