Thursday, 27 July 2017

विश्वविद्यालय में 3 अगस्त को आएंगे उपमुख्यमंत्री

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा का आगमन 3 अगस्त को वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल   विश्वविद्यालय परिसर में हो रहा है।  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर  राजाराम यादव ने बताया कि परिसर के संगोष्ठी भवन में 3 अगस्त को पूर्वाह्न    11  बजे  जीएसटी पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में  उप मुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा  बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। विदित हो कि  विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों ,कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं शहर के व्यापारी बंधुओं को जीएसटी से परिचित कराने हेतु इस विषय  पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।  संगोष्ठी में पूर्व आईएएस  गिरीश नारायण पांडे, संयुक्त कमिश्नर राज्य कर आर  एन पाल, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर  सुजीत जायसवाल एवं सीए अमित गुप्त को बतौर वक्ता आमंत्रित किया गया है।  इस संबंध में आयोजन की समिति की एक आवश्यक बैठक गुरुवार को कुलपति कार्यालय में  आहूत की गई। बैठक में  डॉक्टर अविनाश पाथर्डीकर, डॉक्टर अजय प्रताप सिंह,डॉक्टर मनोज मिश्र, डॉक्टर आशुतोष सिंह, , डॉक्टर अमित वत्स, डॉक्टर दिग्विजय सिंह राठौर, डॉक्टर सुरजीत यादव, डॉक्टर आलोक सिंह, डॉक्टर के एस तोमर,  रविशंकर शुक्ल आदि उपस्थित रहे। 

Monday, 24 July 2017

एम् ए व्यवहारिक मनोविज्ञान एवं जनसंचार विषय में प्रवेश को मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से काउंसलिंग

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पीयू कैट  2017 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का प्रवेश विश्वविद्यालय में मंगलवार से शुरू हो रहा है।  संकाय  भवन में  अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान संकाय के  एम् ए व्यवहारिक मनोविज्ञान एवं जनसंचार  विषय  में प्रवेश के लिए मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से काउंसलिंग होगी। पीयू कैट परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर  अपलोड  है।  जनसंचार एवं व्यावहारिक मनोविज्ञान विषय  में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को जाति,आय सहित अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों एवं सेमेस्टर शुल्क  के साथ मंगलवार को संकाय भवन में बुलाया गया है।  

Tuesday, 18 July 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय - परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे सीसी टीवी कैमरा


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल   विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजाराम यादव ने कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा लगवाने के निर्देश दिए है.आने वाले समय में जिन कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा होगा वही परीक्षा केंद्र बनायें जायेंगे। कुलपति प्रो राजा राम यादव ने कहा कि बीतें दिनों लखनऊ और दिल्ली में हुए कुलपति सम्मेलनों में परीक्षा केंद्रों पर सीसी टीवी कैमरा की अनिवार्यता का निर्णय लिया गया है। शासन के  इस निर्णय को विश्वविद्यालय प्राथमिकता से  लागू करेगा। सीसी टीवी कैमरा से परीक्षा सुचिता और पवित्रता बनी रहेगी। इसके द्वारा बेहतर निगरानी की जा सकेगी। इस सम्बन्ध में  कुलसचिव डॉ देवराज महाविद्यालओं को कुलपति के आदेश का पत्र भेज रहे है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से आज़मगढ़, जौनपुर, मऊ, गाज़ीपुर और इलाहाबाद जनपद के  700 से अधिक कॉलेज  सम्बद्ध है। इस सत्र 2017 -18  की परीक्षा के लिए सीसी टीवी कैमरा अनिवार्य होगा।जिन कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा नहीं होगा वो किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र नहीं बनाये जाएंगे। कुलसचिव डॉ देव राज ने बताया कि कॉलेजों को  सीसी टीवी कैमरा लगवाने के बाद विश्वविद्यालय में स्थापना का  प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

