खो- खो भारत का पारम्परिक खेल रहा है इसके लोकप्रिय बनाये रखना समाज की जिम्मेदारी है.
खो -खो खेलने वाले खिलाड़ियों का हम सभी को उत्साह वर्धन करते रहना चाहिए कि वह किसी अन्य खेल के खिलाडी से कम नहीं है.
--कुलपति प्रो सुंदर लाल
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परिचय प्राप्त करते कुलपति |
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी पुरुष खो-खो प्रतियोगिता के पहले दिन ४ दिसम्बर को कोलकाता और बंगाल विश्वविद्यालय अपने मैच जीत कर अगले चक्र में पहुंच गए। तीन टीमें वाक ओवर के जरिए अगले चक्र में पहुंची।

मोहम्मद हसन पीजी कालेज के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत सहित कई मन मोहक गीत व नृत्य प्रस्तुत किया।मैच के रेफरी राधेश्याम, जयंत सरकार, विनोद कुशवाहा, मनोज गुप्ता, अंगद यादव और पर्यवेक्षक भारतीय विश्वविद्यालय संघ दिल्ली से नामित डा.महेंद्र कुमार रहे। आंखों देखा हाल डा.राजेश सिंह ने सुनाया। इस मौके वित्त अधिकारी अमर चंद,उपकुलसचिव प्रभाष द्विवेदी,डा.आलोक सिंह, विजय कुमार तिवारी, ओपी सिंह, चीफ प्राक्टर डा.प्रदीप कुमार, जगदंबा मिश्र आदि मौजूद रहे.
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