Wednesday, 6 June 2018

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डॉ0 राजाराम यादव जाएंगे चीन

नानजिंग विश्वविद्यालय ने किया आमंत्रित

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव को चीन के ख्यातिलब्ध नानजिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीविश्वविद्यालय ने अल्ट्रासोनिक्स इन नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर विशेष व्याख्यान एवं संयुक्त शोध कार्य के लिए आमंत्रित किया है । 
प्रोफ़ेसर यादव 8 से 15 जून तक चीन के नानजिंग विश्वविद्यालय में अल्ट्रासोनिक्स इन नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियोंएवं विद्यार्थियों के साथ मंथन कर भारत एवं चीन के संबंधों को एक नया आयाम देंगे। 
गौरतलब है कि प्रोफ़ेसर यादव अल्ट्रासोनिक के जाने माने विशेषज्ञ हैं उन्हें नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑप्टिकल और थर्मल प्रॉपर्टीज में विशेषज्ञता हासिलहै। वे अल्ट्रासोनिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं एवं दुनिया के कई संस्थानों के फेलो रह चुके हैं।
उन्होंने पूर्व में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, कनाडा जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रिया, बेल्जियम, स्वीडन, जापान, फिनलैंड, नेपाल एवं सिंगापुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीयअंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बतौर अध्यक्ष , मुख्य वक्ता एवं विभिन्न सत्रों में अपनी सशक्त भागीदारी  दर्ज कराई है। 
प्रोफेसर यादव को देश की विभिन्न वैज्ञानिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा दर्जनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है ।प्रोफ़ेसर यादव के 125 से अधिकशोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं । 


Wednesday, 30 May 2018

पीयू ने घोषित किया सत्र 2017 - 18 का परीक्षा फल



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  सत्र 2017 - 18  के  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कृषि पाठ्यक्रम के  स्नातक एवं स्नातकोत्तर की  समस्त कक्षाओं  का वार्षिक परीक्षा फल बुधवार  को  एक साथ घोषित कर दिया गया है। इसी के साथ प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय  वार्षिक परीक्षाओं का सम्पूर्ण परीक्षाफल एक साथ घोषित करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया  है।   वित्त अधिकारी एमके सिंह ,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल एवं  परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने  कंप्यूटर की बोर्ड को क्लिक करके बीए ,बीएससी, बीकॉम,बीपीई ,बीएससी एजी ,एम ए ,एमकॉम  ,एमएससी ,एमएससी एजी  का  परीक्षाफल घोषित किया।  
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने नियत समय से भी पहले  परीक्षाफल घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों ,अधिकारियों,  पत्रकार बंधुओं  एवं परीक्षा तथा मूल्यांकन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है । 
परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने बताया कि इस वर्ष चार लाख निन्यानबे हजार चार सौ चौदह विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। सभी महाविद्यालय के प्राचार्यगण तथा शिक्षक गण ,विश्वविद्यालय के   शिक्षक बंधुओं ,  समस्त  कर्मचारी बंधुओं एवं मीडिया  के सहयोग से   विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों की कापियों का मूल्याङ्कन कराकर   परीक्षाफल घोषित कर दिया  है। परीक्षाफल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।  इससे विद्यार्थियों को बीटीसी एवं अन्य सेवाओं के आवेदन पत्रों को समय पर जमा करने एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में सुविधा होगी।  
 इस अवसर पर निगरानी समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडेय ,प्रोफ़ेसर अविनाश पाथर्डीकर ,डॉ मनोज मिश्र ,डॉ सुरजीत यादव ,डाटा प्रोसैसिंग समिति के संयोजक डॉ अमित वत्स ,एमएम  भट्ट,डॉ संजय श्रीवास्तव, नितिन चौहान , रामबाबू सिंह एवं अमरजीत सिंह  सहित लोग उपस्थित रहे। 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता और अंतरजाल विषयक परिचर्चा का आयोजन



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।  हिंदी पत्रकारिता और अंतरजाल विषयक परिचर्चा में वक्ताओं ने  विभिन्न आयामों पर अपनी बात रखी।
जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर मनोज मिश्र ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने हमारे देश के आम आदमी को सदैव केंद्र बिंदु में रखा है। आज इंटरनेट ने हिंदी पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया है।  देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदी के समाचार पत्र और न्यूज़ पोर्टल ऑनलाइन सहज उपलब्ध है। उनकी प्रसार और पाठक  संख्या में  भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत में क्षेत्रीय वेब हिंदी पत्रकारिता का नया दौर चल रहा है। कम खर्च में बहुत सारे कर्मठ पत्रकार आम आदमी के मुद्दों को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहे हैं यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही आवश्यक और सुखद है।

जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ अवध बिहारी सिंह ने कहा कि 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ पहला हिंदी का समाचार पत्र उदंत मार्तंड आज भी हिंदी के पत्रकारों के लिए ऊर्जा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट ने हिंदी पत्रकारिता को मजबूती दी है वहीं रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएं है।

प्रो राम नारायण ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सदैव समाज की समस्याओं, जरूरतों को ध्यान में रखा है। आज लोगों के हाथों में मोबाइल है सोशल मीडिया है जिस पर नागरिक पत्रकारिता बड़े पैमाने पर की जा रही है। 

शिक्षक डॉ मनोज पांडेय 
ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का ही असर है कि  आज देश ही नहीं दुनिया में भी हिंदी भाषा के प्रति लोगों का नज़रिया बदला है।  

शिक्षिका डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि इंटरनेट के विस्तार ने आज के दौर में पाठक और दर्शकों को हिंदी के समाचार पत्रों से जोड़ें रखा है। हिंदी पत्रकारिता के माध्यम से लोगों की भावाभिव्यक्ति सरलता से व्यापक क्षेत्रों तक पहुंच रही  है। 

शिक्षिका अन्नू त्यागी ने कहा कि  तकनीकी के ज्ञान के बिना आज के समय में पत्रकारिता संभव नहीं है। खुशी की बात है कि  आज तकनीकी को सभी स्वीकार कर रहे हैं। बहुत सारे  पत्रकार ऐसे हैं जो दैनिक जीवन में भारी  दबाव में काम करते हैं। ऐसे में उन्हें बीच -बीच  में विश्राम  की जरूरतों पर भी संस्थान को सोचना चाहिए।  

शिक्षक डॉ ऋषि श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत बड़े अभाव के साथ हुई थी। बदलते वक्त के साथ  आज हिंदी समाचार पत्रों के पत्रकार हर तकनीकी से लैस है। 