Monday, 17 July 2017

कुलपति सभागार में परंपरागत ज्ञान एवं औषधियां विषयक विशेष व्याख्यान



जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सोमवार को परंपरागत ज्ञान एवं औषधियां विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में जवाहरलाल नेहरु राजकीय महाविद्यालय अरुणाचल प्रदेश के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर वाई पी कोहली ने कहा कि 90 के दशक से विदेशी कंपनियों ने हमारे परंपरागत ज्ञान को विलुप्त करने का प्रयास किया।शीतल पेय एवं जंक फूड की संस्कृति के चलते नई पीढ़ी आज विभिन्न प्रकार की बीमारियों से पीड़ित है।  हमारे आसपास की वनस्पतियों के औषधीय गुणों से हमें वंचित रखा गया परिणामतः आज हम एलोपैथी दवाओं के सेवन के लिए विवश  है।  उन्होंने सत्तू, आंवला, मूली और मक्का के गुणों पर चर्चा करते हुए इस ज्ञान को आम लोगों तक ले जाने की अपील की।  उन्होंने कहा कि मक्के में विटामिन ई  की  प्रचुरता होती है जिसकी जानकारी अभी भी स्थानीय लोगों को कम है। यदि उन्हें इसकी जानकारी दे दी जाये  तो हम जर्मनी से आयात की जाने वाली विटामिन की गोलियों से मुक्ति पा जाएंगें।  स्थानीय वनस्पतियों में गिलोय के गुणों पर  उन्होंने कहा  कि रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में गिलोय की अचूक भूमिका है, हर घर में   गिलोय होना चाहिए।  इस वर्षा ऋतु में घर के आसपास गिलोय अवश्य रोपित करें।यह  सारी बीमारियों से  मुक्त रखेगा। आज जानकारी के आभाव में बहुत सारे  वृक्ष और वनस्पतियां विलुप्त हो गई है, समय आ गया है कि उनके गुणों से परिचित होते हुए इन्हें पुनर्जीवित किया जाए । 
कुलपति प्रो राजाराम यादव ने कहा कि फार्मेसी संस्थान द्वारा औषधीय गुणों से युक्त वनस्पतियों का संरक्षण एवं उनसे आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण कराया जायेगा।इसके साथ हीस्थानीय वनस्पतियों एवं  गो दुग्ध, घी,गो मूत्र एवं गोबर में प्राप्त गुणों से आम लोगों को जागरूक किया जायेगा। फार्मेसी संस्थान द्वारा निर्माण की गई सामग्रियों का प्रबन्ध अध्ययन संस्थान मार्केटिंग करेगा।
व्याख्यान माला में आयोजित प्रश्न प्रहर में प्रो  बी बी तिवारी, डॉ अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं डॉ नृपेंद्र सिंह ने सवाल किये। इस अवसर पर डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ मानस पांडेय, डॉ वंदना राय, डॉ राम नारायण, डॉ संतोष कुमार, डॉ रसिकेश, डॉ राजेश शर्मा, डॉ एस पी तिवारी, डॉ अवध बिहारी सिंह,डॉ संजीव गंगवार, डॉ राज कुमार सोनी समेत शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहें। 




पीएचडी प्रवेश परीक्षा में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय सम्मिलित

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय को सम्मिलित किया गया है।  जिसके लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2017 है।विश्वविद्यालय  परिसर में पहली बार कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय में शोध प्रारंभ होने जा रहा है.विस्तृत  जानकारी  विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://www.vbspu.ac.inपर उपलब्ध है. 

Friday, 7 July 2017

उद्योगों से तालमेल के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने की पहल



ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक बिजनेस डेवलपमेंट डॉ सूर्य  के साथ कुलपति  ने बैठक कर की  चर्चा 
  उद्योगों एवं व्यवसायों में हो रहे वैश्विक बदलावों एवं चुनौतियों से निपटने के लिए परिसर पाठ्यक्रम के विद्यार्थी तैयार हो सके इसके लिए कुलपति प्रो राजाराम यादव ने पहल की है. इस क्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को इम्पीरियल कॉलेज लंदन के अकादमिक विजिटर और ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक बिजनेस डेवलपमेंट डॉ सूर्य कुमार सिंह के साथ कुलपति प्रो राजाराम यादव ने बैठक कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थानों और उद्योग की मांग और  वर्तमान  शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की.

बैठक में ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक ब्रिटिश नागरिक डॉ सूर्य कुमार सिंह ने कहा कि  पूर्वांचल क्षेत्र के युवा बहुत ही ऊर्जावान है. इसकी माटी से निकल कर आज विश्व के तामाम देशों में अपने काम से पहचान बनाई है. विश्वविद्यालय ने उद्योग और व्यवसाय के मांग के अनुरूप कैसी शिक्षा दी जाये इस बारे में सोचा है यह बहुत ही सराहनीय कदम है. उन्होंने कहा कि  विज्ञान एवं तकनीकी एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नित परिवर्तन हो रहे  है.शोध के द्वारा आज उद्योग एवं व्यवसाय का स्वरुप बदल गया है.पूर्वांचल के विद्यार्थी इन बदलावों से परिचित हो और उनसे उपजी चुनौतियों का सामना कर सके इसके लिए खाका खींचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे. डॉ सिंह आज़मगढ़ जनपद के रहने वाले है और ब्रिटिश नागरिक है और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के  प्रतिष्ठित एलन बी डोव स्मृति पुरस्कार से सम्मानित है. 
कुलपति प्रो राजा राम यादव ने डॉ सिंह को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।उन्होंने विज्ञान, फार्मेसी एवं इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को  उद्योग एवं  व्यवसाय की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कैसे तैयार किया जाये इस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन करेगा जिसमें विश्व के विभिन्न देशों से शिक्षा एवं उद्योग से जुड़े ख्यातिलब्ध लोगों को बुलाया जायेगा। इसके साथ ही इस सत्र में शैक्षिक विकास के लिए विद्वानों एवं इंडस्ट्री में नवाचार कर रहे लोगों को भी  विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जायेगा जिससे विद्यार्थी उद्योग की जरूरतों को पूरा कर सके. इस बैठक में डॉ संतोष, डॉ रवि प्रकाश, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर मौजूद रहे. 


