
..जिंदगी अब बहुत मुख्तसर हो गई

शायर जौनपुरी को जिस वक्त ये सम्मान दिया जा रहा था वे इस हालत ही में नहीं थे कि इस 'अवसर' को देख सकें। यह मंजर देखकर पूविवि के प्रो.रामजी लाल, डॉ अविनाश पाथर्डिकर, डॉ एचसी पुरोहित, डॉ विद्युत कुमार, डॉ बृजेश यदुवंशी, सपा नेता श्रवण जायसवाल, शायर जौनपुरी के बड़े भाई मो.फाजिल आदि की आंखें नम हो गई।
कुलपति ने विवि सांस्कृतिक परिषद द्वारा रजत जयंती सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के जहां तीस से अधिक कलाकारों को सम्मानित किया वहीं शायर जौनपुरी को भी विश्वविद्यालय परिसर ही में सम्मान देना चाहा मगर अपनी लम्बी बीमारी के कारण शायर जौनपुरी उक्त समारोह में नहीं पहुंच सके। लिहाजा कुलपति ने उनके घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित कर एक नजीर पेश की।
साभार - जागरण डॉट कॉम
No comments:
Post a Comment