परिचर्चा का संचालन शिक्षक डॉ अवध बिहारी सिंह ने किया। 
 

Saturday, 26 May 2018

मनोविज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का हुआ आयोजन


तनाव भरी जीवन शैली दे रही कई   मानसिक समस्याओं को जन्म --प्रो रामजीलाल 
 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग  में शनिवार को  मनोविज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विषयक  एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रोफ़ेसर रामजी लाल ने कहा कि तनाव भरी जीवन शैली आज कई  मानसिक समस्याओं को जन्म दे रही हैं।  देश में मनो चिकित्सकों  तक आम  लोगों की पहुंच नहीं है। ऐसे में युवाओं को रोजगार परक विषय के रूप में मनोविज्ञान का चयन करना चाहिए। यह रोजगार के साथ समाज सेवा का भी अवसर प्रदान करता है।  गोष्ठी को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए दून विश्वविद्यालय में  प्रबंध शास्त्र के संकायाध्यक्ष प्रो. एस सी पुरोहित ने कहा कि छात्रों को आज के बदलते शैक्षिक एवं आर्थिक परिवेश के अनुरूप  कार्य करने की जरूरत है। वर्तमान समय मे स्वरोजगार की दिशा में युवाओं को अग्रसर होने के लिए माकूल वातावरण उपलब्ध है। भारत सरकार की योजना मुद्रा बैंक के माध्यम से वे  नए रोजगार स्थापित कर सकते हैं।  युवा यदि रोजगार सृजन उद्यमिता के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो वर्तमान समय उनके लिए काफी सकारात्मक परिणाम दे सकता है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में संचालित व्यावसायिक एवं अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमो की गुणवत्ता पर प्रसन्नता  व्यक्त करते हुए कहा उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में समर्पित शिक्षकों की एक मजबूत टीम काफी वर्षों से कार्यरत है।  जिससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को पेशेवर शिक्षा की दिशा में अपना कैरियर संवारने के अवसर मिल रहे हैं। यही कारण है कि आज हमारे विद्यार्थी   देश और दुनिया के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि  इस  विश्वविद्यालय में कैम्पस प्लेसमेंट में भारी  संख्या में चयनित हुए विद्यार्थी हम सबकी शिक्षा और कुलपति जी  के विजन को सार्थक कर रहे हैं।  उन्होंने व्यावहारिक मनोविज्ञान के विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सार्थक  भूमिका निर्वहन करने की अपील की। स्वागत प्रोफ़ेसर मानस पांडेय,सञ्चालन प्रो अजय प्रताप सिंह द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफ़ेसर अविनाश पाथर्डिकर ने किया। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ,डॉ अमित वत्स,डॉ जान्हवी श्रीवास्तव ,अन्नू त्यागी, शोध छात्रा गुलशन सहित विभाग के विद्यार्थी मौजूद रहे। 

पूर्व रजिस्ट्रार डॉ देवराज का निधन-शोक में डूबा परिसर


 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ देवराज   (59) का शनिवार अपराह्न २ बजे  वाराणसी के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान   निधन हो गया। वे पिछले कुछ  महीनों  से अस्वस्थ चल रहे थे।  विश्वविद्यालय में वे लम्बे समय तक डिप्टी  रजिस्ट्रार एवं रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहे । प्रतापगढ़ जनपद के मूल निवासी रहे डॉ देवराज   विश्वविद्यालय परिवार में अपनी सरलता और विनम्रता के लिए बहुत लोकप्रिय थे। ।  डॉ देवराज परिवार में पत्नी, बेटे और तीन बेटियों  को  छोड़ गए हैं।
डॉ देवराज  के निधन पर  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते  हुए कहा कि डॉ देवराज  के असामयिक निधन से उन्हें बहुत दुःख हुआ  है। कुलपति  ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना  की ।  उन्होंने अपने सन्देश  में कहा  कि इस दुखद घड़ी में पीड़ित  परिवार के साथ  समूचा विश्वविद्यालय  खड़ा  है। कुलसचिव सुजीत कुमार  जायसवाल ने अपनी श्रद्धांजलि  में  डॉ देवराज के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए  ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की।   आयोजित   शोक सभा में प्रो बीडी शर्मा , डॉ संतोष कुमार , डॉ राजकुमार, डॉ केएस तोमर ,रहमतुल्लाह,लक्ष्मी प्रसाद मौर्य ,श्याम श्रीवास्तव  सहित   विश्वविद्यालय के  शिक्षक एवं कर्मचारी बंधुओं ने अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया। 

Saturday, 19 May 2018

परिसर पाठ्यक्रमों में प्रवेश सूचना सत्र 2018-2019


सभी समान और सभी है महान -स्वामी रामदेव


-मेडिकल साइंस सत्य है योग  परासत्य 
-कुलपति ने किया स्वामी रामदेव का अभिनन्दन 
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आशीर्वचन समारोह का हुआ आयोजन

विश्वविद्यालय  के अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शुक्रवार को स्वामी रामदेव जी का विश्वविद्यालय की तरफ से अभिनंदन एवं आशीर्वचन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में स्वामी रामदेव ने लोगों में  राष्ट्र भक्ति, योग प्रेम और नैतिकता का संचार किया। श्रोताओं को कभी हसाया को कभी गंभीर मुद्दों की चर्चा कर सोचने को विवश किया। 

समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि योग वृक्ष में बीज की तरह काम करता है। हमारा मस्तिष्क भी योग से ही एक्टिवेट होता है। मनुष्य के भीतर अपरिमित ज्ञान एवं संवेदना है। जो मनुष्य अपने पिंडियों को जगा लेगा। वह नर से नारायण हो जाएगा।  उन्होंने कहा कि हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं सभी समान हैं और सभी महान हैं। समाज में सभी के प्रति एक भाव रखना चाहिए। आज चिकित्सक भी योग की महत्ता को समझ गए हैं। योग हमारे पुरखों का ज्ञान है। मेडिकल साइंस सत्य है योग उससे भी परासत्य है। योग से शरीर के पूरे सिस्टम को व्यवस्थित किया जाता है। आज हमें साइंस के साथ वैदिक साइंस और गणित के साथ वैदिक गणित पढ़ने की जरूरत है तभी देश का भला हो सकता है। 
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में मति, भक्ति और कृति तीन चीजों का सामंजस्य हो जाए तो उसे महान बनने से कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि जिन जड़ी बूटियों को घास फुस समझ कर फेंक दिया जाता था आज उनसे हजारों करोड़ का साम्राज्य इस देश के लिए तैयार हुआ है और यह जड़ी बूटियां सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनी है।स्वामी रामदेव ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को मंच से ही योग कराया एवं भजन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना पैदा की।
स्वागत करते हुए कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वामी रामदेव जी का आगमन बहुत गौरव की बात है। वैज्ञानिक युग में भी मनुष्य संत-महंत और हृषियों के आशीर्वाद से अपने जीवन ही नहीं मरने के बाद भी सब कुछ प्राप्त कर सकता है। कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में  600 से अधिक विद्यार्थियों का कैंपस सलेक्शन हुआ है। आने वाले समय में महाविद्यालय के विद्यार्थियों के रोजगार के लिए भी बड़े स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए स्वामी रामदेव से कुलपति ने सहयोग की अपेक्षा की।
कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने स्वामी रामदेव को अभिनंदन पत्र, अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने पतंजलि योग समिति के प्रभारी शशि भूषण को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डॉ मानस पांडे द्वारा किया गया। विश्व विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुल गीत एवं राष्ट्र गीत प्रस्तुत किया। संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया।
इस अवसर पर  डॉ आर बी त्रिपाठी, डॉ राकेश, संतोष दास, सुरेंद्र, वित्त अधिकारी एम के सिंह, प्रोफेसर बी डी शर्मा, प्रोफेसर बीबी तिवारी, प्रो अजय द्विवेदी, प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर,प्रो ए के श्रीवास्तव, प्रो रामनारायण, प्रो राजेश शर्मा, प्रो अजय प्रताप सिंह, डॉ राघवेंद्र  पांडे, डॉ रसिकेश, डॉ संतोष कुमार, डॉ राजकुमार सोनी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ राकेश यादव,डॉ आशुतोष सिंह, डॉ सुनील कुमार, डॉ अवध बिहारी सिंह , डॉ पुनीत धवन, डॉ के एस तोमर, संजय श्रीवास्तव, समेत तमाम क्षेत्रवासी विश्वविद्यालय के कर्मचारी शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।