Wednesday, 21 June 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मना योग दिवस



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुक्तांगन  में तृतीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए गया. योग दिवस के अवसर पर योग आचार्य अमित  आर्य ने कॉमन प्रोटोकॉल  के तहत योगाभ्यास करवाया। उन्होंने योग के लाभों  पर भी  विस्तार पूर्वक  चर्चा की ।
बतौर मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री समन्वय सेवा केंद्र आश्रम जबलपुर के महामंडलेश्वर स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद जी ने  कहा कि आज पूरी दुनिया योग के प्रति नतमस्तक हो  गई है. हम अपनी योग की आंतरिक शक्ति को केंद्रित कर अनुभव करें तो वे सारे दृश्य  आंख के  सामने आ रहे हैं कि पूरी दुनिया योगं  शरणम गच्छामि कहते हुए आज महर्षि पतंजलि के प्रति अपनी  कृतज्ञता प्रकट कर रही है.उन्होंने कहा कि योग करने वाला व्यक्ति जीवन भर स्वस्थ रहता है. अपने अध्यक्षीय  संबोधन में कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव  ने कहा कि हमारा देश अध्यात्मिक राष्ट्र है इसलिए हम विश्व गुरु हैं. सम्पूर्ण विश्व का मार्गदर्शन हमारे सन्यासी  कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि योग पुरुष के अंदर असीम शक्ति होती है, इसका प्रकटीकरण समय- समय पर आवश्यकता के अनुसार वह करते हैं.  योग समिति के प्रभारी डॉ वी  डी शर्मा ने आभार एवं  संचालन संजय श्रीवास्तव ने  किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के  सिंह, कुलसचिव डॉक्टर देवराज, प्रोफ़ेसर बीबी तिवारी, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय  सिंह राठौर,  बी एल यादव, डॉ अवध  बिहारी सिंह,डॉ विवेक पांडे, डॉ के एस तोमर,एमएम  भट्ट, अशोक सिंह, रजनीश  सिंह, सुशील प्रजापति, इंद्रेश कुमार समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासियों ने  प्रतिभाग किया.












Tuesday, 20 June 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकली योग यात्रा

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में योग दिवस की पूर्व संध्या पर परिसर में योग यात्रा निकाली गई. विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जबलपुर मध्यप्रदेश के सासमन्वय सेवा केंद्र आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद जी महाराज एवं कुलपति प्रोफ़ेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा प्रारंभ कराई। यात्रा में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए.इसके पश्चात  मुक्तांगन  में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति से कलाकारों ने लोगों का मन मोह लिया। 

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद ने कहा कि योग से मन की शुद्धता होती है. इसे अपने जीवन से जोड़कर आनंद लें.आज पूरी दुनिया योग के प्रति समर्पित हो गई है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि योग से हमें सकारात्मक सोच के साथ ऊर्जा मिलती है. हम सभी को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए। मुक्तांगन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में अनामिका मिश्रा ग्रुप ने  श्रीराम स्तुति एवं पप्पू जौनपुरी ने गीत प्रस्तुत किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए संदीप सोनी ने एकाकी नाटक की प्रस्तुति दी। राधा तेरी चुनरी गीत पर पीहू पालने नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। इसके साथ ही शिव प्रकाश शुक्ला, डॉक्टर प्रवीण सिंह ,सृष्टि ,डॉक्टर सुभाष बिश्नोई, राजनारायण सिंह आदि ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी. मुक्तांगन में कुलपति,अतिथियों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा पौधरोपण किया गया. कार्यक्रम का सञ्चालन संजय श्रीवास्तव एवं अशोक सिंह ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के  सिंह, कुलसचिव डॉक्टर देवराज, परीक्षा नियंत्रक  संजीव सिंह, प्रो बीबी तिवारी,डॉक्टर बी डी शर्मा, डॉक्टर मानस पांडे, डॉक्टर मनोज मिश्र, डॉक्टर दिग्विजय सिंह राठौर, एम एम  भट्ट,  रजनीश सिंह, राजेश सिंह, श्याम त्रिपाठी सहित  तमाम लोग मौजूद रहे.



















Monday, 19 June 2017

योग के प्रति किया जागरूक


 पूर्वांचल विश्वविद्यालय के योग समिति के सदस्यों ने गांव गांव जाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया।इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में  अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया। समिति के सदस्य डॉ संजय श्रीवास्तव ने ग्रामीणों से मिलकर कर योग के महत्व को समझाया और योग को जीवन से जोड़ने की अपील की।20 जून को सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं 21 जून को प्रातः योगाभ्यास कार्यक्रम सुनिश्चित है। यह आयोजन  विश्वविद्यालय के मुक्तांगन परिसर में होगा।
 इस आशय की जानकारी देते हुये पूविवि के कुलसचिव डा. देवराज ने बताया कि 20 जून के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूबे के राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव एवं विशिष्ट अतिथि स्वामी अखिलेश्वरानन्द जी महाराज महामण्डलेश्वर हैं तथा अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजाराम यादव करेंगे।इसी तरह 21 जून के विशिष्ट अतिथि स्वामी अखिलेश्वरानन्द जी महाराज महामण्डलेश्वर हैं। अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजाराम यादव करेंगे।

Sunday, 18 June 2017

पीयूकैट 17 प्रवेश

 विश्वविद्यालय  परिसर में संचालित विभिन्न   पाठ्यक्रमों में सत्र 2017-18 के लिए एडमिशन हेतु आखरी दो दिन बचे हैं।  विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रम एम.ए. एप्लाइड साइकोलॉजी, एम.ए. जनसंचार एवं पत्रकारिता,  एम.सी.ए.,  एम.बी.ए., एम.बी.ए फाइनेंस एंड कंट्रोल , एम.बी.ए बिज़नेस इकोनॉमिक्स, एम.बी.ए एच.आर.डी., एम.बी.ए ई-कॉमर्स, एम.बी.ए एग्री-बिज़नेस, एम.एच.आर.डी, एम.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी, एम.एस.सी. बायोकेमिस्ट्री, एम.एस.सी. पर्यावरण विज्ञान, एम.एस.सी. माइक्रोबायोलॉजी  में एडमिशन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून है। प्रवेश परीक्षा 5 जुलाई को होगी।पीयूकैट 17 का एडमिशन  फॉर्म एवं प्रवेश से सम्बंधित सभी जानकारी  विश्वविद्यालय वेबसाइट www.vbspu.ac.in पर उपलब्ध है |

