
कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। उन्होंने चरैवेति चरैवेति पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि राम नाईक जी का व्यक्तित्व हमारे शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है उन्होंने बहुत ही परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है कैंसर जैसी दुसाध्य बीमारी को मात दी और नई ऊर्जा के साथ काम किया। उन्होंने सदैव दूसरों को अवसर दिया है। आज भी वह इस उम्र में 12- 12 घंटे काम करते हैं जो हमारे लिए ऊर्जा एवं प्रेरणा के स्रोत है।
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