Thursday, 3 May 2018

स्वामी रामदेव के आगमन को लेकर बैठक



पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में स्वामी रामदेव के आगमन को लेकर  गुरुवार को कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव की अध्यक्षता में  बैठक हुई। कुलपति ने कहा कि संतों के सानिध्य से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है इससे  मानसिक शांति  एवं आध्यात्मिक उन्नति की भी प्राप्ति होती हैं। सत्संग और सत्संगति के अवसर कम मिलते हैं .जब ऐसे अवसर मिलें उसका लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय   के लिए यह  गौरव की बात है कि स्वामी रामदेव जी  स्वयं यहां आ रहे हैं।  हरिद्वार से आये भारत स्वाभिमान न्यास के सुरेंद्र जी ने बताया कि स्वामी रामदेव १८ मई को विश्वविद्यालय परिसर में आएंगे। उनके विचारों को सुनने का अवसर विश्वविद्यालय परिवार को मिलेगा। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति मध्य क्षेत्र के राज्य प्रभारी रमेश जी ,भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी शशि भूषण,कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ,वित्त अधिकारी एमके सिंह,परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह सहित शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

Tuesday, 1 May 2018

कुलपति ने जताया शोक

कुटीर पीजी कॉलेज चक्के के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर सूर्य प्रकाश मिश्र के असामयिक निधन पर  मंगलवार को प्रातः विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने उनके आवास न्यू भगवती कॉलोनी पहुंचकर परिवारजनों को सांत्वना दी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय  इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ है। डॉक्टर मिश्र बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे उनका निधन हम सब को झकझोर गया है। शिक्षक संघ के डॉ राजीव प्रकाश सिंह, डॉ समर बहादुर सिंह, डॉ विजय सिंह, डॉ विजय प्रताप तिवारी, डॉ हरि ओम त्रिपाठी, डॉ के एस तोमर, संजय श्रीवास्तव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
मंगलवार को विश्वविद्यालय के संकाय भवन के जनसंचार विभाग में विश्वविद्यालय  के  शिक्षक एवं मूल्यांकन करने आए विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों ने शोक सभा आयोजित कर डॉ मिश्र को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में डॉ मनोज मिश्र, डॉ सुरेंद्र उपाध्याय, डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ राजकुमार गुप्ता, डॉ अवनीश सिंह तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

Saturday, 28 April 2018

पर्यावरण संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी - प्रो वंदना


पर्यावरण जागरूकता के लिए गोष्ठी है हुआ आयोजन 
पोस्टर प्रतियोगिता  में माइक्रोबायोलॉजी की प्रीति को प्रथम

 विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा शनिवार को पर्यावरण जागरूकता के लिए  गोष्ठी का आयोजन संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में किया गया।   इसके साथ ही  पर्यावरण विज्ञान विभाग में पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।

 गोष्ठी में विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रोफेसर वंदना राय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक की नहीं वरन हम सभी की जिम्मेदारी है इसके संरक्षण के लिए आज एकजुट होने की आवश्यकता है।   उन्होंने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ से निकट भविष्य में विकट समस्या का सामना करना पड़ सकता है।  छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने कहा कि हमारा परंपरागत समाज पर्यावरण के प्रति बहुत संवेदनशील था लेकिन बदलते समय ने संवेदनशीलता को कम किया है।   उन्होंने कहा कि एक पौधा 10 संतानों के बराबर होता है।   इसी क्रम में बायो टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर राजेश शर्मा ने कहा कि धरती व्यक्ति की सभी जरूरतों को पूरा कर सकती है परंतु मनुष्य की लालच को तृप्त नहीं कर सकती।  मनुष्य की लालच ने  पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है। 
 गोष्ठी में डॉक्टर प्रदीप कुमार एवं डॉक्टर विवेक पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  गोष्ठी का संचालन पर्यावरण विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ कार्तिकेय शुक्ल ने किया।  पोस्टर प्रतियोगिता में विज्ञान संकाय के बायो टेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता में माइक्रोबायोलॉजी की प्रीति को प्रथम, पर्यावरण विज्ञान विभाग की श्रुति मिश्रा को द्वितीय एवं मिथिलेश  मिश्रा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।   विभिन्न गतिविधियों में डॉक्टर सुनील कुमार, डॉक्टर एस पी तिवारी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुधांशु शेखर, डॉ प्रभाकर समेत विद्यार्थी मौजूद रहे।

Wednesday, 25 April 2018

जॉब फेयर का अंतिम परिणाम जारी, 561 विद्यार्थियों का चयन हुआ


पूर्वांचल विश्वविद्यालय में संपन्न हुए दो दिवसीय जॉब फेयर में विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं महाविद्यालय से आए 561 विद्यार्थियों का अंतिम चयन हुआ है। बुधवार को ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रोफेसर रंजना प्रकाश द्वारा अंतिम परिणामों की सूची जारी की गई।
जॉब फेयर में 17  कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट की प्रक्रिया पूरी की। जिसमें  भारत स्टार सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, मोबिलिटी, अरनव इन्फो  सॉफ्ट लिमिटेड, एनसीआर कॉरपोरेशन इंजीनियरिंग, कोहिनूर एग्रो, न्यूट्री लाइफ प्राइवेट लिमिटेड, चंदन हेल्थ केयर लिमिटेड, यूरेका फोर्ब्स, यूएसजी, जी एन एन, इंडिया मार्ट, कार्वी ग्रुप, भीलवारा समेत अन्य कंपनियों ने चयन किया । चयनित विद्यार्थियों को कंपनियों द्वारा ऑफर लेटर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

Tuesday, 24 April 2018

जॉब फेयर में 500 विद्यार्थियों को मिला जॉब ऑफर

अंतिम परिणाम 25 अप्रैल को होगा जारी 
जॉब फेयर से विद्यार्थियों को मिली नई ऊर्जा - कुलपति 
 
विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग में प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित जॉब फेयर में दूसरे दिन मंगलवार को विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कंपनियों द्वारा  साक्षात्कार प्रक्रिया संपन्न कराई गई। दो दिवसीय जॉब फेयर में देर शाम तक  लगभग 500 विद्यार्थियों का चयन हुआ। कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा देर शाम तक साक्षात्कार की प्रक्रिया जारी रही।अंतिम चयन परिणाम बुधवार को जारी किया जायेगा।
कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने विद्यार्थियों के चयन पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो रंजना प्रकाश एवं चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी।उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्लेसमेंट होने पर राजभवन लखनऊ ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।

जॉब फेयर की शुरूआत 23 अप्रैल को हुई थी। मंगलवार को एमबीए एवं बीटेक के 510 से अधिक विद्यार्थियों ने चयन प्रक्रिया में प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय जॉब फेयर में 1600 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। जॉब फेयर के दूसरे दिन इंडियामार्ट, अर्नव इन्फोसॉफ्ट, आथेंटिक इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड, भीलवारा इंफोटेक, कैलास इंजीनियरिंग, चंदन हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, एनसीआर कॉरपोरेशन एवं कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा साक्षात्कार लिया गया।
दूसरे दिन कंपनी प्रतिनिधियों से इंजीनियरिंग संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार श्रीवास्तव एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशिका प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर बात की।
प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की रिपोर्ट प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि इस सत्र में परिसर के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे जॉब फेयर के पूर्व आयोजित कैंपस प्लेसमेंट में 121 विद्यार्थियों का चयन पूर्व में हो चुका है। जॉब फेयर में 500 विद्यार्थियों के चयन का परिणाम अभी तक आया है।
इस अवसर पर प्रो अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राजकुमार, डॉ संतोष कुमार,  डॉ अमरेंद्र सिंह, अनिल मौर्य, श्याम त्रिपाठी,  ऋषि सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Monday, 23 April 2018

पीयू में जॉब फेयर 2018 हुआ आयोजन


जॉब फेयर में उमड़े विद्यार्थी, विश्वविद्यालय में पहली बार लगा जॉब फेयर
24 अप्रैल को  भी चलेगा जॉब फेयर
कुलपति ने फीता काटकर किया शुभारंभ

विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जॉब फेयर 2018 का आयोजन किया गया । विश्वविद्यालय में पहली बार रोजगार के लिए इस तरह का वृहद् आयोजन किया गया है। जॉब फेयर का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर  राजाराम यादव एवं नई दिल्ली से आए भारत सरकार के पूर्व उप सचिव कृष्ण दत्त समाधिया  ने  किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि आज के दौर में पुरुषार्थ चतुष्ट्य में अर्थ महत्वपूर्ण हो गया है।  इस जॉब फेयर में जो विद्यार्थी भाग लेने आए हैं वह अपने भविष्य के प्रति सजग  हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऐसे आयोजन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि  विद्यार्थी मन से अध्ययन करें ,विश्वविद्यालय उन्हें रोजगार मुहैया करने में आगे रहेगा।  कुलपति ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनसे विस्तार पूर्वक बातचीत की।
प्लेसमेंट सेल की निदेशक  प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय की छवि   शिक्षकों के साथ-साथ उसके विद्यार्थियों से भी होती है हमारे विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर हो इसलिए आज यह जॉब फेयर लगाया गया है।  जॉब फेयर 2018 में 1125 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया।  परिसर के इंजीनियरिंग, प्रबंधन , जनसंचार, फार्मेसी, व्यावहारिक मनोविज्ञान आदि विषयों के अतिरिक्त 20 महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी प्लेसमेंट प्रक्रिया में प्रतिभाग किया। मड़ियाहूं पीजी कालेज के विद्यार्थियों का उत्साह देखते  बनता था। जॉब फेयर के पहले दिन 17 कंपनियों के प्लेसमेंट प्रक्रिया में विद्यार्थियों ने अपना कौशल दिखलाया, जिसमें भारत स्टार सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, मोबिलिटी, अरनव इन्फोसॉफ्ट, ऑथेंटिक इंफोसॉफ़्ट लिमिटेड, एनसीआर कॉरपोरेशन इंजीनियरिंग, कोहिनूर एग्रो, न्यूट्री लाइफ प्राइवेट लिमिटेड, चंदन हेल्थ केयर लिमिटेड, यूरेका फोर्ब्स, यूएसजी, जीएनएन, इंडिया मार्ट, कार्वी ग्रुप, ई जेड मूव्स  कंपनियां शामिल हुई।बीटेक एवं एमबीए के विद्यार्थियों के लिए 24 अप्रैल को भी कई कंपनियों द्वारा कैंपस चयन किया जाएगा। सोमवार को फॉर्मेसी, संकाय भवन, फॉर्मेसी, एम .बी.ए  और विश्वसरैया हॉल में देर शाम तक इंटरव्यू चला ।
जॉब फेयर में कंपनियों द्वारा लिखित परीक्षा समूह परिचर्चा एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई गई, जिसका परिणाम 24 अप्रैल को जारी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी एम के सिंह और रंजनाप्रकाश ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मनित किया।
प्लेसमेंट  सेल के श्याम त्रिपाठी एवं ऋषि सिंह ने विभिन्न गतिविधियों का समन्वय किया।
 इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल प्रो बीवी तिवारी, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो अशोक कुमार  श्रीवास्तव, प्रो मानस पांडेय, प्रो वंदना राय, प्रो राजेश शर्मा, प्रो बी डी शर्मा, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ संतोष कुमार, डॉ राजकुमार सोनी, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुनील कुमार समेत तमाम लोग मौजूद थे ।

Saturday, 21 April 2018

डॉ झाँसी मिश्रा को नीदरलैंड में मिला यंग साइंटिस्ट अवार्ड

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग की शिक्षिका डॉ. झांसी मिश्रा को नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भैषज्य  विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया।  डॉक्टर मिश्रा ने एम्स्टर्डम में 16- 17 अप्रैल को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में फार्मूलेशन एंड  इवेलवेशन  ऑफ़ फ़ास्ट डिसॉल्विंग टेबलेट्स हैविंग एंटी डायबटिक एक्टिविटी विषय पर शोध प्रस्तुत किया।डॉ मिश्रा ने बताया कि 15 से अधिक देशों के शिक्षक एवं वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया।डॉ. झांसी मिश्रा भुवनेश्वर उड़ीसा की मूल निवासी हैं। वर्तमान समय में डॉ. मिश्रा के राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय 30 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं।
शनिवार को विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में डॉ झाँसी मिश्रा को कुलपति डॉ राजाराम यादव एवं महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद  गिरि ने बधाई दी। इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ आलोक कुमार दास, डॉ. पुनीत धवन, संजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

जॉब फेयर में आएंगी 20 कंपनियां


कैंपस सलेक्शन में पूर्वांचल विश्वविद्यालय राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे आगे -कुलपति



विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शनिवार को कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव की अध्यक्षता में जॉब फेयर 2018 की सफलता के लिए बैठक हुई। कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय कैंपस प्लेसमेंट में सबसे आगे है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद आसानी से रोजगार   मिले इसके लिए जॉब फेयर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए विद्यार्थी सबसे महत्वपूर्ण होता है। विद्यार्थियों  को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय हर स्तर पर प्रयास करता रहेगा।

ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रोफेसर रंजना प्रकाश ने कहा कि  23 अप्रैल को आयोजित होने वाले जॉब फेयर में अब तक 20 कंपनियों के आने की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जॉब फेयर में भाग लेने के लिए विद्यार्थी रविवार तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें। विश्वविद्यालय परिसर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी एवं पास आउट हो चुके विद्यार्थी जॉब फेयर में भाग ले सकते हैं। इसके साथ ही महाविद्यालय के विद्यार्थियों को जॉब फेयर में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।विद्यार्थियों को महाविद्यालय द्वारा निर्गत पहचान पत्र,10 पासपोर्ट साइज़ फोटो ,बायोडाटा और आधारकार्ड लाने को कहा गया है। 


जॉब फेयर को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन भी किया गया है। बैठक में कुलसचिव  सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो.  बीबी तिवारी,  प्रो.मानस पांडे,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,  प्रो.अजय द्विवेदी,  प्रो. वंदना राय,  प्रो. बी डी शर्मा, डॉ मनोज मिश्र, डॉ राजकुमार सोनी, डॉक्टर संतोष कुमार, डॉ सुनील कुमार,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर समेत तमाम लोग मौजूद रहे।




Friday, 20 April 2018

इग्नू के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के परिचय समारोह का हुआ आयोजन


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंदिरा गाँधी नेशनल  ओपन  यूनिवर्सिटी  अध्ययन केंद्र द्वारा नव प्रवेशित विद्यार्थियों के परिचय समारोह का आयोजन शुक्रवार को  किया गया।इस अवसर पर  अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ आशुतोष कुमार सिंह ने सभी शिक्षार्थियों को इग्नू पाठ्यक्रम से संबंधित सत्रीय कार्य, काउंसलिंग एवं परीक्षा इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी एवं परिचय पत्र वितरित किया।  इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि प्रोफेसर मानस पांडे ने बताया कि इग्नू  के माध्यम से छात्र-छात्राएं अल्प अवधि के रोजगार एवं कौशल विकास के पाjansठ्यक्रम से अतिरिक्त ज्ञान अर्जित कर सकते हैं।  विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने  इग्नू पाठ्यक्रम की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए पाठ्यक्रमों के बारे में  जानकारी दी।  संचालन डॉ आशुतोष सिंह एवं धन्यवाद   डॉ ऋषिकेश ने दिया।

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि विश्वविद्यालय परिसर में



विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को दशनाम जूना अखाड़ा के पूज्य संत महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद  गिरि जी महाराज का आगमन  हुआ। कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव ने उनका स्वागत अपने आवास पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उपस्थित विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्वामी यतींद्रानंद  गिरि ने कहा कि धर्म  और जाति आधारित राजनीति से देश को बहुत नुकसान हुआ है। आज इसे रोकने की जरूरत है।  इस अवसरवादी विचारों से उपर उठकर  मजबूत राष्ट्र के निर्माण में हमे अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन करना होगा। आज राष्ट्रवाद  पर हमें काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर  देश की  सियासत और खासतौर पर  इलेक्ट्रानिक मीडिया हमें आपस में जातियों के नाम पर बांटनें का काम कर रही है। दूरगामी परिणाम से अनभिज्ञ हम आपस में ही संघर्षरत हैं। अब  यह बातें बंद होनी चाहिए। देश का सम्मान आपसी एकजुटता में है। उन्होंने कहा कि आज  ब्रिटेन एवं उनकी  महारानी ने भी  भारत के विराट अस्तित्व  को समझा है, जिससे   विश्व में देश का और प्रधानमंत्री जी का  गौरव बढ़ा  है।  इस अवसर पर प्रो. बीबी  तिवारी, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल , वित्त अधिकारी एमके सिंह ,परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह, डॉ संतोष कुमार,डॉ मनोज मिश्र,डॉ राजकुमार सोनी , डॉ के एस तोमर, डॉ संजय श्रीवास्तव, डॉ. पुनीत धवन सहित लोग उपस्थित रहे। 

Saturday, 14 April 2018

भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में गोष्ठी आयोजित



विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव रामजी आंबेडकर  की जयंती के  उपलक्ष्य में  शनिवार  को  आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने बाबा साहेब  के समग्र व्यक्तित्व पर विचार मंथन किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि जो समस्त में व्याप्त होता है समाज में वही पूजनीय होता है। बाबा साहेब ने समाज से कुरीतियों को हटाने का अमृत कार्य किया है। जब तक यह धरती रहेगी बाबा साहेब अमर  रहेंगे। उन्होंने कहा कि  भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है  कि  जब- जब समाज में कुरीतियां आएगी तब- तब मेरा अवतरण होगा। इस रूप में बाबा साहेब देवदूत थे। उन्होंने कहा कि  बाबा साहेब के गुरुजन ब्राह्मण थे। गुरुदक्षिणा में बाबा साहेब ने अपने ब्राह्मण गुरु का उपनाम अपने साथ जोड़ कर गुरु शिष्य परम्परा को एक नई ऊंचाई दी है। वे अत्यंत लोकप्रिय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक भेद भाव के विरुद्ध अभियान चलाया। श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया।बाबा साहेब का मानना  था कि  भारत का प्राचीन ज्ञान -विज्ञान  जब  तक पुनःप्रस्फुटित नहीं होगा तब तक विश्व का कल्याण संभव नहीं है। आपने  भारत को विखंडित नहीं होने दिया और न ही आप अंग्रेजों के झांसे  में आये। देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए  यह राष्ट्र सदैव बाबा साहेब का  कृतज्ञ रहेगा। 


कार्यक्रम के  पूर्व भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र पर उपस्थित सभी लोगों ने माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित किया।    बाबा साहेब के समग्र व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए  प्रो. वीडी शर्मा ,प्रो. अजय द्विवेदी ,डॉ संतोष कुमार, डॉ मनोज मिश्र ,डॉ राज कुमार ,डॉ इंद्रेश गंगवार ,डॉ करुणा और विशाल चौबे ने भी गोष्ठी को सम्बोधित किया। उपस्थित सभी का स्वागत कार्यक्रम संयोजक शीलनिधि सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संजय श्रीवास्तव एवं संचालन श्यामल श्रीवास्तव द्वारा  किया गया । इस अवसर पर डॉ अमरेंद्र सिंह ,डॉ राजीव कुमार ,डॉ विद्युत् मल्ल ,अनिल श्रीवास्तव सहित विद्यार्थी मौजूद रहे। 

Tuesday, 10 April 2018

राष्ट्रीय प्रवक्ता भाजपा प्रेम शुक्ल ने की कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव से मुलाकात -विश्वविद्यालय के विकास को लेकर की बात

                       


 विश्वविद्यालय  में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल एवं  दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के अध्यक्ष आशीष गौतम ने कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की वर्तमान  एवं भविष्यगत योजनाओं पर चर्चा की। कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना को 30 वर्ष हो गए हैं। इन वर्षों  में  विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध, शैक्षणिक एवं पराशैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धिया अर्जित की है।  विश्वविद्यालय को वर्ष 2016 में नैक द्वारा बी प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पोर्टल शोधगंगा पर विश्वविद्यालय का देश में तीसरा स्थान है। विश्वविद्यालय के समस्त शोध ग्रन्थ  डिजिटल रूप में पढ़े जा सकते है। विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान संस्थान , अशोक सिंघल भारतीय परंपरागत विज्ञान शोध संस्थान,गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र एवं गोरक्षनाथ आध्यात्मिक विज्ञान एवं योग केंद्र की शीघ्र स्थापना आने वाले सत्र  से की जा रही है। उन्होंने कहा कि    देश में सबसे अधिक राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं, जिनकी संख्या 60 हजार है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित करने हेतु इसी सत्र  में  वस्तु एवं सेवा कर, ग्रोथ ऑफ साइंस एन्ड टेक्नालाजी इन  कैम्पस ऑफ यूनिवर्सिटी एवं  विश्वविद्यालय में शिक्षा पद्धति विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का  गया। जिस  में देश के जाने -माने 200 से अधिक शिक्षाविद ,वैज्ञानिक एवं सामाजिक सक्रियक  ने प्रतिभाग कर विश्वविद्यालय को एक नई ऊंचाई दी है ।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय   के तीस वर्षों के इतिहास में पहली बार  प्लेसमेन्ट सेल  के  प्रयास से  देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों ने  विश्वविद्यालय के  विद्यार्थियों को कैम्पस सेलेक्शन में चयनित किया है जो हम सभी के लिए नई ऊर्जा का संचार करेगा । विश्वविद्यालय परिसर में स्नातक स्तर पर इंजीनियरिंग की छः शाखाओं इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड इन्स्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा बी-फार्मा की शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर स्तर पर एम.सी.ए., एम.बी.ए., एम.बी.ए बी.ई., एग्रीबिजनेस, ई-कामर्स, एम.बी.ए0 एफ.सी., एम.बी.ए. एच.आर.डी., एम.ए. मास कम्युनिकेशन, व्यावहारिक मनोविज्ञान, एम.एस.सी. बायोटेक्नॉलाजी, पर्यावरण विज्ञान, अप्लायड माइक्रो बायोलॉजी, अप्लायड बायोकेमेस्ट्री विषयों की शिक्षा प्रदान की जाती है।  कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने  प्रेम शुक्ल  एवं  आशीष गौतम को अंगवस्त्रम तथा उत्तर -प्रदेश के  श्री  राज्यपाल राम नाईक की कृति चरैवेति -चरैवेति भेंट की। इस अवसर पर दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के  संयोजक संजय चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। 

Wednesday, 14 March 2018

कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले को दी डी. लॉज की मानद उपाधि

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम  यादव  ने  इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले को डी.  लॉज  की मानद उपाधि को सम्मान सहित उनके आवास पर जाकर प्रदान किया ।  विदित है कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 21 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री राम नाईक ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले की  अनुपस्थिति में उन्हें न्याय के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए डी.  लॉज  की मानद उपाधि दी  थी। राज्यपाल  श्री राम नाइक ने  दीक्षांत  समारोह में कतिपय कारणों से  उनके अनुपस्थित रहने पर अपने   सम्बोधन में  न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए कुलपति  प्रो डॉ राजा  राम  यादव को निर्देशित किया था कि यह उपाधि  न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले को उनके आवास पर जाकर सम्मान सहित प्रदान  किया  जाये। 
 


 सहित प्रदान  किया  जाये। 

Tuesday, 13 March 2018

पाठ्यक्रम में समाहित हो संस्था का विजन मिशन


समाज की आवश्यकता के अनुरूप हो पाठ्यक्रम
इंजीनियरिंग संस्थान में चल रही कार्यशाला का हुआ समापन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह  इंजीनियरिंग संस्थान में तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे दो दिवसीय कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। सुखद परिणाम आधारित शिक्षा एवं केंद्रीय प्रत्यायन परिषद की आकांक्षाएं विषयक कार्यशाला में दूसरे दिन पीपुल्स एजुकेशन कॉलेज ऑफ़ इंजिनियरिंग मांड्या, कर्नाटक से आये विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेश प्रभु ने कहा कि पाठ्यक्रम में संस्था का विजन और मिशन समाहित होना चाहिए। पाठ्यक्रम निर्माण के समय छात्रों व समाज की आवश्यकता, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखना चाहिए। इसके साथ ही पाठ्यक्रम का संशोधन नियमित समय अंतराल पर होते रहना चाहिए।
कार्यशाला में  प्रोफेसर एच डी  रविंद्र, प्रोफेसर वी दिनेश प्रभु, प्रोफेसर बी आर देवदत्त, प्रोफेसर के रवि, प्रोफेसर एन एल मुरली कृष्णा शिक्षकों से रूबरू हुए। विषय विशेषज्ञों ने आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर हैंड्स ऑन  अभ्यास कराया गया। इसमें शिक्षकों को समूहों में बांट कर उन्हें अपने विषयों को बेहतर तरीके से पढ़ाने के लिए टिप्स दिए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि छात्र  विषयों का पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर सके  इसके लिए शिक्षक को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। शिक्षकों का यह दायित्व बनता है कि नए उद्योगों की क्या मांग है और  उसके अनुरूप  वह अपने विद्यार्थियों को  तैयार करे। 
एसपीआईयू की  विशेषज्ञ श्वेता भटनागर ने कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों से प्रतिपुष्टि एवं उपस्थिति के अभिलेख प्राप्त किए।
तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के समन्वयक प्रो बीबी तिवारी ने अतिथियों के साथ टेकिप की योजनाओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की एवं धन्यवाद् ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर रजनीश भास्कर ने किया।
इस अवसर पर इंजीनियरिंग संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर एके श्रीवास्तव, डॉ संतोष कुमार, डॉक्टर राजकुमार, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ प्रवीण कुमार सिंह, सत्यम उपाध्याय, ज्योति सिंह, डॉ उदय राज, डॉ जेपी लाल, ज्ञानेंद्र पाल समेत  शिक्षक मौजूद रहे।

Monday, 12 March 2018

जानकारियां लेकर लौटे इंजीनियरिंग के विद्यार्थी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का दल पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से रविवार को विश्वविद्यालय लौट आया। 
तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शैक्षणिक भ्रमण में इंजीनियरिंग के 72 विद्यार्थियों ने उत्तरांचल के रुद्रपुर स्थित कई कंपनियों का भ्रमण कर व्यावहारिक जानकारियां हासिल की। समन्वयक प्रोफेसर बीबी तिवारी ने बताया कि इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने मिंडा कारपोरेशन,वरोक  इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, स्टार स ग्रुप कंपनियों के साथ ही अन्य कई उत्पादन केंद्रों का विजिट किया। इस दौरान विद्यार्थियों को उत्पादन, असेंबलिंग व निर्माण से जुड़ी जानकारियां विशेषज्ञों ने दी। सीसीटीवी के क्षेत्र में प्रयोग हो रही नई तकनीकी व कैमरे के निर्माण से जुड़ी जानकारियों से भी विद्यार्थी परिचित हुए। विद्यार्थियों के लिए स्टार ग्रुप द्वारा संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने कहा कि इंजीनियर बहुमूल्य प्रतिभा का धनी व्यक्ति होता है। लोक हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ इंजीनियरिंग के शिक्षक मनीषा यादव, विशाल यादव, पूनम सोनकर व सुधीर सिंह शामिल रहें।

सुधार कर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं प्रत्यायन- प्रो एच डी रविंद्र