Monday, 5 June 2017

अस्थाई प्रमाण पत्र व प्रवजन प्रमाण पत्र के ऑनलाइन सृजन सुविधा की हुई शुरुआत



राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कंप्यूटर की बटन क्लिक कर इस सुविधा का  किया लोकार्पण

विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान स्थित रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर में सोमवार को अस्थाई प्रमाण पत्र व प्रवजन प्रमाण पत्र के ऑनलाइन  सृजन सुविधा की शुरुआत हुई.
नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कंप्यूटर की बटन क्लिक कर इस सुविधा का लोकार्पण किया। अब पिछले 4 साल के विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण विद्यार्थी ऑनलाइन इन डिग्रियों को प्राप्त कर सकेंगे।

बतौर मुख्य अतिथि नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय मेरी विधानसभा क्षेत्र में स्थापित है यह जितना आगे बढ़ेगा उतना मुझे व्यक्तिगत खुशी होगी। आज विश्वविद्यालय ने जिन सुविधाओं का  शुभारंभ किया है वह निश्चित तौर पर विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से नौकरी के समय डिग्री की मांग कर ली जाती है अब वह उस मांग को तुरंत पूरा कर सकेंगे। इसके लिए  उन्हें विश्वविद्यालय नहीं आना पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने छात्र हित में सूचना तकनीकी का बखूबी प्रयोग किया है.इसके लिए उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी. 

अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो राजाराम यादव ने पूर्व कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल की प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि इस ऑनलाइन सिस्टम का खाका उन्होंने ही खींचा था। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिए। हम अपनी कमियों के बारे में सोचें उसे दूर करने का प्रयास करें यह महत्वपूर्ण है, लेकिन आज हम अपना अमूल्य समय दूसरों की कमियों को गिनाने में बर्बाद कर देते हैं।उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद इन डिग्रियों को  पाने में बड़ी समस्या होती है अब इस विश्वविद्यालय के छात्र पूरे विश्व में कहीं से भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

कार्यक्रम संयोजक डॉ अमित वत्स  ने बताया कि इस सुविधा से प्रतिवर्ष एक लाख  विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।जिस  छात्र को ऑनलाइन अस्थाई प्रमाण पत्र या माइग्रेशन चाहिए वह विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रक्रिया पूरी कर 3 मिनट में प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है।  आई क्यू ए सी सेल  के संयोजक डॉ मानस पांडे ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। स्वागत डॉ अविनाश पर्थिडकर एवं आभार डॉ आशुतोष सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के के तिवारी, वित्त अधिकारी एमके सिंह, उपकुलसचिव संजीव सिंह, प्रोफेसर आर एन त्रिपाठी, डॉ राधेमोहन सिंह, डॉक्टर सर्वानंद पांडे, डॉ अखिलेश्वर शुक्ला, डॉ देवेंद्र सिंह, डॉ सत्येंद्र प्रताप सिंह, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, ,डॉक्टर अवध बिहारी सिंह,डॉ ऋषिकेश डॉ आलोक सिंह डॉ धर्मेंद्र सिंह डॉक्टर के एस तोमर संजय श्रीवास्तव समेत तमाम लोग उपस्थित रहे.

विश्वविद्यालय का परीक्षा फल घोषित 
 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  सत्र 2016 - 17 का वार्षिक परीक्षा फल सोमवार को  घोषित कर दिया गया.यह  रात्रि 12:00 बजे से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर छात्रों के लिए उपलब्ध होगा। सोमवार को  विश्वविद्यालय के शोध एवं नवाचार केंद्र पर  नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कंप्यूटर की बोर्ड को क्लिक करके परीक्षाफल घोषित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर राजाराम यादव ने समय पर परीक्षाफल घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बधाई दी। 


परिसर के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप 
 विश्वविद्यालय की  वित्त समिति ने सोमवार को प्रस्ताव पारित कर परिसर के  समस्त  पाठ्यक्रमों में पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप  लागू करने पर अपनी सहमति दी है. इस तरह की पहल करने वाला यह पहला राज्य विश्वविद्यालय है. शोध को प्रोत्साहित  करने के उद्देश्य से पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर राजाराम यादव ने इसकी पहल की है जिसपर  वित्त समिति में चर्चा कर सहमति प्रदान की गई. आने वाले सत्र में परिसर पाठ्यक्रमों में पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप  विद्यार्थी पा  सकेंगे।

Thursday, 25 May 2017

बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शोध छात्र डा. विष्णु प्रकाश त्रिपाठी को अमेरिका में मिली पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप


विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में वर्तमान सत्र में  शोध छात्र रहे  डा. विष्णु प्रकाश त्रिपाठी को अमेरिका  के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ, लॉस एंजिल्स अमेरिका में पांच वर्ष के लिए पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप प्राप्त हुई है। डॉ त्रिपाठी को यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथर्न कैलिफ़ोर्निया, लॉस एंजिल्स  अमेरिका के  प्रो. सुज़न फोर्स्बग  के निर्देशन में  अपना पोस्ट  डॉक्टोरल पूरा करना है। इस शोध कार्य में डी एन ए प्रतिकृति  की मुख्य प्रक्रिया तथा इसके अंतर्गत होने वाले परिवर्तनों के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों  जिसमें मुख्यतः कैंसर  के होने की बेसिक प्रक्रिया तथा उसके रोकथाम से सम्बंधित अनुसंधान सम्पादित होगा।
विदित हो कि डॉ विष्णु प्रकाश त्रिपाठी ने एम् एस सी की शिक्षा भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित बायोटेक्नॉलजी विभाग में पूरी की थी। विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर डीडी दुबे के निर्देशन  में डॉ त्रिपाठी ने वर्ष २०११ से २०१७ तक बायोटेक्नॉलजी विभाग में शोध कार्य कर पीएचडी उपाधि प्राप्त की। खुशी की बात यह है कि इस उपलब्धि के साथ ही डॉ त्रिपाठी का चयन विश्व के कई अन्य देशों के महत्वपूर्ण  संस्थानों इटली ,स्पेन एवं फ्रांस   में भी हुआ है। डॉ त्रिपाठी ने अपनी इस उपलब्धि को अपने पिता चन्द्र मनि त्रिपाठी,माता स्वर्गीया  शैलजा त्रिपाठी, विश्वविद्यालय के अपने समस्त गुरुजनों एवं विशेषतया अपने गुरु प्रोफ़ेसर डीडी दुबे  और बंगलोर के डॉ मित्रादास पनिक्कर को समर्पित किया है। 

विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र को अमेरिका में फ़ेलोशिप

 विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में वर्तमान सत्र में  शोध छात्र रहे  डा. विष्णु प्रकाश त्रिपाठी को अमेरिका  के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ, लॉस एंजिल्स अमेरिका में पांच वर्ष के लिए पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप प्राप्त हुई है। डॉ त्रिपाठी को यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथर्न कैलिफ़ोर्निया, लॉस एंजिल्स  अमेरिका के  प्रो. सुज़न फोर्स्बग  के निर्देशन में  अपना पोस्ट  डॉक्टोरल पूरा करना है। इस शोध कार्य में डी एन ए प्रतिकृति  की मुख्य प्रक्रिया तथा इसके अंतर्गत होने वाले परिवर्तनों के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों  जिसमें मुख्यतः कैंसर  के होने की बेसिक प्रक्रिया तथा उसके रोकथाम से सम्बंधित अनुसंधान सम्पादित होगा। 
विदित हो कि डॉ विष्णु प्रकाश त्रिपाठी ने एम् एस सी की शिक्षा भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित बायोटेक्नॉलजी विभाग में पूरी की थी। विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर डीडी दुबे के निर्देशन  में डॉ त्रिपाठी ने वर्ष २०११ से २०१७ तक बायोटेक्नॉलजी विभाग में शोध कार्य कर पीएचडी उपाधि प्राप्त की। खुशी की बात यह है कि इस उपलब्धि के साथ ही डॉ त्रिपाठी का चयन विश्व के कई अन्य देशों के महत्वपूर्ण  संस्थानों इटली ,स्पेन एवं फ्रांस   में भी हुआ है। डॉ त्रिपाठी ने अपनी इस उपलब्धि को अपने पिता चन्द्र मनि त्रिपाठी,माता स्वर्गीया  शैलजा त्रिपाठी, विश्वविद्यालय के अपने समस्त गुरुजनों एवं विशेषतया अपने गुरु प्रोफ़ेसर डीडी दुबे  और बंगलोर के डॉ मित्रादास पनिक्कर को समर्पित किया है। 
विश्वविद्यालय के इस होनहार विद्यार्थी का  अमेरिका के  उच्च स्तरीय संस्थान में चयन पर विश्वविद्यालय के शिक्षक  डॉ वंदना राय,डॉ मानस पांडेय ,डॉ अजय प्रताप सिंह ,डॉ मनोज मिश्र आदि ने बधाई दी है। 

Tuesday, 2 May 2017

कुलपति प्रो राजाराम यादव ने कार्यभार ग्रहण किया


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के नवागत कुलपति प्रो राजाराम यादव ने मंगलवार को पूर्वाहन 17 वें  कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। प्रो यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में बतौर प्रोफ़ेसर कार्य कर रहे थे.प्रो यादव अल्ट्रासोनिक के जाने माने विशेषज्ञ हैं।उन्हें नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी आप्टिकल आौर थर्मल प्रापर्टीज में भी विशेषज्ञता हासिल है । पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने   परिसर के शिक्षकों के साथ कुलपति सभागार में बैठक की.बैठक में कुलपति प्रो यादव ने शिक्षकों से परिचय प्राप्त किया और विश्वविद्यालय के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।आने वाले समय में  विश्वविद्यालय परिसर में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी जिससे  शोध को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि छात्र मेरे लिए भगवान है और उनकी हर समस्याओं को व्यक्तिगत स्तर पर दूर करने का काम करूंगा।कहा कि जो शिक्षक गुणवत्तायुक्त शोध पत्र लिखेंगे उनके लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की जाएगी जिससे उनका उत्साह वर्धन होगा। विश्वविद्यालय के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों की एक समिति बनाकर शोध व शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया जाएगा।
 निवर्तमान कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल एवं कुलसचिव डॉ देवराज ने प्रोफेसर राजाराम यादव को कुलपति की कुर्सी पर बैठाया।कुलपति प्रो यादव को शिक्षक, अधिकारियों और कर्मचारियों में माला पहना कर स्वागत किया।  इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के सिंह, प्रोफेसर बीबी  तिवारी, डॉ दीनानाथ सिंह, डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ मानस पांडे, डॉ अविनाश पर्थिडेकर, डॉ मनोज मिश्रा,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ सुनील कुमार, डॉ सुरजीत यादव, डॉ संतोष कुमार, अमित वत्स,डॉ आशुतोष सिंह,डॉ अवध बिहारी सिंह,  डॉ के एस तोमर,डॉ वंदना राय,डॉ विजय तिवारी, डॉ अनुराग मिश्र समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे.

निवर्तमान कुलपति प्रो पीयूष रंजन को दी विदाई 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के निवर्तमान कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल को कुलपति आवास पर विश्वविद्यालय के शिक्षक,अधिकारी एवं कर्मचारियों ने विदाई दी. इस अवसर पर प्रो अग्रवाल ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के लोगों में जो प्रतिभा है वो किसी से कम नहीं है.यहां सभी ने मिल कर विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में अपनी महती भूमिका अदा की है.इस विश्वविद्यालय में लोगों के बीच परिवार का भाव है जो हर परिस्थिति में दिखता है. विश्वविद्यालय नई ऊचाइयों पर पहुंचे यही कामना है. 
कुलपति आवास पर हुई बैठक में विश्वविद्यालय परिसर के  शिक्षकों ने एक स्वर में प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल  द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि विश्वविद्यालय को सवारने में बड़ी भूमिका अदा की है. विश्वविद्यालय ने  समय से परीक्षा परिणाम देकर प्रदेश में उपलब्धि हासिल की है. प्रो अग्रवाल को विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर  वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव डॉ देवराज,  प्रो बी बी तिवारी,डॉ यूपी सिंह, डॉ अनिल सिंह,  डॉ मानस पांडेय,डॉ  नारायण,डॉ दुर्गा प्रसाद अस्थाना, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ नूपुर तिवारी,डॉ रसिकेश  समेत तमाम लोग उपस्थित रहे. 

Saturday, 29 April 2017

अध्यात्म एवं जीवन प्रबंधन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल में  अध्यात्म एवं जीवन प्रबंधन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों का आध्यात्मिक उन्नयन करना है।कार्यशाला के मुख्य अतिथि , विषय विशेषज्ञ हरिद्वार देव संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ गोपाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एकल परिवारों में तनाव आम बात हो गयी है जबकि पहले संयुक्त परिवारो में ऐसा नही था। आज हम अध्यात्म को अपना कर  अवसान रहित जीवन जी सकते  है और व्यक्तित्व को सकारात्मक बना सकते है।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपतिप्रो पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि आध्यात्म को अपनाकर हम सहज जीवन जी सकते हैं।योग हमारी पुरानी परंपरा है।नियमित योगाभ्यास हमे बहुत सारी समस्याओं से निजात दिलाता है।अध्यक्षता करते हुए
प्रो धरणीधर दुबे ने कहा कि विलासिता पूर्ण जीवन सारी समस्याओं की जड़ है।हमें आध्यात्म से शारीरिक ही नही मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। कार्यशाला केआयोजन सचिवडॉ अविनाश पाथर्डीकर नें कार्यशाला के उद्देश्य और औचित्य पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के चलते रहने से नई सीख मिलती है।हरिद्वार से आये विषय विशेषज्ञ डॉ पंकज चंदेल ने तकनीकी सत्रों में आध्यात्म और जीवन पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर प्रो एके श्रीवास्तव,  डॉ वी डी शर्मा, कुलसचिव डॉ देवराज,  डॉ आशुतोष सिंह, डॉ अमित वत्स, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ राम नारायण, डॉ एस पी तिवारी, डॉ सुधीर डॉ संजय श्रीवास्तव, श्री एमएम भट्ट, श्री राजनारायण सिंह, डॉ धर्मशीला गुप्ता  सहित परिसर के कर्मचारी, शिक्षक एवं परिवार गण मौजूद रहे।स्वागत  डॉ धर्मेंद्र सिंह  एवं संचालन डॉ अविनाश पाथर्डीकर द्वारा किया गया।
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कार्यशाला   समापन 



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस हाल में  अध्यात्म एवं जीवन प्रबंधन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला  का समापन  शनिवार को किया गया।  कार्यशाला के  प्रतिभागियों  ने ऐसे आयोजन के लिए आयोजन मंडल को धन्यवाद ज्ञापित किया और अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह कार्यशाला  शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों के  आध्यात्मिक उन्नयन में महत्वपूर्ण है ।
तकनीकी सत्र में  व्यक्तित्व के चार आयामों भौतिक  मानसिक सामाजिक आध्यात्मिक तथा अध्यात्म एवं आत्म प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आध्यात्मिक व्यक्तित्व ही शेष तीनो आयामों को संभालता है। तकनीकी सत्र में योग  की क्रियाएं करवाई गयीं। इस अवसर पर  सानंद जीवन जीने हेतु  एक वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया ।
समापन सत्र में  आयोजन सचिव डॉ अविनाश पाथर्डीकर  ने कहा कि जीवन में  संतुष्टि से बढ़ कर कुछ नहीं है। जीवन में हमेशा कुछ प्राप्त करने की होड़ ने हमे तनाव ग्रस्त कर दिया है परिणामतः आज रिश्ते -नाते टूट रहे हैं। धन लिप्सा सारे  समस्याओं की जड़  है। विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ धर्मेंद्र सिंह ने कहा  कि विश्वविद्यालय परिसर के शिक्षक एवं कर्मचारियों के परिवार के आध्यात्मिक एवं मानसिक उन्नयन के लिए आने वाले समय मे भी विवि  इस प्रकार का   आयोजन करेगा। कर्मचारी संघ के पूर्व उपाध्यक्ष  सुशील प्रजापति ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद  ज्ञापित किया। प्रतिभागियों ने  कार्यक्रम के अंत में मोमबत्ती जलाकर संकल्प लिया कि  आत्मदीपो भव होकर एक प्रकाशपुंज की तरह  वे परिसर में कार्य करते रहेंगे । 
इस अवसर पर प्रोफ़ेसर डीडी दुबे , प्रो एके श्रीवास्तव,  डॉ वी डी शर्मा, कुलसचिव डॉ देवराज,  डॉ आशुतोष सिंह, डॉ अमित वत्स,  डॉ प्रदीप कुमार, डॉ राम नारायण, डॉ एस पी तिवारी,डॉ सुधीर  डॉ संजय श्रीवास्तव, श्री एमएम भट्ट, श्री राजनारायण सिंह, डॉ धर्मशीला गुप्ता   सहित परिसर के कर्मचारी, शिक्षक एवं परिवार गण मौजूद रहे।संचालन डॉ अविनाश पाथर्डीकर ने किया ।

Thursday, 27 April 2017

लोगों की आशा का केंद्र है विश्वविद्यालय- प्रो. पीयूष

समारोह कर शिक्षकों ने दी विदाई, बताया स्वर्णिम कार्यकाल

विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने बुधवार की शाम परिसर में समारोह आयोजित कर कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल को विदाई दी। अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया। उनके कार्यकाल को एक स्वर्णिम काल बताते हुए वक्ताओं ने अपने अनुभवों को साझा किया।
प्रो. डीडी दुबे, प्रो. बीबी तिवारी, वित्त अधिकारी एमके सिंह, कुलसचिव डा. देवराज, प्रो. संगीता साहू, डा. मनोज मिश्र, डा. एके श्रीवास्तव, डा. अमित वत्स व विनय वर्मा ने कुलपति के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। कहा कि उन्होंने सिस्टम में सुधार किया। कार्यकाल में नैक मूल्यांकन, परीक्षा एवं रिजल्ट सुधार, खिलाड़ी सम्मान समारोह, शैक्षणिक वातावरण निर्माण, शोध अनुसंधान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए। संस्था का विकास सर्वोपरि रखा। विश्वविद्यालय के हर बिंदु को समझने में अपना महत्वपूर्ण समय दिया। सरल व्यक्तित्व आपकी पहचान है। सभी के दुख-दर्द को समझा, हर संभव मदद की। 
कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि मेरा इसमें कुछ नहीं है। सभी के सहयोग से संभव हुआ। जब आप किसी संस्थान को समृद्ध करते हैं तो वह आपके व्यक्तित्व को भी बढ़ाता है। सभी को साथ लेकर चलने की आदत डालनी चाहिए। यदि आपमें जागरूकता व चाह है तो मंजिल जरूर मिलेगी। विश्वविद्यालय लोगों की आशा का केंद्र है। ज्ञान का मंदिर है। इससे समाज को प्रकाशित करें। सबको आपसे आशाएं हैं। सामाजिक संरचना में आपको जान पहचान बनाए बगैर समस्याओं से निजात नहीं मिलने वाली। विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में अधिक व्यस्त रखें, उन्हें कुछ नया दें। आप सर्वश्रेष्ठ रहें यह भाव सदा मन में हो। संभावनाओं की तलाश हमेशा जारी रखें। सभी को जिम्मेदारियों से मैंने जोड़े रखा। इसका उद्देश्य यही था कि एक ओर जहां संस्थान को गति मिले, दूसरी ओर आप परिसर के प्रत्येक बिंदु से जुड़ सकें। मन में सदा सोचें कि हम समाज व संस्थान को क्या दे रहे हैं। इस अवसर पर कुलपति की पत्नी प्रतिभा अग्रवाल, डा. मानस पांडेय, डा. बीडी शर्मा, उपकुलसविच संजीव सिंह, डा. टीबी सिंह, डा. राम नारायन, डा. वंदना राय, डा. अजय द्विवेदी, डा. प्रदीप कुमार, डा. राजकुमार, संजीव गंगवार, डा. रसिकेश, डा. सुनील कुमार, डा. सुशील कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, डा. आलोक सिंह, डा. परमेंद्र सिंह, आलोक दास, डा. विवेक पांडेय, डा. केएस तोमर, सुबोध पांडेय, लक्ष्मी प्रसाद मौर्या आदि उपस्थित रहे। संचालन डा. अविनाश पाथर्डिकर व धन्यवाद डा. आशुतोष सिंह ने किया। 

