व्यवहारिक मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर रामजी लाल को सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई दी गयी। विदाई समारोह में प्रो. लाल ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ शिक्षण कार्य कर बहुत ही सुखद अनुभूति हुई। पूर्वांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा व गुरू के प्रति समर्पण का भाव है जो उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है और एक मंदिर में जिस भाव से रहा जाता है उसी भाव को धारण करके मैंने यहां के विद्यार्थियों को शिक्षा दी है।

विभागाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रो. लाल ने विभाग को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने में अपनी बड़ी भूमिका अदा की है। विभाग इनके समर्पण को कभी भुला नहीं पाएगा। डा. रामजी लाल को शिक्षकों एवं छात्रों की तरफ से स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम् प्रदान किया गया। इस अवसर पर डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. सुनील कुमार, डा. रूश्दा आजमी, पंकज सिंह, श्याम श्रीवास्तव समेत संकाय के विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन डा. अवध बिहारी सिंह ने किया।
No comments:
Post a Comment