कार्यशाला में जुटे इंजिनियरिंग के प्रख्यात शिक्षाविद 

विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के तत्वाधान में ' सुखद परिणाम आधारित शिक्षण एवं केंद्रीय प्रत्यायन परिषद् की आकांक्षाएं ' विषयक  दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ  सोमवार को विश्वसरैया सभागार में हुआ। कार्यशाला में पीपुल्स एजुकेशन कॉलेज ऑफ़ इंजिनियरिंग मांड्या, कर्नाटक से आये विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर एच डी  रविंद्र, प्रोफेसर वी दिनेश प्रभु, प्रोफेसर बी आर देवदत्त, प्रोफेसर के रवि, प्रोफेसर एन एल मुरली कृष्णा एवं सुश्री श्वेता भटनागर ने विस्तार पूर्वक चर्चा की। 
कार्यक्रम में पीपुल्स एजुकेशन कॉलेज ऑफ़ इंजिनियरिंग मांड्या, कर्नाटक के  मैकेनिकल इंजिनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं संकायाध्यक्ष एच डी रविंद्र ने  संस्था को प्रत्यायन प्राप्त करने के लिए मानकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संस्था  अपना शिक्षक- छात्र अनुपात, पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार कर प्रत्यायन को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। संस्थानों को शिक्षा के साथ अपने छात्रों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। इसी क्रम में प्रोफेसर वी दिनेश प्रभु ने आउटकम बेस्ट एजुकेशन के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक को छात्रों से बेहतर संवाद करना चाहिए। बेहतर संवाद के आभाव में प्रभावी शिक्षण संभव नहीं है।
प्रोफेसर बी आर देवदत्त ने उच्च स्तर एवं निम्न स्तर की सोच पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व पर उसकी सोच का सबसे बड़ा असर होता   है।  कहा  कि यह शिक्षक का दायित्व बनता है कि वह अपने छात्रों के सोच में परिवर्तन लाएं। इसके साथ ही उन्होंने थर्मोडायनेमिक्स के विभिन्न पहलुओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने  किसी संस्थान की  राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर कैसे पहचान बने इस पर भी अपनी बात रखी। 
कार्यक्रम का आयोजन तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम के समन्वयक प्रोफेसर बीवी तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर  डॉ संतोष कुमार, डॉ राजकुमार, डॉ  रजनीश भास्कर, डॉ  संजीव गंगवार, डॉ अमरेंद्र सिंह, शैलेश कुमार प्रजापति,प्रवीण सिंह  समेत  शिक्षक मौजूद रहे।  

Sunday, 11 March 2018

रोहतक को हराकर पूर्वांचल की टीम ने जीती प्रतियोगिता

अखिल भारतीय अर्न्तविश्वविद्यालीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 

दिनांक 11.03.2018 को वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालीय क्रिकेट महिला प्रतियोगिता का फाइनल मैच वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर और एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा के बीच खेला गया। जिसमें वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर की टीम ने 8 विकेट से एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा को हराकर अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस सीरीज की बेस्ट खिलाड़ी (मैन आफ सीरीज) का खिताब शेफाली साहू को मिला। कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने खिलाडियों को पुरस्कृत किया। साथ में उपकुलसचिव संजीव कुमार सिंह भी रहे। 
टास जीतकर एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करती हुई एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा की टीम ने निर्धारित 40 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 134 रन बनाया। जिसमें एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा की टीम कैप्टन सोनिया ने 134 गेंद पर 9 चौके की मदद से नाबाद 80 रन तथा लसिका 16 गेंद पर 3 चौके की मदद से 17 रन का योगदान रहा। वही गेंदबाजी में वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर की टीम की तरफ से शेफाली साहू ने 8 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट, बबिता मीना 8 ओवर में 21 रन देकर 2 विकेट, पूजा निमावत ने 7 ओवर में 28 रन देकर 1 तथा ज्योति ने 4 ओवर में 15 रन देकर 1 विकेट प्राप्त किया। 
वही जवाब में वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर की टीम बल्लेबाजी करते हुए 24.5 ओवर में दो विकेट खोकर 135 रन बनाये। जिसमें पूजा निमावत ने 70 गेंद पर 5 चौके की मदद से नाबाद 50 रन, पूनम खेमनार 48 गेंद पर 8 चौके की मदद से 42 रन, बबिता मीना ने 15 गेंद पर 11 रन  तथा कौम्या तिवारी ने 19 गेंद पर 2 चौके की मदद से 10 रनों का योगदान दिया तथा एम0 डी0 यू0 रोहतक, हरियाणा की टीम ने गेदबाजी करते हुए प्रियंका ने 3 ओवर में 17 रन देकर 1 विकेट तथा शिवानी ने 8 ओवर में 28 रन देकर 1 विकेट प्राप्त किया।तृतीय स्थान का मैच इन्दिरा गांधी स्टेडियम, सिद्दीकपुर में मुम्बई विश्वविद्यालय, मुम्बई और कृष्णा विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश के बीच खेला गया। जिसमें मुम्बई विश्वविद्यालय, मुम्बई की टीम ने 7 विकेट से कृष्णा विश्वद्यिलय, आन्ध्र प्रदेश को हराया। 
टास जीतकर कृष्णा विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करती हुई कृष्णा विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश की टीम ने 28.2 ओवर में सभी विकेट खोकर 117 रन बनाया। जिसमें कृष्णा विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश की तरफ से मल्लिका ने 82 गेंद में 12 चौके की मदद से 77 रन तथा सिन्धुश्री 28 गेंद पर 15 रन का योगदान दिया। वही गेंदबाजी में मुम्बई विश्वविद्यालय, मुम्बई की टीम की तरफ से शेजल जाधव ने 3.2 ओवर में 12 रन देकर 4 विकेट तथा निमिशा ने 2 ओवर में 7 रन देकर 2 विकेट प्राप्त किया। 
वही जवाब में मुम्बई विश्वविद्यालय, मुम्बई की टीम बल्लेबाजी करते हुए 29.5 ओवर में तीन विकेट खोकर 117 रन  का लक्ष्य प्राप्त कर लिया। जिसमें शेजल ने 38 गेंद पर 3 चौके की मदद से नाबाद 33 रन, दर्शना पवार ने 45 गेंद में 3 चौके की मदद से 31 रन तथा काजल ने 65 गेंद पर 1 चौके की मदद से नाबाद 28 रनों का योगदान दिया तथा कृष्णा विश्वविद्यालय, आन्ध््रा प्रदेश की टीम की तरफ से गेदबाजी में सिन्धुश्री 6 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट तथा मल्लिका ने 8 ओवर में 31 रन देकर 1 विकेट प्राप्त किया। 
एम्पायर की भूमिका में आर0 पी0 गुप्ता, नारायण जी गुप्ता, राजेश पटेल, हनुमान भारती तथा स्कोरर नन्द कुमार यादव एवं पवनेश यादव रहे।  


   

Tuesday, 27 February 2018

पूविवि में खिलाड़ी सम्मान समारोह में सम्मानित हुए खिलाड़ी

खिलाड़ियों ने विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान-प्रो तभाने

विश्वविद्यालय के  सत्र 2016-17 में पूर्वी जोन की प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त  खिलाड़ियों को आज खिलाड़ी सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में खेलकूद परिषद द्वारा आयोजित किया गया। पूर्वी जोन अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ स्थान पाने वाले खिलाड़ियों के साथ ही ऑल इंडिया वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी इसमें सम्मानित हुए। सम्मान समारोह में वॉलीबॉल महिला, हैंडबाल पुरुष -महिला, कबड्डी पुरुष -महिला, टेनिस महिला, बैडमिंटन महिला, बास्केटबॉल महिला एवं खो-खो महिला टीम के 121 खिलाड़ी, कोच एवं प्रबंधक भी  सम्मानित हुए। राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान राजभवन लखनऊ में  हो चुका है। खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा ब्लेजर, पैंट शर्ट का कपड़ा, बैच, बेल्ट आदि दिया गया। साथ ही स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को धनराशि भी चेक द्वारा दी गई।
सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य एवं विज्ञान संस्थान मुंबई के पूर्व निदेशक प्रख्यात भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर विलास ए तभाने ने  कहा कि इस विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत के बल पर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। खिलाड़ी सदैव टीम भावना के साथ खेलते हैं इनसे अन्य को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम  के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को अपने स्तर पर बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत रहेगा।
वित्त अधिकारी एमके सिंह ने कहा कि जीवन में सदैव राष्ट्रभावना को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए जो व्यक्ति अपने मन में देश प्रेम और समर्पण की भावना रखता है वह सदैव सफल होता है।
अध्यक्षीय संबोधन में खेल कूद परिषद के अध्यक्ष  डॉ सत्येंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि आज का यह सम्मान समारोह विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को ऊर्जा प्रदान करेगा और आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह, खेल सचिव शेखर सिंह, डॉ के एस तोमर मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में डॉ रामाश्रय शर्मा, देवेंद्र सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, डॉ विजय सिंह, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राजेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, एम एम भट्ट, रजनीश सिंह, ऋषि सिंह, अरुण सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अशोक सिंह ने किया।

Monday, 26 February 2018

आमजन को मिले विज्ञान के प्रयोग का लाभः प्रो. हाजरा



दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का हुआ उद्घाटन


विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया हाल में सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह  की शुरुआत हुई। उद्घाटन सत्र में वैज्ञानिक मुद्दे एवं देश का विकास विषय पर व्याखायानमाला का आयोजन हुआ। भारत सरकार के तकनीक शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम (टेकिप-3) के अन्तर्गत यह समारोह आयोजित हुआ।
उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि कलकत्ता विश्वविद्यालय के आप्टिक्स एव फोटोनिक्स के प्रो. लक्ष्मीनारायन हाजरा ने कहा कि विज्ञान में जो प्रयोग हुए हैं उसका उपयोग आमजन अपने जीवनशैली में करें। विज्ञान और तकनीक ने आधुनिक और पिछड़े वर्ग के बीच की दूरी को कम किया है। देश के नागरिकों के बीच वैज्ञानक दृष्टिकोण पैदा किए बिना इस दिवस को मनाने का कोई मतलब नहीं। उन्होंने वैज्ञानिक सीवी रमन के जीवन और उस समय के वातावरण की चर्चा कर कहा कि अब हम ज्यादा सम्पन्न है हमे अपने वैज्ञानिक रिसर्च में और भी तेजी लाने की जरूरत है।     
विशिष्ट अतिथि ओएनजीसी के पूर्व जीएम डा. पी. के मिश्र ने रूस और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के रिर्सच का लाभ आम नागरिकों को मिलता क्योंकि वह उनकी मातृभाषा में होते हैं। भारत में इसके विपरीत अंग्रेजी की प्रमुखता होती है जिससे आमजन कोई सरोकार नहीं रखता। पुण विश्वविद्यालय के प्रो. वी. ए,. तभाने ने कहा कि ज्ञान, लगन और जज्बे के बल पर छोटा से छोटा व्यक्ति भी बड़ा कार्य करने में सफल हो सकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के छात्रों में अवलोकन करने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए तभी वह समाज और देश के विकास में सार्थक हो सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में टेकिप के समन्वयक प्रो. बी.बी तिवारी ने कहा आधुनिक तकनीक ने विज्ञान की खोज और गति को काफी तेज कर दिया है। उन्होने सीवी रमन के लाइट इफेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। इंजीनियरिंग  के डीन प्रो. ए. के. श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम सहसयोजक डा. राजकुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डा. संतोष कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डा. रजनीश भास्कर ने किया। इस अवसर पर सोविनियर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रो. वंदना राय, डा. प्रदीप कुमार,डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिहं राठौर, डा. संजीव गंगवार, डा. सुनील कुमार,डा अमरेंद्र सिंह, डा. राजीव कुमार, प्रवीण सिंह, डा. अवध बिहारी सिहं डा. रुश्दा आजमी, यू.आर प्रजापति, डा. विवेक पांडेय, डा. नृपेंद्र सिंह, डा. जे.पी. लाल. प्रीति शर्मा, वर्तिका सरकारी, जया शुक्ला, शैलेश प्रजाप्रति, सत्यम उपाध्याय समेत विद्यार्थी मौजूद रहे।

रंगोली, पोस्टर, साइंस क्विज और एक्सटेम्पोर के माध्यम बच्चों ने दिए संदेश

जौनपुर। उमानाथ सिहं इंजीनियरिंग एवं टेक्नालाजी संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 ग्रुपों ने प्रतिभाग किया, इसका विषय महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, डिजीटाइलजेशन और इवैलूएशन के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाया। पोस्टर मेकिंग में 25 ग्रुपों ने प्रतिभाग किया। इसका विषय क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, मिसाइल मैन, ईबेस्ट, रोबोटिक इन नेशन विल्डिंग पर पोस्टर बनाकर विज्ञान के प्रति जागरूकता को दर्शाया। एक्सटेम्पोर में नौ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।विज्ञानं प्रश्नोत्तरी में  61 ग्रुपों ने भाग लिया।    

बापू बाजार में बच्चों को मिला होली का उपहार

जौनपुर। राम किशुन सिंह महाविद्यालय सिद्दीकपुर  समीप पंचायत भवन में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेविकाओं द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा संचालित योजना अंतर्गत बापू बाज़ार लगाया गया।
बापू बाजार में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर मनोज मिश्र ने कहा कि बापू बाजार के माध्यम से ग्रामीणों की सच्ची सम्मान सहित सहायता की जा रही है। इस बाजार की श्रृंखला को अनवरत जारी रखना होगा। जो विद्यार्थी  पठन पाठन के साथ  सामाजिक सेवा के कार्यों में जुड़े रहते हैं उनके व्यक्तित्व का विकास  अलग तरीके से होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजा राम यादव ने सभी महाविद्यालयों से बापू बाजार के माध्यम से समाज की सेवा करने की अपेक्षा की है। 
बतौर विशिष्ट अतिथि डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने बापू बाज़ार के विविध आयामों पर अपनी बात रखी। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रबंधक शिव कुमार सिंह  ने किया। अतिथियों का स्वागत बापू बाज़ार के संयोजक कार्यक्रम अधिकारी सिद्धार्थ शंकर सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ अनिल उपाध्याय ने किया। यह बापू बाज़ार विशेषकर ग्रामीण बच्चों के लिए लगाया गया था । बच्चों को कॉपी, पेंसिल, रबड़, टॉफी, बिस्कुट आदि स्वयंसेवक सेविकाओं ने होली के उपहार के रूप में भेंट किया। बच्चे  बापू बाजार में  वस्तुओं को पाकर  काफी खुश दिखे. साथ ही कपड़े ग्रामीण महिलाओं को प्रतिकात्मक मूल्य पर उपलब्ध कराए गए।  इस अवसर पर डॉ पुनीत सिंह द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।