Wednesday, 26 April 2017

युवा महोत्सव में पूर्वांचल विश्वविद्यालय को प्रदेश में मिला दूसरा स्थान

पूर्वांचल विश्वविधालय ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित अंतरविश्वविद्यालय यूथ फेस्टिवल (युवा संगम)  में प्रदेश में द्वितीय  स्थान पर कब्जा जमाया। बुधवार को प्रतियोगिता से लौटने के बाद प्रतिभागियों को कुलपति प्रो पीयूष रंजन अगृवाल ने बधाई दी. उन्होंने कहा कि  शैक्षिक गातिविधियों के साथ सास्कृतिक अभिरुचियों से छात्रों का सर्वागीण विकास  होता है।विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों  ने बेहतर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है. 
सांस्कृतिक संयोजक डॉ रसिकेश ने बताया कि  "युवा सगंम " मे आयोजित रंगोली,कोलाज ,मेंहदी, एकल गायन, वाध यंत्र,लघु नाटक, फैन्सी डेस ,स्लोगल राइटिंग ,स्पाट पेन्टिंग,पोस्टर व निबन्ध प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की टीम ने भाग लिया।टीम में  ३५ छात्र - छात्राएं शामिल थी.  जिसमें मेंहदी प्रतियोगिता में  प्रिती यादव ने द्वितीय  स्थान पोस्टर प्रतियोगिता में  एम.बी.ए (एच.आर.डी ) की कृतिका सिंह ने तृतीय स्थान ,स्किट प्रतियोगिता में श्रृंखला, शुभम,प्रियांशु ,पूजा, निधी और निवेदिता यादव की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।  फैंन्सी डेस प्रतियोगिता में निधी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । समस्त प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर  वि.वि. को द्वितीय स्थान प्रदान किया ।टीम लीडर के रूप में  विनय वर्मा,डॉ  विवेक कुमार पाण्डेय व  पूजा सक्सेना ने अपना योगदान दिया।टीम लीडर ने कुलपति को  रनर की शील्ड सौंपी। 
इस अवसर पर डॉ दीनानाथ सिंह, वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव डॉ देवराज, प्रो  पाठक, डॉ लालजी त्रिपाठी, डॉ मानस पांडेय, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुरजीत यादव आदि मौजूद रहे. 

जीएसटी एंड स्टूडेंट एम्प्लॉयबिलिटी विषयक संगोष्ठी आयोजित

विश्वविद्यालय के वित्तीय अध्ययन विभाग द्वारा फार्मेसी संस्थान के शोध एवं नवाचार केंद्र में मंगलवार को जीएसटी एंड स्टूडेंट एम्प्लॉयबिलिटी विषयक संगोष्ठी आयोजन किया गया. संगोष्ठी में वस्तु एवं सेवा कर के विभिन्न आयामों एवं  रोजगार के नए अवसरों  के बारे में भी चर्चा की गई. 

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि बदलते परिवेश में भारतीय नागरिक, व्यवसायी और उद्यमी को वस्तु एवं सेवा कर को समझना होगा। यदि हम इसे  नहीं समझते तो हम अपने देश को नहीं समझ पाएगें। उन्होंने कहा कि  इंटरनेट ने आर्थिक सुधारों को पहिया दिया है जिसे आज गति मिल गई है.शिक्षा ने इसमें इंजन का काम  किया है.  उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी के प्रति सभी को जागरूक होने की जरुरत है.सम्पूर्ण देश में वस्तुओं और सेवाओं पर एक ही टैक्स लगेगा।  केंद्र और राज्य का अंश भी आसानी से बट जायेगा। 


संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि आईसीए संस्था क्वे महाप्रबंधक राजेश त्रिवेदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने रोजगार के नए अवसर दिए है.शिक्षण संस्थाओं को इसे ध्यान में रख कर नई पीढ़ी को तैयार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि सफल होने के लिए लोकाचार एवं विक्रयकला  दोनों में पारंगत होना समय की मांग है । जीवन में विजेता बनने के लिए  कौशल के साथ ही साथ  अच्छा व्यवहार भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियोक्ता उन्हीं को रोजगार देते है जो उनकी जरूरतों को पूरा कर सके. 

विषय विशेषज्ञ कोलकता के चार्टेड अकांउंटेंट अभिषेक टिबरवाल ने कहा कि जीएसटी वैट का परिष्कृत रूप है. वैट में व्यापारियों को क्रेडिट कम मिलता था लेकिन इस नए कर से ज्यादा टैक्स क्रेडिट मिलेगा। जिससे उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। जीएसटी लागू  होने पर व्यापारियों को महीने में  कम से कम तीन बार टैक्स फाइल करना होगा। इससे किसी को घबराने की जरुरत नहीं है. 
संगोष्ठी के संयोजक विभागाध्यक्ष डॉ अजय द्विवेदी ने विषय प्रवर्तन एवं धन्यवाद् ज्ञापन प्रो बी बी तिवारी ने किया । सञ्चालन डॉ राजेश शर्मा द्वारा किया गया.  इस अवसर पर डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ वी डी  शर्मा, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ वन्दना राय, डॉ एस पी तिवारी, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ रसिकेश, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ अलोक सिंह, प्रमेन्द्र सिंह सहित विद्यार्थी मौजूद रहे.