Monday, 7 September 2026

विद्यार्थी केंद्र में, उत्कृष्टता लक्ष्य, नए संकल्प के साथ बढ़ेगा पीयूः कुलपति

कुलपति सभागार में कुलपति प्रो. आरके सिंह ने विद्यार्थियों से किया संवाद

कुलपति सीवी रमन हास्टल, डिप्टी रजिस्टार ने किया महिला छात्रावास का निरीक्षण

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों से सोमवार को आह्वान किया कि वह अपने समय का अधिकतम उपयोग सार्थक शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में करें। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी और उसकी शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियां और प्रत्येक प्रयास विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, व्यक्तित्व, व्यावसायिक विकास तथा रोजगार-क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्रित है।
कुलपति ने विद्यार्थियों से नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने के साथ-साथ प्रयोगशाला एवं प्रायोगिक कार्य, शिक्षकों के साथ शैक्षणिक संवाद, पुस्तकालय एवं डिजिटल संसाधनों का उपयोग, परियोजनाओं, इंटर्नशिप, सेमिनार, कार्यशालाओं, खेलकूद तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। विद्यार्थियों की समस्याओं को कुलपति ने गंभीरता से सुना और उसे शीघ्र ही कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों आह्वान कि छात्र भी समस्या के समाधान में उनकी मदद करें। छात्राओं के सवाल क्लासरूम, मेस, इक्विपमेंट, बिजली और पानी की समस्याओं से संबंधित थे। इस पर मीटिंग के तुरंत बाद कुलपति ने सीवी रमन हास्टल के मेस को चेक किया और उपकुलसचिव बबिता सिंह महिला छात्रावास का निरीक्षण किया। कुलपति ने खेल ग्राउंड की शिकायत पर भी तुरंत निस्तारण किया। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता और शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। परिसर की आईटी एवं नेटवर्किंग अवसंरचना को बेहतर बनाने तथा वाई-फाई एवं डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य प्रारंभ किया गया है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण, अध्ययन एवं शोध संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सके।
प्रो. आर. के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और व्यावसायिक क्षमता से संपन्न बनाना है, जिससे उनके लिए बेहतर करियर एवं रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का विकास केवल प्रशासन और शिक्षकों के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक, शोध, नवाचार, कौशल-विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक तथा अन्य रचनात्मक सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया।

Saturday, 5 September 2026

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रो राकेश कुमार सिंह

पीयू में शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन की प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक अतिथि गृह परिसर स्थित भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि “शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य निर्माता होते हैं। शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, चरित्र और चेतना के निर्माण की सबसे प्रभावी प्रक्रिया है।” उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन और दर्शन हमें यह संदेश देता है कि एक श्रेष्ठ शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें संस्कार, विवेक, नैतिक मूल्यों और जीवन की सही दिशा से भी जोड़ता है।
कुलपति ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में शिक्षक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल तकनीक सूचना उपलब्ध करा सकती हैं, किंतु संवेदनशीलता, नैतिकता, मानवीय मूल्यों और विवेक का विकास केवल शिक्षक ही कर सकता है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के मानविकी, फार्मेसी, प्रबंध अध्ययन संकाय, रज्जू भैया शोध संस्थान, इंजीनियरिंग संस्थान समेत कई विभागों में भी शिक्षक दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत तथा अनेक अवसरों पर अभिभावक की भूमिका भी निभाता है। इस अवसर पर प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. रसिकेश, डॉ. मनीष कुमार गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ पुनीत धवन, गुलाब मौर्य, जितेंद्र पांडेय, राधेश्याम सिंह, शीलनिधि सिंह, उत्कर्ष सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Friday, 4 September 2026

एकजुटता और निरंतर कर्म से लक्ष्य की प्राप्ति : कुलपति

जन्माष्टमी पर छात्रावास में दही-हांडी कार्यक्रम

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के श्रीनिवास रामानुजन अनुसंधान भवन छात्रावास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दही-हांडी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि दही-हांडी फोड़ने में पूरी टीम की एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार जीवन में भी मिलकर प्रयास करने से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, एकजुटता और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का वर्तमान कर्म पढ़ाई, ज्ञानार्जन और व्यक्तित्व विकास है। उन्हें फल की चिंता किए बिना पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है, इसलिए इसका सदुपयोग करते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, योग्य शिक्षक, प्रयोगशालाएं तथा अध्ययन-अनुसंधान के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रहा है। विद्यार्थियों को इनका अधिकतम उपयोग कर अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय का भविष्य बताते हुए कहा कि उनकी सफलता के साथ विश्वविद्यालय का नाम भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, चीफ वार्डन प्रोफेसर अविनाश पांडेय, छात्रावास वार्डन डॉ. सुशील कुमार सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने दही-हांडी के साथ भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

निरोगी काया के लिए संतुलित जीवनशैली जरूरी : प्रो राकेश सिंह

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच एवं परामर्श शिविर

130 शिक्षक, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण के संयुक्त तत्वावधान में “जीवनशैली संबंधी रोगों का प्रबंधन एवं रोकथाम” विषय पर निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं उनके परिवारजनों सहित 130 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही व्यक्ति की कार्यक्षमता तथा गुणवत्तापूर्ण जीवन की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली के कारण खान-पान में असंतुलन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बीमारी के उपचार से अधिक महत्वपूर्ण है कि हम उसके खतरे को समय रहते पहचानें और अपनी दिनचर्या में आवश्यक सुधार करें। नियमित स्वास्थ्य जाँच, संतुलित आहार, व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली को अपनाकर अनेक बीमारियों की समय रहते रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और शोध का केंद्र नहीं, बल्कि अपने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति भी प्रतिबद्ध है। इस दृष्टि से स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे शिविर विश्वविद्यालय परिवार को स्वस्थ, सक्रिय और अधिक कार्यक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर का उद्देश्य बदलती जीवनशैली के कारण उत्पन्न हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति विश्वविद्यालय परिवार को जागरूक करना तथा उन्हें समय रहते आवश्यक स्वास्थ्य जाँच एवं विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना था। शिविर में वैद्य डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्र, सहायक आचार्य, डॉ. शकुंतला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, जौनपुर के नेतृत्व में कौशल सिंह एवं आयुष तिवारी की टीम ने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, बीएमआई एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा में उपयोगी नाड़ी परीक्षण भी किया गया। प्रतिभागियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, उचित दिनचर्या और तनाव प्रबंधन के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया।
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि स्वस्थ एवं जागरूक विश्वविद्यालय परिवार ही संस्थान की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकता है।
शिविर का आयोजन एवं समन्वय डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया। विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. पुनीत सिंह ने मूलभूत स्वास्थ्य परीक्षण में सहयोग करते हुए शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. नितेश जसवाल, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. श्वेता पाण्डेय, डॉ. राधिका उर्मलिया,कर्मचारी सँघ महामंत्री राधेश्याम सिंह, राजनारायण सिंह, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ. सुशील प्रजापति, दिवाकर शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।