विश्वविद्यालय परिसर में पांचवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को योग यात्रा का आयोजन किया गया। योग यात्रा को मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं आशु कवि श्री दरबारीलाल प्रेमी एवं कुलसचिव ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। यह यात्रा वीर बहादुर सिंह की प्रतिमा से शुरू होकर विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम से होते हुए मुक्तांगन तक आई । मुख्य अतिथि ने योग के महत्व को बताया। इसके बाद मुक्तांगन परिसर और रोवर्स रेंजर्स भवन के बाहर कुलसचिव सुजीत जायसवाल ने पौधरोपण किया ।
इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि योग मन, मस्तिष्क एवं शरीर का एक अभ्यास है। यह सिर्फ व्यायाम भर नहीं है, बल्कि विज्ञान पर आधारित शारीरिक क्रिया है। यह जीवन को सही प्रकार से जीने का एक मार्ग है। इसके बाद मुक्तांगन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। रोवर्स रेंजर्स के अभिषेक मिश्र एवं साथियों के समूह गायन पर श्रोता झूम उठे। इसी क्रम में पर्यावरण जागरूकता पर आधारित नाटक के मंचन को दर्शकों ने काफी सराहा।

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