
इस परिचर्चा के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश की बाल अधिकार एवं
उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि आने वाले समय में भी विश्विद्यालय
इस प्रकार के आयोजन करता रहेगा और इस दिशा में अपनी सहभागिता देगा। उक्त कार्यक्रम
के पश्चात प्रबंध अध्ययन संकाय में शिक्षकों,
प्रशिक्षकों एवं छात्रों के साथ औपचारिक वार्ता के कार्यक्रम में विभिन्न
बिंन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं प्रशिक्षण के दौरान आइ समस्याओं और उनके
निराकरण पर बारी-बारी से सभी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने
विचार व्यक्त करते हुए श्री जोकिम थीस ने कहा कि बाल-श्रम एवं उनके अधिकार एक
गंभीर समस्या है और इसका निराकरण हम सभी की जिम्मेवारी है। यूनीसेफ इस ओर अपनी
सहभागिता पूरी तरह से निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम आने मे
कुछ समय जरूर लगेगा परन्तु स्थिति में सुधार अवश्य आएगा। यूनीसेफ आने वाले समय में
इस प्रकार के कार्यक्रम विश्विद्यालय के साथ करने के लिए उत्सुक है। इस अवसर पर प्रोफेसर रामजीलाल, डॉ रसिकेश, श्री मोअज्जम,
कु.निवेदिता, श्री अबु
तुराब, श्री लाल प्रकाश राही
ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर श्री योगेश कुमार, उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार, यूनीसेफ, श्री जावेद अंसारी,
जिला सम्न्वयक, यूनीसेफ, श्री चन्दन राय, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह, श्री अभिनव श्रीवास्तव, श्री अनुपम कुमार सहित संकाय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अविनाश
पाथर्डीकर ने दिया।
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