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ध्वजारोहण करते कुलपति प्रोफ़ेसर पीयूष रंजन अग्रवाल |
स्वतंत्रता दिवस के पवन अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सरस्वती सदन पर कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल नें ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर ज्ञात -अज्ञात अमर शहीदों और सेनानियों को नमन करते हुए उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें और बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों नें हमें आज़ादी दिलानें में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया आज हम उनके बताये मार्ग पर जीवन पर्यन्त चलने का संकल्प लें। महात्मा जी नें हमें सत्य-अहिंसा का मार्ग दिखाया। अपने जीवन में इसे उतार कर हम भारत को ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। १९४७ से चली आज़ादी की इस यात्रा में हमनें बहुत सी उपलब्धियां हासिल की हैं। शिक्षा के प्रसार में विश्वविद्यालय समाज में लाइट -हाउस की तरह है। हमें इस देश के युवाओं को एक रोशनी दिखानी है जिससे वे आगे अपनी समस्त बाधाओं को पार कर सकें। उन्होंने कहा कि आज सूचना -प्रौद्योगिकी नें बड़ी तेज़ी से हमें पूरी दुनिया से जोड़ा हैं। जैसे -जैसे हमें नई सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं वैसे ही हमारी अपेक्षाएं भी बदल रही हैं। सामाजिक संरचना -आर्थिक परिदृश्य सभी कुछ बहुत तेज़ी से बदलाव की ओर है। इन अपेक्षाओं के अनुरूप विश्वविद्यालयों को भी तैयार होना होगा। आज विश्वविद्यालय समाज में मार्गदर्शक की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी आज पुरानी पीढ़ी को नेतृत्व दे रही है। इसलिए उच्च शिक्षा के प्रसार में विश्वविद्यालयों से बहुत अपेक्षाएं हैं। हमें इन इन उम्मीदों -अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा तथा अपना सर्वोच्च देना होगा। अपने कर्त्तव्य पालन से हम विश्वविद्यालय,समाज और देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं। संबोधन के पूर्व कुलपति प्रोफेसर पीयूष रंजन अग्रवाल नें २२ पूर्व सैनिकों को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ बी.के. पाण्डेय ,वित्त-अधिकारी एम.के. सिंह ,उप कुलसचिव संजय कुमार सहित विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापक ,अधिकारी ,कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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