कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो सुन्दर लाल ने कहा कि बापू बाजार की जो संकल्पना की गई थी वह साकार होते दिख रही हैं।बापू बाजार बस एक बाजार नहीं हैं।इसमें गाँधी का सन्देश हैं।उन्होंने कहा कि आज बापू के विचारों की कितनी जरूरत हैं यह बीते दिनों 16 दिसम्बर को हुई घटना पर सोचने को विवश करती हैं।आज युवा महात्मा गाँधी के विचारों को आत्मसात करे तभी ऐसी घटनाएँ रुकेंगी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी डॉ एस बी सिंह ने कहा कि बापू बाजार से राष्ट्रीय सेवा योजना को नई पहचान मिली हैं।यह बापू बाजार एक इतिहास रचेगा।पूर्व मंत्री शम्भू सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी के विचारों को इस बाजार के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच प्रवाहित करके बहुत सुख मिला हैं।बापू बाजार के संयोजक हितेंद्र प्रताप सिंह ने बापू बाजार की अवधारण पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्यवयक डॉ हसींन खान ने कहा कि बापू बाजार मे शामिल होने वाले छात्र छात्राओं की सोच में जो परिवर्तन हुआ हैं वह जीवन पर्यन्त रहेगा।बापू बाजार में गरीबों से 15 हजार रुपये प्रतीकात्मक रूप से प्राप्त हुए।सञ्चालन डॉ वेद प्रकाश एवम प्रभु नारायण प्रेमी ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ सौम्य सेन ,डॉ राजेश्वरी पाण्डेय,डॉ श्री कान्त पाण्डेय, रमेश सिंह फौजदार सिंह आदि उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment