विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस के अवसर पर चल रहे साप्ताहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम झंकार 2015 के अन्तर्गत शुक्रवार को संगोष्ठी भवन में नृत्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने देश भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर समा बांधा।झंकार २०१५ के तीसरे दिन एकल एवं समूह नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी.प्रतिभागियों ने अपने कला को प्रदर्शित कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी।

प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो डी डी दुबे ने कहा कि प्रतिभागियों ने जिस लगन के साथ यहाँ प्रस्तुति की है उससे उनका व्यक्तित्व अलग तरीके से सामने उभर कर आया है.इस तरह के कार्यक्रम अध्ययन के दौरान नई ऊर्जा का संचार करते है.एकल नृत्य में कुल ८ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।शिप्रा ने मेरा देश रंगीला , स्नेहलता ने चक दे इंडिया, बसंत लाल ने माँ शेरावाली, स्वाति ने ढोला रे ढोला, गोविन्द मिश्रा ने जलवा तेरा जलवा, निखिल व प्रज्ज्वल ने धुन पर नृत्य किये।

समूह नृत्य में ५ टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी. ऋतू टीम ने सर पर हिमालय का ताज है... देश भक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया। साईं ग्रुप ने राधा कृष्ण , कोमल ग्रुप ने देश रंगीला, गोविन्द ग्रुप ने कट्टो गिलहरी, बफर ग्रुप ने सुनो सुनो मेरी आवाज गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं निर्णायक मंडल में प्रो वी के सिंह, डॉ अविनाश पर्थिडेकर और आलोक दास रहे.कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक सचिव डॉ एच सी पुरोहित ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ आशुतोष सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ वी डी शर्मा,डॉ एस पी तिवारी डॉ मनोज मिश्रा, डॉ रजनीश भाष्कर, डॉ अमरेंद्र सिंह,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक,कर्मचारी व विद्यार्थी मौजूद रहे.
दूसरी ओर स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्याल के छात्रावासों में भी कार्टूनिंग, कोलाज, पोस्टर, एकल नृत्य एवं गान प्रतियोगिताएँ आयोजित हुई.झंकार प्रतियोगिता में ३ ऑक्टूबर को एकल एवं समूह गान प्रतियोगिताएँ एवं चार ऑक्टूबरको प्रबंध अध्ययन संकाय में पर्यावरण, प्रौद्योगिकी एवं ऊर्जा संरक्षण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता होगी।
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